लंड पहली बार लिया

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Lund pahli baar liya मदन भैया कहने लगे आरोही जल्दी से तैयार हो जाओ मैंने भैया से कहा भैया बस 10 मिनट में तैयार हो रही हूं लेकिन मैं अभी तक तैयार नहीं हो पाई थी मेरी मां कमरे में आई और कहने लगी कि आरोही बेटा तुम अभी तक तैयार क्यों नहीं हुई हो हम लोगों को देर हो रही है। मैंने मां से कहा मां बस थोड़ी देर में तैयार हो जाती हूं मां ने भी मेरी मदद की और मैं तैयार हो गई। मुझे तैयार होने में आधा घंटा लग चुका था भैया बहुत गुस्सा हो रहे थे हम लोग अब जल्दी से कार में बैठकर अपने मामा जी के घर पहुंच गए। हम लोग जब अपने मामा जी के घर पहुंचे तो वह हमारा इंतजार काफी देर से कर रहे थे मामा जी कहने लगे कि मैं तुम लोगों का इंतजार कब से कर रहा था। शायद किसी के पास भी कुछ बोलने की वजह नहीं थी मैंने मामा जी से कहा मामा जी मुझे तैयार होने में समय लग गया तो मामा जी कहने लगे कि अच्छा बेटा यह सब तुम्हारी वजह से ही हुआ है।

मैंने मामा जी को कहा हां मामा जी मेरी वजह से ही सब लोगों को देर हो गई। मामा जी काफी दिनों से हम लोगों को घर पर मिलने के लिए बुला रहे थे लेकिन हम लोग घर पर नहीं जा पाए थे मामा जी का मम्मी के प्रति बहुत प्यार है और वह मम्मी को बहुत ज्यादा मानते हैं। मां मामा जी की हमेशा तारीफ करती रहती हैं मामा जी का अपना बिजनेस है और वह काफी वर्षों से अपना बिजनेस कर रहे हैं मदन भैया भी एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते हैं। मेरे कॉलेज की पढ़ाई अभी कुछ समय पहले ही खत्म हुई है और फिलहाल तो मैं घर पर ही हूं। हम लोग मामा जी के घर पर ही थे उस दिन हम लोग उनके घर पर ही रुकने वाले थे अगले दिन जब हम लोग अपने घर के लिए लौटे तो भैया कहने लगे कि मुझे अभी ऑफिस के लिए निकलना होगा। मैंने भैया से कहा भैया लेकिन आज तो आपकी छुट्टी है तो भैया कहने लगे कि हां मेरा थोड़ी देर का कुछ काम है फिर मैं जल्दी लौट आऊंगा। भैया जल्दी से तैयार हुए और वह ऑफिस के लिए निकल गए मैं घर पर अकेली ही रहती थी और कभी अपनी सहेलियों से बात कर लेती जब भी मैं उनसे बात करती तो मेरा थोड़ा बहुत मन बहल जाया करता था।

मेरी सहेली दीपिका ने मुझे बताया कि वह गुंजन की सगाई में जा रही है तो मैंने दीपिका से कहा लेकिन गुंजन ने तो मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं बताया दीपिका कहने लगी कि इस बारे में तो मैं कुछ कह नहीं सकती कि उसने तुम्हें क्यों नहीं बताया। जैसे ही मैंने फोन रखा तो गुंजन का फोन आया और गुंजन मुझे कहने लगी कि आरोही मैं तुम्हें कब से फोन करने की कोशिश कर रही हूं लेकिन तुम्हारा फोन लग ही नहीं रहा है। मैंने गुंजन से कहा गुंजन मैंने सुना है कि तुम्हारी सगाई होने वाली है तो गुंजन मुझे कहने लगी कि हां आरोही मेरी सगाई होने वाली है इसलिए तो मैं तुम्हें फोन कर रही थी मैं तुम्हें अपनी सगाई में बुलाना चाहती हूं। मैंने गुंजन से कहा तुम्हारी सगाई कब है गुंजन ने मुझे कहा कि मेरी सगाई बस दो दिनों बाद है और तुम्हें जरूर आना है। गुंजन ने जब मुझे आने के लिए कहा तो मैंने गुंजन को कहा ठीक है गुंजन मैं जरूर तुम्हारी सगाई में आऊंगी। मैंने गुंजन से करीब आधे घंटे तक बात की गुंजन ने मुझे बताया कि उसकी अचानक सगाई करने के पीछे उसके परिवार वाले हैं उसके परिवार वालों ने उसके लिए लड़का देख लिया था जिसे कि वह मना ना कर सके और वह सगाई के लिए मान गई। अब वह सगाई करने के लिए तैयार हो चुकी थी दो दिन बाद मैं गुंजन की सगाई में शामिल होने के लिए चली गई और जब मैं गुंजन की सगाई में गई तो उस वक्त मेरी और भी सहेलियां वहां मुझे मिली लेकिन मेरे लिए सबसे अच्छा तो तब था जब मेरी बात रोहन से हुई। रोहन गुंजन के रिश्ते में भाई लगता है वह गुंजन का दूर का कोई रिश्तेदार है रोहन से बात करके मुझे अच्छा लगा रोहन की बातें मुझे बहुत अच्छी लगी और उसकी बातों ने मुझे बहुत प्रभावित किया। रोहन एक कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं और वह जिस प्रकार से मुझसे बात कर रहे थे मुझे उनकी बातें बहुत ज्यादा प्रभावित कर रही थी। मैं और रोहन एक साथ बैठे हुए थे रोहन ने मेरा नंबर भी ले लिया था हालांकि मैं रोहन को अपना नंबर नहीं देना चाहती थी परंतु फिर भी मैंने रोहन को अपना नंबर दे दिया। जब मैंने रोहन को अपना नंबर दिया तो रोहन ने मुझे कहा कि मैं आपको कल फोन करूंगा।

मैं अब घर लौट चुकी थी मेरा दिल और दिमाग दोनों ही मेरा साथ नहीं दे रहे थे मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए लेकिन कहीं न कहीं मैं भी रोहन के फोन का इंतजार कर रही थी। जैसे ही मेरे फोन पर घंटी बजी तो मैंने अपने फोन की तरफ देखा मेरे फोन में किसी अननोन नंबर से कॉल आ रहा था पहले तो मैंने फोन उठाया नहीं परंतु काफी देर बाद जब मैंने फोन उठाया तो रोहन ने मुझे कहा कि मैंने तुम्हें कहा था कि मैं तुम्हें कल जरूर फोन करूंगा इसलिए मैंने तुम्हें फोन किया। रोहन ने जब मुझे यह कहा तो मैंने रोहन से बात की रोहन से उस दिन मेरी बात काफी देर तक होती रही। हम दोनों की पहली बार ही फोन पर बात हो रही थी मुझे रोहन के साथ बात करना बहुत अच्छा लगा उसके बाद तो जैसे यह सिलसिला बढ़ता ही चला गया और मैं रोहन के साथ बात करती रही। हम लोगों की बात अक्सर फोन पर देर तक हुआ करती हम दोनों एक दूसरे के बहुत नजदीक आते चले गए मुझे नहीं मालूम था कि हम दोनों जल्द ही एक दूसरे से मिलेंगे। जब हम दोनों पहली बार एक दूसरे से मिले तो मुझे रोहन से मिलकर बहुत अच्छा लगा रोहन और मैं साथ में बैठे हुए थे हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे उनके बारे में मुझे काफी कुछ चीजें पता चल चुकी थी।

रोहन से मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा और उसके बाद तो जैसे यह सिलसिला बढ़ता ही जा रहा था जब भी हम दोनों एक दूसरे से नहीं मिलते तो मुझे बड़ा ही अजीब सा महसूस होता है ऐसा लगता कि जैसे कोई चीज मेरे जीवन में अधूरी रह गई हो इसलिए मैं हर रोज रोहन से मिला करती यदि कभी रोहन से मेरी मुलाकात नहीं हो पाती तो हम लोग फोन पर बातें कर लिया करते थे। अब रोहन और मेरे बीच बहुत ज्यादा नजदीकियां बढ़ती जा रही थी और रोहन भी इस बात से बहुत खुश थे कि हम दोनों के बीच इतनी नजदीकियां बढ़ चुकी है कि हम दोनों एक दूसरे के बिना अब रह ही नहीं पा रहे थे। हम लोग हर रोज एक दूसरे को मिलने की पूरी कोशिश किया करते। मैं और रोहन एक दूसरे को हमेशा ही मिला करते थे रोहन ने एक रोज मुझे घर पर बुलाया उस दिन घर पर कोई नहीं था शायद हम दोनों के लिए यह अच्छा था क्योंकि रोहन और मेरे बीच आज से पहले कभी भी सेक्स की बात नहीं हुई थी लेकिन जब उस दिन रोहन ने मेरी जांघ पर अपने हाथ को रखा तो मेरे अंदर की गर्मी बढने लगी मेरे शरीर से जो गर्माहट बाहर निकल रही थी उसे मै रोक नही पा रही थी मैं अपनी जवानी की दहलीज पर थी इसलिए तो रोहन मेरी चूत मारना चाहता था। रोहन भी अपने आपको बिल्कुल रोक ना सका जब रोहन ने अपने लंड को बाहर निकालते हुए मेरे सामने किया तो मैं उसके लंड को देखते हुए कहने लगी तुम्हारा लंड कितना मोटा है। रोहन ने मुझे कहा तुम मेरे लंड को अपने हाथ में ले लो मैंने जब रोहन के लंड को हाथ में लिया तो उसकी गर्मी से मुझे साफ महसूस हो रहा था कि वह कितना ज्यादा गर्म हो चुका है। मैं उसके लंड को हिलाने लगी मुझे मजा आने लगा मैं रोहन के लंड को हिलाकर मुठ मारती तो रोहन बड़ा ही खुश नजर आता। रोहन मुझे कहने लगा कसम से आज तो मजा ही आ रहा है।

बहुत देर तक हम दोनों एक दूसरे का साथ ऐसे ही देते रहे लेकिन जब मैंने उसके लंड को अपने मुंह के अंदर समाया तो रोहन अपने आपको बिल्कुल रोक ना सका वह मुझे कहने लगा मैं बिल्कुल भी अपने आपको रोक नहीं पाया हूं। यह कहते हुए उसने मेरे बदन से कपड़े उतारे और जब उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए तो उसने मेरी ब्रा को भी उतारा, पहली बार ही मैं किसी के सामने नग्न अवस्था में थी। जब रोहन ने मेरे स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह मेरे स्तनों को बड़े अच्छे से दबा रहा था जिस प्रकार से रोहन ने मेरे स्तनों का रसपान किया उससे मेरे अंदर की गर्मी और बढ़ने लगी थी। वह मेरा साथ बड़े अच्छे से दे रहा था रोहन ने मेरे स्तनो पर अपने प्यार की निशानी छोड़ दी थी। मैंने रोहन को कहा तुम मेरी चूत को चाटो, रोहन ने मेरी चूत को जैसे ही चाटना शुरू किया तो मेरी चूत से पानी बाहर की तरफ को निकल आया था रोहन मेरी चूत से निकलते हुए गर्म पानी को अपने मुंह के अंदर लेता।

मेरे लिए यह पहला ही अनुभव था लेकिन मैंने रोहन को कहा रोहन आज तुम मुझे अपना बना लो। रोहन ने भी मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाना शुरू किया रोहन को काफी मेहनत करनी पडी और मुझे भी बहुत दर्द हुआ। जब रोहन का लंड मेरी चूत के अंदर गया तो मेरी चूत के अंदर रोहन का मोटा लंड जाते ही मेरी चूत से खून निकल आया और रोहन के लंड को मैंने चूत मे ले लिया था। उसके लंड को जब मैंने अपनी चूत मे लिया तो मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था वह भी बहुत खुश था जिस प्रकार से वह मुझे चोद रहा था मैने उसका साथ बडे अच्छे तरीके से दिया। उसने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया वह मुझे तेजी से चोद रहा था उससे मेरे अंदर की गर्मी को बढा दिया था। मेरे अंदर की गर्मी अब इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सकी रोहन ने मुझे कहा मैं अपने वीर्य को तुम्हारी चूत मे गिरा रहा हूं। रोहन ने अपने वीर्य को मेरी चूत में गिरा दिया मेरी चूत से अभी तक खून निकल रहा था। रोहन को मेरे साथ सेक्स करने में बड़ा मजा आया। उसने मेरी सारी गर्मी को मिटा कर रख दिया मुझे बहुत ही अच्छा लगा जिस प्रकार से रोहन के साथ मैंने सेक्स का मजा लिया उसके बाद तो यह सिलसिला आम हो गया हम दोनों जब भी मिलते तो एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा जरूर लिया करते।


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