लंड अगर सही मिल जाए तो जन्नत

Lund agar sahi mil jaye to jannat:

indian sex kahani, antarvasna sex stories

हैल्लो फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सभी ? मैं आशा करती हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे | मेरा नाम लवली है और मैं आरा की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 25 साल है और हाल ही में मेरा ग्रेजुएशन हुआ है | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरा फिगर बहुत सेक्सी है जिसे देख कर लोग अपना लंड मसल कर रह जाते हैं | दोस्तों आज जो मैं आप लोगो के लिए अपनी कहानी प्रस्तुत करने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी को मेरी ये कहानी जरुर पसंद आयगी | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय ना लेते हुए अपनी कहानी शुरू करती हूँ |

ये घटना तब की है जब मैं स्कूल में कक्षा 12 वी में थी | मेरे घर में मेरे अलावा मेरे मम्मी और पापा रहते हैं | मैं अपने माँ बाप की एकलौती बेटी हूँ | मेरे मम्मी पापा मुझसे बहुत प्यार करते हैं और मेरी हर ख्वाहिश पूरी करते हैं | मेरे घरवाले जितना मुझसे प्यार करते हैं उतना ही वो कमीने भी हैं | मेरे पापा सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट में जॉब करते हैं और मम्मी कॉलेज में टीचर हैं | मैं जिस क्लास में पढ़ती थी मेरे साथ ही एक लड़का पढ़ता था जिसका नाम मोहन श्रीवास है और वो बहुत ही बदमाश लड़का था | वो स्कूल में बहुत बदमाशियां करता था और सारे टीचर्स उससे बहुत परेशान रहते थे पर उसे इसलिए माफ़ कर देते थे क्यूंकि वो पढाई में भी बहुत अच्छा था और क्लास में हमेशा अव्वल आता था | वो दिखने में भले ही सांवला था पर उसकी कदकाठी काफी सेक्सी थी | वो हर लड़की के साथ काफी हंसी मजाक किया करता था लेकिन वो मुझे कभी परेशान नहीं करता था | ये बात मैंने तब नोटिस की जब लंच के टाइम में मैं और मेरी फ्रेंड्स खाना खा रहे थे | तब वो आ कर सबके टिफिन से खाना निकाल कर खा रहा था और मेरी तरफ देख कर बस मुस्कुरा दिया | पर मैंने उसे कोई खास रिस्पोंस नहीं दिया और अपना लंच खत्म करने लगी | एक दिन की बात है मैं बस स्टॉप पर अपनी बस आने का वेट कर रही थी | उस दिन बस बहुत लेट आई लेकिन बस से पहले रोशन वहां पंहुच गया |

रोशन ने मुझसे कहा कि चलो आराधना मैं तुम्हे घर ड्राप कर देता हूँ | मैंने कहा नहीं बस आने वाली होगी मैं चली जाउंगी बस से ही | तो उसने कहा कि यार तुम मुझे इतना अवॉयड क्यूँ करती हो ? मैंने कहा मैंने तुम्हे कब अवॉयड किया ?

तो उसने कहा कि तुम ना मुझसे कभी बात करती हो और न कभी मेरी हरकतों पर हंसती हो | तो मैंने कहा तुम कोई सर्कस के बन्दर हो जो मैं तुम्हारी बेतुकी हरकतों पर हंसने लग जाऊं |

तो उसने कहा यार ये कैसी बात कर रही हो तुम ? मैं तुमसे इतने अच्छे से बात कर रहा हूँ और तुम मेरी इन्सल्ट कर रही हो |

तो मैंने कहा कि तुमसे किसने कहा है बात करने को, जाओ अपने घर !

ये शायद उसे बुरा लग गया तो वो सिर झुका कर वहां से चलता बना | घर आ कर मुझे भी बुरा लगा कि यार मैंने उसे शायद कुछ ज्यादा बेइज्जत किया उसी के सामने | अगले दिन जब मैं स्कूल पंहुची तो वो मेरी डेस्क के पीछे ही बैठा हुआ था | तो मैंने उसे जा कर सॉरी कहा | तो उसने कहा कि कोई बात नहीं यार बड़े बड़े शहरो में छोटी छोटी बाते होती रहती हैं | ये सुन कर मैंने मुस्कुरा दिया और कहा बस शाहरुख़ बन गए तुम | फिर हम दोनों ऐसे ही थोड़ी देर बात करने लगे और फिर प्रेयर ग्राउंड जाने लगे सभी | हम दोनों थोड़ी थोड़ी बाते अब एक नया मोड़ लेने लगी थी | मुझे भी उससे बात करना अच्छा लगने लगा था और मैं भी उसमे इंटरेस्ट लेने लगी | फिर एक दिन की बात है उसने मुझसे कहा कि आराधना तुम मुझे पसंद हो आई लव यू | ये सुन कर मैं धक् से रह गई और कहा मैं तुम्हे सोच कर बताती हूँ | उसने मुझे परेशान भी नहीं किया | रात को सोते समय मैं उसी के शब्द बार बार याद कर के मुस्कुरा रही थी | शायद मैं भी उसे पसंद करने लगी थी |

अगले दिन स्कूल में मैंने उसे हाँ कर दिया | अब हम दोनों की प्रेम कहानी पटरी पर आ चुकी थी और धीरे धीरे मुझे उससे बेपनाह प्यार हो गया था | पर मैं एक अन्धविश्वास में जी रही थी कि रोशन भी मुझसे प्यार करता है | हम दोनों रोज ही स्कुल के बाद थोड़ी देर होटल में बैठते और फिर वो मुझे मेरे घर ड्राप कर देता | मेरे बस का ड्राईवर रोशन के घर के पास ही रहता था तो उसने ड्राईवर रामू को सब चीज़ समझा दी थी जिस वजह से वो कभी हमे नहीं टोकता था | एक दिन हमारे स्कूल की छुट्टी थी और मेरे मम्मी पापा अपने जॉब पर थे | मैं भी अकेले घर में बोर हो रही थी तो मैंने सोचा कि रोशन को फ़ोन कर के घर बुला लेती हूँ | मैंने रोशन को फ़ोन कर के कहा कि मैं घर में अकेली हूँ तुम आ सकते हो क्या ? तो उसने तुरंत ही हाँ कर दिया | इसके बाद जब वो मेरे घर आया तो उसने मुझे तुरंत ही अपनी बांहों में भर लिया तो जैसे तैसे मैंने उसे अपने से अलग किया | मुझे थोडा अजीब तो लगा पर अच्छा भी लगा | मैं उसे अपने रूम में ले गई और हम दोनों बात करने लगे तो उसने तुरंत ही अपने होंठ मेरे होंठ में रख दिए और मेरे होंठो का रसपान करने लगा |

मुझे भी ये एहसास अच्छा लगा तो मैं भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ को चूसने लगी | हम दोनों एक दूसरे को किस करते समय सहला भी रहे थे एक दूसरे को और किस करते हुए हम दोनों को 10 मिनट हो गये | मैंने उस समय रेड कलर का टॉप और ब्लैक कलर की जीन्स पहने हुए थी | उसके स्पर्श से मैं गरम हो चुकी थी और बस उसके आग्होश में खो जाना चाहती थी | फिर उसने मेरे टॉप को निकाला और मेरे ब्रा के ऊपर से ही मेरे उभारो को हाँथ से दबाने लगा तो मेरे मुंह से अआहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्म्ह आहा की आवाजे निकलने लगी | वो मेरे उभारो को जोर जोर से मसल रहा था और मैं अआहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्म्ह आहा करते हुए सिस्कारिया ले रही थी | फिर उसने मेरे ब्रा को भी उतार कर ऊपर से पूरा नंगा कर दिया और मेरे दूध को अपने मुंह में ले कर बारी बारी से चूसने लगा तो मैं सिस्कारियां भरते हुए उसके सिर को सहलाने लगी |

वो जोर जोर से मेरे मम्मों को दबा दबा कर चूस रहा था और मैं मस्ती करते हुए प्यार भरी कराह ले रही थी | उसने मेरे मम्मों को करीब 15 मिनट तक खूब चूसा उसके बाद मैंने उसके सारे कपड़े उतार कर उसे नंगा कर दिया | उसका लंड बड़ा तो नहीं था पर मेरे लिए काफी था क्यूंकि मैंने कभी लंड नहीं लिया था और सील खुद ही तोड़ चुकी थी मैं | मैंने उसके लंड को अपने हाँथ में ले कर हिलाने लगी और फिर जीभ से उसके लंड को चाटने लगी तो उसके मुंह से भी सिस्कारिया निकलने लगी | उसके लंड को जब मैंने हर तरफ से चाट कर गीला कर दिया तो उसके बाद मैंने उसके लंड को अपने मुंह में ले कर चूसने लगी और वो अआहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्म्ह आहा करते हुए मेरे मुंह की चुदाई करने लगा |

फिर उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और मुझे भी पूरी नंगी कर के अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने लगा तो मैं प्यार में डूबते हुए मचलने लगी | जब वो मेरी चूत चाट रहा था तब मैं उसके सिर को अपनी चूत में दबा रही थी | उसके बाद उसने अपने लंड को मेरी चूत में तैनात किया और एक ही वार में मेरी चूत की दीवारों को उसका लंड चीरते हुए अन्दर चला गया और वो हलके हलके धक्के मारते हुए चोदने लगा तो मैं भी अआहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा ऊउंह ऊम्म्ह आहा करते हुए चुदाई में उसका साथ देने लगी | कुछ देर बाद उसने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दिया और जोर जोर से धक्के मारते हुए चोदने लगा तो मैं तो जैसे पागल ही हो गयी | करीब उसने मेरी चूत आधे घंटे तक चोदा और चूत के ऊपर झड़ गया |

अगले दिन से वो मेरे साथ ऐसे रियेक्ट करने लगा जैसे वो मुझे जानता ही नहीं | फिर एक दिन जब मैंने पूछा तो उसने ये कह कर मुंह फेर लिया कि मैंने अपनी बेज्जती का बदला लिया |


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