मैं संभाल लूंगा तेरी चूत को

Mai sambhal lunga teri chut ko:

Antarvasna, hindi sex story मैं अपने घर से दुकान के लिए निकला ही था कि मेरे फोन की घंटी बजती है मेरा फोन अंदर रूम में रखा था मैं अंदर फोन लेने के लिए गया तो मैं देखता हूं उसमें मेरे छोटे भाई निखिल का फोन आ रहा होता है मैंने जैसे ही कॉल उठाई तो निखिल मुझे कहने लगा भैया आप कहां है? मैंने उसे कहा मैं तो बस अभी निकल ही रहा था। वह कहने लगा भैया मुझे आपसे कोई जरूरी काम था मैंने निखिल से कहा हां निखिल कहो क्या जरूरी काम था निखिल मुझसे कहने लगा क्या आप मुझे एयरपोर्ट लेने के लिए आ जाएंगे। मैंने निखिल से कहा तुम क्या सुबह-सुबह मेरे साथ मजाक कर रहे हो वह कहने लगा नहीं भैया मैं मजाक नहीं कर रहा मैं सही में एयरपोर्ट आ चुका हूं मैंने निखिल से कहा तो तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया। दरअसल निखिल को हमने पढ़ाई करने के लिए मुंबई भेज दिया था और उसने बिना बताए फ्लाइट की टिकट बुक कर ली और वह घर आ गया।

हम लोगों का दिल्ली में पुराना कारोबार है मैंने उसमें इलेक्ट्रॉनिक्स का सारा सामान रखा है मेरी दुकान से काफी लोग सामान लेकर जाते हैं लेकिन निखिल को लेने के लिए तो मुझे जाना ही था इसलिए मैंने अपनी दुकान में काम करने वाले लड़के से कहा तुम दुकान खोल देना मुझे आने में थोड़ा देर हो जाएगी। मैं निखिल को लेने के लिए एयरपोर्ट चला गया जब निखिल ने मुझे देखा तो उसने मुझे गले लगा लिया और कहा भैया मेरा मन आप लोगों से मिलने का हो रहा था तो मैंने सोचा फ्लाइट की टिकट बुक कर लेता हूं और मैं आपसे मिलने के लिए चला आया। मैंने निखिल से कहा तुम पहले बता भी तो सकते थे कि तुम घर आ रहे हो लेकिन तुम तो बिना बताए ही घर पर आ गए। मैंने निखिल को कहा चलो छोड़ो अभी हम लोग चलते हैं मुझे दुकान जाने के लिए लेट भी हो रही है निखिल कहने लगा भाई आप मुझे घर पर छोड़ दीजिएगा और उसके बाद चले जाना। मैंने निखिल को घर पर छोड़ दिया उसके बाद मैं वहां से अपनी दुकान के लिए निकल पड़ा मैं जैसे ही दुकान में पहुंचा तो मुझे दुकान में काम करने वाले लड़के ने बताया कि हम लोग आपको फोन कर रहे थे लेकिन अपना नंबर ही नहीं लग रहा था।

मैंने उसे कहा हो सकता है नेटवर्क का प्रॉब्लम हो मैंने उससे पूछा क्या कोई जरूरी काम था। वह कहने लगे हां सर जरूरी काम था कोई पुराने कस्टमर आए हुए थे उन्हें शायद कोई सामान रिप्लेस करवाना था इसके लिए वह आपसे ही बात करना चाहते थे। हम दोनों ने कहा कि वह तो अभी नहीं है उन्हें आने में कुछ देर लगेगी तो वह चले गए उन्होंने कहा कि वह कल आएंगे। मैंने अपनी दुकान में काम करने वाले लड़के से कहा मेरे लिए पानी लेकर आना वह मेरे लिए पानी ले आया। मैंने पानी पिया और उसके बाद मेरी पत्नी का मुझे फोन आया वह कहने लगी आप घड़ी घर पर ही भूल गए मैंने उसे कहा कोई बात नहीं वैसे भी मैं जल्दी घर आ जाऊंगा। जब मैंने अपनी पत्नी से यह बात कही तो वह कहने लगी ठीक है आप जब घर आए तो हमें बता दीजिएगा मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हें फोन कर दूंगा। वह कहने लगी मुझे कुछ सामान आप से मंगवाना था मैंने उसे कहा क्या सामान मंगवाना था वह कहने लगी आप आते वक्त मेरे लिए एक आर्टिफिशियल नेकलेस ले आना मुझे दरअसल कल किसी पार्टी में जाना है। मैंने उससे कहा लेकिन मुझे इन सब चीजों की जानकारी नहीं है तो वह कहने लगी कोई बात नहीं आप मुझे फोटो भेज देना मैं आपको देख कर बता दूंगी। मेरी दुकान के पास ही एक दुकान है जो कि महिलाओं के सामान में डील करता है मैं शाम के वक्त उसके पास चला गया मैंने उससे कहा तुम्हारी भाभी ने कोई आर्टिफिशियल नेकलेस मंगवाया है तुम मुझे कोई बढ़िया सा नेकलेस दिखा देना। उसने मुझे एक नेकलेस दिखाया और कहा यह काफी अच्छा है आजकल यही चल रहा है मैंने अपनी पत्नी को उसकी फोटो भेजी तो वह कहने लगी हां यह ठीक रहेगा तुम उसे ले आना। मैंने वह नेकलेस ले लिया और मैं घर चला आया जब मैं घर पहुंचा तो मैंने निखिल से पूछा तुम क्या कर रहे थे? वह कहने लगा भैया बस मैं जैसे ही घर पहुंचा तो मुझे बहुत तेज नींद आ रही थी और मैं सो गया मैं शाम को उठा तो यहीं छत में टहल रहा था।

मैंने उससे कहा तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है तो वहा कहने लगा भैया पढ़ाई तो ठीक चल रही है बस ऐसे ही आपसे मिलने का मन हुआ तो दिल्ली चला आया। तब तक मेरी पत्नी भी आ गई और वह कहने लगी तुम दोनों भाइयों के बीच में क्या बात चल रही है मैंने उसे कहा कुछ नहीं बस ऐसे ही निखिल से बात कर रहा था। मैंने अपनी पत्नी को नेकलेस दिया और उसके बाद निखिल के साथ बैठ गया निखिल ने मुझसे कहा भैया मैं आपसे कुछ बात कहना चाहता हूं। दरअसल निखिल मुझसे कुछ बात करने के लिए आया हुआ था निखिल मुझसे कहने लगा भैया मुझे आपसे कुछ जरूरी बात करनी थी मैंने निखिल से कहा कहो तुम्हे क्या बात करनी थी। उसने मुझे मेघना के बारे में बताया और कहा मेघना और मैं एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करते हैं हम दोनों की मुलाकात कॉलेज के दौरान ही हुई लेकिन उसके पिताजी मुझसे उसकी शादी नहीं करवाना चाहते और मैं मेघना के बिना अपने आप को अधूरा पाता हूं। मैंने निखिल को समझाया और कहा तुम यह कैसी बचकानी हरकत कर रहे हो तुम एक लड़की के लिए इतना ज्यादा पागल कैसे हो सकते हो हमने तुम्हें वहां पढ़ने के लिए भेजा था ना कि तुम इन सब चीजों में पड़ो। निखिल ने मुझे कहा भैया मैं क्या करूं मैं मेघना से इतना ज्यादा प्यार करता हूं कि उसके बिना मैं अब रह नहीं सकता और इसलिए मुझे लगा मुझे आपसे बात करनी चाहिए।

मुझे निखिल को देखकर लगा कि मुझे भी मेघना के माता-पिता से एक बार तो बात करनी चाहिए क्योंकि निखिल की खुशी में ही हमारी खुशी थी। मैंने निकल से उस दिन तो कुछ नहीं कहा लेकिन उसके अगले दिन मैंने निखिल से कहा ठीक है तुम मुझे मेघना के पापा का नंबर देना मैं उनसे बात करना चाहता हूं। निखिल ने मुझे मेघना के पापा का नंबर दे दिया घर में मैं बड़ा था और मेरे ऊपर ही सारी जिम्मेदारी थी। मैंने निखिल से पूछा तुम मुझे एक बात बताओ कि मेघना भी तुमसे प्यार करती है और क्या वह भी तुमसे शादी करना चाहती है। निखिल मुझे कहने लगा हां भैया मेघना भी मुझसे प्यार करती है और हम दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते हैं यदि आपको यकीन नहीं आता तो मैं मेघना से आपकी बात करवा देता हूं। निखिल ने मेरी बात मेघना से करवाई जब मैंने मेघना से बात की तो मुझे यह तो लग चुका था कि वह दोनों एक दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहते हैं इसीलिए मैंने भी मेघना के पिता जी से बात करने की सोची। जब मैंने उनसे बात की तो वह कुछ मानने को तैयार ही नहीं थे मैंने उनसे कहा मैं आपसे एक बार मिलना चाहता हूं और इसी सिलसिले में हम लोग मुंबई चले गए। मैं मेघना के पिताजी से उनके घर पर मिला था वह मुझसे बात करने को तैयार नहीं थे, मैं चाहता था कि निखिल और मेघना एक दूसरे से अलग ना हो। मैं निखिल से बहुत ज्यादा प्यार करता हूं और निखिल के चेहरे पर कभी मैं उदासी नहीं देख सकता था इसलिए मैं उनसे बात करने लगा। मैंने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह कुछ समझने को तैयार ना थे परंतु उनकी पत्नी मुझे समझदार लगी और उन्होंने मेरी बात को सुना। मैंने कहा देखिए आप मेघना का रिश्ता किसी और से करवा रहे हैं लेकिन यह निखिल से प्यार करती है तो आप लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए परंतु वह अपने पति के आगे बेबस थी लेकिन निखिल के चेहरे को देखकर मुझे लगता कि मुझे उसके लिए कुछ करना चाहिए और मैंने उसके लिए कुछ करने की ठान ली थी।

मैंने मेघना की मां को पटाना शुरू किया और उनसे मैं फोन पर बात करने लगा उनसे मेरी फोन पर काफी देर तक बात हुआ करती थी और एक दिन मैने उनको अकेले में मिलने के लिए बुलाया और उन्हें समझाने की कोशिश की, निखिल मेघना के बिना नहीं रह पाएगा लकिन वह तो अपने पति के आगे बेबस थी। मैंने उन्हें कहा आप एक बार तो अपने पति से बात कीजिए वह मुझे कहने लगी वह कभी नहीं मानने वाले और मुझे नहीं लगता कि वह इस रिश्ते को कभी मंजूरी भी देंगे। मैंने उनकी जांघ पर अपने हाथ को रखा और उन्हें कहा आप एक बार उनसे बात तो कीजिए लेकिन मैंने जब उनकी जांघ पर हाथ रख तो वह मचलने लगी और मुझे कहने लगी आप यह क्या कर रहे हैं उन्होंने मेरी जांघ को कसकर पकड़ लिया और दबाने लगी। मैंने भी उनके स्तनों को दबाना शुरू किया और उन्हें वही बिस्तर पर लेटा दिया मैंने जब उनको बिस्तर पर लेटाया तो वह मुझे कहने लगी आप यह सब अच्छा नहीं कर रहे लेकिन मैंने उनके कपड़े खोल दिए।

जब उन्होंने मेरे लंड को देखा तो मेरे लंड को अपने हाथ में लेते हुए उसे हिलाने लगी और अपने मुंह में ले लिया। काफी देर तक उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में लिया जब मेरी इच्छा भर गई तो मैंने उनके कपड़े उतारते हुए उनकी योनि में अपने लंड को डाल दिया उनकी जवानी अब भी बरकरार थी मैं उन्हें तेजी से धक्के मारता रहा, काफी देर तक मैंने उनकी चूत के मजे लिए लेकिन मैंने जैसे ही उनकी गांड के अंदर मैने अपने लंड को डाला तो वह उछल पडी और मुझे कहने लगी तुमने यह क्या कर दिया। मैं बड़ी तेजी से उनको धक्के मारता जा रहा था उनका शरीर पूरा हिल जाता। वह मुझे कहती तुमने तो मेरी गांड फाड़ कर रख दी है लेकिन मुझे उन्हें धक्के देने में बहुत मजा आ रहा था मेरा वीर्य पतन कुछ क्षणों बाद हो गया। अब वह मेरे पीछे पागल हो गई है उन्होंने मुझे कहा मैं मेघना के पिता से जरूर बात करूंगी उन्होंने अब मेघना के पिताजी को मना लिया है निखिल और मेघना के रिश्ते से किसी को कोई आपत्ति नहीं है।


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