लंड भाभी की चूत से टकरा गया

Antarvasna, hindi sex stories: महेश कुछ दिनों के लिए मेरे पास रहने के लिए आया महेश की जिंदगी में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था उसका डिवोर्स हो जाने के बाद वह मानसिक रूप से काफी ज्यादा परेशान हो गया था और उसके बिजनेस में हुए नुकसान से भी वह उभर नहीं पाया था इसलिए वह मेरे पास ही रहने लगा। मैं पुणे में ही जॉब करता हूं और महेश मेरे बचपन का दोस्त है हम लोग चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। महेश ने जब मुझे इस बारे में बताया तो मैंने उसे अपने पास ही बुला लिया महेश भी धीरे धीरे ठीक होने लगा था और वह अपने नुकसान से भी उभरने लगा था। मैंने महेश को कहा कि तुम पुणे में ही रह कर कोई जॉब देख लो तो महेश कहने लगा कि हां रोहन तुम यह तो बिल्कुल ठीक कह रहे हो। मैंने अब महेश के लिए जॉब देख ली थी और महेश जॉब करने लगा था महेश काफी खुश था कि वह पुणे में ही जॉब करने लगा है।

महेश की जिंदगी अब पहले से बेहतर हो चुकी थी और महेश बहूत खुश था कि अब उसकी जिंदगी पहले से बेहतर हो चली है। महेश जिस ऑफिस में काम करता था उसी ऑफिस में महेश की मुलाकात मेघना के साथ हुई और मेघना से उसकी नजदीकियां इतनी बढ़ती गई कि वह मेघना के साथ शादी करना चाहता था। हालांकि मेघना उम्र में बड़ी थी लेकिन महेश को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उसे तो किसी की जरूरत थी जो कि उसका साथ दे सके और फिर महेश और मेघना ने शादी कर ली। महेश मेघना के साथ बहुत ही खुश है और वह मेघना के साथ अपनी शादी शुदा जिंदगी अच्छे से बिता रहा है। एक दिन मैंने सोचा कि क्यों ना महेश को मैं मिल आता हूं उस दिन मैं महेश और मेघना को मिलने के लिए उनके घर पर चला गया। अब महेश मेरे साथ नहीं रहता है वह और मेघना साथ में रहते हैं उन लोगों ने कुछ समय पहले ही एक फ्लैट लिया है और वह दोनों अपनी शादीशुदा जिंदगी अच्छे से साथ में बिता रहे हैं और उन दोनों कि एक खुशी की वजह यह भी है कि उन दोनों की जिंदगी अब पहले से बेहतर हो चुकी है। मैं जब उस दिन महेश से मिला तो मैं उन लोगों से मिलकर बड़ा खुश हुआ वह दोनों कहने लगे कि हम लोग बहुत खुश हुए कि आज तुम इतने दिनों बाद हमसे मिलने के लिए आए।

मैंने महेश को कहा कि मुझे तुम दोनों को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है कि तुम दोनों की जिंदगी अब पहले से बेहतर हो चुकी है और तुम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते हो। महेश ने मुझे कहा कि कितने दिनों बाद तुम आज हमारे घर आए हो आज तुम हमारे घर से ही डिनर कर के जाना। महेश मुझे बहुत मानता है क्योंकि बुरे वक्त में मैंने महेश का बहुत साथ दिया है और महेश को यह बात अच्छे से मालूम है कि यदि मैं उस वक्त उसका साथ नहीं देता तो शायद उसकी जिंदगी में कुछ भी ठीक नहीं होता लेकिन अब महेश की जिंदगी में सब कुछ ठीक हो चुका था। उस दिन मैंने महेश के घर पर ही डिनर किया और मेघना के हाथों का बनाया खाने की मैंने उस दिन बड़ी तारीफ की क्योंकि मेघना बहुत ही अच्छा खाना बनाती है डिनर करने के बाद मैं अपने घर लौट आया। महेश से मेरी काफी कम मुलाकात हो पाती थी क्योंकि मैं अब ज्यादातर अपने काम के सिलसिले में बाहर ही रहता। मैं अपने ऑफिस के टूर से ज्यादातर बाहर ही रहता था इसलिए मेरी महेश से कम ही मुलाकात हो पाती थी। एक दिन महेश का मुझे फोन आया और वह मुझे कहने लगा की अभी तुम कहां हो तो मैंने उसे कहा कि मैं तो अभी बेंगलुरु में हूं और 2 दिन बाद वापस लौटूंगा। मैंने महेश को कहा कि क्या कुछ जरूरी काम था तो वह मुझे कहने लगा कि हां तुमसे मुझे कुछ जरूरी काम था। मैंने महेश को कहा तुम बताओ तो सही कि तुम्हें मुझसे क्या जरूरी काम था तो वह मुझे कहने लगा कि कुछ नहीं बस ऐसे ही तुमसे मिलने की सोच रहा था सोचा कि तुमसे मिलू लूँ। मैंने महेश को कहा कि फिर भी तुम बताओ तो सही कि क्या जरूरी काम था महेश कहने लगा की मैं अपना बिजनेस शुरू करने वाला हूँ और उसके लिए मुझे कुछ पैसों की मदद चाहिए थी। मैंने महेश को कहा कि मैं दो दिन बाद बेंगलुरु से लौट आऊंगा फिर हम लोग इस बारे में बैठ कर बात करते हैं महेश कहने लगा कि ठीक है जब तुम वापस आ जाओगे तो मुझे फोन कर देना। मैं दो दिन बाद वापस लौट आया था मैं जब वापस लौटा तो मैंने महेश को अपने घर पर ही बुला लिया महेश घर पर आया और मुझे कहने लगा कि रोहन मैं चाहता हूं कि मैं दोबारा से अपने बिजनेस को शुरू करूं मैंने महेश को कहा यह तो बड़ी अच्छी बात है।

महेश ने मुझसे कुछ पैसे ले लिये और उसने अपना बिजनेस शुरू कर लिया मुझे महेश पर हमेशा से ही भरोसा था और जल्द ही महेश ने अपने बिजनेस को काफी अच्छा कर लिया था और सब कुछ ठीक हो गया था। महेश का बिजनेस भी अधिक चलने लगा था और महेश ने मेरे पैसे भी लौटा दिए थे वह चाहता था कि मैं उसके बिजनेस को संभालू। महेश ने मुझे कहा कि रोहन मैं चाहता हूं कि तुम अब मेरे बिजनेस को संभालो और मैं भी महेश का बिजनेस करने लगा क्योंकि महेश मुझ पर बहुत भरोसा करता है इसलिए उसने मुझे कहा कि कंपनी में आधी हिस्सेदारी तुम्हारी भी होगी क्योंकि तुमने मेरी बहुत मदद की है। मैंने महेश को कहा देखो महेश मैने तुम्हारी किसी स्वार्थ के चलते मदद नहीं की है तुम मेरे दोस्त हो और तुम्हें जब भी मेरी जरूरत होगी तो मैं हमेशा तुम्हारे साथ खड़ा हूं।

महेश कहने लगा कि वह मुझे पता है लेकिन तुमने हमेशा ही मेरी मुसीबत के वक्त मदद की है इसलिए मैं चाहता हूं कि तुम कंपनी और मैं इस बिजनेस को संभाले। सब कुछ बड़े ही अच्छे से चल रहा था और हम दोनों बहुत ही खुश थे क्योंकि महेश की मेहनत रंग लाने लगी थी और मैंने भी अपनी महनत से कंपनी को काफी ऊपर उठा दिया था। मेघना एक दिन ऑफिस में आई हुई थी जब वह ऑफिस में आई तो उस दिन मेघना मुझे कहने लगी रोहन अब आप शादी कर लो। मैंने मेघना को कहा नहीं मैं अभी शादी नहीं करना चाहता हूं। मेघना ने मुझे कहा आज वह और महेश डिनर के लिए अपने फ्रेंड के घर जा रहे हैं उन्होंने मुझे भी अपने साथ चलने के लिए कहा लेकिन मैंने मना कर दिया। उस दिन मेघना और महेश डिनर के लिए जा चुके थे। मै उस दिन शॉपिंग करने के लिए अकेले ही शॉपिंग मॉल में चला गया मैं अकेला ही उस दिन शॉपिंग कर रहा था मुझे एक महिला मिली जिनसे कि मेरी टक्कर हुई। उनसे मेरी बात होने लगी वह दिखने में बड़ी सुंदर थी उन भाभी का नाम कविता है। कविता भाभी दिखने में सुंदर थी और उनके बदन को देखकर मेरे अंदर एक अलग ही आग पैदा हो रही थी मैं चाहता था कविता भाभी की चूत का मजा मै ले सकूं उन्होंने मुझे अपना नंबर दे दिया। उसके बाद कविता भाभी मुझसे बात करने लगी मै एक दिन उनके घर पर चला गया उनके पति घर पर नहीं थे और वह चाहती थी कि मैंने उस दिन उनको जन्नत की सैर करवा दूं। मैंने उनके सामने अपने लंड को किया तो उन्होंने भी मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे वह तब तक चूसती रही जब तक उन्होने मेरे लंड से पूरी तरीके से पानी बाहर नहीं निकाल दिया था। अब मेरे लंड से तो पानी बाहर निकल चुका था और उन्हें भी बड़ा मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैंने भी उन्हें कहा मुझे भी बड़ा मजा आ रहा है। अब उनके अंदर कि आग बढ़ चुकी थी और मेरे अंदर की भी गर्मी पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। मैंने कविता भाभी से कहा मैं आपकी चूत मारना चाहता हूं मैंने उनके पैरों को खोल लिया था जब मैंने उनके पैरों को खोला तो मैंने उनकी चूत पर अपने लंड को लगा लिया।

मैंने जैसे ही अपने लंड को उनकी योनि पर लगाया तो वह मुझसे अब अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार थी मैंने उनके पैरों को खोल कर जोरदार झटके के साथ ही अपने लंड उनकी चूत मे घुसा दिया। जब मेरा मोटा लंड उनकी चूत के अंदर घुसा तो वह चिल्लाते हुए मुझे कहने लगी आज मजा आ गया। मैंने उन्हें कहा क्यों आपके पति आपको मजा नहीं देते। वह मुझे कहने लगी उनके पास मेरे लिया कहा टाइम है उनका लंड खड़ा ही नहीं होता है इसलिए उनके साथ मुझे मजा ही नहीं आता लेकिन तुम्हारे इस 9 इंच के लंड ने मेरे अंदर की गर्मी को बढ़ा दिया है और मेरा शरीर पूरी तरीके से गर्म होने लगा है। मैने उनके स्तनों को चूसना शुरू कर दिया था वह मेरे लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगी थी।

मैंने उन्हे कहा आप अपने पैरों को थोड़ा सा ऊपर उठा लीजिए। उन्होंने अपने पैरों को ऊपर उठाया तो मैंने उनको अपने हाथों में पकड़ लिया। अब मैं उनको पेलकर खुश था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा है अब मैं उन्हें लगातार तीव्र गति से धक्के मार रहा था और उनकी चूत के अंदर बाहर मैं अपने लंड को किए जा रहा था। मेरे अंदर की गर्मी अब बढ रही थी और साथ-साथ मेरा वीर्य भी बहार निकलने के लिए तैयार था। मैंने अपने वीर्य की पिचकारी को कविता भाभी की चूत के अंदर उतारा तो वह खुश हो गई और कहने लगी आज जाकर मुझे मजा आया है। मैंने उनको कहा आज तो मुझे भी बड़ा मजा आ गया आपके जैसे तन बदन की मल्लिका को चोदने में मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने उनके पैरों को ऊपर कर के उन्हें दोबारा से चोदना शुरू कर दिया और उन्हें करीब 10 मिनट तक मैं ऐसे ही चोदता रहा। उनकी चूतडे मेरे लंड से लग रही थी मुझे बड़ा मजा आ रहा था फिर मैंने उनकी चूत मे माल गिरा दिया।


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