लंड शोभिता की चूत में

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Lund shobhita ki chut me भैया की शादी के दिन मेरी मुलाकात कंचन के साथ हुई कंचन मेरी क्लास में ही पड़ती है और कंचन से मैं काफी समय बाद मिल रहा था। कंचन से मिलकर मुझे अच्छा लगा और कंचन को भी मुझसे मिलकर काफी अच्छा लगा था। हम दोनों की ज्यादा देर तो बातें हो नहीं पाई लेकिन थोड़ी देर ही हम दोनों की बातें हुई फिर उसके बाद मैंने कंचन से उसका नंबर ले लिया था। कंचन से काफी समय से मैं संपर्क में नहीं था लेकिन उस दिन मैंने कंचन का नंबर ले लिया था और कंचन से मैं बातें करने लगा था। जब भी कंचन से मेरी फोन पर बातें होती तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगता था और कंचन को भी अच्छा लगता। एक दिन कंचन और मैं एक दूसरे को मिले जब हम दोनों साथ में एक दूसरे को मिले तो हम दोनों बड़े ही खुश थे। मैं बहुत ज्यादा खुश था और कंचन भी काफी खुश थी लेकिन उस दिन जब कंचन ने मुझे बताया कि उसकी फैमिली ने उसके लिए एक लड़का देखा है तो मेरा दिल टूट गया।

मैं चाहता था कि कंचन से मैं शादी करूं लेकिन शायद अब यह संभव नहीं था मैंने उस दिन के बाद कभी भी कंचन को अपने दिल की बात नहीं कही थी और ना ही मैं उससे कभी अपने दिल की बात कहना चाहता था। कंचन मुझसे बहुत दूर जा चुकी थी और अब कंचन की सगाई हो चुकी थी इसलिए मैं भी कंचन से काफी कम बातें किया करता था हम लोगों की बातें कम ही हुआ करती थी। जब भी हम दोनों एक दूसरे से बातें करते तो एक दूसरे के हाल चाल ही पूछा करते लेकिन अब सब कुछ बदलने लगा था क्योंकि कंचन की शादी हो चुकी थी और कंचन मुझसे काफी समय से संपर्क में नहीं थी। कंचन और मैं एक दूसरे के संपर्क में नहीं थे और मैं अपने काम पर भी पूरी तरीके से ध्यान नही दे पा रहा था।

मैंने पापा के बिजनेस को संभाल लिया था और मैं उनके बिजनेस को और भी आगे बढ़ाना चाहता था। पापा का गारमेंट का काम है और वह पिछले 40 वर्षों से यही काम कर रहे हैं लेकिन अब मुझे लगने लगा था कि मुझे पापा के काम को संभाल लेना चाहिए। मैंने पापा के काम को संभाल लिया जिससे कि पापा और मैं अपने काम को और भी आगे बढ़ाना चाहते थे। भैया अब अलग रहने लगे थे भैया और मेरे बीच काफी अच्छी बनती है लेकिन भैया ने अपना नया स्टार्टअप खोल लिया था जिसके बाद से वह सिर्फ घर पर मिलने के लिए ही आया करते थे। जब भी भैया घर पर आते तो सब लोग बड़े ही खुश होते और मुझे भी काफी अच्छा लगता जब भी मैं भैया से मिलता हूं। काफी लंबा समय हो गया था मैं और भैया एक दूसरे को मिले भी नहीं थे और जब मैं उस दिन भैया को मिलने के लिए उनके घर पर गया तो भैया ने मुझे बताया कि वह लोग शिमला घूमने का प्रोग्राम बना रहे हैं।

भैया और भाभी शिमला घूमने के लिए जाने वाले थे तो मैंने भैया से कहा कि भैया क्यों ना हम लोग फैमिली टूर बनाये और मैं पापा और मम्मी से भी इस बारे में बात कर लेता हूं। भैया ने कहा कि अगर पापा मम्मी भी हमारे साथ चलने के लिए तैयार है तो इससे बढ़कर क्या हो सकता है। मैंने जब पापा से इस बारे में बात की तो पापा भी तैयार हो चुके थे और हम सब लोग शिमला घूमने के लिए जाना चाहते थे। जब हम लोग शिमला घूमने के लिए गए तो सब लोग बड़े ही खुश थे और मुझे भी काफी अच्छा लगा जब हम लोग सब साथ में थे। हम लोग पूरी फैमिली के साथ शिमला में थे और वहां पर हम लोगों ने खूब इंजॉय किया।

शिमला में करीब एक हफ्ते तक हम लोग रहे और एक हफ्ते के बाद जब हम लोग वापस लौट आए तो मैं अपने काम में बिजी हो चुका था मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता था और ना ही पापा को समय मिल पाता था। पापा और मैं काम को और भी आगे बढ़ाना चाहते थे और हम लोग चाहते थे कि हम लोग  अपना गारमेंट के बिजनेस को और भी आगे बढ़ाएं इसलिए हम लोग अलग अलग शहरों में अपने बिजनेस को बढ़ाना चाहते थे। अभी तक हम लोग सिर्फ दिल्ली में ही काम कर रहे थे लेकिन अब हम लोग दूसरी जगह पर भी काम करना चाहते थे इसके लिए मैंने काफी मेहनत की और पापा इस बात से बड़े खुश थे। बिजनेस अब काफी ज्यादा बढ़ चुका था और पापा बड़े ही खुश थे कि बिजनेस अब बहुत ज्यादा बढ़ने लगा था।

मेरी फैमिली चाहती थी कि मैं अब शादी कर लूं तो मैंने भी उनकी बात मान ली और जब मैं पहली बार शोभिता से मिला तो मुझे शोभिता से मिलकर बहुत ही अच्छा लगा। शोभिता बड़ी ही बिंदास किस्म की हैं और वह एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती है। शोभिता और मेरी पहली मुलाकात अच्छी रही और अब हमारी फैमिली हम दोनों की शादी करवाने के लिए तैयार थे। जल्द ही हम दोनों की शादी हो गई और शोभिता मेरी पत्नी बन चुकी थी। जब शोभिता और मैं साथ में होते तो हमें काफी अच्छा लगता और हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करने लगे थे। मैं शोभिता को पूरी तरीके से टाइम देने की कोशिश करता और जब हम दोनों साथ में होते तो हम दोनों बड़े ही खुश होते हैं। हमारी शादी को 6 महीने से ऊपर हो चुका था और हम दोनों की शादी शुदा जिंदगी अच्छे से चल रही थी।

शोभिता अभी भी अपनी उसी कंपनी में जॉब कर रही थी जिसमें वह पहले कर रही थी और शोभिता की जॉब भी अच्छे से चल रही थी। मैं बड़ा खुश था और शोभिता भी बहुत खुश है कि हमारी शादी शुदा जिंदगी अच्छे से चल रही है। बहुत दिनों से हम दोनों साथ में कहीं घूमने के लिए नहीं गए थे तो मैंने सोचा कि क्यों ना मैं शोभिता के साथ मूवी देखने के लिए जाऊं। उस दिन रविवार का दिन था और हम दोनों ने साथ में जाने का फैसला किया तो हम दोनों मूवी देखने के लिए चले गए। हम दोनों सुबह के वक्त घर से निकले थे और साथ में हम दोनों अच्छा समय बिताना चाहते थे। शोभित और मैंने मूवी देखी और वह दिन हम दोनों का बड़ा ही अच्छा रहा हमे पता ही नहीं चला कि कब शाम हो गई। शाम को जब हम लोग घर लौटे तो मैं काफी ज्यादा थक चुका था और शोभिता भी बहुत ज्यादा थकी हुई थी लेकिन हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगा था जिस तरीके से हम दोनों ने साथ में अच्छा टाइम स्पेंड किया और हम दोनों बड़े ही खुश थे।

हमारे बीच प्यार बहुत ज्यादा है। एक दिन मैं और शोभिता साथ में थे उस दिन हम दोनो घर पर थे। हम दोनो एक दूसरे को बांहो मे भरने के लिए तडप रहे थे। मैंने शोभिता को बांहो मे भर लिया और मैंने उसके स्तनो को दबाना शुरु कर दिया था। वह मेरा साथ दे रही थी और मेरी गोद मे बैठ गई थी। हम दोनो सेक्स करने के लिए तड़प रहे थे। मैंने शोभिता के होंठो पर अपने होंठो को सटा दिया था। शोभिता और मुझे मजा आ रहा था हम दोनों की गर्मी बढती जा रही थी। मैंने शोभिता के होंठो से खून निकाल दिया और मैंने शोभिता से कहा हमे बेडरूम मे चलना चाहिए। हम दोनो बेडरूम मे आ गए थे। मैं शोभिता के गुलाबी होठों को अब भी चूस रहा था और उसकी आग को बढा रहा था और वह भी तडप रही थी। वह अपने पैरो को आपस मे मिलाकर मेरी गर्मी को बढा रही थी। मै शोभिता के कपडे उतार चुका था।

मैं शोभिता के स्तनो को चूसने लगा और उसके स्तनो को चूसकर मुझे मजा आ रहा था वह तडप रही थी। मैंने शोभिता के निप्पलो को बहुत अच्छे से चूसा और शोभिता की आग बढा दी। मैंने शोभिता के सामने अपने लंड को किया तो शोभिता ने मेरे लंड को अपने हाथो मे ले लिया और कुछ देर हिलाने के बाद मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया। वह अब मेरे लंड को अच्छे से सकिंग करने लगी थी। वह मेरे मोटे लंड से पानी भी निकाल रही थी और उसको मेरे लंड को चूसने मे मजा आ रहा था। शोभिता ने मेरे लंड को चूसकर लाल कर दिया था अब हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढा दिया था। मैं शोभिता की चूत मारने के लिए तैयार हो चुका था। मैंने शोभिता की योनि पर अपने लंड को सटाया तो मेरा लंड गिला हो चुका था।

मैंने अपने लंड को शोभिता की चूत मे डालना शुरू किया। मेरा लंड अब शोभिता की चूत मे जाने को तैयार हो चुका था। मैंने उसने पैरों को खोल दिया था। जब मेरा लंड उसकी योनि के अंदर गया तो वह जोर से चिल्लाई और बोली मेरी चूत मे दर्द हो रहा है। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैं शोभिता को तेजी से धक्के मार रहा था और शोभिता को भी मजा आ रहा था। हम दोनों बहुत ज्यादा गर्म होने लगे थे। मैं शोभिता को तेजी से चोद रहा था और वह जोर से चिल्ला रही थी। हम दोनो सेक्स का जमकर मजा ले रहे थे मैं शोभिता को तेजी से चोद रहा था। मेरा मोटा लंड शोभिता की चूत के अंदर बाहर हो रहा था। अब मेरा वीर्य मेरे लंड तक आ चुका था। मैंने अपने वीर्य को शोभिता की चूत मे गिरा दिया था।


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