माल गिराकर चूत पर हक जताया

Antarvasna, hindi sex story:

Maal girakar chut par haq jataya मेरा नाम संजय है मैं दिल्ली का रहने वाला हूं मेरे पापा मम्मी दोनों ही नौकरी पेशा है इसलिए वह लोग मुझे कभी भी बचपन से समय नहीं दे पाए, मैं अक्सर इस बात के लिए अपने पापा और मम्मी से कहा करता था लेकिन उन लोगों के पास कभी समय ही नहीं होता था। अब मेरे कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और मेरा कैंपस प्लेसमेंट में भी सिलेक्शन हो चुका था उसके बाद मेरी जॉब पुणे की एक बड़ी कंपनी में लग चुकी थी और मैं पुणे की कंपनी में जॉब करने लगा था। शुरुआत में मुझे पुणे में एडजेस्ट करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा लेकिन मेरे दोस्त समीर ने मेरी काफी मदद की जो कि पुणे का ही रहने वाला है। मेरे और समीर के बीच काफी अच्छी दोस्ती है हम दोनों की दोस्ती पुणे में ही हुई समीर पुणे का ही रहने वाला है। समीर ने मेरी काफी मदद की उसकी वजह से ही मैं पुणे में रहने लगा था।

एक दिन समीर ने मुझे अपने घर पर पार्टी में इनवाइट किया, जब उसने मुझे अपने घर पर पार्टी में इनवाइट किया तो उस दिन मुझे उसने राधिका से मिलवाया। यह पहली बार ही था जब मेरी मुलाकात राधिका से हुई थी राधिका काफी सिंपल और साधारण स्वभाव की है इस वजह से मैं राधिका से काफी ज्यादा प्रभावित होने लगा और राधिका को भी मेरा साथ अच्छा लगने लगा। हम दोनों एक दूसरे को मिलने लगे उसके बाद हम दोनों की मुलाकात अक्सर होने लगी थी मुझे राधिका से मिलना अच्छा लगने लगा। राधिका को भी मेरा साथ काफी अच्छा लगने लगा लेकिन राधिका के परिवार वाले चाहते थे कि उसकी सगाई उनके फैमिली फ्रेंड के बेटे से हो जाए। राधिका ने जब मुझे यह बात बताई तो मैंने राधिका को कहा तुम्हें अपने परिवार को मेरे और अपने बारे में बता देना चाहिए तो राधिका कहने लगी कि हां संजय तुम बिल्कुल ठीक कहते हो मुझे अपने परिवार को इस बारे में बता देना चाहिए। मुझे भी अब यही ठीक लगा और राधिका को भी यही सही लगा इसलिए उसने अपने परिवार वालों को मेरे और अपने रिश्ते के बारे में बता दिया।

मैं चाहता था कि मैं राधिका के घर पर उसके पापा और मम्मी से बात करूं तो मैंने राधिका के पापा मम्मी से इस बारे में बात की। जब मैंने उन लोगों से इस बारे में बात की तो वह लोग मेरे और राधिका के रिश्ते के लिए तैयार हो गए। वह लोग चाहते थे कि राधिका और मेरा रिश्ता हो जाए उसके बाद अब हम दोनों की सगाई हो गई। जब हम दोनों की सगाई हुई तो मैं इस बात से काफी ज्यादा खुश था और राधिका भी इस बात से बहुत ज्यादा खुश थी मैं और राधिका उसके बाद भी एक दूसरे को मिलते रहते। जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते हैं तो हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते। मैं अपने ऑफिस के काम से कुछ दिनों के लिए कोलकाता जा रहा था मैंने जब यह बात राधिका को बताई तो राधिका ने मुझे कहा कि संजय तुम वहां से वापस कब लौट आओगे तो मैंने राधिका को कहा कि मैं वहां से जल्द ही वापस लौट आऊंगा। मैं और राधिका एक दूसरे से हमेशा ही मिला करते थे लेकिन जब मैं कोलकाता गया तो उस दौरान राधिका से मेरी मुलाकात हो नहीं पाई थी मैं उसे काफी ज्यादा मिस कर रहा था मैंने राधिका से फोन पर ही बात की। मैं जब राधिका से फोन पर बात करता तो मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगता और राधिका को भी काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था राधिका मुझे बहुत मिस कर रही थी। मैंने राधिका को कहा कि क्या हम लोगों को जल्दी शादी कर लेनी चाहिए क्योकि मुझे भी अब यही लग रहा था और राधिका भी यही चाहती थी।

जब मैंने और राधिका ने यह फैसला कर लिया तो मैंने अपने परिवार वालों को इस बारे में बताया उसके बाद मैं और राधिका जल्द ही शादी करने वाले थे। मेरे परिवार को इस बात से कोई भी ऐतराज नहीं था और फिर हम दोनों की शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थी। राधिका चाहती थी कि हम दोनों की शादी पुणे में हो इसलिए मैंने अपनी फैमिली को इस बारे में बताया तो उन लोगों ने भी कहा कि ठीक है अगर राधिका पुणे में शादी करना चाहती है तो हमें उससे कोई एतराज नहीं है, मेरी और राधिका की शादी पुणे में ही हुई। जब राधिका और मेरी शादी हुई तो उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी ज्यादा खुश थे। मुझे राधिका के साथ अच्छा लगता है और अब हम दोनों की शादी हो चुकी थी हम दोनों पति-पत्नी बन चुके थे जिस वजह से हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताया करते। हम लोग जब एक दूसरे के साथ समय बिताते तो हमें काफी ज्यादा अच्छा लगता। मैं एक दिन ऑफिस से घर लौट रहा था मैं जब ऑफिस से घर लौट रहा था तो उस दिन राधिका ने मुझे फोन किया और कहने लगी कि संजय क्या आप घर आ रहे हैं। मैंने राधिका से कहा कि हां बस थोड़ी देर बाद मैं घर पहुंच जाऊंगा और थोड़ी देर में ही मैं घर पहुंच गया।

जब मैं घर पहुंचा तो मैंने राधिका से कहा हां राधिका कहो तुमने मुझे फोन किया था तो राधिका मुझे कहने लगी कि संजय मैं सोच रही हूं कि कुछ दिनों के लिए हम लोग कहीं बाहर घूमने के लिए जाएं। मैंने भी राधिका से कहा कि ठीक है और हम लोगों ने यह फैसला कर लिया था कि हम लोग कहीं घूमने के लिए जाएंगे लेकिन मुझे फिलहाल तो अपने ऑफिस से छुट्टी नहीं मिल पा रही थी इसलिए मैंने राधिका से कहा कि मुझे थोड़ा समय चाहिए। मैंने अब छुट्टी ले ली थी मैं और राधिका घूमने के लिए शिमला चले गए। जब हम लोग शिमला गए थे वहां पर मौसम बड़ा ही अच्छा था। मैं और राधिका एक दूसरे के साथ बड़े ही खुश थे हम दोनों शिमला में जिस होटल में रुके थे वह हमारे एक दोस्त का था। उस दिन रात के वक्त मैं और राधिका साथ में लेटे हुए थे क्योंकि मौसम काफी ज्यादा ठंडा था तो मैं राधिका से चिपक कर लेटा हुआ था। मैं राधिका से चिपक कर लेटा था और उसके होठों को मै चूम रहा था। मैं जब राधिका के होंठो को चूम रहा था तो उसे अच्छा लग रहा था और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था। मैंने अब राधिका के कपड़े उतारे मैं राधिका के कपड़े उतारने लगा था। मैं जब राधिका के कपड़े उतारने लगा तो मैंने राधिका की योनि के अंदर अपने लंड को घुसाना चाहा लेकिन राधिका मुझे कहने लगी मुझे आपके लंड को अपने मुंह में लेकर उसे चूसना है। मैंने राधिका से कहा क्यों नहीं उसके बाद मैं और राधिका एक दूसरे को गर्म करने की कोशिश करने लगे। राधिका ने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में ले लिया और वह उसे तब तक चूसती रही जब तक उसने मेरे माल को बाहर नहीं निकाल दिया। राधिका ने मेरे लंड से माल निकाल दिया था और मेरा लंड उसकी चूत में जाने के लिए तड़प रहा था।

मैंने राधिका के स्तनों को चूसना शुरु किया मै राधिका के स्तनों को चूस रहा था तो मुझे अच्छा लग रहा था और राधिका को भी बड़ा मजा आ रहा था। हम दोनों ही एक दूसरे के लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगे थे। मैंने राधिका की योनि के अंदर अपने मोटे लंड को घुसाना चाहा तो राधिका ने मुझे कहा आप अपने लंड को मेरी चूत मे डाल दो। मैंने धीरे धीरे राधिका की चूत के अंदर अपने मोटे लंड को प्रवेश करवा दिया। मेरा मोटा लंड राधिका की योनि में प्रवेश हो चुका था और जैसे ही मेरा मोटा लंड राधिका की योनि के अंदर गया तो राधिका जोर से चिल्लाने लगी और मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डालना शुरू कर दिया। मैंने जब राधिका की योनि में अपने मोटे लंड को प्रवेश करवाया तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था और राधिका को भी बड़ा आनंद आ रहा था। हम दोनों ही एक दूसरे के लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगे थे मेरे और राधिका के अंदर की गर्मी काफी ज्यादा बढ़ने लगी थी। मैंने राधिका से कहा मुझे बहुत मजा आ रहा है। राधिका भी मुझे कहने लगी मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है मेरे और राधिका के बीच सेक्स संबंध बन रहे थे। हम दोनों को ही अच्छा लग रहा था हम दोनों ही एक दूसरे के साथ काफी ज्यादा खुश थे। मैं जिस प्रकार से राधिका के साथ सेक्स संबंध बना रहा था उससे वह बहुत ज्यादा खुश थी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है।

मेरा माल राधिका की योनि में जाने के लिए तैयार था और जैसे ही मैंने राधिका की चूत में अपने माल को गिराकर उसकी इच्छा को पूरा किया वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है जिस प्रकार से हमने एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाए। मेरा माल राधिका की चूत से बाहर की तरफ निकल रहा था लेकिन राधिका और मैं चाहते थे हम दोनों एक दूसरे के साथ दोबारा सेक्स संबंध बनाए। मैंने राधिका की योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मेरा लंड राधिका की योनि के अंदर जा चुका था। जब मेरा मोटा लंड राधिका की योनि में प्रवेश हुआ तो मुझे अच्छा लगने लगा और मैं राधिका को बड़े अच्छे तरीके से धक्के मारने लगा। राधिका मेरा साथ बहुत ही अच्छे से दे रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझे अच्छा लग रहा है मैंने राधिका के दोनों पैरों को ऊपर कर लिया था और उसे मैंने तब तक चोदा जब तक उसकी योनि में मेरा वीर्य नहीं गिर गया। मैं और राधिका एक दूसरे के साथ खुश थे और हम दोनों ही एक दूसरे के साथ लेट चुके थे मेरा वीर्य राधिका की चूत से गिर रहा था और मैं काफी ज्यादा खुश था।


Comments are closed.