मामा के बेटे ने चोदा

Mama ke bete ne choda:

sex stories in hindi

नमस्ते दोस्तों कैसे हैं आप सभी ? मैं आशा करती हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे और अब तो गर्मी आ गई है तो चुदाई की गर्मी भी बढ़ गई होगी | मेरा नाम अंजना है और दुर्ग की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 20 साल है और मैं अभी ग्रेजुएशन कर रही हूँ | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है | मेरा सेक्सी फिगर आकर्षण का केंद्र है | मेरे दूध बड़े हैं और गांड परफेक्ट है | दोस्तों आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पेश करने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी को मेरी ये कहानी जरुर पसंद आयगी और मेरी कहानी पढ़ कर आप लोगो को मजा भी आयगा | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय ना लेते हुए अपनी कहानी शुरू करती हूँ |

मेरे घर में मैं हूँ और मेरी दो बहन हैं हम सभी एक साथ मम्मी के पापा के पास रहते हैं | अभी किसी की शादी नही हुई और दोनों मुझसे बड़े हैं तो वो जॉब करते हैं | हम तीनो की आपस में खूब पटती है | हम तीनो की एक दूसरे की सारी बाते पता रहती हैं और हम ये बात कभी भी घर में शेयर नहीं करते | हम तीनो बहन की तरह नहीं बल्कि एक सच्चे दोस्त की तरह रहते हैं | मेरा ग्रेजुएशन चल रहा है क्यूंकि परीक्षा का अभी रिजल्ट नहीं आया है | पापा ने कहा बेटा पेपर तो हो गए हैं और कब तक तुम रिजल्ट का वेट करोगी तो एक काम करो मामी की तबियत आज कल अच्छी नहीं रहती और मामा तो अपने काम में बिजी रहते हैं तो तुम वहां जा कर उनकी देखभाल कर लो | मम्मी भी मुझसे यही बात कही तो मैंने कहा ठीक है | वैसे मेरे मामा और मामी बहुत अच्छे नेचर के हैं उनकी कोई बेटी नहीं है बस एक बेटा है जो अभी कॉलेज के 2nd सेम में हैं | मैंने घर में कह दिया था कि ठीक है मैं उनके घर कुछ समय के लिए चली जाती हूँ | मेरे मामा मामी ज्यादा दूर नहीं रहते हैं | हमारे घर से कुछ 30 किलोमीटर की दूरी से हाईवे लग जाता है उसी के कुछ दूर पर ही उनका घर है | मैं रोज तो बार बार आना जाना नहीं कर सकती तो मैंने सोचा कि मैं वहीँ रुक जाती हूँ | फिर मैंने अपना एक हफ्ते का सामान बाँधा और पापा मुझे छोड़ आये सन्डे को | जब मैं और पापा उनके घर पंहुचे तो रवीश ही बस था | रवीश मेरे मामा के बेटे का नाम है | वो बाहर निकला और नमस्ते करते हुए अन्दर आने को कहा | फिर उसने पानी ला कर दिया और फिर हमारे बीच कुछ बात हुई फिर पापा ने कहा कि मैं निकलता हूँ | फिर रवीश ने मुझे मेरा रूम दिखाया और फिर उस रूम में जा कर मैंने अपना समान शिफ्ट कर दिया | वो भी मेरी मदद कर रहा था लेकिन वो मुझसे चिपक बहुत रहा था | मुझे अच्छा भी लग रहा था और बुरा भी | अच्छा इसलिए लग रहा था क्यूंकि कोई मुझसे टच हो रहा था लेकिन बुरा इस बात का लग रहा था कि वो कोई मेरा भाई है | सामान शिफ्ट होने के बाद हम दोनों नीचे हॉल में आये और ऐसे ही नार्मल बात करने लगे | उसके बाद उसने मुझसे पूछा कि तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है क्या ? मैंने कहा नहीं मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है | फिर उसने पूछा कि कोई पसंद नहीं आया या जैसा तुम चाहती हो वैसा मिला नहीं ? तो मैंने कहा मुझे इन सब में इंटरेस्ट नहीं है | फिर मैंने उससे पूछा कि तेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है ? तो उसने कहा नहीं यार एक थी लेकिन ब्ब्रेकअप हो गया | मैंने रीज़न पूछा तो उसने कुछ नही बताया और कहा कि मेरे पास आइसक्रीम रखी है खाओगे ? तो मैंने कहा हाँ | फिर वो आइसक्रीम ले कर आया और हम खाते हुए बात करने लगे | शाम के समय मामा भी आ गए और मामी भी | मामा मामी को ले कर डॉ. के पास गए थे | मैंने उन्हें नस्मते किया और उनके पैर छुए | मैंने मामी की तबियत पूछी और फिर मामा ने उन्हें सोफे पर बैठा दिया | मामा को मामी की बहुत टेंशन रहती तो वो रात में खाना खाते हुए ड्रिंक करते और सो जाते | रात का खाना मामा ने अकेले खाया और मामी को मैं उनके रूम में देने गई | उस दिन का खाना मैंने बनाया था नहीं तो ऐसे मामा ही बनाते थे | मामा सोने चले गए और मैं और रवीश दोनों साथ में खाना खाने लगे |

खाना खाने के बाद मैंने मामी को उनकी दवा दी और खुद भी अपने रूम में सोने चली गई | पर मुझे नींद नही आ रही थी तो मैं छत पर टहलने जाने लगी | जब मैं छत पंहुची तो मैंने देखा की रवीश अपना लंड निकाल कर मुट्ठ मार रहा था | ये देख कर मेरी हंसी छूट गई तो वो उसने सुन लिया और जल्दी से अपना हाफ पेंट पहन लिया | मैंने उसके पास जा कर पूछा कि अरे ये क्या कर रहा है तू ? गर्लफ्रेंड की ज्यादा याद आ रही है क्या ? तो उसने कहा अरे नहीं यार मैं रोज ही मुट्ठ मारता हूँ | मैंने कहा अच्छा उससे क्या होता है ? तो उसने कहा कुछ नहीं मेरी आदत है | मैंने कहा देख मैं भी तो रोज अपनी चूत शांत करने के लिए कभी कुछ कभी कुछ डाल कर चुदाई करती हूँ लेकिन ये मैं रोज नही करती | हम दोनों अब सेक्सी बात करने लगे और बात करते करते हम दोनों गरम हो चुके थे | फिर उसने मुझसे पूछा कि क्या हम दोनों सेक्स कर सकते हैं ? तो मैंने कहा हाँ लेकिन एक शर्त पर अगर तू किसी को भी ये बात न बताये तो | उसने कहा कि किसी को नहीं बताऊंगा | फिर मैं राज़ी हो गई और उसने जल्दी से छत का दरवाजा लगा दिया | घर की लोकेशन ऐसी है कि बस ठंडी ठंडी हवाए चलती है और ज्यादा घर भी नहीं है जितने भी घर है सब दूर दूर हैं | फिर उसने मुझे अपनी बांहों में कस लिया और फिर उसने अपने होंठ को मेरे होंठ में दबा दिया और मेरे होंठ को किस करने लगा | मैं भी उसका साथ देते हुए उसे किस करने लगी | वो मेरे होंठ को जोर जोर से चूस रहा था और मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी | फिर उसने मेरे टॉप को निकाल दिया और ब्रा के उपर से ही मेरे दूध को मसलने लगा तो मेरे मुँह से अआहा ऊनंह ऊम्ह ऊनंह ऊम्मंह उन्नह ऊम्मंह आहा आआह्हा उइउन्ह ऊम्न्ह्ह की आवाज़ निकलने लगी | फिर उसने मेरे ब्रा को भी उतार दिया और मेरे दोनों दूध को अपने मुँह में ले कर बारी बारी से चूसने लगा तो मैं अआहा ऊनंह ऊम्ह ऊनंह ऊम्मंह उन्नह ऊम्मंह आहा आआह्हा उइउन्ह ऊम्न्ह्ह करते हुए मजे लेने लगी | वो जोर जोर से मेरे दूध को मसलते हुए चूस रहा था और मैं अआहा ऊनंह ऊम्ह ऊनंह ऊम्मंह उन्नह ऊम्मंह आहा आआह्हा उइउन्ह ऊम्न्ह्ह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी |

उसके बाद मैंने उसके हाफ पेंट को और अंडरवियर को उतार कर नीचे से नंगा कर दिया और उसके लंड को अपनी जीभ से चाट कर गीला करने लगी तो उसके मुँह से भी अआहा ऊनंह ऊम्ह ऊनंह ऊम्मंह उन्नह ऊम्मंह आहा आआह्हा उइउन्ह ऊम्न्ह्ह की आवाज़ निकलने लगी | उसके लंड को चाटने के बाद मैं फिर उसे मुँह में भर कर चूसने लगी तो वो भी अआहा ऊनंह ऊम्ह ऊनंह ऊम्मंह उन्नह ऊम्मंह आहा आआह्हा उइउन्ह ऊम्न्ह्ह करते हुए लंड चुसाई के मजे लेने लगा | फिर उसने मेरी स्कर्ट को और पेंटी को साथ में उतार दिया और मेरी चूत को चाटने लगा तो मैं अआहा ऊनंह ऊम्ह ऊनंह ऊम्मंह उन्नह ऊम्मंह आहा आआह्हा उइउन्ह ऊम्न्ह्ह करते हुए उसके मुँह को अपनी चूत में घुसेड़ने लगी | फिर उसने मुझे झुका दिया और पीछे से अपने लंड को मेरी चूत में घुसेड़ कर चोदने लगा तो मैं अआहा ऊनंह ऊम्ह ऊनंह ऊम्मंह उन्नह ऊम्मंह आहा आआह्हा उइउन्ह ऊम्न्ह्ह करते हुए चुदाई में साथ देने लगी | वो जोर जोर से मेरी चूत को शॉट मारते हुए चोद रहा था और मैं भी अआहा ऊनंह ऊम्ह ऊनंह ऊम्मंह उन्नह ऊम्मंह आहा आआह्हा उइउन्ह ऊम्न्ह्ह करते हुए अपनी गांड आगे पीछे करते हुए चुदवा रही थी | फिर उसने उसने कुछ देर की चुदाई के बाद मेरी गांड के ऊपर ही अपना वीर्य निकाल दिया और अलग हो गया | फिर हम दोनों ने अपने आप को ठीक किया और फिर नीचे चले गए | अब हमे जब भी मौका मिलता है तो हम चुदाई कर लेते हैं |

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई होगी |


Comments are closed.