लंड अगर सही मिल जाए तो जन्नत

Lund agar sahi mil jaye to jannat:

indian sex kahani, antarvasna sex stories

मेरा नाम विवेक है मै नागपुर का रहने वाला हूं और एक इंजीनियर हूं। मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और मेरे भाई बहन हैं। कुछ समय बाद मेरी इंगेजमेंट होने वाली है। हमारे घर में मेरी सगाई की तैयारियां चल रही है। कोई शॉपिंग कर रहा है तो कोई सजावट सारे परिवार वाले मेरी सगाई के कामों में जुटे हुए हैं। बस मेरी सगाई को दो दिन बचे हुए है।

एक बार मैं मेरे दोस्त मुझे पार्टी करने के लिए कह रहे थे। मैंने सबको अपनी तरफ से पार्टी दी थी और उन सब से इंगेजमेंट में आने के लिए कहा। उसके बाद हम लोग अपने अपने घर चले गए थे। अगले दिन मेरी इंगेजमेंट होनी थी सारी तैयारियां हो चुकी थी। मैं अपनी इंगेजमेंट के लिए तैयार हो रहा था। तब तक मेरा दोस्त आया वह मुझे तैयार करने में लग गया। हम दोनों तैयार होकर मेजरमेंट के लिए गए। हमारी इंगेजमेंट हुई और हमारे घर में पार्टी चल रही थी। पार्टी में मेरे सभी दोस्त घर आए हुए थे। जिससे मेरी इंगेजमेंट हो रही थी उसका नाम सुरभि था। मैंने अपने सारे दोस्तों को सुरभि से मिलाया और उनकी जान पहचान करवाई। इंगेजमेंट के बाद मैं और सुरभि अक्सर घूमने जाया करते थे। हम दोनों हमेशा मिलते थे एक दिन मैंने सुरभि को मूवी देखने के लिए कहा लेकिन उस दिन उसने कहा कि उसे कुछ काम है इसलिए वह नहीं आ पाएगी। मैने सोचा कि पहले वह अपना काम निपटा ले। मूवी देखने हम दूसरे दिन चले जायेंगे। फिर मैं उस दिन ऑफिस चला गया था। जब मैं ऑफिस से घर जा रहा था। तब मुझे मेरा दोस्त मिला उसने मुझसे सुरभि के बारे में कहा लेकिन मैंने यकीन नहीं किया। मेरे दोस्त ने मुझसे कहा कि सुरभि आज किसी लड़के के साथ मूवी देखने गई थी। मैंने उसकी बात पर यकीन नहीं किया और उसे ही डांट दिया। मैंने उससे कहा कि सुरभि ऐसी लड़की नहीं है। वह मेरे साथ ऐसा नहीं करेगी हम दोनों की शादी होने वाली है। इतना कहकर मैं वहां से निकल गया। मुझे थोड़ा सा गुस्सा आने लगा था लेकिन फिर मैंने इस बात को नजरअंदाज कर दिया। मैंने सुरभि को फोन किया और उससे पूछा कि वह कहां है। उसने कहा कि मैं अपना कुछ जरूरी काम निपटा कर घर जा रही हूं। पहले तो मैंने उससे मिलने की सोची फिर मैंने सोचा की अब रात भी बहुत हो गई है इसलिए मैं उससे कल बात करता हूं।

दूसरे दिन जब मुझे सुरभि मिली तो मैंने उससे पूछा की तुम कल कहां थी। तो उसने मुझे बताया कि वह काम खत्म करके अपने दोस्तों के साथ गई थी। फिर मुझे लगा कि वह मूवी देखने अपने दोस्तों के साथ नही गई होगी। इस बात को मैंने ज्यादा नहीं सोचा और मैं सुरभि के साथ चला गया। फिर भी कहीं ना कहीं थोड़ा शक मेरे मन  भी हो रहा था।

एक दिन सुरभि का बर्थडे था। उसने मुझे पार्टी में आने के लिए कहा था लेकिन मैंने जानबूझ कर उस पार्टी में आने से मना कर दिया। मैंने सोचा कि सीधे पार्टी पर सुरभि को सरप्राइज दूंगा। जब मैंने कुछ समय बाद सुरभि को फोन किया तो उसने मेरा फोन नहीं उठाया। मुझे लगा की वह मुझसे नाराज है लेकिन मेरे कई बार फोन करने पर भी उसने फोन नहीं उठाया। मुझे भी थोड़ा गुस्सा आ गया था। मैंने सोचा ऐसा भी क्या कर दिया मैंने जो वह मेरा फोन नहीं उठा रही है। फिर मैं जैसे ही अपनी गाड़ी में बैठा और घर निकल रहा था। वैसे ही वह अपने घर से नीचे आई और एक लड़के के साथ बाइक पर बैठ कर चली गई। मैं यह देख कर हैरान हो गया। पहले तो मुझे लगा कि उसका कोई दोस्त होगा। वह कहीं पार्टी करने जा रहे होंगे फिर मुझे अपने दोस्त की बात याद आई और फिर मैंने उन दोनों का पीछा किया। उन दोनों का पीछा करते करते मैं उस लडके के घर तक पहुंच गया उस लडके के घर पर सुरभि की बर्थडे पार्टी चल रही थी। जब मैं उनके पीछे-पीछे गया तो मैंने वहां देखा कि उस लड़के ने सुरभि के लिए एक सरप्राइज बर्थडे पार्टी रखी थी। जिसमें उन दोनों के सारे दोस्त आ रखे थे। वह अपने दोस्तों को सुरभि से मिला रहा था लेकिन वह तो अपनी गर्लफ्रेंड बोल कर उसे अपने दोस्तों से मिला रहा था। मुझसे यह बात सहन नहीं हुई और मैं वहां से चला गया। मैं तो उसी समय यह सगाई तोड़ने वाला था लेकिन पहले मैं उसकी सच्चाई अपने घरवालों को बताना चाहता था। जिसे हम इतनी अच्छी लड़की समझते थे वह एक धोखेबाज निकली।

अब मेरे अंदर बहुत ज्यादा गुस्सा भर गया था और मैं उसे सबक सिखाना चाहता था। जिस तरीके से उसने मेरी गांड मारी है अब मैं उसकी भी गांड मारने की तैयारी में था। मैने उसे  गिफ्ट देने लगा जो बहुत महंगे थे और वह गिफ्ट देख कर बहुत खुश हो जाती। मैंने उससे कहा कि आज मैंने तुम्हारे लिए घर पर डिनर रखा है तो तुम क्या शाम को मेरे घर पर आ सकती हो। उसने कहा ठीक है मैं मम्मी से बात कर लेती हूं और शाम को घर पर आ जाऊंगी। उसे मुझ पर भरोसा था तो वह शाम को मेरे घर पर आ गई।

उस दिन मेरे घर पर कोई नहीं था तो मैंने उसके लिए अपने हाथों से खाना बनाया था। हम लोगों ने खाना खाया और मैंने उसे ड्रिंक ऑफर की तो उसने थोड़ी ड्रिंक कर ली लेकिन मैंने उसे कुछ ज्यादा ही ड्रिंक पिला दी थी। अब उसे नशा हो गया था और मैं उसे अपने कमरे में ले गया। मैंने उससे सारी बात पूछी तो उसने मुझे बताया हां मेरा बॉयफ्रेंड है मैंने तुमसे यह बात छुपा कर रखी थी। मैंने उसके कपड़ों को उतारना शुरू किया। वह भी मेरे कपड़ों को उतारने लगी जब उसने मेरे लंड को देखा तो उसने झट से अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को ले लिया। मुझे उसे देखकर बहुत हैरानी हुई कि यह किस किस्म की जुगाड़ लड़की है। इसने ना जाने कितनों के लंड अपने चूत में लिए होंगे। मैंने भी अपने लंड को उसके मुंह में डाल दिया और उसने बहुत अच्छे से सकिंग किया। मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूस था और उसके बाद मै उसकी योनि को भी चाटने लगा। मैंने थोड़ी देर तक तो उसकी योनि को अच्छे से चाटा मैंने उसके पैरों को खोलते हुए उसकी चूत में अपने लंड को बड़ी तेजी से डाल दिया। उसका सारा नशा उड़ गया मैं उसे बड़ी तेजी से झटके मारे जा रहा था। उसका पूरा शरीर कांप जाता अब उसका झड़ने वाला था उसने मुझे कस कर अपने पैरों के बीच में जकड़ लिया।

जैसे ही उसने मुझे अपने पैरों के बीच में जकड़ा तो मेरा भी झड़ने को हो गया और मैंने भी उसकी चूत के अंदर ही अपना माल गिरा दिया लेकिन मेरा गुस्सा अभी ठंडा नहीं हुआ था। मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसे लगा कि शायद मैं उसकी चूत में अपना लंड डालूंगा। मैने अपने लंड पर बहुत ज्यादा लिक्विड लगाया और मैंने थोड़ा बहुत उसकी गांड पर भी लगा दिया था। मैंने जैसे ही  उसकी गांड के अंदर लंड घुसाया तो उसके गले से चीख निकली। वह बहुत तेज चिल्लाने लगी मैंने उसकी बड़ी बड़ी चूतडो को पकड़ते हुए झटके मारना शुरू किया। मैंने उसे कहा बहनचोद तूने दूसरे से अपनी चूत मरवाई है आज मैं तेरी गांड फाड़ कर रहूंगा। मैं उसे ऐसे ही झटके मारे जा रहा था उसकी गांड का गूदा भी मेरे लंड के साथ बाहर आ जाता और वह बहुत ही चिल्लाती। मुझे अब अच्छा लग रहा था मैंने इसे सबक सिखा दिया था अब वह बहुत ज्यादा चिल्लाने लगी मैं उसकी गांड को पकड़ते हुए। उसे इतना तेज झटका मारा रहा था कि मेरा लंड उसकी पूरी गाड के अंदर तक जाता। ऐसे ही मै उसे 15 मिनट तक उसकी गांड मारता रहा। मेरा वीर्य झड़ने वाला था तो मैंने उससे उसकी ही गांड में बड़ी तेजी से अंदर तक डाल दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो वह उसके चूतड़ों से नीचे की तरफ गिर रहा था। वह वैसे ही नंगी बिस्तर पर लेट गई और मेरा सारा माल मेरे बिस्तर पर गिर गया।

उसके बाद उसने मुझे सॉरी कहा और यह बोलने लगी कि मैंने तुम्हें यह बात नहीं बताई। उसके लिए मैं तुम्हें सॉरी कहना चाहती हूं। मैंने उसे कहा तुम जब भी मुझे मिलोगे तो मैं तुम्हारी गांड लाल करूंगा। वह कहने लगी कि मुझे भी यह सब बहुत अच्छा लगता है। अब मैं तुम्हारे पास ही अपनी गांड मरवाने आया करूंगी। वह मेरे पास ही अपनी गांड मरवाने आती है और मैं उसकी गांड हमेशा अच्छे से तेल लगाकर मारता हूं।

 


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