मैं उसे जमकर चोदता रहा

Antarvasna, kamukta:

Mai use jamkar chodta raha: मैं एक सामान्य से परिवार का लड़का हूं मेरे पापा एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं उन्होंने मुझे कभी भी किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दी। मेरा कॉलेज पूरा हो जाने के बाद वह लोग मुझसे उम्मीद लगाए बैठे थे कि मैं एक अच्छी जगह जॉब करूं लेकिन अभी तक मुझे नौकरी नहीं मिल पाई थी जिस वजह से मैं काफी ज्यादा परेशान भी रहने लगा था। कई बार इस वजह से मेरे झगड़े भी हो जाया करते थे जिससे कि पापा मम्मी भी बहुत परेशान रहने लगे थे वह लोग मुझे समझाते कि बेटा यह सब ठीक नहीं है लेकिन मेरा गुस्सा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा था। अभी तक मुझे कहीं भी जॉब नहीं मिल पाई थी। एक बार मैंने एक अखबार में इश्तेहार देखा और मैं वहां पर इंटरव्यू देने के लिए चला गया। मैं वहां इंटरव्यू देने के लिए गया तो वहां पर मुझे काफी देर तक इंतजार करना पड़ा और जब मेरा नंबर इंटरव्यू देने का आया तो मुझे काफी ज्यादा घबराहट महसूस हो रही थी लेकिन किसी तरीके से मैंने इंटरव्यू दिया और उसके बाद मैं घर लौट आया। जब मैं घर लौटा तो मां ने मुझसे कहा कि रमेश बेटा तुम्हारा इंटरव्यू कैसा रहा तो मैंने उनसे कहा कि उन्होंने अभी कुछ भी नहीं कहा। मैं इंतजार कर रहा था कि मुझे कंपनी की तरफ से कोई कॉल आये लेकिन अभी तक मुझे कॉल नहीं आई थी।

दो दिन हो चुके थे मैं बहुत ही ज्यादा परेशान होने लगा था लेकिन तीसरे दिन जब सुबह मुझे कॉल आई तो उन्होंने मुझे कहा कि आप अपने डाक्यूमेंट्स लेकर ऑफिस में आ जाइएगा। मैं इस बात से बड़ा खुश हुआ और पापा मम्मी भी बहुत ज्यादा खुश हुए। मैं वहां पर पहुंचा तो मैंने अपने डॉक्यूमेंट जमा किए और उसके बाद मुझे कुछ दिनों की ट्रेनिंग के लिए दिल्ली जाना था। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और मैं कुछ दिनों के लिए दिल्ली जाने वाला था। पापा ने अपने दोस्त से कहकर मेरे रहने का बंदोबस्त करवा दिया था और मैं उनके घर पर ही रुकने वाला था। मैं जब दिल्ली पहुंचा तो मैं उस दिन उनके घर पर ही रुका और अगले दिन से मेरी ट्रेनिंग शुरू हो चुकी थी। 10 दिनों की ट्रेनिंग खत्म हो जाने के बाद मैं वापस जयपुर लौट आया मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे 10 दिन हो गए और 10 दिन बाद जब मैं जयपुर आया तो मैंने अपनी कंपनी ज्वाइन कर ली और मैं अब अपनी जॉब पर पूरी तरीके से ध्यान देने लगा था। महीने के आखिर में जब मुझे तनख्वाह मिली तो मैं बहुत ज्यादा खुश था मैंने उसमें से कुछ पैसे मां को भी दिए। मां भी बहुत ज्यादा खुश थी और कहने लगी कि बेटा तुम ऐसे ही आगे बढ़ते रहो और तुम्हारे चेहरे पर हमेशा ही ऐसे खुशी रहे। पापा भी बहुत ज्यादा खुश थे और उसके बाद मैं अपनी जॉब पर पूरी तरीके से ध्यान देने लगा था मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे जॉब करते हुए 6 महीने हो गए 6 महीने बहुत जल्दी बीत चुके थे। एक दिन मैं अपने ऑफिस के लिए अपने घर से निकला, जब उस दिन मैं ऑफिस के लिए घर से निकला तो पापा और मम्मी ने मुझे कहा कि बेटा आज तुम घर जल्दी आ जाना। मैंने मां से पूछा कि मां लेकिन घर में क्या कुछ जरूरी काम है तो मां ने कहा कि बेटा आज हम लोगों को शादी में जाना है मैंने मां से कहा कि ठीक है मां मैं जल्दी आ जाऊंगा। मैं उस दिन अपने ऑफिस पहुंचा और जब मैं अपने ऑफिस पहुंचा तो उस दिन मैंने अपने बॉस से कह दिया था कि आज मुझे घर जल्दी जाना है। उन्होंने कहा कि ठीक है और मैं शाम के 4:00 बजे ही घर लौट आया था। मैं जब लौटा तो पापा ने मुझे कहा कि बेटा तुम भी तैयार हो जाओ उसके बाद मैं तैयार होने के लिए अपने रूम में चला गया। मैं तैयार हो चुका था और उसके बाद हम लोग वहां से अपने रिश्तेदार के घर पर गए हम लोग उनके घर पर कुछ देर रुके और फिर जिस जगह पर पार्टी रखी गई थी हम लोग वहां पर पहुंचे।

मैं अकेला ही था पापा मम्मी और लोगों से मिल रहे थे लेकिन तभी आगे से मैंने एक लड़की को आते हुए देखा उसके बाल खुले हुए थे और वह बहुत ही ज्यादा सुंदर लग रही थी। मेरी नजरों से वह एक पल के लिए भी नहीं हटी और मैं उसी की तरफ देखता रहा लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि उसका क्या नाम है और मैं उसे जानता भी नहीं था। शायद यह मेरी किस्मत ही थी कि वह लड़की मेरे पास आकर बैठी और मुझसे बातें करने लगी क्योंकि वह भी शादी में अकेली ही थी। हम दोनों एक साथ बैठे हुए थे और हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे। जब हम लोग एक दूसरे से बात कर रहे थे तो हम लोगों का परिचय भी अब एक दूसरे से हो चुका था। मुझे काफी अच्छा लगा जब मैं सुहानी के साथ बातें कर रहा था सुहानी उसके बाद अपनी फैमिली के साथ वापस चली गई थी लेकिन सुहानी के बारे में मैं जब भी सोचता तो मुझे अच्छा लगता। मैंने सुहानी का नंबर नहीं लिया था और मैं चाहता था कि मैं सुहानी को दोबारा मिलूँ लेकिन मैं उसके बारे में ज्यादा कुछ जानता भी तो नहीं था मेरे लिए तो यह एक सपने की तरह ही था। सुहानी मुझे अभी तक मिली नहीं थी और एक दिन मैं जब अपने ऑफिस से वापस लौट रहा था तो उस दिन मुझे सुहानी मिली सुहानी से बात कर के मुझे बहुत ही अच्छा लगा और सुहानी को भी मुझसे बात करना बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने उस दिन सुहानी का नंबर ले लिया और अब मेरे पास उसका नंबर आ चुका था इसलिए मैं उससे अब फोन पर भी बातें करने लगा था। सुहानी और मेरी फोन पर बातें होने लगी थी हम दोनों को बहुत अच्छा लगता जब भी हम दोनों एक दूसरे से बातें किया करते। हम दोनों की बातें काफी होने लगी थी जिस वजह से हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता। एक दिन मै सुहानी से फोन पर बात कर रहा था उस दिन सुहानी और मेरे बीच काफी गरमा गरम बातें होने लगी थी जिससे कि सुहानी को भी मेरे साथ सेक्स करने की इच्छा जागने लगी थी और हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करना चाहते थे।

मेरे लिए तो बहुत ही अच्छा था कि मुझे सुहानी के गोरे बदन को महसूस करने का मौका मिल चुका था क्योंकि वह भी मेरे बिना नहीं रह पाती थी। मुझे सुहानी के साथ बातें करना काफी अच्छा लगता। एक दिन हम दोनों बातें कर रहे थे मैंने सुहानी को कहा मुझे तुमसे मिलना है और मैं उसको मिलने के लिए चला गया। सुहानी ने मुझे अपने घर पर बुला लिया था। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे और मेरा हाथ सुहाना के हाथ मे था। मैंने उसके हांथो को सहलाना शुरु किया। मैं उसकी जांघों को जिस तरीके से सहला रहा था मुझे काफी ज्यादा मजा आ रहा था सुहानी को भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगे थे। मैं और सुहानी एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाए जा रहे थे। अब हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को इतना ज्यादा बढ़ा दिया था मैंने अपने लंड को बाहर निकाला। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो उसे सुहानी ने अपने हाथों में ले लिया और वह उसे हिलाने लगी। वह जिस तरीके से मेरे मोटे लंड को हिला रही थी उसे मुझे मज़ा आ रहा था और मेरे अंदर में गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही थी। अब हम दोनों के अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैंने सुहानी से कहा मैं तुम्हारी योनि में लंड को डालना चाहता हूं लेकिन उससे पहले सुहानी ने मेरे मोटे लंड को सकिंग करना शुरू कर दिया था। वह जब मेरा मोटे लंड को सकिंग कर रही थी तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और सुहानी को भी बड़ा मजा आ रहा था। सुहानी ने काफी देर तक मेरे लंड को सकिंग किया। उसके बाद जब मैंने उसके स्तनों का रसपान करना शुरू किया तो वह भी उत्तेजित होने लगी थी। मैंने काफी देर तक उसके स्तनो को चूसा जिससे कि उसकी गर्मी बढ़ चुकी थी और अब मैंने उसकी योनि पर अपनी जीभ को लगाते हुए उसकी योनि को चाटना शुरु किया तो मुझे मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है हम दोनों ही उत्तेजित होने लगे थे।

वह मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत में लंड घुसा दो। मैंने सुहानी की चूत पर अपने लंड को लगाया और अंदर की तरफ डालना शुरू कर दिया। मेरा मोटा लंड उसकी चूत के अंदर जा चुका था। मेरा मोटा लंड उसकी चूत मे गया तो मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था वह बहुत ज्यादा मजे मे आने लगी थी। वह उत्तेजित होने लगी वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगी थी उसकी उत्तेजना इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी वह मुझे अपने पैरों के बीच में जकडने की कोशिश करने लगी और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाए जा रहे थे। अब हम दोनों की गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है मेरा माल उसकी योनि में जाने के लिए तैयार था और मेरा सुहानी के चूत में माल गिर दिया था। उसके बाद वह मुझे कहने लगी आज मुझे मजा आ गया उसकी थोडे ही देर बाद मैने सुहानी की चूतडो को अपनी तरफ करते हुए उसे चूत मे बड़ी तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए। मैं उसे बहुत तेजी से चोद रहा था। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था जिससे कि मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और उसे भी बड़ा मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तुम मुझे बस ऐसे ही धक्के मारते रहो। मैंने उसे काफी देर तक ऐसे ही चोदा। मैंने उसको कहा आज मजा आ गया सुहानी और मैं उसके बाद एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे। हम दोनों को बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ में सेक्स किया। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी अच्छे से सेक्स संबध बनाए और एक दूसरे की इच्छा को अच्छे से पूरा किया।


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