लंड की प्यास बुझ गयी आखिर

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Lund ki pyas bujh gayi akhir मेरी फैमिली दिल्ली में शिफ्ट हो चुकी थी वह लोग मेरे साथ ही रहने लगे थे और मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगता जब मेरी फैमिली मेरे साथ रहने लगी थी। कुछ समय तो मैं अकेला ही रहा लेकिन अब पापा और मम्मी के मेरे साथ आ जाने से मैं काफी खुश हूं और वह लोग भी बहुत ज्यादा खुश है। पापा के रिटायरमेंट के बाद वह लोग मेरे साथ दिल्ली में ही रहने लगे दिल्ली में हम लोगों ने अब एक घर खरीद लिया था और हम लोग वहां रहने के लिए चले गए। कुछ समय तक हम लोग किराए के घर में रहे और फिर हम लोग अपने घर में शिफ्ट हो गए। जिस कॉलोनी में मैं रहता हूं उसी कॉलोनी में एक दिन मुझे संगीता मिली। संगीता का परिवार लखनऊ में ही रहा करता था और वह लोग हमारे पड़ोस में रहते थे लेकिन संगीता की  शादी दिल्ली में हुई और वह हमारे पड़ोस में रहने लगे थे इसलिए मैं संगीता से अक्सर मिला करता। जब भी मैं संगीता को मिलता तो मुझे काफी अच्छा लगता और संगीता को भी बहुत अच्छा लगता। एक दिन संगीता मुझे मिली तो हम दोनों बात कर रहे थे तभी उसकी सहेली भी वहां से गुजर रही थी तो संगीता ने मेरा परिचय सुषमा से करवाया सुषमा से मिलकर मुझे अच्छा लगा।

सुषमा से मेरी ज्यादा देर तक बात नहीं हो पाई लेकिन उसके बाद भी मेरी और सुषमा की बातें होती रही हम दोनों जब एक दूसरे को मिलते हैं तो हम लोग एक दूसरे से बातें जरूर किया करते थे। सुषमा भी उसी कॉलोनी में रहती थी इसलिए सुषमा के साथ मेरी काफी अच्छी दोस्ती हो चुकी थी और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी। मुझे भी बहुत अच्छा लगता जब भी मैं सुषमा से बात किया करता। एक दिन मैंने सुषमा को अपने साथ डिनर पर चलने के लिए कहा तो वह भी मेरी बात मान गई। हालांकि पहले तो उसने सोचा लेकिन फिर उसने हां कह दिया और वह मेरे साथ डिनर पर आ गई। जब सुषमा और मैं साथ में डिनर कर रहे थे तो हम दोनों एक दूसरे को जानने की कोशिश कर रहे थे। कहीं ना कहीं मैं सुषमा को पसंद करने लगा था शायद यही वजह थी कि मैंने सुषमा को अपने साथ डिनर पर इनवाइट किया था और सुषमा को भी काफी ज्यादा अच्छा लगा। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे सुषमा ने उस दिन मुझे बताया कि वह एक लड़के से प्यार करती थी लेकिन अब वह दोनों अलग हो चुके हैं। मैंने सुषमा से उसके ब्रेकअप का कारण पूछा तो सुषमा ने मुझे बताया कि जिस लड़के से प्यार करती थी वह किसी और ही लड़की से प्यार करने लगा था इस वजह से उन दोनों के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था और उन्होंने ब्रेकअप कर लिया।

मैंने सुषमा को कहा यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं हुआ तो सुषमा मुझे कहने लगी कि नहीं रोहित ऐसी बात नहीं है यह फैसला हम दोनों ने मिलकर ही लिया था। मैं और सुषमा उस दिन साथ में बैठे हुए थे तो हम दोनों को काफी अच्छा लगा और हम दोनों ने काफी लंबा समय साथ में बिताया। मुझे बहुत अच्छा लगा जिस प्रकार से मैं सुषमा से बातें कर रहा था, उसके बाद हम लोग घर लौट आये। मैंने सुषमा को उसके घर तक छोड़ा और फिर मैं अपने घर चला आया। जब मैं अपने घर आया तो मां मुझे कहने लगी कि रोहित बेटा कल तुम अपनी बहन से मिल आना मैंने मां से कहा ठीक है मां मैं कल महिमा से मिल आऊंगा। अगले दिन मैं महिमा के घर चला गया क्योंकि मेरे ऑफिस की छुट्टी थी इसलिए मैं महिमा को मिलने के लिए उसके घर चला गया था। जब मैं महिमा को मिला तो महिमा मुझसे कहने लगी कि रोहित तुमने बहुत अच्छा किया जो तुम मुझसे मिलने के लिए आये। मैंने महिमा के हालचाल पूछे तो वह भी मुझसे कहने लगी कि घर में सब कुछ ठीक है। महिमा मुझसे उम्र में एक ही वर्ष छोटी है और हम दोनों के बीच काफी ज्यादा प्यार है। मैं महिमा के साथ ही बैठा हुआ था उस दिन मैंने महिमा को सुषमा के बारे में बता दिया था और सुषमा के बारे में महिमा को भी पता चल चुका था। मैं और महिमा साथ में बातें कर रहे थे और शाम को मैं घर लौट आया था। जब मैं शाम को घर लौटा तो मां ने मुझसे कहा कि महिमा कैसी है तो मैंने मां को बताया कि महिमा ठीक है। अगले दिन से मैं अपने ऑफिस जाने लगा था, अगले दिन जब मैं अपने ऑफिस से लौट रहा था तो सुषमा मुझे हमारी कॉलोनी के गेट में मिली मैंने सुषमा से पूछा तुम कहां जा रही हो तो उसने मुझे बताया कि वह अपनी सहेली के घर जा रही है।

मैंने सुषमा को कहा कि मैं तुम्हें तुम्हारी सहेली के घर छोड़ देता हूं सुषमा मुझे कहने लगी कि नहीं मैं चली जाऊंगी। सुषमा ने टैक्सी ली और वह वहां से चली गई मैं भी घर लौट आया था। मैं जब घर लौटा तो उसके बाद मैं सुषमा से मिलना चाहता था मैंने सुषमा को फोन किया तो वह मुझे कहने लगी कि मैं अपनी सहेली के घर पर ही हूं और शायद आज मैं यहीं रहूंगी। मैंने सुषमा को कहा ठीक है हम लोग कल मुलाकात करते हैं सुषमा कहने लगी ठीक है हम लोग कल मिलते हैं। अगले दिन हम दोनों ने मिलने का फैसला किया अगले दिन हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया और काफी देर तक मैं और सुषमा साथ में बैठे हुए थे। मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा जब मैं और सुषमा एक दूसरे से बातें कर रहे थे। हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे। सुषमा ने मुझे बताया आज उसके घर पर कोई भी नहीं है। मैंने सुषमा से कहा आज मैं तुम्हारे घर पर चलता हूं। सुषमा कहने लगी ठीक है और हम दोनों सुषमा के घर पर चले गए। अब हम दोनों साथ में बैठकर एक दूसरे से बातें कर रहे थे। सुषमा के मम्मी पापा अपने किसी रिलेटिव के घर पर गए थे सुषमा घर पर अकेली थी। हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे लेकिन जब मेरा हाथ सुषमा के हाथों पर लगा तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा और सुषमा को भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था। हम दोनों को ही काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था हम दोनों बहुत खुश थे। मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नही पा रहा था।

वह भी अपने आपको रोक नहीं पा रही थी। हम दोनों एक दूसरे के होठों को आपस मे टकराने लगे थे। जब हम दोनों ऐसा करने लगे तो हम लोगों को बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा। सुषमा को भी काफी ज्यादा अच्छा लगने लगा था और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था। मैंने सुषमा के कपड़ों को उतारना शुरू किया। मैंने जब सुषमा के कपडो को खोला तो मैने उसके स्तनों पर अपने हाथ को लगाया वह उत्तेजित होने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मै बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी हूं। मैं समझ चुका था वह बिल्कुल भी रह नहीं पाएगी और ऐसा ही हुआ उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर उसे हिलाना शुरू कर दिया। जब वह ऐसा कर रही थी तो मुझे भी मजा आता और उसको भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैंने उसको कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। सुषमा ने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दिया था मैंने उसकी पैंटी को नीचे उतारते हुए जैसे ही उसकी चूत को अपनी उंगली से सहलाना शुरु किया तो मूझे मजा आने लगा। मैंने अब उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया था। जब मेरा लंड उसकी चूत के अंदर घुसा तो वह बहुत जोर से चिल्लाकर मुझे बोली मेरी चूत मे दर्द हो रहा है। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर लंड घुसा रहा हूं तुम्हें मजा आएगा। अब उसको बहुत मजा आ रहा था उसने अपने पैरों के बीच मे मुझे जकडना शुरू कर दिया था। जब वह ऐसा कर रही थी तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था और मैं उसे तीव्र गति से धक्के देने लगा था। मेरे धक्के अब और भी ज्यादा तेज होते जा रहे थे और वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है।

मैंने उसे बहुत ही अच्छे से चोदा उसकी सिसकारियां लगातार बढ़ती जा रही थी। वह मुझे कहती मुझे तुम ऐसे ही धक्के मारते रहो मेरा वीर्य बाहर की तरफ को गिर चुका था। अब जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो मैंने उस से कहा अब मुझे मजा आ गया। वह मुझे कहने लगी हां मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है लेकिन हम दोनों की इच्छा दोबारा से सेक्स करने की होने लगी और हम दोनों ने एक दूसरे को दोबारा से गर्म कर दिया था। मैंने सुषमा की योनि के अंदर अपनी उंगली को घुसाया तो मेरी उंगली उसकी योनि में जा चुकी थी। उसकी चूत से बहुत ज्यादा अधिक मात्रा में पानी बाहर निकल रहा था। अब मैंने उसे तेज गति से चोदना शुरु कर दिया मैंने उसकी चूत के अंदर लंड घुसा दिया था। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था। उसे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे तुम बस ऐसे ही धक्के मारते रहो। मैंने उसे बहुत देर तक ऐसे ही चोदा। जब मैंने उसकी योनि के अंदर अपने माल को गिराया तो वह मुझे कहने लगी आज मुझे मजा आ गया। मैंने उसे कहा आज के बाद भी हम दोनों ऐसे ही मजे लेते रहेंगे। उस दिन के बाद भी हम दोनों ने ना जाने कितनी ही बार एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाए और अपनी इच्छा को पूरा किया। मैं जब भी सुषमा के घर जाता हूं तो हमेशा ही वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार रहती है। उसकी चूत मेरे लंड को लेने के लिए अक्सर तड़पती रहती है जिस वजह से मुझे उस चोदने में बहुत मजा आता है।


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