लंड चूत का मिलन होना सुखद अहसास था

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Lund chut ka milan hona sukhad ehsas tha पापा और मैं साथ में बैठे हुए थे पापा मुझसे मेरी छोटी बहन की शादी की बात कर रहे थे मेरी छोटी बहन का नाम कंचन है उसकी शादी जल्द ही होने वाली थी और हम लोग उसकी शादी की तैयारियों में लगे थे पापा ने मेहमानों की लिस्ट तैयार कर ली थी। हम लोग इसी बारे में बात कर रहे थे मां भी वहां पर आकर बैठी और मां कहने लगी कि अमित बेटा तुम खाना खा लो मैंने मां से कहा कि नहीं मां मुझे भूख नहीं है। मैं ऑफिस से देर में आया था और सब लोग तब तक खाना खा चुके थे लेकिन मां ने मुझसे दोबारा से कहा तो मैंने मां को कहा ठीक है मां मैं खाना खा लेता हूं। मैं खाना खाने लगा और खाना खाकर जब मैं पापा और मम्मी के साथ बैठा हुआ था तो हम लोग एक दूसरे से बातें कर रहे थे हम लोग चाहते थे कि कंचन की शादी बड़े ही धूमधाम से हो। कंचन की शादी अब नजदीक आ चुकी थी हम लोगों ने कंचन की शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी थी और कंचन की शादी बड़े ही धूमधाम से हुई। कंचन की शादी हो चुकी थी मेरे और कंचन के बीच में काफी अच्छी बनती है जिस वजह से हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी बातें शेयर किया करते थे। पापा और मम्मी हम दोनों की शरारत से परेशान रहते थे और वह लोग कहते थे कि तुम लोग इतने बड़े हो चुके हो लेकिन उसके बावजूद भी तुम दोनों के अंदर अभी भी बचपना है।

कंचन की शादी हो जाने के बाद वह अपने ससुराल चली गई थी और मैं घर पर अकेला ही था। मैं ऑफिस से आता तो घर पर पापा और मम्मी से थोड़ी देर बात करता और उसके बाद अपने रूम में चला जाया करता कंचन की कमी मुझे बहुत महसूस हो रही थी। एक दिन मैंने कंचन को फोन किया और कंचन से मैंने बात की जब मैं कंचन से फोन पर बात कर रहा था तो वह कहने लगी कि भैया आप कुछ दिनों के लिए मुझसे मिलने के लिए आ जाओ। मैंने उसे कहा कि तुमसे मिलने के लिए आना मुश्किल हो पाएगा तुम ही कुछ दिनों के लिए घर आ जाओ तो वह कहने लगी कि ठीक है भैया मैं इस बारे में अपने पति से बात करती हूं। कंचन कुछ दिनों के लिए घर पर आ गई जब कंचन घर पर आई तो मुझे कंचन के साथ में काफी अच्छा लग रहा था कंचन और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे कंचन कुछ दिनों तक घर पर ही रुकी और उसके बाद वह चली गई। एक दिन मैं कंचन को मिलने के लिए गया इस बात को काफी समय हो चुका था। जब उस दिन मैं कंचन को मिलने के लिए गया तो कंचन के घर पर एक लड़की आई हुई थी जिसे देखकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा। मुझे ऐसा लगा कि जैसे मैं उसे पहली नजर में ही प्यार कर चुका हूं इसलिए मैं उस लड़की के बारे में जानना चाहता था। मुझे उसके बारे में कंचन ने बताया वह कंचन के पड़ोस में रहती है और उसका नाम अनामिका है। अनामिका को मैं बहुत ही ज्यादा प्यार करने लगा था और कहीं ना कहीं उसने मुझ पर जादू कर दिया था जिसके बाद मैं चाहता था कि मैं उससे शादी कर लूं और उसके साथ मैं अपना जीवन बिताऊं। अनामिका मुझसे बात करने लगी थी अनामिका और मेरी बात कंचन की वजह से ही हो पाई और कंचन ने हम दोनों को मिलवाने में अहम भूमिका निभाई। कंचन की वजह से ही मेरे और अनामिका के बीच में इतना ज्यादा प्यार है कि हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पाते हैं और जब भी मैं और अनामिका साथ में होते हैं तो हम दोनों को ही बहुत अच्छा लगता है।

अनामिका मेरे साथ बहुत ही ज्यादा खुश है मैं उसे किसी भी प्रकार की कोई कमी महसूस नहीं होने देना चाहता हूं। अनामिका और मैं एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हैं और हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं। मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैंने अनामिका को प्रपोज कर दिया और अनामिका ने मेरे रिश्ते को भी स्वीकार कर लिया था। मेरा यह बहुत सही फैसला था कि मैंने अनामिका को अपने दिल की बात कह दी और अनामिका ने भी मेरे प्रपोज को स्वीकार कर लिया। मैं और अनामिका साथ में रहते ज्यादातर समय हम दोनों साथ में ही बिताया करते और जब भी अनामिका मेरे साथ होती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। एक दिन मैं और अनामिका साथ में बैठे हुए थे उस दिन हम दोनों कॉफी शॉप में थे अनामिका ने मुझे कहा कि अमित मुझे तुमसे कुछ बात करनी है। मैंने अनामिका को कहा अनामिका कहो ना तुम्हें मुझसे क्या बात करनी है तो अनामिका ने मुझे बताया कि उसने अपनी फैमिली में मेरे और अपने रिलेशन के बारे में बता दिया है। मुझे इस बात से कोई एतराज नहीं था कि उसने अपनी फैमिली में मेरे और अपने बारे में बता दिया था लेकिन मुझे यह डर था कि कहीं वह लोग हम दोनों के रिश्ते को मना ना करें लेकिन मेरे और अनामिका के रिश्ते को उसकी फैमिली ने एक्सेप्ट कर लिया। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश हैं और अब हम दोनों एक दूसरे को ज्यादा से ज्यादा समय देते हैं और एक दूसरे से मिलने की भी कोशिश करते है। जब भी मैं और अनामिका साथ में होते हैं और हम दोनों एक दूसरे से मुलाकात करते हैं तो हम दोनों को ही बहुत अच्छा लगता है और हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करते हैं ताकि हम दोनों एक दूसरे को खुश रख पाए और एक दूसरे से प्यार भी हम लोग बहुत ज्यादा करते हैं।

मेरे और अनामिका के बीच प्यार बहुत बढ चुका था हम दोनों के बीच सेक्स होना बाकी था। हम दोनों ने अब सगाई करने का फैसला कर लिया। जब हम दोनों की सगाई हुई तो उसके बाद एक शाम मै और अनामिका साथ में बैठे हुए थे। अनामिका और मैं एक दूसरे से बात कर रहे थे। मैं उसके होठों को चूमने लगा था। मैंने अनामिका के होंठों को चूमना शुरू कर दिया था। मै अनामिका के होठों को चूम रहा था तो उसे अच्छा लग रहा था और मैंने उसके होठों से खून निकाल दिया था। अब मैंने अनामिका की जांघों को सहलाना शुरू किया। जब मैं उसकी जांघ को सहला रहा था तो मुझे अच्छा लग रहा था और अनामिका को भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। मेरे और अनामिका के बीच अब गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैंने अनामिका को कहा तुम मेरे लंड को सकिंग कर लो। अनामिका ने मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर उसे हिलाना शुरू किया। यह अनामिका के लिए थोड़ा मुश्किल जरूर था लेकिन वह मेरे लंड को हिलाए जा रही थी। यह पहली बार था जब वह मेरे लंड को हिला रही थी और मेरी गर्मी को हो बढ़ाए जा रही थी। उसने मेरे मोटे लंड को हिलाया। वह बडे अच्छे से मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी थी। वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी उसने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दिया था। मैंने उसकी योनि को चाटना शुरू किया। मैंने जब अनामिका की चूत को चाटना शुरू किया तो अनामिका की योनि से पानी बाहर निकलता। मैंने अनामिका की चूत पर अपने लंड को रगडना शुरू किया। मैं जब अनामिका की चूत पर अपने लंड को रगडने लगा तो उसकी चूत से पानी निकल रहा था और मैंने उसके स्तनों को भी बहुत देर तक चूसा।

जब मै उसके स्तनो को चूस रहा था मुझे मज़ा आ रहा था। मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया। मैंने उसकी चूत में अपने लंड को घुसया तो बहुत जोर से चिल्ला कर मुझे बोली मुझे मजा आ गया। मैंने उसे धक्के मारने शुरू कर दिए थे। मैंने देखा अनामिका की चूत से खून निकल रहा है। उसकी योनि से खून निकलने लगा था मैं इस बात से बहुत ज्यादा खुश था वह एकदम सील पैक माल है। जिससे कि मुझे उसे चोदने में बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था वह मुझे कहती तुम मुझे ऐसे ही धक्के मारते जाओ। मैंने उसे बहुत देर तक बस ऐसे ही धक्के दिए। एक समय ऐसा आया जब मेरा वीर्य उसकी चूत में गिरने वाला था क्योंकि उसकी टाइट चूत को बर्दाश्त कर पाना अब मेरे बस की बात नहीं थी और मैंने अपने माल को उसकी चूत में गिरा कर अपनी इच्छा को पूरा कर लिया था। मेरा माल अनामिका की योनि में गिर चुका था वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। जब वह मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे चूसने लगी तो मुझे मजा आने लगा और उसे भी बड़ा मजा आ रहा था। वह बडे अच्छे तरीके से मेरे लंड को सकिंग कर रही थी और मेरी गर्मी को बढ़ाए जा रही थी। उसने मेरे लंड को दोबारा से खड़ा कर दिया।

मैंने जब अनामिका की योनि के अंदर उंगली डाली तो वह तडपने लगी और मुझे कहने लगी मेरी चूत तडप रही है। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत में लंड घुसा देता हूं। मेरा लंड उसकी योनि में जा चुका था वह बड़ी तेज आवाज में सिसकारियां ले रही थी और मुझे कहने लगी मुझे तुम ऐसे ही धक्के मारते रहो। मैंने उसकी चूत के अंदर बाहर बहुत देर तक लंड को किया उसे मज़ा आने लगा था। वह मेरा साथ अच्छे से देने लगी थी और कहने लगी मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ रही है। मैंने अनामिका की चूत को अपने माल से पूरी तरीके से भर दिया था। मेरा माल अनामिका की चूत मे जा चुका था। अनामिका को बड़ा ही अच्छा लगा जब मैंने उसकी चूत में अपने माल को गिराकर उसकी इच्छा को पूरा कर दिया था। अनामिका और मेरी अब शादी हो चुकी है। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश हैं हम दोनों जब भी एक दूसरे के साथ शारीरिक सुख का मजा लेते हैं हम लोगों को बहुत मजा आता है। अनामिका मेरे लिए बहुत ज्यादा तडपती है उसे मेरे लंड को लेने मे अब मजा आता है और वह मेरे लंड को लेने की आदी हो चुकी है।


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