लंड की जादूगरी ने किया कमाल

Lund ki jadugari ne kiya kamaal:

Antarvasna, hindi sex stories हर रोज की तरह मैं मुंबई के ट्रैफिक में फंसी हुई थी जब भी मैं ऑफिस से आती तो हमेशा ना जाने ऐसे ही कितनी बार समय बर्बाद हो जाया करता। ट्रैफिक में बहुत ज्यादा थकान भी हो जाती थी मैं अपनी कार से हर रोज अपने ऑफिस आना जना करती थी लेकिन जब घर पहुंचा करती तो ऐसा लगता बस बिस्तर पकड़ कर सो जाओ आखिरकार मैं घर पहुंच ही गई। मैं नहाने के लिए बाथरूम में चली गई करीब 15, 20 मिनट बाद नहा कर ऐसा लगा जैसे कि बदन को थोड़ा राहत मिल गई हो और पसीने से भी छुटकारा मिल चुका था। मैं नहा कर बाहर निकली लेकिन अब भी मेरे दिमाग में ट्रैफिक का शोर चल रहा था। मेरी मम्मी बाहर बैठी हुई थी वह मुझे कहने लगी शीतल मैं तुम्हें आज की शॉपिंग दिखाती हूं मैंने आज क्या सामान लिया है।

मैंने मम्मी से कहा बस मम्मी अभी आती हूं मैं अपने रूम में चली गई और कुछ देर बाद मम्मी के पास आई तो मम्मी ने मुझे कहां देखो बेटा मैंने यह कपड़े लिए हैं तुम्हें कैसे लग रहे हैं? मैंने मम्मी से कहा मम्मी आपकी पसंद तो बड़ी लाजवाब है आप आज भी शॉपिंग बड़े ध्यान से करती हो। मम्मी ने मुझे कहा देखो मैंने तुम्हारे लिए कुछ ज्वेलरी भी ली है। मम्मी ने मेरे लिए कुछ आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी ले ली थी वह मुझे ज्वेलरी दिखाने लगी। मैंने मम्मी से कहा मम्मी आप तो जैसे मेरी दिल की बात को समझ लेती हो मैं सोच ही रही थी कि एक आर्टिफिशल ज्वेलरी ले लूं लेकिन आप ले आई मेरा काम हो गया क्योंकि मुझे अगले हफ्ते अपनी सहेली के घर जाना है। उसकी शादी को एक वर्ष होने आया है और उसने अपने घर पर छोटी सी पार्टी रखी है उसमे हमारे ऑफिस के कुछ और दोस्त भी आने वाले हैं। मैंने जब अपने सूट के साथ वह ज्वेलरी मैच की तो जैसे ज्वेलरी मै खरीदने की सोच रही थी वैसी ही ज्वेलरी मम्मी ले आई थी। मुझे बहुत खुशी हुई मम्मी भी खुश थी मेरी आंखों से नींद गायब हो चुकी थी। मैं बार-बार वह ज्वेलरी का सेट देख रही थी। अगले हफ्ते जब मैं अपनी सहेली के घर पर गई तो वहां पर उसने छोटी सी पार्टी अरेंज की हुई थी। उसका घर काफी बड़ा है मुंबई में इतना बड़ा घर होना अपने आप में बड़ी बात है लेकिन अब भी वह मेरे साथ मेरी कंपनी में जॉब कर रही है।

मैंने कई बार पायल से कहा तुम क्यों जॉब करती हो तो वह कहती यार घर पर मेरा मन नहीं लगता इसीलिए मैं जॉब करती हूं। पायल के घर में पार्टी बड़ी ही शानदार रही उसके बाद मैं अपने घर लौट आई। घर आते हुए मुझे देर हो चुकी थी पापा मम्मी अब तक उठे हुए थे जब मैं घर पहुंच गई तो पापा ने मुझसे पूछा बेटा तुम्हें आने में बड़ी देर हो गई। मैंने पापा से कहा हां पापा मैं अपनी फ्रेंड के घर पार्टी में गई हुई थी। पापा मुझे कहने लगे बेटा मुझे मालूम है तुम्हारी मम्मी ने मुझे बता दिया था पापा कहने लगे चलो तुम अब आराम करो। पापा मम्मी अपने रूम में चले गए और मैं भी सोने के लिए चली गई मुझे उस दिन बड़ी गहरी नींद आई है, मैं सो गई। सुबह मैं उठी तो मैंने देखा ऑफिस जाने का समय हो चुका है मैंने सुबह 6:30 बजे का अलार्म लगाया था लेकिन मेरी आंखें नहीं खुली परंतु जब मेरी आंख खुली तो 7:15 बज रहे थे। मैं जल्दी से बाथरूम में गई और तैयार होकर मैंने मम्मी से कहा मम्मी मेरे लिए नाश्ता लगा दो। मम्मी ने जल्दी से मेरे लिए नाश्ता तैयार किया उसके बाद मैं अपनी कार से ऑफिस चली गई जब मैं ऑफिस पहुंची तो मुझे उस दिन ऑफिस पहुंचने में 15 मिनट लेट हो गए थे। मेरे बॉस ने मुझसे लेट आने का कारण पूछा तो मैंने उन्हें बता दिया कि सर दरअसल ट्रैफिक काफी ज्यादा था इसलिए आने में देर हो गई। उन्होंने मुझे कहां चलो कोई बात नहीं मैं अपने ऑफिस में बैठे ही थी कि तभी मेरी छोटी बहन संजना का मुझे फोन आया। मैंने संजना से कहा तुमने आज मुझे सुबह के वक्त फोन कर दिया? संजना कहने लगी हां दीदी मैं घर आ रही हूं। संजना बोर्डिंग स्कूल में पढ़ती है वह अपनी छुट्टियों में घर आ रही थी मैंने संजना से कहा अभी मैं बिजी हूं तुमसे घर पहुंच कर बात करूंगी।

संजना कहने लगी ठीक है दीदी आप मुझे घर पहुंच कर बात कर लीजिएगा मैंने फोन रख दिया। शाम के वक्त जब मैं घर पहुंची तो मैंने संजना को फोन किया संजना कहने लगी दीदी मैं घर आने वाली हूं। मैंने संजना से कहा चलो यह तो अच्छी बात है तुमसे मिले हुए काफी समय हो चुका है। मैंने जब मम्मी से कहा कि संजना आ रही है तो मम्मी कहने लगी हां मेरी उससे बात हुई थी वह कह रही थी कि उसकी स्कूल की छुट्टियां पड़ रही है और वह घर आ रही है। कुछ ही दिनों बाद संजना घर आ गई जब संजना घर पहुंची तो मैं बहुत खुश थी। मैं संजना से गले मिली और उसे कहने लगी तुमसे कितने समय बाद मिल रही हूं तो संजना भी कहने लगी दीदी आपसे भी मिले हुए काफी समय हो चुका है। मैंने संजना से कहा हां बहन तुमसे मिले हुए काफी समय तो हो ही चुका है। हम दोनों बहने बात ही कर रही थी तो मेरी मम्मी कहने लगी लगता है अब तुम दोनों बहनों को आपस में बात करने से फुर्सत नहीं मिलने वाली है यदि तुम्हें फुर्सत मिल जाए तो तुम खाना खाने के लिए आ जाना। मैंने मम्मी से कहा बस मम्मी आ गए हम लोग डाइनिंग टेबल पर गए और खाना खाने लगे। हम दोनों खाना खा रहे थे तो पापा कहने लगे संजना बेटा तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है?

वह कहने लगी पापा मेरी पढ़ाई तो अच्छी चल रही है बस यही आखरी वर्ष है उसके बाद तो मैं आप लोगों के साथ ही रहने आ जाऊंगी। पापा कहने लगे हां बेटा इस बार तुम अच्छे से पढ़ाई करना। पापा ने ना जाने क्यों संजना को बोर्डिंग स्कूल में भेज दिया था संजना और मैंने खाना खा लिया था। अब हम दोनों रूम में आ गई और आपस में बातें करने लगी तभी संजना ने मुझसे कहा कि उसे उसके स्कूल में एक लड़का बहुत पसंद है। मैंने संजना को समझाया और कहा देखो संजना तुम अभी छोटी हो यह सब ठीक नहीं है यदि पापा मम्मी को इस बारे में पता चलेगा तो वह तुम्हें बहुत डांटागे इसलिए तुम उनके सामने कभी इस बात का जिक्र भी मत करना। संजना कहने लगी हां दीदी उनसे कभी नहीं कहूंगी संजना मुझसे पूछने लगी क्या आपने भी कभी किसी को पसंद किया था। मेरी कुछ पुरानी यादें थी लेकिन अब वह धुंधली हो चुकी थी और उन्हें मैं याद भी नहीं करना चाहती थी। संजना ने जैसे मेरे अंदर एक प्यार को लेकर चिंगारी जगा दी थी और कुछ दिनों बाद मेरी सहेली ने मुझे अजय से मिलवाया। अजय और मेरे बीच अच्छी दोस्ती हो गई हम दोनों की फोन पर भी बातें होने लगी थी। हम दोनों मुलाकात भी करते थे यह मुलाकात आगे बढ़ती जा रही थी। अजय और मेरी बात होती रहती थी एक दिन हम दोनों ने घूमने का प्लान बनाया। हम दोनों घूमने के लिए एक रिसोर्ट में चले गए हम लोग सुबह के वक्त ही चले गए थे। जब हम लोग वहां पर गए तो अजय ने मुझसे पूछा क्या तुम्हें भूख लग रही है? मैंने उसे कहा हां भूख तो लग रही है हम दोनो ने दोपहर का लंच किया। हम दोनों साथ में बैठे ही हुए थे कि पास में ही एक कपल बैठकर एक दूसरे को किस कर रहा था यह सब देखकर अजय और मेरे अंदर भी फीलिंग आने लगी। हम दोनों रोमांस के मूड में आ गए अजय ने मेरे हाथ को पकड़ते हुए मेरे होठों को किस करना शुरू कर दिया मैंने भी उसे किस करना शुरू कर दिया। हम दोनों पूरी तरीके से गरम हो चुके थे तभी अजय ने वहीं रिजॉर्ट में एक रूम ले लिया हम दोनों रूम में चले गए।

यह पहला ही मौका था जब मैं किसी लड़के के साथ अकेले कहीं गई थी। अजय ने मेरे नर्म होठों को चूसना शुरू किया जब अजय ने मेरे स्तनों को दबाना शुरु किया तो में बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी। अजय मेरे स्तनों को बड़े अच्छे से दबाए जा रहा था मैं इतनी ज्यादा गरम हो गई कि मैंने अपने कपड़े उतार दिए और अजय के सामने अपने आपको मैंने समर्पित कर दिया। जैसे ही अजय ने मेरी पैंटी को उतारते हुए मेरी योनि को चाटना शुरू किया तो मै पूरी तरीके से जोश में आ गई। मैं इतनी ज्यादा उत्तेजित हो चुकी थी कि मुझसे बिल्कुल रहा नहीं जा रहा था अजय ने मुझे धक्के देना शुरू कर दिया। अजय मुझे धक्के दिए जाता तो मेरे अंदर से उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ती जाती मेरी योनि से खून का बहाव होता जा रहा था। अजय ने मेरे दोनों पैरों को चौड़ा किया और मुझसे कहने लगा शीतल तुम्हें कैसा लग रहा है? मैंने उसे जवाब देते हुए कहा पूछो मत मुझे कैसा लग रहा है बस तुम अभी मुझे धक्के देते रहो।

मेरी योनि की चिकनाई में बढ़ोतरी हो गई थी अजय भी मुझे बड़ी तेजी से चोद रहा था जिससे कि हम दोनों ही पूरी तरीके से जोश में आ जाते और एक दूसरे का साथ भरपूर तरीके से देते। मैं अपनी सिसकियो से अजय को अपनी ओर आकर्षित करती और अजय भी मुझे उतने ही तेज गति से धक्के दिए जाता। जब उसने मुझे डॉगी स्टाइल में चोदना शुरु किया तब मुझे एहसास हुआ कि अजय का लंड कितने अंदर तक जा रहा है। वह मुझे बड़े जोरदार तरीके से धक्के दिए जाता लेकिन अब अजय का वीर्य भी गिरने वाला था उसने अपने वीर्य को मेरी चूतडो पर गिरा दिया। जैसे ही उसने अपने वीर्य को मेरी चूतडो पर गिराया तो मैंने उसके वीर्य को साफ किया और अजय को गले लगा लिया। हम दोनों के बीच यह पहला ही सेक्स संबंध था लेकिन अजय के लंड ने जैसे मुझ पर जादू कर दिया था मैं उसके लिए बहुत ज्यादा पागल हो चुकी थी। अजय भी मेरे लिए उतना ही तड़पता रहता था जितना मैं उसके लिए तड़पती थी।


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