मां ने आखिर लडकी को रंडी बना दिया

Maa ne akhir ladki ko randi bana diya:

Antarvasna, hindi sex stories महिमा की मां शकुंतला ने जो परवरिश उसे दी थी वह अब महिमा के जीवन में भी आडे आने लगी थी क्योंकि शकुंतला ने महिमा को कभी अच्छी परवरिश नहीं दी। उसकी मां ने हमेशा ही उसके दिल में जलन का भावना रखी जिससे कि महिमा को भी आगे चलकर तकलीफ होने लगी थी। महिमा की शादी को हुए ज्यादा समय नहीं हुआ था महिमा की शादी को सिर्फ 5 वर्ष ही हुए थे। मैं उसकी सहेली पायल हूं मुझे महिमा की हर एक बात के बारे में जानकारी रहती है इसलिए मैं आपको महिमा और उसके जीवन से जुड़ी हुई हर एक बात बताने जा रही हूं हालांकि मैं अपनी सहेली को जानती हूं वह दिल की बुरी नहीं है। उसकी मां शकुंतला की वजह से ही यह सब हुआ है मेरी और महिमा की दोस्ती उस वक्त हुई जब हम लोग कक्षा 5 में पढ़ते थे।

महिमा का परिवार उस वक्त गांव से शहर आया था और उसे ज्यादा कुछ जानकारी नहीं थी लेकिन जब उससे मेरी दोस्ती होने लगी तो हम दोनों ही अच्छी सहेलियां बनती चली गई। हम लोगों ने अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद महिमा अब शहर के सारे तौर-तरीके सीख चुकी थी मैं महिमा के घर पहली बार कक्षा 12वीं में थी। उस वक्त जब मैं उसके घर पर गई तो मुझे बहुत अच्छा लगा क्योंकि उसकी मां शकुंतला मुझसे बड़े प्यार से बात कर रही थी लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि महिमा की मां बिल्कुल ही अलग प्रवृत्ति की हैं वह किसी को भी बरर्दाश्त ही नहीं कर पाती थी। यह बात मुझे उस वक्त पता चली जब मैं कॉलेज में थी क्योंकि महिमा और मेरी अच्छी दोस्ती थी तो हम लोगों को एक दूसरे के घर पर आना जाना था। महिमा के बड़े भैया जो कि अपनी पढ़ाई के लिए हमारे पड़ोसी राज्य में चले गए थे और वह वही पढ़ाई कर रहे थे वह अपने बी टेक की पढ़ाई करने के लिए हमारे पड़ोसी राज्य में चले गए थे। महिमा और मैं साथ में ही पढ़ा करते लेकिन महिमा जब मुझे अपने घर पर ले जाती तो उसकी मां शकुंतला को देखकर मुझे थोड़ा अजीब सा महसूस होता क्योंकि मुझे लगता था कि जैसे वह मुझे पसंद नहीं करती हैं। इस बात का अंदाजा मुझे उस वक्त हुआ जब मै बाथरूम में गई हुए थी और महिमा की मम्मी ना जाने उसके कान में क्या कुछ कह रही थी।

जब मैं बाथरूम से बाहर आई तो शायद उन्होंने मुझे देखा नहीं वह मेरे बारे में काफी कुछ गलत कह रही थी परंतु महिमा मेरे बारे में कभी ऐसा नहीं सोचती थी उसने कभी अपने दिमाग में मेरे लिए कुछ गलत नहीं सोचा था। उस दिन के बाद मुझे यह एहसास हो चुका था कि महिमा की मम्मी शकुंतला बिल्कुल भी अच्छी महिला नहीं है मैंने महिमा के घर जाना ही छोड़ दिया था। महिमा मुझसे कई बार कहती कि तुम मेरे साथ मेरे घर पर नहीं आती हो तो मैं महिमा को कोई ना कोई बात कह कर टाल देती थी। समय बड़ी तेजी से चलता जा रहा था और ना जाने कब महिमा की शादी का समय नजदीक आ गया कुछ मालूम ही नहीं पड़ा। महिमा की शादी होने वाली थी जब महिमा की शादी तय हो चुकी थी तो उसने मुझे अपने होने वाले पति से भी मिलवाया। वह देखने में बड़े ही अच्छे और एक अच्छे परिवार के थे वह एक अच्छे पद पर थे वह किसी सरकारी ऑफिस में अधिकारी के पद पर थे। महिमा भी इस रिश्ते से बहुत खुश थी और उसके चेहरे की चमक ही बयां करती थी कि वह इस रिश्ते से कितनी ज्यादा खुश है। महिमा देखने में बहुत सुंदर है और इसी वजह से शायद उसका यह रिश्ता सुनील के साथ हो पाया था। सुनील और महिमा एक दूसरे को बहुत पसंद करते थे उन लोगों की शादी जल्दी ही होने वाली थी मैं उन दोनों की शादी में गई थी शादी काफी धूमधाम से हुई। उसके कुछ ही समय बाद महिमा और सुनील के बीच में ना जाने किस बात को लेकर झगडे शुरू हो गए हम दोनों की आपस में बिल्कुल भी नहीं बनती थी जिस वजह से महिमा की मां शकुंतला परेशान रहती थी और शायद शकुंतला ही इन सब के पीछे थी। उन्होंने जो बीज अपनी बेटी महिमा के मन में बोया था वह अब बड़ा होने लगा था महिमा अपने सास ससुर और सुनील की बहन रेखा को बिल्कुल पसंद नहीं करती थी।

जिस वजह से सुनील और महिमा के बीच में झगडे होने लगे थे मुझे महिमा हर एक बात बताया करती। मैने महिमा को समझाने की कोशिश की लेकिन वह मेरी बातों को समझने वाली कहां थी उसके दिल और दिमाग पर पूरी तरीके से सिर्फ उसकी मां शकुंतला का बोया हुआ बीज था जो पूरी तरीके से बड़ा हो चुका था। महिमा इस बात से परेशान रहने लगी थी वह मुझे कई बार कहती थी कि मुझे क्या करना चाहिए मैंने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन मेरी बात वह मानने की कोशिश तो करती पर ऐसा हो ना सकता। इस बात से परेशान होकर एक दिन वह मेरे पास ही आ गई और मुझे कहने लगी मैंने सुनील के साथ तलाक लेने के बारे में सोच लिया है अब मैं उसके साथ नहीं रह सकती थी। हम दोनों बात कर ही रहे थे उस वक्त सुनील का फोन मेरे नंबर पर आया और वह पूछने लगे रेखा क्या तुम्हारे पास आई है? मैंने पहले तो कुछ देर तक सोचा मैं क्या बोलूं लेकिन फिर मैंने मना कर दिया और कहा नहीं सुनील महिमा तो मेरे पास नहीं आई है। मुझे उस दिन सुनील से झूठ बोलना पड़ा महिमा मेरे साथ ही थी मैंने महिमा से कहा देखो महिमा सुनील तुमसे बहुत प्यार करते हैं और तुम्हे उनके साथ ऐसा नहीं करना चाहिए उनकी जिम्मेदारी तुम्हें लेकर भी उतनी ही है जितनी कि उनके परिवार को लेकर है। तुम उनकी बहन रेखा और उनके माता-पिता के साथ यदि अच्छे से व्यवहार करोगी तो वह तुम्हारे साथ अच्छे से रहेंगे सुनील के जैसे लड़का मिल पाना आजकल संभव नहीं है।

महिमा इस बात को समझती तो थी लेकिन जब भी वह अपनी मम्मी से बात करती तो उसकी मम्मी ना जाने महिमा के दिमाग में गलतफहमी पैदा कर देती जिससे कि आखिरकार महिमा का घर पूरी तरीके से बर्बाद हो गया। सुनील और महिमा अब एक दूसरे से अलग हो चुके थे लेकिन महिमा मुझसे मिलने के लिए आती रहती थी परंतु उसके चेहरे पर वह खुशी नहीं थी जो पहले थी। उसे हमेशा लगता कि यह सब सुनील की वजह से ही हुआ है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं था सुनील से मेरी मुलाकात उसके बाद भी कई बार हुई। सुनील मुझे कहने लगे रेखा मैं अब भी महिमा को स्वीकार करने के लिए तैयार हूं क्योंकि मुझे मालूम है कि आजकल जमाना कितना खराब है यदि किसी लड़की का तलाक हो जाता है तो उसे कोई भी शादी नहीं करता। सुनील के साथ इतना कुछ हो जाने के बाद भी वह महिमा को स्वीकार करने के लिए तैयार थे लेकिन महिमा सुनील के साथ रहना ही नहीं चाहती थी। महिमा का शादीशुदा जीवन पूरी तरीके से बर्बाद हो चुका था। अब वह उस रास्ते पर चल पड़ी थी जिस पर कि उसे कभी नहीं जाना चाहिए था लेकिन उसकी मजबूरी थी और उसके पास अब और कोई रास्ता नहीं था। उसकी मम्मी शकुंतला ने उसे अपनी तरह ही बना दिया था वह भी ना जाने किस-किस के लंड अपनी चूत में लेने लगी थी। एक रोज वह मुझे मिली तो मुझे उसने सारी बात बताई और कहने लगी आजकल 25 वर्ष का एक नवयुवक के साथ मेरा संबंध चल रहा है। मैंने उसे समझाया तुम यह मत किया करो लेकिन वह तो पूरी अपनी मां जैसी हो चुकी थी उसे लंड लेने की आदत हो चुकी थी।

मैंने फिर सोचा मैं भी महिमा से पूछे लू वह उस नवयुवक के साथ में कैसे सेक्स संबंध बनाती है। मेरे अंदर भी इस बात को लेकर बड़ी बेचैनी थी कि आखिरकार वह कैसे एक नए लड़के के साथ सेक्स करती है। उसने मुझे अपनी बात बताई और कहां कैसे पहली बार उसने उसके साथ अपने शारीरिक संबंध बनाए वह मुझसे कहने लगी जब पहली बार हम लोगों ने सेक्स संबंध बनाए तो उस दिन में चाहती थी कि वह मेरे साथ बाथरूम के बाथ टब में सेक्स करें। वह इस बात के लिए राजी हो गया क्योंकि उसका पहले ही मौका था उसने पहले कभी किसी लड़की के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाए थे। मैं बड़े ध्यान से महिमा की बात सुन रही थी महिमा बड़े चटपटे अंदाज में मुझे अपनी बात बता रही थी। महिमा ने मुझे कहा कि उसका लंड मैंने अपने हाथों में लिया तो वह मेरे हाथ की मुट्ठी में अच्छे से नहीं आ रहा था मैंने फिर भी उसे हिलाना जारी रखा और अपने मुंह के अंदर ले लिया। काफी देर तक मैंने उसके युवा लंड को अपने मुंह में लिया और उसे चूसकर अपना बना लिया। महिमा ने बताया कि जब उसने उसे बाथटब के अंदर चोदना शुरू किया तो उसके मुंह से बड़ी तेज आवाज निकल रही थी वह उस लडके के लंड को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी लेकिन उसे मजा भी आ रहा था।

महिमा ने बताया कि उस लड़के ने उसे जब बाथटब से बाहर निकाल कर उसे घोड़ी बना दिया तो वह घोडी बना कर चोद रहा था जैसे कि कोई भूखा शेर हो। उसने काफी देर तक महिमा की चूत मारी और उसकी चूत से पानी बाहर निकाल कर रख दिया। मैंने महिमा से कहा यह तो तुमने बहुत अच्छा किया जो उस नौजवान के साथ अपनी इच्छा को पूरा किया। क्या तुम अब आगे भी उसी के साथ सेक्स संबंध बनाती रहोगी या कुछ सोचा है? महिमा कहने लगी मैंने इस बारे में कुछ नहीं सोचा है अभी हमारे पड़ोस में एक अंकल आए हैं वह बड़े ही तंदुरुस्त है और मेरी मम्मी शकुंतला के साथ उनका रिलेशन चल रहा है। मेरी भी नजर उन पर ही है और कुछ समय बाद मैं उनके साथ भी सेक्स कर लूंगी महिमा को सिर्फ सेक्स करने की आदत हो चुकी थी वह इसके अलावा कोई बात ही नहीं करती थी। वह सिर्फ अपनी चूत की खुजली मिटाने में ही लगी रहती थी और ना जाने उसने अपने जीवन को क्यों बर्बाद कर लिया था शायद महिमा की मां का असर था उसकी मां ने उसे जुगाड बना दिया था।


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