मामा की लड़की की प्यास बुझाई

Mama ki ladki ki pyas bujhai:

incest sex stories, hindi sex kahani

मेरा नाम राहुल है मैं चंडीगढ़ का रहने वाला हूं। मुझे आज बहुत खुशी है की मेरी शादी एक ऐसी लड़की से होने जा रही है जिसे मैं बहुत प्यार करता हूं। वह मेरी बचपन की दोस्त है। उसका नाम अंजली है। बड़ी कोशिशों के बाद हमारे घर वाले हमारी शादी के लिए राजी हुए। वह मेरी शादी कहीं और करने वाले थे। जिस लड़की से वह मेरी शादी करना चाहते थे वह लड़की मेरे साथ स्कूल में पढ़ा करती थी। उसका नाम हीना था। लेकिन मुझे उससे शादी नहीं करनी थी मुझे तो अंजली से शादी करनी थी। हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे। फिर मैंने अपने मम्मी पापा से अंजलि के बारे में बात की। पहले तो वो माने नहीं। फिर मेरे बहुत कहने पर वह मान गए। मैं बहुत खुश हुआ। उन्होंने मेरी सगाई अंजली से तय कर दी। कुछ दिन बाद मेरी और अंजलि की सगाई होने वाली थी। और हम दोनों बहुत खुश थे। और एक दिन हमारी सगाई हो गई। हमारे घर में बहुत सगाई की पार्टी थी। उस पार्टी में हीना भी आई हुई थी। वह बहुत उदास सी थी। वह मुझे बहुत पसंद करती थी। यह बात मुझे पता नही थी। मैं तो अंजलि को पसंद करता था। मैंने हीना से उसके उदास होने का कारण पूछा पर उसने मुझे कुछ नहीं बताया। फिर मैंने भी इस बारे में नहीं पूछा। हमारी सगाई के दूसरे दिन मैं और अंजलि घूमने निकले हम दोनों ने खूब सारी शॉपिंग की और खूब मस्ती भी की। हम ऐसे ही साथ में घूमने जाया करते थे।

जब भी अंजलि को ले जाता तो उसको चोदता तो जरूर था। मैंने उसकी सील पहले ही तोड़ दी थी। इस बार भी मै उसे चोदने ले गया था। अंजलि ने आज एक पटियाला सलवार कुर्ती पहनी हुई थी। जिसमें बहुत ही सुंदर लग रही थी।  मैं उसे एक होटल में ले गया और वहां मैंने पहले तो उसे अपना लंड़ चुसवाया और उसके बाद मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए।  मैंने उसकी योनि को भी चाटना शुरू किया। जैसे उसका पानी निकल रहा था। मैं सब पानी पी जा रहा था। मैंने उसकी योनि में अपना  लंड़ डाल दिया था।  उसके साथ  सेक्स कर रहा था। वह बड़े जोरों से चिल्ला रही थी। उसे भी बहुत मजा आ रहा थे। ऐसे करते-करते मेरा एक बार गिरने का हो गया। मैंने उसकी योनि में ही अंदर गिरा दिया। क्योंकि मुझे मालूम था कि इससे मेरी शादी होने वाली है।  तो कुछ समस्या की बात नहीं थी। हम दोनों ने कपड़े पहने और वहां से चले गए। उसके बाद हमारे घर वालों ने  शादी का दिन तय कर लिया था। फिर कुछ दिनों बाद हमारी शादी का दिन भी तय हो गया था।

दो महीने बाद हमारी शादी थी। एक दिन मैं और अंजलि रोज की तरह ऐसे ही घूमने गए। लेकिन हमारा एक्सीडेंट हो गया। अंजलि को तो मैंने बचा दिया। लेकिन मुझे बहुत चोटें आई। मेरे हाथ पैर भी फैक्चर हो गए थे। और मैं बेहोश हो गया था। फिर कुछ लोगों ने हम दोनों को हॉस्पिटल पहुंचाया। और हमारे घर वालो को खबर की। मेरी माँ को मेरी चिंता होने लगी। अंजलि को तो ज्यादा चोट नहीं आई थी इसलिए वह जल्दी ठीक हो गई। लेकिन मुझे तो बहुत चोटें आई थी। इसलिए मैं अभी हॉस्पिटल में ही था। मुझसे तो चला भी नहीं जा रहा था। अंजलि के ठीक होने पर वह मुझसे मिलने आया करती थी। एक-दो दिन तो वह पहले जैसे ही बातें करती और कई घंटों तक मेरे साथ समय बिताती। लेकिन दो-तीन दिन बाद वह मुझसे मिलने भी नहीं आती थी। वह इस एक्सीडेंट के बाद बदल सी गई थी। मैं उसी के बारे में सोचता लेकिन ऐसा लगता था कि उसे मेरी कोई फिक्र ही नहीं है। वह मुझसे मिलने भी आती तो थोड़ी देर बाद चली जाती थी। मुझे उसका यह बर्ताव देखकर अजीब लगता ऐसा लगता जैसे वो मुझसे अब प्यार ही नहीं करती हो। मुझे बहुत दुख होता लेकिन मैं करता भी तो क्या मैं तो अभी सही से चल भी नहीं पा रहा हूं। उस हॉस्पिटल में एक नर्स थी जिसने मेरी खूब देखभाल की और मेरी चलने में मदद की। वह वही लड़की थी जिससे मेरी मां ने मेरी पहले शादी का फैसला किया था। वह मुझसे अब भी उतना ही प्यार करती थी जितना पहले किया करती थी।

वह मुझे रोज टाइम पर आकर दवाई देती और मेरी देखभाल करती। उसको ऐसा करते देख मुझे बहुत अच्छा लगता था। लेकिन अब भी मुझे अंजलि का इंतजार था। लेकिन वह तो किसी और से जाकर मिलने लगी। उसने एक बार भी मेरे बारे में नहीं सोचा। और फिर एक दिन आखिर उसने सगाई तोड़ ही दी। पहले तो मैं उसे यहां देख कर बहुत खुश हुआ। मुझे लगा वह मेरे पास वापस आ गई है। लेकिन मैं गलत था वह तो कुछ और ही इरादे से आई थी। पहले तो उसने मेरा हालचाल पूछा मैंने खुशी खुशी अपने बारे में बताया और उसके बाद उसने शादी न करने का फैसला किया। यह सब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ। मैंने उसे बहुत समझाया लेकिन वह नहीं मानी। वह तो किसी और के प्यार में पागल हो गई थी।मैं उसके लिए अपने घर वालो से लड़ा। लेकिन अब उसे मेरी कोई परवाह नहीं थी। अब वह किसी और के साथ जिंदगी बिताना चाहती थी। उसने मेरी एक भी बात नहीं सुनी और वहां से चली गई। उस दिन हॉस्पिटल में  मैं  अंजलि के लिए बहुत रोया। और फिर आखरी में हीना ने ही मुझे संभाला।

हीना एक अच्छी लड़की थी। हीना ने मुझे बताया कि वह पहले से ही मुझे पसंद करती है। मैं यह सुनकर हैरान हो गया। मैंने उससे पूछा की तुमने मुझे यह बात पहले क्यों नही बताई? तो उसने जवाब दिया कि तुम तो अंजलि से प्यार करते थे। मुझे थोड़ा अजीब लगा। लेकिन जो भी हो रहा था अच्छा ही हो रहा था। हीना  तो पहले से ही मेरे घरवालों को बहुत पसंद थी। मेरी मां तो अभी भी हीना को पसंद करती थी। वह तो अब भी यही चाहती थी कि हीना से मेरी शादी हो जाये। कुछ समय बाद मैं एकदम ठीक हो गया। वैसे मुझे ठीक होने में काफी समय लगा। अगर मैं ठीक हुआ तो सिर्फ हीना की वजह से। उसी ने मेरी अच्छे से देखभाल की और समय-समय पर दवाइयां देती रही। अंजली तो मुझे छोडकर कर जा ही चुकी थी। लेकिन हीना मेरी जिंदगी में आई। फिर मेरी मां ने हीना से मेरी शादी करने का फैसला किया। मैं भी हीना को पसंद करने लगा था। मैं अब पूरी तरीके से ठीक हो चुका था अब मैं और हिना घूमने के लिए जाया करते थे। मैं जब भी हिना को घुमाने ले जाता तो उसका आइसक्रीम खिलाता था। उसे आइसक्रीम बहुत पसंद थी।

एक दिन मैंने उसे ऐसे ही मजाक में बोल दिया मेरे पास भी आइसक्रीम है क्या तुम्हें वह खानी है। उसने कहा हां मुझे खानी है। मैं उसे अपने घर पर ले आया और जब मैं उसे अपने कमरे में लेकर आया तो मैंने वह अंदर से कुंडी लगा दी। मैंने हिना की योनि को बहुत ही जोर से दबा दिया। वह चिल्ला कर उछल पड़ी और मुझे कहने लगी लाओ अपनी आइसक्रीम दिखाओ मुझे मैंने जैसे ही अपने लंड को बाहर निकाला तो वह कहने लगी कि तुम्हारा तो बहुत बड़ा है। अब उसने अपने मुंह में मेरा लंड़ ले लिया और उसे अच्छे से चूसने लगी। उसने इतना अच्छे से चुसा की मेरा वीर्य निकल पड़ा। मैंने वह उसके मुंह के अंदर ही गिरा दिया। मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसकी योनि में जैसे ही मैंने अपना लंड डाला तो उसकी योनि से खून निकलने लगा। मैं यह समझ गया कि यह सील पैक ही थी अब तक और मुझसे प्यार भी करती है। इसी खुशी में मैंने उसे इतना तेज चोदना शुरू किया कि मैं जैसे ही उसकी योनि में अपना लंड अंदर डालता और  जैसे ही बाहर निकालता। तो उसके मुंह से हल्की सी आवाज आती और वह अपने होठों को अपने दांतो के नीचे दबा लेती। जब मेरा वीर्य पतन हुआ तो मैंने उसकी योनि में ही अंदर गिरा दिया। मेरी बिस्तर की सफेद चादर पूरी लाल हो चुकी थी। वह कहने लगी तुम्हारी आइसक्रीम मुझे बहुत भारी पड़ गई। अब चादर का क्या करना है। मैंने उसे कहा कोई बात नहीं तुम मुझे पर छोड़ दो, मैं देख लूंगा। उसके बाद मैंने चादर को बदल दिया और मैंने उसे कपड़े दिए तो वह अपने कपड़े पहनने लगी। मैंने उससे कहा कि तुम अपनी योनि के खून को पहले थोड़ा रुकने दो उसके बाद कपड़े पहनना। कुछ देर बाद उसकी बिल्डिंग रुकी। उसने अपने कपड़े पहन लिए मैं उसे छोड़ने के लिए उसके घर गया। उसके बाद मेरी मां ने वह सफेद चादर देख ली थी। जिससे कि मेरी मां बहुत खुश हो गई क्योंकि बहुत चादर ज्यादा लाल हो चुकी थी। और उसके बाद मेरी मां ने हमारी शादी जल्दी ही करवाने का फैसला कर लिया। फिर थोड़े ही समय बाद मेरी शादी हिना से हो गई। हिना के यौवन का रोज रात को मजे लेता हूं। वह भी मुझसे बहुत खुश रहती है।

 


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