मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदा

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Maine use ghodi banakar choda मेरी फैमिली इंदौर में शिफ्ट हो चुकी थी वह लोग मेरे साथ ही रहने लगे थे और मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगता जब मेरी फैमिली मेरे साथ रहने लगी थी। कुछ समय तो मैं अकेला ही रहा लेकिन अब पापा और मम्मी के मेरे साथ आ जाने से मैं काफी खुश हूं और वह लोग भी बहुत ज्यादा खुश है। पापा के रिटायरमेंट के बाद वह लोग मेरे साथ इंदौर में ही रहने लगे इंदौर में हम लोगों ने अब एक घर खरीद लिया था और हम लोग वहां रहने के लिए चले गए। कुछ समय तक हम लोग किराए के घर में रहे और फिर हम लोग अपने घर में शिफ्ट हो गए। जिस कॉलोनी में मैं रहता हूं उसी कॉलोनी में एक दिन मुझे अदिति मिली। अदिति का परिवार लखनऊ में ही रहा करता था और वह लोग हमारे पड़ोस में रहते थे लेकिन अदिति की  शादी इंदौर में हुई और वह हमारे पड़ोस में रहने लगे थे इसलिए मैं अदिति से अक्सर मिला करता। जब भी मैं अदिति को मिलता तो मुझे काफी अच्छा लगता और अदिति को भी बहुत अच्छा लगता। एक दिन अदिति मुझे मिली तो हम दोनों बात कर रहे थे तभी उसकी सहेली भी वहां से गुजर रही थी तो अदिति ने मेरा परिचय नताशा से करवाया नताशा से मिलकर मुझे अच्छा लगा।

नताशा से मेरी ज्यादा देर तक बात नहीं हो पाई लेकिन उसके बाद भी मेरी और नताशा की बातें होती रही हम दोनों जब एक दूसरे को मिलते हैं तो हम लोग एक दूसरे से बातें जरूर किया करते थे। नताशा भी उसी कॉलोनी में रहती थी इसलिए नताशा के साथ मेरी काफी अच्छी दोस्ती हो चुकी थी और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी। मुझे भी बहुत अच्छा लगता जब भी मैं नताशा से बात किया करता। एक दिन मैंने नताशा को अपने साथ डिनर पर चलने के लिए कहा तो वह भी मेरी बात मान गई। हालांकि पहले तो उसने सोचा लेकिन फिर उसने हां कह दिया और वह मेरे साथ डिनर पर आ गई। जब नताशा और मैं साथ में डिनर कर रहे थे तो हम दोनों एक दूसरे को जानने की कोशिश कर रहे थे। कहीं ना कहीं मैं नताशा को पसंद करने लगा था शायद यही वजह थी कि मैंने नताशा को अपने साथ डिनर पर इनवाइट किया था और नताशा को भी काफी ज्यादा अच्छा लगा। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे नताशा ने उस दिन मुझे बताया कि वह एक लड़के से प्यार करती थी लेकिन अब वह दोनों अलग हो चुके हैं। मैंने नताशा से उसके ब्रेकअप का कारण पूछा तो नताशा ने मुझे बताया कि जिस लड़के से प्यार करती थी वह किसी और ही लड़की से प्यार करने लगा था इस वजह से उन दोनों के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था और उन्होंने ब्रेकअप कर लिया।

मैंने नताशा को कहा यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं हुआ तो नताशा मुझे कहने लगी कि नहीं रोहित ऐसी बात नहीं है यह फैसला हम दोनों ने मिलकर ही लिया था। मैं और नताशा उस दिन साथ में बैठे हुए थे तो हम दोनों को काफी अच्छा लगा और हम दोनों ने काफी लंबा समय साथ में बिताया। मुझे बहुत अच्छा लगा जिस प्रकार से मैं नताशा से बातें कर रहा था, उसके बाद हम लोग घर लौट आये। मैंने नताशा को उसके घर तक छोड़ा और फिर मैं अपने घर चला आया। जब मैं अपने घर आया तो मां मुझे कहने लगी कि रोहित बेटा कल तुम अपनी बहन से मिल आना मैंने मां से कहा ठीक है मां मैं कल महिमा से मिल आऊंगा। अगले दिन मैं महिमा के घर चला गया क्योंकि मेरे ऑफिस की छुट्टी थी इसलिए मैं महिमा को मिलने के लिए उसके घर चला गया था। जब मैं महिमा को मिला तो महिमा मुझसे कहने लगी कि रोहित तुमने बहुत अच्छा किया जो तुम मुझसे मिलने के लिए आये। मैंने महिमा के हालचाल पूछे तो वह भी मुझसे कहने लगी कि घर में सब कुछ ठीक है। महिमा मुझसे उम्र में एक ही वर्ष छोटी है और हम दोनों के बीच काफी ज्यादा प्यार है। मैं महिमा के साथ ही बैठा हुआ था उस दिन मैंने महिमा को नताशा के बारे में बता दिया था और नताशा के बारे में महिमा को भी पता चल चुका था। मैं और महिमा साथ में बातें कर रहे थे और शाम को मैं घर लौट आया था। जब मैं शाम को घर लौटा तो मां ने मुझसे कहा कि महिमा कैसी है तो मैंने मां को बताया कि महिमा ठीक है। अगले दिन से मैं अपने ऑफिस जाने लगा था, अगले दिन जब मैं अपने ऑफिस से लौट रहा था तो नताशा मुझे हमारी कॉलोनी के गेट में मिली मैंने नताशा से पूछा तुम कहां जा रही हो तो उसने मुझे बताया कि वह अपनी सहेली के घर जा रही है।

मैंने नताशा को कहा कि मैं तुम्हें तुम्हारी सहेली के घर छोड़ देता हूं नताशा मुझे कहने लगी कि नहीं मैं चली जाऊंगी। नताशा ने टैक्सी ली और वह वहां से चली गई मैं भी घर लौट आया था। मैं जब घर लौटा तो उसके बाद मैं नताशा से मिलना चाहता था मैंने नताशा को फोन किया तो वह मुझे कहने लगी कि मैं अपनी सहेली के घर पर ही हूं और शायद आज मैं यहीं रहूंगी। मैंने नताशा को कहा ठीक है हम लोग कल मुलाकात करते हैं नताशा कहने लगी ठीक है हम लोग कल मिलते हैं। अगले दिन हम दोनों ने मिलने का फैसला किया अगले दिन हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया और काफी देर तक मैं और नताशा साथ में बैठे हुए थे। मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा जब मैं और नताशा एक दूसरे से बातें कर रहे थे। हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे। नताशा ने मुझे बताया आज उसके घर पर कोई भी नहीं है। मैंने नताशा से कहा आज मैं तुम्हारे घर पर चलता हूं। नताशा कहने लगी ठीक है और हम दोनों नताशा के घर पर चले गए। अब हम दोनों साथ में बैठकर एक दूसरे से बातें कर रहे थे। नताशा के मम्मी पापा अपने किसी रिलेटिव के घर पर गए थे नताशा घर पर अकेली थी। हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे लेकिन जब मेरा हाथ नताशा के हाथों पर लगा तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा और नताशा को भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था। हम दोनों को ही काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था हम दोनों बहुत खुश थे। मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नही पा रहा था।

हम दोनों एक दूसरे के साथ अब सेक्स करने के लिए तैयार थे। नताशा ने मेरे लंड को बाहर निकालकर उसे हिलाना शुरू किया। जब उसने मेरे मोटे लंड से पानी बाहर निकाल दिया तो मैंने उसे कहा तुम इसे अब अपने मुंह में ले लो। नताशा ने मेरे वीर्य को अपने मुंह के अंदर ले लिया मैंने अब नताशा के कपड़ों को उतारकर उसकी चूत में अपनी उंगली को घुसाया तो नताशा कहने लगी जानेमन मुझे इतना ना तड़पाओ। नताशा की चूत से बहुत ज्यादा पानी निकल रहा था वह मुझे कहने लगी मुझे अब तुम और ना तड़पाओ। मैं समझ चुका था नताशा मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार है। वह मेरे मोटे लंड को अपनी चूत में लेने के लिए तैयार थी मैंने नताशा की योनि पर अपने लंड को रगडना शुरू किया। नताशा की चूत में लंड जाने के लिए तैयार था मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा और नताशा को भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझसे अब एक पल के लिए भी रहा नहीं जा रहा है। मैं और नताशा एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तैयार थे। मैंने अपने मोटे लंड को नताशा की चूत के अंदर घुसा दिया। मेरा मोटा लंड उसकी चूत में जा चुका था जब उसकी चूत में लंड गया तो वह बहुत जोर से चिल्ला कर बोली तुम्हारा लंड कितना मोटा है। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने हाथों से चौडा कर लिया।

मेरा लंड उसकी योनि में आसानी से प्रवेश होने लगा था मुझे अच्छा लग रहा था जब मैं उसके साथ सेक्स कर रहा था और वह भी मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। मेरा साथ वह बड़े अच्छे से दे रही थी। वह मुझे कहती तुम मुझे बस ऐसे ही चोदते जाओ। मैंने उसे काफी देर तक ऐसे ही धक्के दिए मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब मैं उसको चोद रहा था। हम दोनों एक दूसरे का साथ अच्छे से दे रहे थे लेकिन अब वह चाहती थी मैं उसे घोड़ी बनाकर चोदूं। उसने मेरे लंड को अपनी योनि से बाहर निकाल दिया था। जब उसने ऐसा किया तो उसके बाद मैंने उसकी चूत में अपने लंड को अंदर की तरफ घुसाया जैसे ही उसकी योनि के अंदर लंड घुसा तो वह बोली मुझे आज मजा ही आ गया। उसे बहुत मजा आ रहा था वह मेरा साथ बड़े ही अच्छे से दे रही थी वह जिस तरह से मेरा साथ दे रही थी उस से मुझे मजा आ रहा था। वह अपनी चूतडो को मेरे लंड से मिलाए जा रही थी और मेरी गर्मी को बहुत ज्यादा बढा रही थी।

उसने मुझे कहा मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है वह जिस तरीके से मुझसे अपनी चूतड़ों को मिलाए जा रही थी उससे मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था और मैंने अपने माल को उसकी चूत में गिरा दिया था। जब मेरा माल उसकी चूत में गिरा तो मैंने उसे कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करने लगी उसे बहुत ही ज्यादा आनंद आने लगा था और मुझे भी आनंद आ रहा था जिस तरीके से मैं और वह एक दूसरे के साथ शारीरिक सुख का मजा ले रहे थे। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ बहुत देर तक सेक्स किया। अब उसने मेरी इच्छा को पूरा कर दिया था हम दोनों को ही बड़ा अच्छा लगा जब हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को शांत कर दिया था।


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