मामी बन गयी मेरी पहली बीवी

हैल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम निक है और में नागपुर से हूँ, मेरी उम्र 28 साल है और में इस साईट का बहुत बड़ा फेन हूँ। ये स्टोरी कुछ 1 साल पहले की है जब मेरे मामा और मामी अमृता मेरे घर आए थे। मामा कुछ काम से मुंबई जाने वाले थे तो मामी घर पर अकेली रहेगी इसीलिए वो हमारे घर मामी को रहने के लिए लेकर आए थे। मेरा घर डबल स्टोरी है और मेरा रूम और गेस्ट रूम ऊपर ही है। मामा की शादी को कुछ 5-6 साल हुए थे, तभी से मेरा मामी के ऊपर ध्यान था, लेकिन उन्हें कैसे बताऊँ और वो सुनकर क्या रिएक्ट करेंगी? ये सोचकर मैंने कभी उनसे ये बात नहीं कही, मामी की उम्र 35 साल है।

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फिर रोज़ की तरह रात का खाना ख़ाकर में ऊपर मेरे रूम में चला आया। फिर मेरे रूम में आने के बाद मामी भी कुछ देर के बाद गेस्ट रूम में सोने के लिए आई, फिर मामी के रूम का दरवाजा बंद देखकर में मेरा डोर बंद करके एक पॉर्न फिल्म डाउनलोड करने लगा और सेक्सी स्टोरी पढ़ने में लग गया और मेरा 7 इंच लंबा लंड निकाल कर हिलाने लगा। अभी कुछ देर भी नहीं हुई थी कि मामी मेरे रूम में आ गयी, तो मैंने डर के मारे जल्दी से लंड को पजामे में अंदर डाला, मामी के चेहरे पर कोई हाव भाव नहीं थे, शायद उन्हें कुछ नहीं दिखा था। फिर उन्होंने मुझसे बदन दर्द के लिए गोली माँगी और जाते वक़्त हल्की सी स्माइल देकर चली गयी, तब मुझे कुछ समझ नहीं आया, क्योंकि में बहुत डर गया था कि कहीं मामी किसी को ये बता ना दे।

दूसरे दिन में ऑफिस से आने के बाद हम सबने खाना खाया और रोजाना की तरह में अपने रूम में आ गया। उस समय करीब रात के 11 बजे थे, तब मामी भी ऊपर आ गयी और रूम का दरवाजा बंद कर दिया। फिर मैंने सोचा कि मामी अब तक सो गयी होगी, तब करीब 12 बजे थे। फिर मैंने डाउनलोड की हुई पॉर्न मूवी देखना चालू किया। मैंने हैडफोन लगा रखे थे ताकि मूवी देखते हुए आवाज़ बाहर ना जाए। फिर में अपना लंड बाहर निकाल कर हिला रहा था और मूवी देखने में बहुत मग्न था पूरे रूम में अंधेरा था, सिर्फ़ लेपटॉप की स्क्रीन की रोशनी थी। तभी मुझे मेरे बाजू में किसी के खड़े होने का शक आया तो मैंने तुरंत पलटकर देखा तो अंधेरे में एक सेक्सी फिगर दिखी। वो और कोई नहीं मेरी मामी थी। में उठने ही वाला था कि मामी ने मुझे बैठने के लिए कहा और लाईट चालू कर दी। में काफ़ी डर गया था तब तक मैंने अपना लंड अंदर डाल दिया था। मामी मेरी कुर्सी के पास में खड़ी थी और में नीचे सिर किए हुए बैठा था। मामी के चेहरे पर क्या भाव थे? पता ही नहीं चला और फिर मैंने कहा कि..

में – सॉरी मामी में आगे से ऐसा कभी नहीं करूँगा। आप प्लीज मम्मी पापा को ये बात मत बताना।

अमृता – अरे निक, ये सब जवानी में नहीं तो कब करोंगे?

में – वास्तव में मामी आप कब आई? मुझे पता ही नहीं चला।

अमृता – कोई बात नहीं, में तो सिर्फ़ दर्द की गोली माँगने आई थी।

फिर में झट से उठा और गोली देने लगा तो मेरा लंड अभी भी पूरा शांत नहीं हुआ था और पजामे के ऊपर से उसका उभार साफ दिखाई दे रहा था और जब मैंने मामी कि और देखा तो उनकी नज़र मेरे लंड पर ही थी। गोली देने के बाद मामी रूम से जाते हुए बोली कि प्लीज मेरे सिर पर ये बाम लगा देना।

फिर में उनके पीछे-पीछे उनके रूम में चला गया और वो सीधी लेट गयी और में उनके तकिये के पास बैठ गया। मामी बाम की शीशी देने ही वाली थी कि में हाथ सामने करके उसे लेने लग गया। वो बिल्कुल उनके बूब्स के ऊपर थी। मुझे हाथ धोने का मौका नहीं मिलने के कारण मेरी उंगलियों से मेरे लंड के चिकने पानी की स्मेल आ रही थी, शायद मामी को वो स्मेल पसंद आई और उन्होंने झट से मेरा हाथ अपनी नाक के पास लेकर सूंघने लग गई। तो मैंने पूछा मामी आप ये क्या कर रही हो? तब वो थोड़ा चौंक गयी और बोली ये तुम्हारे हाथ में किस चीज़ की स्मेल आ रही है? तो मैंने कहा वो मुझे काफ़ी पसीना आता है ना, उसी की स्मेल है। फिर में बाम लगाने लगा, लेकिन मामी को लेटे हुए देखकर मुझसे और कंट्रोल नहीं हो रहा था। मेरी नज़र उनके बूब्स और थोड़ा पेट जो कि साड़ी से थोड़ा ढका हुआ था और जांघो पर था इसीलिए बाम लगाते-लगाते मेरा हाथ कभी उनकी नाक को लगता तो कभी गाल को लग जाता। मुझे उनके रसीले गुलाबी होठों को देखकर ऐसा लग रहा था कि वो मुझे आमंत्रित कर रही हो, जिससे मेरा लंड वैसे ही टाईट हो गया।

फिर मैंने बाम की शीशी मेरी जांघो पर रखी हुई थी तो उसे लेने के लिए मामी ने हाथ पीछे सरकया तो वो सीधा मेरे लंड को लगा। उनका हाथ लगते ही मेरा लंड और तन गया था। मामी को समझ आ गया था कि उनका हाथ किसको लगा है और वो कुछ ना बोलते हुए आँखे बंद करके पड़ी रही, आख़िर में मुझसे ही नहीं रहा गया और मैंने झुककर उनके होठों पर मेरे होंठ रख दिए और चूमने लगा। तो मामी ने मुझे पीछे धकेला और बोली निक ये तुम क्या कर रहे हो? पता नहीं मुझमें कहाँ से हिम्मत आ गयी और मैंने साफ साफ़ कह दिया कि मामी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो और ये बात में आपको बहुत दिनों पहले से ही कहने वाला था, लेकिन डर की वजह से नहीं कह पाया और आज आप मेरे सामने ऐसे लेटी थी तो मुझसे रहा नहीं गया। आई एम वेरी सॉरी मामी, अगर आपको मेरा ये कहना और करना अच्छा ना लगा हो तो फिर.. ये कहकर में जाने लगा, तभी मामी ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे रोक दिया। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर वो कहने लगी कि मैंने तुम्हें उस नज़र से कभी नहीं देखा, लेकिन कल रात जब तुम हिला रहे थे और आज जब मैंने तुम्हें देखा तो मेरे अंदर की असंतुष्ट औरत जाग गयी। ये कहकर उनकी आँखों में से आंसू आने लगे और में तुरंत उनके बगल में बैठ गया और बोला कि मामी आप प्लीज रोओ मत, आपको रोना बिल्कुल सूट नहीं करता, आप सिर्फ़ हंसती हुई अच्छी लगती हो, लेकिन आप रो क्यों रही हो? तब मामी ने मुझे मामा के बारे में सब बताया कि वो मामी को संतुष्ट नहीं कर पाते है। ये सब बताते हुए मामी का सिर अपने आप मेरे कंधे पर टिक चुका था और मेरा हाथ मामी को बाहों में भर चुका था और में उनके कंधे और पीठ को सहला रहा था, मामी भी उनकी उंगलियां मेरे सीने पर फेर रही थी। मुझे पूरा मालूम हो चुका था कि अब में कुछ भी करूँ तो मामी ना नहीं कहेंगी। फिर में पीठ से हाथ फेरते हुए उनकी गर्दन को सहलाने लगा, मामी ने अपनी आँखे बंद ही रखी थी और दूसरा हाथ में उनकी जांघो पर से फेरते हुए बूब्स तक आकर बूब्स को हल्के-हल्के हाथों से दबाने लगा।

फिर धीरे-धीरे में उनके पीछे की और बैठ गया ताकि उनकी पीठ मेरे सीने को चिपक जाए और मेरे दोनों पैर खोलकर उन्हें अंदर खींच लिया। फिर मैंने मामी के बालों को साईड में करके उनकी पीठ पर और गर्दन को चूमने लगा और साथ में दूसरे हाथ से उनकी कमर को सहला रहा था। मामी मेरी इन हरकतों को पूरा इन्जॉय कर रही थी और हल्की-हल्की आवाजें निकाल रही थी। फिर मैंने मामी को अपने सीने से चिपकाया और अपने हाथों से उनके बूब्स दबाने लगा और उनका सिर थोड़ा पीछे मोड़कर उन्हें किस करने लगा। में उनके होंठ चूस रहा था, तो कभी उनकी जीभ को चूसने लगता। फिर एक हाथ से में बूब्स दबाता रहा और दूसरा हाथ कमर से होते हुए उनकी जांघो को सहलाकर साड़ी के ऊपर से ही उनकी चूत को दबाने लगा तो वो उछल पड़ी। फिर मैंने उनका ब्लाउज निकाल दिया और साड़ी और पेटीकोट भी निकालकर अलग कर दिया, अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी।

फिर में भी अपने कपड़े उतारकर अंडरवेयर में आ गया। फिर मैंने मामी को सीधा लेटाया और उन्हें हर जगह चूमने लगा और चूमते हुए ब्रा के ऊपर से ही मैंने उनके बूब्स को मुँह में लेकर गीला कर दिया। फिर ब्रा निकाल कर मैंने बारी-बारी दोनों बूब्स को चूसा और हल्के दातों से काटा तो मामी इतने में ही आवाज़े निकाल रही थी। फिर चूमते हुए मैंने मामी की पेंटी को उतारा और उनकी चूत को देखा तो वो पहले से ही गीली हो चुकी थी, शायद मामी एक बार झड़ चुकी थी। फिर मैंने चूत को एक कपड़े से साफ करके मेरा मुँह उनकी चूत पर रख दिया और चाटने लगा। मामी एकदम से मचलने लगी थी। फिर मैंने उनके पैर पकड़कर अलग अलग रखे और चूत को चूसता रहा। फिर मैंने अपनी एक उंगली को चूत के अन्दर डालकर उसमे अन्दर बाहर करने लगा और चूत को चाटना शुरू किया तो मामी का मचलना कंट्रोल नहीं हुआ और वो चीखे भी तो आवाज़ ज़्यादा ना आए इसीलिए मामी ने चादर का एक कोना अपने मुँह में डाल रखा था।

फिर कुछ देर और चाटने के बाद में खड़ा हो गया और मामी को बैठाकर उनके मुँह में मेरा लंड रखा तो वो कहने लगी कि निक मैंने ये पहले कभी नहीं किया है। तो में बोला कोई बात नहीं मामी, हर कोई काम पहली बार तो करना पड़ता है और फिर मैंने उन्हें थोड़ा समझाते हुए मेरा लंड उनके मुँह में डाला और उनके सिर को पकड़कर आगे पीछे करने लगा। इस दौरान कभी-कभी उनके दांत मेरे लंड पर लग रहे थे, तो मैंने उनसे कहा कि तुम अपने हिसाब से करो तो उसका रिज़ल्ट अच्छा मिला और वो बिना दांत लगाए मेरे लंड को चूस और चाट रही थी। ये सब काफ़ी देर चलता रहा। फिर मैंने मामी को सीधा लेटाया और में उनके ऊपर सो गया। में उन्हें लगातार किस कर रहा था। फिर मामी ने भी अपने पैर फैलाक़र मुझे मेरा लंड चूत के अन्दर डालने की इजाजत दे दी। फिर में अपना लंड मामी की चूत पर रगड़ रहा था तो वो बोली कि प्लीज निक अब और देर मत लगाओ, बुझा दो मेरी प्यास प्लीज।

फिर मैंने लंड का टोपा चूत में डालते ही थोड़ा धक्का दिया ताकि वो थोड़ा अंदर चला जाए। तभी मामी बोली निक धीरे प्लीज तुम्हारा बहुत लंबा और चौड़ा है, आराम से जानू प्लीज। फिर में उन्हें और किस करने लगा और उनके बदन को सहलाने लग गया। फिर ऐसा 3 ज़ोर के झटको में मेरा लंड पूरी तरह से मामी की चूत में चला गया, लेकिन मामी को बहुत दर्द हो रहा था तो वो मौन कर रही थी। फिर पूरा लंड अंदर जाने के बाद में थोड़ी देर शांत रहकर उन्हें सहलाने लगा और कुछ देर बाद वो शांत हो गयी और में धीरे-धीरे अन्दर बाहर करके मामी को चोदने लगा। में मामी को बिना कंडोम के चोद रहा था, तो हर एक अंदर बाहर की क्रिया से हमारे बीच खिंचाव बढ़ रहा था और में बीच बीच में अपनी स्पीड बढ़ा देता और ज़ोर के 4-5 धक्के मारकर फिर से स्पीड कम कर लेता।

फिर ऐसा कुछ 4-5 बार करके में अपनी फुल स्पीड पर आने लगा और मामी को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। फिर हर एक झटके से मामी का बदन पूरा हिल रहा था, मामी बीच में 2 बार झड़ चुकी थी, जिसके कारण मेरे लंड पर उनकी चूत का पानी लगने से चिकनाहट हो गयी थी और मेरा लंड और आसानी से अंदर जा रहा था। फिर कुछ देर के बाद में भी अपनी चरण सीमा पर था और ज़ोर के धक्के देते हुए में मामी के अंदर झड़ गया। फिर में वैसे ही मामी के ऊपर लेटा रहा और मेरा लंड अभी भी मामी की चूत में ही था, मामी मेरे कंधे और गले को चूम रही थी। फिर कुछ देर के बाद में मामी के बगल में लेट गया। फिर मामी बोली कि जानू आज जाकर में संतुष्ट हुई हूँ, आज तक ऐसा तुम्हारे मामा ने कभी किया ही नहीं था। फिर में बोला कि मामी आप खुश तो में भी खुश। उस रात मैंने मामी को 4 बार चोदा जिसमें से एक बार उनकी गांड भी चोदी, जो कि उनका पहली बार था ।।

धन्यवाद …


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