लंड ले लो और चूत दे दो रानी

Lund le lo aur chut de do rani:

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यह कहानी एक ऐसी लड़की की है जिसने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करते हुए आगे बढ़ी। और हिम्मत बनाए रखी। इस लड़की का नाम प्राची है। प्राची मेरठ की रहने वाली है। वह एक छोटे घर की लड़की है लेकिन सपने उसके बहुत बड़े थे। इन्हीं सपनों को पूरा करने के लिए वह मेरठ से मुंबई जा पहुंची। प्राची के घर में उसके मां पिताजी और एक छोटा भाई था। प्राची ने अपनी पढ़ाई मेरठ में ही पूरी की थी। वह एक साधारण और सिंपल लड़की थी। उसे किसी से ज्यादा बात करना भी पसंद नहीं था। वह अपने में ही और अपने सपनों मैं ही खोई रहती थी। एक दिन प्राची मुंबई जाने की जिद करती है। लेकिन उसके घर वाले मना करते हैं। क्योंकि उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि जो वह प्राची को मुंबई भेज सकें। उन्होंने सारे पैसे दोनों भाई बहनों की पढ़ाई में लगा दिए। और बाकी के बचे हुए पैसे प्राची की शादी के लिए रखे हुए थे। लेकिन प्राची को शादी नहीं करनी थी। उसे अपने सपने पूरे करने थे। और अपने परिवार वालों को इस गरीबी से निकालकर एक अच्छी जिंदगी देनी थी। प्राची की इसी जिद के आगे उसके घर वाले उसे मुंबई भेजने को तैयार हो गए।

मुंबई में प्राची का कॉलेज का फ्रेंड रहता था। उसी के सहारे प्राची मुंबई गई। प्राची के मुंबई जाने के बाद उसे वहां के तौर तरीके सीखने थे। और लोगों से खूब खुलकर बातें करनी थी। जो प्राची के लिए बहुत ही मुश्किल था। वह एक साधारण सी और गुमसुम रहने वाली लड़की थी। लेकिन उसके दोस्त विनय ने पहले तो उसके लिए रहने की व्यवस्था की और उसके बाद प्राची को मुंबई का रहन सहन सिखाया। और लोगों से घुल मिलकर बातें करना सिखाया। विनय जब भी उसे लेकर बाहर जाता तो वह लोगों के बीच जाकर घबरा सी जाती थी और लोगों से बात करने पर नर्वस हो जाती थी। विनय ने प्राची को कई बार समझाया लेकिन वह ऐसी ही थी उसे और मेहनत की जरूरत थी। वह प्राची को मुंबई के लोगों की तरह रहना सिखा रहा था। वह चाहता था कि प्राची भी इन्हीं लोगों की तरह खुलकर जिए। ताकि अपने सपनो को पूरा कर सके। वह उसे रोज बाहर लेकर जाता और अपने दोस्तों से मिलाता। ताकि वह उनसे बात कर सके। जब प्राची सबसे घुल मिलकर रहना सीखेगी तभी वह अपने सपनों को पूरा कर सकती है। विनय ने प्राची को बहुत समझाया कि तुम घबराया मत करो। लेकिन प्राची को इन सब से बहुत दिक्कत होती थी। उसके लिए यह बहुत ही मुश्किल था। फिर धीरे-धीरे विनय ने प्राची को मुंबई के तौर तरीके सिखाए और वहां के लोगों से बातें करना सिखाई। अब प्राची खुद ही अकेले बाहर जाया करती और लोगों से मिला करती थी। इस बात से विनय को बहुत खुशी हुई। अब विनय चाहता था कि प्राची कुछ करें अपने पैरों पर खड़ी हो सके और प्राची भी यही चाहती थी। प्राची मॉडल बनना चाहती थी। उसने मॉडल बनने के लिए क्या कुछ नही किया। जब वह इंटरव्यू के लिए कही जाती तो लोग उसे देखने लग जाते तो वह थोड़ा घबराने लगती।

विनय  ने प्राची की घबराहट दूर करने के लिए उसे अपने घर पर बुलाया। वह कहने लगा कि तुम लोगों से इतना क्यों डरती हो। यह घबराना छोड़ दो और अपने काम में ध्यान दो। जितना तुम लोगों से डरोगी लोग तुम्हें उतना ही डराएंगे। लेकिन प्राची विनय से कहने लगी कि मुझे बहुत डर लगता है। लोगों से मिलने में और मुझसे यह सब नहीं हो पा रहा है। लेकिन विनय ने भी ठान ली थी कि प्राची को यह सब सिखा कर ही रहूंगा। उसे किस तरीके से लोगों से डील करनी है। विनय ने प्राची की कमर पर हाथ रखना शुरू कर दिया और प्राची को वह थोड़ा अनकंफर्टेबल लगा। वह घबराने लगी विनय ने धीरे से उसके स्तनों पर भी हाथ रख दिया। जैसे-जैसे विनय ने उसके स्तनों पर हाथ रखा तो उसे काफी घबराहट महसूस हो रही थी। विनय ने उसकी योनि में हाथ फेरना शुरू कर दिया। यह सब उसे अच्छा नहीं लग रहा था पर फिर भी उसे एक मुकाम हासिल करना था। तो उसके लिए वह चुपचाप खड़ी रही। उसके बाद वनय ने उसके सूट के अंदर से ही उसकी योनि में हाथ डाल दिया। उसकी योनि को दबाने लगा। उसकी योनि में बहुत सारे बाल थे। विनय उन बालों को अपने हाथों से रगड़ता और ऐसा करते करते वह उसकी योनि में उंगली डालता चला गया। उसकी योनि बहुत टाइट थी। उसकी उंगली जाने में भी बहुत दिक्कत हो रही थी। लेकिन उसने अपनी उंगली उसकी योनि में डाली थी। अभिनय की उंगली पूरी गीली हो चुकी थी वह काफी खुश था। विनय ने प्राची को कहा कि तुम अपने सारे कपड़े उतार दो। उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए। विनय ने कहा पैंटी और ब्रा भी उतार दो। प्राची विनय के सामने एकदम नंगी खड़ी थी। विनय ने कहा कि तुम मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ो और हिलाना शुरू कर दो। प्राची ने जैसे ही उसके लंड पर हाथ लगाया तो वह कहने लगी यह तो बहुत ही ज्यादा गर्म है। प्राची जैसे-जैसे विनय का लंड हिलाती जाती तो उसका खड़ा हो जाता। उसका लंड पूरा खड़ा हो गया।

प्राची ने उसे देखा कि यह तो बहुत बड़ा है। विनय ने प्राची कि योनी में हाथ फेरना शुरू किया और उसकी योनि दोबारा से गीली हो गई। विनय ने उसके स्तनों से रसपान करना शुरू किया। उसके स्तन बहुत ही बडे और अच्छे थे। जिससे विनय को काफी अच्छा लग रहा था और वह उसके स्तनों से रसपान कर रहा था और कभी उसके निप्पलों को अपने मुंह में लेता और कभी उसके पेट में किस कर देता। विनय ने उसके होठों पर भी किस करना शुरू कर दिया। जैसे जैसे वह उसके होठों पर किस करता। प्राची को भी अच्छा लगने लगा था। प्राची ने भी उसे किस करना शुरू कर दिया और प्राची के अंदर कॉन्फिडेंस थोड़ा सा जागने लगा। विनय ने प्राची की योनि में अपना लंड रगड़ना शुरु किया। जैसे ही वह उसकी योनि में लंड रगडंता तो उसे अच्छा प्रतीत होता। उसकी योनि पूरी की पूरी गीली हो गई थी। विनय ने प्राची की योनि में अपने लंड को डालना शुरू किया। जैसे ही उसने उसकी योनि में अपने लंड को डाला। प्राची की चूत बहुत टाइट थी। विनय ने फिर भी झटका मारना चालू रखा। जैसे ही उसने बड़ी तेजी से झटका मारा था। उसका लंड पूरा अंदर तक चला गया और उसने उसके स्तनों को बड़ी जोर से दबा दिया। जिससे की प्राची की आवाज निकल पड़ी और उसे ऐसा प्रतीत हो रहा था। मानो उसकी योनि में कुछ चुभ रहा है गर्म सा उसे यह काफी अच्छा भी लग रहा था। अब वह भी विनय का साथ दे रही थी। विनय ने धक्का मारना शुरू किया तो जैसे ही वह धक्के मारता जाता। तो प्राची भी उसका पूरा साथ देती और उसे बहुत अच्छा लगने लगा। जब तक  विनय ने उसकी योनि को रगडता रहा। लंड और चूत से जो गर्मी पैदा हो रही थी। उससे प्राची की आवाज निकल रही थी। प्राची विनय से कहती कि तुम्हारा तो बहुत मोटा और बड़ा भी है। प्राची ने विनय से पूछो मेरी छोटी सी योनि में कैसे तुम्हारा लंड चला जाता है। विनय ने कहा कि यही तो बात है। तुम्हारी योनि में तो सबकुछ जा सकता है। विनय उसे पकड़कर धक्के मारता रहा।

थोड़ी देर में विनय ने अपनी पोजीशन को बदला और उसको अपने ऊपर बैठाते हुए उसके चूतड़ों को पकड़ते हुए ऊपर नीचे करने लगा। जिससे काफी अच्छा लग रहा था। प्राची भी अपनी चूतड़ों को हिलाने लगी थी। वह अपनी गांड को ऊपर नीचे करती जाती। जिससे उसे भी काफी अच्छा लगता। ऐसा करते करते उन दोनों का झड़ने वाला था। विनय ने भी अपना वीर्य उसकी योनि में डाल दिया। जैसे ही उसने अपने लंड को उसकी योनि से बाहर निकाला। प्राची की योनि से उसके अपना लंड बाहर निकाला तो उसके पैरों पर से माल टपक रहा था। वह कहने लगी आज मेरा थोड़ा सा कॉन्फिडेंस मेरे अंदर आ गया है। मैंने इस बात से बहुत खुश था। लेकिन इस सब के बाद प्राची एक कॉल गर्ल बन चुकी थी। जिससे कि उसके पास पैसा भी आ चुका था। पर उसके पास अभी कॉन्फिडेंस की कमी थी।

एक दिन जब प्राची का सलेक्शन हुआ तो वहां उसके साथ कि और लड़कियां उसे चिढ़ाती। वह लडकिया उसे नीचा दिखती लेकिन प्राची बहुत ही टेलेंटेड लड़की थी। उसकी तारीफ वहां के कुछ लोग भी करते थे। लेकिन  कुछ  लड़कियों को प्राची से दिक्कत होती थी। वह उसे छोटे शहर की और मिडिल क्लास लड़की कहकर चिड़ाते। प्राची को वहां बहुत कुछ सहना पड़ता था। लेकिन वह आगे बढ़ती गयी। उसने हिम्मत नही हारी। उसके मां बाप भी प्राची से बहुत खुश थे। और इस सपने को पूरा करने में विनय ने प्राची की मदद की।

 


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