लंड तो पति का ही लूंगी

Antarvasna, kamukta:

Lund to pati ka hi lungi यह काफी समय पहले की बात है जब मैं अपने कॉलेज में पढ़ा करती थी उस वक्त मैं राजेश को बहुत पसंद करती थी। राजेश मेरे साथ ही पढा करता था और राजेश से मेरी काफी अच्छी बात भी थी राजेश और मैं बहुत अच्छे दोस्त थे। राजेश से मैं अपने दिल की बात कहना चाहती थी लेकिन मैं राजेश से कुछ कह ना सकी। राजेश से मैं अपने दिल की बात इसलिए नही कह पाई क्योकि मुझे लगा कि कहीं राजेश को मेरी बात का बुरा ना लग जाये इस वजह से मैं चुप थी। हमारे साथ एक लड़की पढा करती थी उसका नाम निधि था, निधि ज्यातर हमारे साथ ही रहा करती थी और उससे हमारी अच्छी दोस्ती हो गयी। कॉलेज के दौरान अक्सर मुझे ऐसा लगता था कि जैसे राजेश भी मुझे पसंद करने लगा है लेकिन हुआ कुछ और ही। राजेश और निधि को जब भी समय मिलता तो वह दोनों अक्सर साथ मे ही रहा करते थे और कभी कबार राजेश निधि को उसके घर तक छोड़ने भी जाया करता था। पहले तो मुझे इस बात का कोई अंदाजा नही था कि राजेश और निधि के बीच कुछ हो सकता है लेकिन जब वह दोनों ज्यातर समय साथ मे गुजारने लगे तो तब मुझे उन पर शक होने लगा। जब भी राजेश और निधि साथ मे होते थे तो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नही लगता था मुझे उस वक्त निधि पर बहुत गुस्सा आता था और मैं राजेश से भी कम बात किया करती थी।

धीरे धीरे उन दोनों की नजदीकियां बढ़ने ही लगी थी वह जहां भी जाते साथ मे ही जाते थे यह सब देखकर मैं अपने गुस्से पर मुश्किल से काबू कर पाती थी। हमारा कॉलेज भी पूरा होने वाला था और राजेश को मेरे प्यार का अहसास तक नही हुआ। मैं राजेश के लिए हर वह चीज करने को तैयार रहती जो उसे चाहिए होती थी लेकिन फिर भी राजेश ने कभी मेरे दिल की आवाज नही सुनी। मैंने राजेश को दिल से सच्चा प्यार किया था लेकिन राजेश को इस बात की कोई खबर ही नही थी। राजेश हमेशा निधि के बारे में ज्यादा सोचा करता था और उसने हमेशा निधि का ही साथ दिया मुझसे तो जैसे उसे कोई फर्क ही नही पड़ता था। जब हम लोगों का कॉलेज पूरा हो गया तो राजेश और निधि एक दूसरे के इतने ज्यादा करीब आ चुके थे कि राजेश को मुझसे कोई फर्क ही नहीं पड़ता था। राजेश ने निधि से शादी करने का फैसला भी कर लिया था क्योंकि राजेश की एक अच्छी कंपनी में जॉब लग गई थी। राजेश की एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब लग गई और फिर राजेश और निधि के बीच प्यार बहुत ज्यादा बढ़ने लगा था। राजेश और निधि ने फैसला किया कि वह दोनों एक हो जाएंगे। जब मुझे पता चला कि उन दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया है तो मुझे यह बात बहुत बुरी लगी लेकिन मेरे पास अब और कोई रास्ता भी नहीं था। राजेश की शादी अब निधि से होने वाली थी तो मैं इस बात से बहुत ज्यादा दुखी हो गई थी और मैं बहुत परेशान भी रहने लगी थी मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि मेरी जिंदगी में अब सब कुछ खत्म हो चुका है। मेरे परिवार वाले भी मुझे देखकर हमेशा कहते कि आशा बेटा तुम बहुत ही ज्यादा परेशान रहती हो लेकिन मैं उन्हें कुछ भी नहीं बता सकती थी मेरे पास उन्हें बताने के लिए कुछ भी नहीं था।

मेरी जिंदगी में जैसे सब कुछ खत्म हो चुका था मुझे ऐसा लगा जैसे कि मेरी जिंदगी में सब खत्म हो चुका है। मेरे परिवार वालों ने अब मेरी शादी अपने ही दोस्त के बेटे आकाश के साथ तय कर दी मेरी जिंदगी में राजेश के चले जाने के बाद मैं पूरी तरीके से टूट चुकी थी और अब आकाश के साथ मेरी शादी तय हो चुकी थी। मेरी सगाई हो जाने के बाद हम लोगों की शादी का दिन भी तय हो गया, मुझे इस बात का कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था कि मेरी शादी आकाश के साथ हो रही है। मैं अपनी शादी से बिल्कुल भी खुश नहीं थी लेकिन मुझे किसी ऐसे की जरूरत भी थी जो कि मुझे समझ सके और शायद आकाश ही वह थे जो मुझे अच्छे से समझने लगे थे। समय बीतने के साथ-साथ आकाश और मैं एक दूसरे को समझने लगे थे हालांकि मैं आकाश को प्यार नहीं करती थी लेकिन फिर  भी मैं आकाश से शादी करने को तैयार थी। हम दोनों की शादी का दिन तय हो गया और जब हम दोनों की शादी हुई तो मैं अपनी शादी के दिन यही सोच रही थी कि क्या आकाश और मेरा रिलेशन सही से चल पाएंगे या नहीं। मेरी शादी आकाश के साथ हो जाने के बाद आकाश ने मुझे बहुत ही अच्छे से समझा और वह मुझसे हमेशा पूछा करता की आशा तुम बहुत ही ज्यादा परेशान रहती हो। मैं आकाश के साथ ज्यादा बात नहीं किया करती थी लेकिन अब आकाश के साथ मैं ज्यादा घुलने मिलने लगी थी और मुझे भी आकाश के साथ अब अच्छा लगने लगा था। हम दोनों एक दूसरे का साथ बहुत ही अच्छे से दे रहे थे और फिर हम दोनों के बीच प्यार भी होने लगा था।

शादी के काफी समय बाद मैंने भी आकाश को राजेश के बारे में बताया था आकाश ने मुझसे कहा कि देखो आशा तुम अब इस बारे में भूल जाओ और अब हम दोनों को आगे बढ़ना चाहिए। मैंने भी आकाश की बात मान ली थी क्योंकि आकाश मुझे बहुत ही ज्यादा प्यार करते थे और वह मुझे बहुत ही अच्छी तरीके से समझते थे जिससे कि मुझे आकाश का साथ बहुत ही ज्यादा पसंद आता। आकाश भी काफी ज्यादा खुश रहते थे आकाश मेरी हर खुशी का ध्यान रखते और वह बहुत ही ज्यादा अच्छे हैं। मैं भी आकाश के साथ काफी ज्यादा खुश थी आकाश और मैं एक दूसरे के साथ रिलेशन में है। आकाश और मेरे बीच प्यार तो था ही लेकिन हम दोनों के बीच हमेशा ही बहुत अच्छी बोंडिग थी इसलिए जब भी मुझे लगता मुझे आकाश की जरूरत है तो आकाश हमेशा मेरा साथ दिया करते। आकाश कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस के किसी काम से बाहर गए हुए थे। आकाश कि मुझे बहुत ज्यादा याद आ रही थी मेरा मन हो रहा था मैं आकाश के साथ समय बितांऊ लेकिन मैं आकाश के साथ समय तो नहीं बिता सकती थी क्योंकि वह अपने ऑफिस के टूर से गए हुए थे। मैंने जब आकाश को फोन किया तो आकाश ने मुझे कहा आशा क्या हुआ? मैंने आकाश को कहा मुझे तुम्हारी बहुत ज्यादा याद आ रही है आकाश मुझे कहने लगे मैं कल घर लौट आऊंगा। मैंने आकाश को कहा कल आप घर लौट आएंगे? वह मुझे कहने लगे हां मैं कल जरूर घर आ जाऊंगा और अगले दिन शाम के 7:00 बजे आकाश घर आ गए थे।

जब मैंने आकाश को देखा तो मैंने आकाश को किस किया इस बात से वह खुश हो गए थे। वह कहने लगे लगता है आज तुम बड़ी ही मूड में नजर आ रही हो। मैंने आकाश को कहा अब आपको जो भी लगे लेकिन मुझे आपका साथ बहुत ही अच्छा लगता है। आकाश ने मुझे अपनी गोद में उठाया और वह मुझे बेडरूम में लेकर चले गए। आकाश मुझे बेडरूम में लेकर गए जब आकाश मुझे अपने साथ बेडरूम में लेकर गए तो मैंने आकाश को किस करना शुरू कर दिया आकाश को बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा था। आकाश को अब इतना ज्यादा मजा आ रहा था कि वह एक पल के लिए भी रह नहीं पा रहे थे। उन्होंने मेरे बदन से सारे कपड़े उतार दिए मैं आकाश के सामने नंगी लेटी हुई थी। मेरी तडप पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी और मेरी चूत से पानी निकलने लगा था मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी। मैंने अपने पैरों को चौड़ा कर लिया जब मैंने अपने पैरों को चौड़ा किया तो आकाश ने मेरी योनि को चाटना शुरू किया। आकाश ने मेरी योनि को तब तक चाटा जब तक मेरी चूत से पूरी तरीके से पानी बाहर नहीं आ गया। मेरी चूत से काफी ज्यादा पानी बाहर की तरफ आने लगा था और मैं बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगी थी। मैंने आकाश के लंड को कुछ देर तक अपने मुंह में लेकर सकिंग किया। मै जब आकाश के लंड को महसूस कर रही थी तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और आकाश को भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था।

मेरे अंदर की गर्मी बढ़ चुकी थी और आकाश के अंदर की गर्मी भी अब बढ़ चुकी थी इसलिए आकाश ने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया और जैसे ही आकाश का मोटा लंड मेरी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो मैं बहुत ही ज्यादा जोर से चिल्लाने लगी और आकाश मुझे कहने लगे लगता है तुम्हें मेरे लंड को अपनी चूत में लेना था। मैंने आकाश को कहां मुझे आपके लंड को अपनी चूत में लेना था। आकाश ने मुझे बहुत ही तेजी से चोदना शुरु कर दिया मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। मैने आकाश से कहा मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है आप मुझे बस ऐसे ही धक्के देते जाओ। आकाश मुझे कहने लगे मुझे तुम्हे धक्के देने में मजा आ रहा है और मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं जब तुम्हें इस प्रकार से धक्के मार रहा हूं। आकाश मुझे बड़ी जोरदार तरीके से धक्के मार रहे थे मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। मैंने अपने पैरों को चौड़ा किया हुआ था आकाश ने मुझे बहुत देर तक चोदा। जिस से मेरे अंदर की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी और मेरी योनि से पानी निकलने लगा था मैं समझ चुके थी मेरी चूत से बहुत ज्यादा पानी निकलने लगा है इसलिए मैं ज्यादा देर तक अपने आपको रोक नही पाऊंगी। मैने आकाश को अपने पैरों के बीच में जकडना शुरु किया जिससे कि आकाश और मेरे अंतरंग संबंध से जो गर्मी पैदा हो रही थी उससे आकाश का माल मेरी योनि में गिर गया और आकाश ने मेरी इच्छा को पूरा कर दिया। उस दिन मेरी गर्मी को आकाश ने बुझा दिया था। मैं बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी जिस प्रकार से आकाश ने मुझे चोदा। मुझे आकाश के लंड को लेकर मजा आ जाता मुझे ऐसा लगता जैसा मैं किसी जन्नत में पहुंच गई हूं और मुझे बहुत ही अच्छा लगता। इस वजह से मैं आकाश के साथ सेक्स करने के बारे में हमेशा सोचती।


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