माल देखते ही लंड खडा हो चुका था

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Maal dekhte hi lund khada ho chuka tha पिताजी मां को डांट रहे थे और मैं अपने कमरे में बैठा हुआ था मेरी हिम्मत ही नहीं हुई कि मैं पिताजी से जाकर कुछ कह पाऊँ। मैं अपने कमरे से ही सब कुछ सुन रहा था लेकिन जब पिताजी ज्यादा ही चिल्लाने लगे तो मैं बाहर गया बाहर जाते ही पिताजी ने मुझे भी कहा कि तुम तो बेवजह ही हमारी छाती पर बोझ बनकर बैठे हुए हो। यह बात मेरे दिल पर लग गई मैं पढ़ने में कभी भी अच्छा नहीं था इसलिए मेरे पिताजी को मुझसे हमेशा से ही इस बात को लेकर परेशानी रहती थी कि मैं पढ़ने में औरों की तरह क्यों नहीं हूं। मैं अपने कमरे में आकर चुपचाप बैठ गया और पिताजी मां को खरी-खोटी सुना रहे थे मैं सब कुछ सुन रहा था। जब पिताजी अपने काम पर जा रहे थे तो उन्होंने जाते वक्त मुझे कहा कि घर में बैठ बैठ कर सांड हो गए हो लेकिन तुमसे कुछ काम नहीं हो पाता। उन्होंने मुझे कहा कि तुम जा कर राशन ले आना और यह कहते हुए वह चले गए मैं मां के पास गया तो मां कहने लगी कि तुम्हारे पिताजी के साथ शादी कर के तो मैंने बहुत बड़ी गलती की ना जाने वह मुझे क्यों इतना सुनाते रहते हैं।

पिताजी का स्वभाव ही ऐसा था इसलिए उन्हें कुछ कहना मूर्खता थी लेकिन पिताजी की बात मेरे दिल पर लग चुकी थी और मैंने भी अब फैसला कर लिया था कि अपने जीवन में मैं कुछ कर के दिखाऊंगा। मैंने अपनी मां से कहा कि मां मुझे कुछ पैसों की जरूरत होगी तो मां कहने लगी कि राजेश बेटा मैं पैसों की मदद तो नहीं कर सकती लेकिन मैं तुम्हारे मामा जी से कह सकती हूं वह तुम्हारी मदद कर सकते हैं। मुझे अपने पिताजी से तो कुछ उम्मीदें नहीं थी क्योंकि यदि मैं उनसे पैसों के लिए कुछ भी कहता तो शायद वह मुझ पर ही गुस्सा हो जाते इसलिए मैंने उनसे इस बारे में कुछ भी नहीं कहा। मेरी मां कहने लगी कि राजेश बेटा तुम जा कर राशन ले आओ मां ने मुझे कुछ पैसे दिए और मैं दुकान में चला गया और वहां से मैं राशन लेकर घर लौटा जब मैं घर लौटा तो मां ने मुझे कहा कि मैं तुम्हारे मामा जी को फोन कर देती हूं। मैंने मां से कहा हां आप मामा जी को फोन कर दीजिए मां ने मामा जी को फोन कर दिया और जब मैंने मामा जी से बात की तो मां ने मुझे कहा कि तुम्हारे मामा ने तुम्हें मिलने के लिए बुलाया है।

मैंने भी सोचा कि मामा जी से मिलने के लिए चले जाता हूं और मैं मामा जी से मिलने के लिए चला गया मैं जब उनसे मिलने के लिए गया तो वह मुझे कहने लगे कि राजेश बेटा तुम कैसे हो। मामा जी मुझे बचपन से ही अच्छा मानते थे और वही एक थे जो कि मुझे समझते भी थे मैंने मामा जी से कहा मामा जी अब आपको क्या बताऊं पढ़ाई लिखाई में अच्छा ना होने की वजह से कहीं नौकरी भी नहीं मिल पा रही है और अब तो पिताजी भी मुझे बात-बात पर ताने मारने लगे हैं मुझे तो बिल्कुल भी यह बात अच्छी नहीं लगती मैं सोच रहा हूं कि कुछ काम करूं लेकिन मेरे पास पैसे नहीं है तो मैंने मां से कहा था कि वह आपसे बात करें। मामा जी कहने लगे कि राजेश बेटा पैसे तो मैं तुम्हें दे दूंगा लेकिन तुम मुझे यह तो बताओ कि तुम क्या काम शुरू करने वाले हो उसके बाद तो मैं तुम्हें पैसे दे पाऊंगा। मैंने मामा जी से कहा मामा जी मैंने अभी तो इसके बारे में कुछ भी नहीं सोचा है लेकिन आप यदि पैसों को लेकर मेरी मदद करने को तैयार है तो मुझे थोड़ा समय दीजिए मैं जरूर कुछ ना कुछ सोच लूंगा और उसके बाद ही आपसे पैसे लूंगा क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मैं आपके पैसे लौटा ना ना पाऊं। मामा जी मेरे पिताजी के स्वभाव को अच्छे से जानते थे और उन्होंने मुझे कहा कि तुम्हारे पिताजी अब भी वैसे ही हैं तो मैंने उन्हें कहा मामा जी आप तो पिताजी को जानते ही हैं ना कि वह कैसे हैं। मामा जी इसी वजह से हमारे घर पर भी नहीं आते क्योंकि वह जब भी घर आते हैं तो पिताजी मां को ना जाने क्या कुछ कहते हैं और मामा जी को यह बात बिल्कुल भी पसंद नहीं आती। अब समय तेजी से बीता जा रहा था लेकिन अभी तक मुझे कुछ समझ नहीं आ पाया था कि मुझे ऐसा क्या करना चाहिए जिससे कि मैं मामा जी से पैसे ले पाऊं और उनके पैसे भी समय पर लौटा दूं मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए। एक दिन मैं दुकान पर खड़ा था मैं जब दुकान पर खड़ा था तो उसी वक्त वहीं पर एक व्यक्ति आये और वह दुकानदार से कहने लगे कि भैया क्या आपको साबुन की डीलरशिप लेनी है लेकिन दुकानदार ने कोई रुचि नहीं दिखाई।

मैं उस व्यक्ति की तरफ देखता रहा और जब वह व्यक्ति वहां से जाने वाला था तो मैंने उससे कहा कि भैया आप कुछ डीलरशिप की बात कर रहे थे तो क्या आप मुझे समझायेंगे कि आखिरकार आप किस चीज की डीलरशिप दे रहे हैं। उन्होंने अपने बैग में से अपने साबुन के प्रोडक्ट को निकाल कर मुझे दिखाया और कहा कि यह हम लोग खुद ही बना रहे हैं मैंने उसे कहा आप मुझे पूरी बात समझाइए और आपकी डीलरशिप यदि मैं लेता हूं तो उसके लिए मुझे क्या कुछ करना होगा। उन्होंने मुझे कहा कि आपको थोड़े बहुत पैसे मुझे देने पड़ेंगे और उसके बाद आप काम शुरू कर सकते हैं लेकिन काम में बहुत ज्यादा मेहनत है उन्होंने मुझे यह पहले ही समझा दिया था मैंने उन्हें कहा कोई बात नहीं मैं मेहनत से नहीं घबराने वाला। उन्होंने मुझे कहा कि ठीक है तो फिर आप थोड़े पैसे जमा करवा दीजिएगा उन्होंने मुझे अपने ऑफिस का पता दिया और मैंने भी मामाजी से कुछ पैसे ले लिये और मैं उन व्यक्ति से मिलने के लिए चला गया। मैं जब उनसे मिलने के लिए गया तो उन्होंने कुछ कागज पर मुझसे दस्तखत करवा लिए और उसके बाद मैंने काम शुरू कर दिया।

मैंने अब काम शुरू कर दिया था और शुरुआत में तो मुझे काफी नुकसान हो रहा था मुझे तो लग ही नहीं रहा था कि शायद मैं यह काम कर भी पाऊंगा लेकिन मैंने अपने आप पर भरोसा रखा और थोड़ा समय काम को दिया तो मेरा काम अब अच्छा चलने लगा था। थोड़े ही समय बाद मैंने मामा जी को उनके पैसे लौटा दिए मेरे पिताजी अब मुझे कुछ नहीं कहते थे क्योंकि उनसे मेरी मुलाकात ही कम हो पाती थी मैं इस बात से बहुत खुश था कि मेरा काम भी अच्छे से चलने लगा है और अब सब कुछ ठीक हो चुका है। मां भी कहने लगी कि बेटा तुमने बहुत मेहनत की और मैं चाहती हूं कि तुम ऐसे ही मेहनत करते रहो और अपने जीवन में तरक्की करते रहो। मैं अपने जीवन में तरक्की करता जा रहा था और मैंने दुकान में कुछ काम करने वाले भी रख लिए थे क्योंकि जिस जगह मैंने सामान रखा था वहां पर अब मुझे लग रहा था कि शायद सामान वहां पर अच्छे से नहीं आ पा रहा है इसलिए मैंने नया गोडाउन लेने की सोची। मैंने अब नया गोडाउन ले लिया और वहीं से मैं अब काम को चला रहा था। मै अपने गोडाउन में ही बैठा हुआ था मेरे पास  काम करने वाला मनसुख आया और वह कहने लगा साहब मेरी पत्नी को भी काम करना है। मैंने उसे कहा ठीक है तुम उसे कल से आने के लिए बोल देना वह अपनी पत्नी को लेकर आया। उसकी पत्नी का हर एक अंग बड़ा ही लाजवाब था मेरी नजर तो उस पर थी लेकिन मुझे मौका नहीं मिल पा रहा था। मैं भी एक जवान लड़का हूं लेकिन मुझे किसी के साथ सेक्स करने का मौका नहीं मिल पाया था परंतु अब मुझे लग रहा था कि मेरी इच्छा पूरी होने वाली है।

जब मैंने मनसुख की पत्नी को कहा बैठो वह मेरे पास आकर बैठी मैंने उससे बात की मैंने उसे पैसों का लालच दिया तो वह मेरी बातों में आ गई और मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार हो गई। मैं उसे अपने गोडाउन के पीछे ले गया वहां पर उसने मेरे लंड को मेरे पैंट से बाहर निकाला और उसे अपने मुंह में लेकर चूसने लगी उसे बहुत अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से वह मेरे लंड को चूस रही थी मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था। बहुत देर तक ऐसा ही चलने के बाद जब मैंने उसे कहा कि तुम मुझे अपनी चूत को दिखाओ तो उसने अपनी साड़ी को ऊपर किया मैंने उसकी पैंटी को उतारते हुए उसकी गांड और चूत को देखा। मैंने उसकी चूत को देखा तो उस पर एक भी बाल नहीं था मैं सोचने लगा कि मनसुख के पास ऐसा माल कहां से आया।

मैंने जब उसकी चूत को चाटा तो उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मुझे इतना टाइट माल मिल पाएगा लेकिन जब मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर प्रवेश करवाया तो वह चिल्ला उठी मेरा मोटा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया। मेरा लंड बडी आसानी से उसकी चूत में प्रवेश हो चुका था मुझे एहसास हो रहा था उसकी चूत कितनी ज्यादा टाइट है। मैंने उसकी गोरी चूतड़ों को कस कर पकड़ा हुआ था मैं उसे लगातार तेजी से चोद रहा था मुझे उसे चोदने में मजा आ रहा था। मैंने उसे कहा तुम्हारे साथ तो आज मुझे सेक्स करने में बड़ा मजा आ रहा है वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी आपके साथ भी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है। जब उसने मुझसे यह बात कही तो मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और उसके मुंह के अंदर प्रवेश करवा दिया वह मेरे लंड को चूसने लगी। उसने मुझे पूरी तरीके से गर्म कर दिया मेरा वीर्य ना जाने कब उसके मुंह के अंदर गिर गया मुझे पता ही नहीं चला लेकिन उसने मुझे पूरी तरीके से खुश कर दिया था और मैं उसकी चूत मार कर बहुत खुश था। जब भी मुझे उसे चोदने का मन होता तो मै उसे छुट्टी दे दिया करता था और उसे चोदने उसके घर पर चला जाता था, उसकी चूत मारने मे मजा बडा आता।


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