लता के साथ अनोखा यौन सम्बन्ध

Antarvasna, sex stories in hindi:

Lata ke sath anokha yaun sambandh अनीता कुछ दिनों के लिए अपने मायके चली गई थी और उसी बीच घर पर मां की तबीयत खराब हो गई। मैंने अनीता को फोन किया तो अनीता भी अपने मायके से वापस लौट आई थी। मां को हम लोगों को अस्पताल लेकर जाना पड़ा क्योंकि उनकी तबीयत काफी ज्यादा खराब थी। डॉक्टरों ने मां को कुछ दिनों के लिए अस्पताल में ही रहने के लिए कहा और मां अस्पताल में ही एडमिट थी। थोड़े दिन बाद उनकी तबीयत में सुधार आने लगा तो हम लोग उन्हें घर ले आए लेकिन अब उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती थी जिस वजह से अनीता ही मां की देखभाल करती है। अनीता और मेरी शादी आज से दो वर्ष पहले हुई थी और जब हम दोनों की शादी हुई तो उसके बाद से ही अनीता ने घर की सारी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है।

पापा के देहांत के बाद मां चाहती थी कि मैं शादी कर लूं इसलिए मैंने शादी कर ली। अनीता बहुत ही अच्छी है और हम दोनों एक दूसरे के साथ अपनी शादीशुदा जिंदगी से बहुत ज्यादा खुश है। मैं अनीता के साथ जब भी होता हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। अनीता ने घर की जिम्मेदारी को जिस तरीके से निभाया है उससे मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। मेरी छोटी बहन जिसकी शादी कुछ समय बाद ही होने वाली थी हालांकि मां की तबीयत में सुधार नहीं था तो हम लोगों को ही मेरी बहन की शादी की सारी जिम्मेदारी उठानी थी। हम लोगों ने महिमा की शादी कर दी तो महिमा बहुत ज्यादा खुश थी और मां भी इस बात से खुशी की महिमा की शादी एक अच्छे परिवार में हुई है।

महिमा की शादी में कोई भी कमी ना रह जाए इसके लिए मुझसे जितना हो सकता था मैंने उतना पैसा महिमा की शादी में खर्च किया। अनीता के पापा हमारे घर पर आए हुए थे जब वह लोग हमारे घर पर आए तो उस दिन अनीता के पिताजी ने कहा कि क्या अनीता कुछ दिनों के लिए हमारे साथ घर पर चल सकती है तो मैंने कहा कि हां क्यों नहीं। मां की तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए मुझे मां की तबीयत के लिए किसी को घर पर रखना पड़ा। मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं घर पर किसी नौकरानी को काम के लिए रख लूं क्योंकि मेरे पास बिल्कुल भी समय नहीं होता था। मैं ज्यादातर अपने काम के सिलसिले में घर से बाहर रहता था और अनीता भी कुछ दिनों के लिए अपने पापा के साथ जाना चाहती थी तो मैंने भी अनीता को कहा कि तुम कुछ दिनों के लिए अपने मायके चली जाओ। अनीता कुछ दिनों के लिए अपने मायके चली गई थी मां की देखभाल के लिए मैं चाहता था कि मैं किसी को रख लूँ जो घर का काम भी कर सके।

मैंने मां की देखभाल के लिए एक महिला को रख लिया जो कि घर की देखभाल अच्छे से कर रही थी और मां की देखभाल भी वह अच्छे से कर रही थी। अब मैं अपने काम के सिलसिले में ज्यादातर बाहर ही रहा करता था। अनीता मायके में ही थी और जब वह वहां से वापस लौटी तो मैं अपने काम के सिलसिले में दिल्ली गया हुआ था मुझे वहां से कुछ दिनों बाद लौटना था मैं करीब एक हफ्ते तक दिल्ली में ही रहा। मैं वहां से वापस लौटा तो उसके बाद मैं एक दिन अनीता के साथ बैठा हुआ था अनीता और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो मैंने अनीता से कहा कि घर में काम करने वाली लता अच्छे से काम तो करती है तो वह कहने लगी कि हां लता अच्छे से काम करती है। लता भी घर पर अकेले बोर हो जाया करती थी तो अनीता ने मुझे कहा कि मैं चाहती हूं कि मैं कुछ काम शुरू कर लूं।

मैंने अनीता को कहा कि हां क्यों नहीं और फिर अनीता ने ब्यूटी पार्लर का काम शुरू करने का फैसला कर लिया था। अनीता ने जल्द ही एक ब्यूटी पार्लर खोल लिया जिसके बाद वह बिजी रहने लगी और मैं भी अपने ऑफिस के काम में बिजी रहता और मां की देखभाल लता अच्छे से किया करती। हम लोग बहुत ज्यादा खुश हैं कि लता मां की देखभाल अच्छे से कर पा रही है मैं भी बहुत ज्यादा खुश हूं जिस तरीके से लता मां की देखभाल करती है। अनीता अब ज्यादातर ब्यूटी पार्लर में ही रहती है लेकिन जब भी घर में अनीता की जरूरत होती है तो वह हमेशा ही मां की देखभाल किया करती। एक दिन मैं अपने ऑफिस से वापस लौट रहा था तो उस दिन मुझे रास्ते में मेरा दोस्त मिला। मैंने उसे देखते हुए अपनी कार को रोका और मैंने उसे कहा कि तुम कहां जा रहे हो तो वह मुझे कहने लगा कि मैं यहीं शॉपिंग करने के लिए आया हुआ था।

वह हमारे कॉलेज का पुराना दोस्त है मैंने उसे कहा कि तुम यहां कैसे तो वह मुझे कहने लगा कि मुझे थोड़ा सामान लेना है। मैं भी अपने दोस्त के साथ चला गया और उसने वहां से सामान लिया उसके बाद हम लोग एक छोटी सी दुकान थी वहां पर हम लोग बैठे हुए एक दूसरे से बातें कर रहे थे। मैंने उससे कहा कि तुम से कितने समय बाद मुलाकात हो रही है तो रजत मुझे कहने लगा कि हां मेरी भी तुमसे काफी सालों बाद मुलाकात हो रही है। मुझे उस दिन रजत से मिलकर अच्छा लगा रजत अब इंदौर में ही रहता है। मैंने रजत से उस दिन उसका नंबर ले लिया और कहा कि हम लोग फोन पर बातें करेंगे तो रजत कहने लगा कि ठीक है। मैं भी अब घर लौट आया था जब मैं घर लौटा तो उस दिन मुझे अनीता ने कहा कि आज आप बहुत देर से घर आ रही है। मैंने अनीता को कहा कि मुझे मेरे कॉलेज का दोस्त रजत मिल गया था इसलिए मुझे आने में थोड़ा देर हो गई।

वह कहने लगी कि कोई बात नहीं और फिर हम दोनों एक दूसरे के साथ बातें कर रहे थे। मैं और अनीता एक दूसरे से बातें कर रहे थे लेकिन मेरा मन अनीता के साथ सेक्स करने का था। उस दिन मैंने अनीता के साथ जमकर सेक्स के मज़े लिए परंतु उस दिन हम दोनों को लता ने देख लिया था। मैंने लता को देख लिया था। मैं चाहता था लता और मैं एक दूसरे की गर्मी को शांत करे। मैंने भी एक दिन लता के साथ सेक्स करने के बारे में सोचा उस दिन मैं ऑफिस से जल्दी घर लौट आया था। अनीता भी अपने ब्यूटी पार्लर में ही थी। मैं अपने बेडरूम में लेटा हुआ था तभी लता रूम में आई। वह मुझे कहने लगी साहब मैं आपके लिए चाय बना दूं। मैंने उसे कहा हां तुम मेरे लिए चाय बना दो। वह मेरे लिए चाय बनाने के लिए चली गई। जब वह मेरे लिए चाय बनाकर आई तो मैंने उसे अपने साथ बैठने के लिए कहा वह मेरे पास आकर बैठी। मैं उससे बातें करने लगा था।

जब मैं उससे बात कर रहा था तो मुझे उससे बात करके अच्छा लगा। लता भी बहुत ज्यादा खुश थी अब हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे।  जब मैंने लता से कहा मैं तुम्हें चोदना चाहता हूं वह मुझे देखने लगी वह मुझे कहने लगी साहब आप यह क्या बात कर रहे हैं। मैंने भी अपने बटुए से कुछ पैसे निकाले और लता के हाथ में हाथ रखते हुए लता को अपनी तरफ खीचा। मैंने लता को अपनी ओर खींचा तो वह मेरी बाहों में आ गई। जब वह मेरी बाहों में आई तो मैंने अपने लंड को उसके सामने किया और वह मेरे लंड को हिलाने लगी मुझे मजा आने लगा था। लता को भी बड़ा अच्छा लग रहा वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और मैंने लता से कहा मुझसे भी नहीं रहा जा रहा है। मैंने जब लता से कहा तुम मेरे लंड को चूसो। वह मेरे लंड को चूसने लगी। वह जिस तरीके से मेरे लंड को चूसकर मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी वह मेरे लिए बहुत ही अच्छा था और मेरी गर्मी भी बढ़ती ही जा रही थी। लता की गर्मी भी बढ़ चुकी थी और उसने मुझे कहा आपने मेरी गर्मी को बढा दिया है। मैंने लता को कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। लता भी बहुत ज्यादा खुश थी और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उसने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दिया था।

जैसे ही मैंने अपने लंड को लता की चूत मे लगाया तो वह कहने लगी यह सब ठीक नहीं है। मैंने उसे कहा है मैंने तुम्हें उसके बदले पैसे दिए हैं उसने कुछ नहीं कहा और उसने अपने पैरों को खोल लिया। अब मैंने उसकी चूत में लंड को लगाया और अंदर की तरफ को घुसाया। लता की चूत बहुत ही ज्यादा टाइट है और मेरा लंड उसकी चूत में चला गया था। मेरा लंड जब उसकी चूत में गया तो वह जोर से चिल्लाने लगी और उसकी सिसकारियां बढ़ती जा रही थी। मेरे अंदर की आग बढ़ती जा रही थी। मैंने उसे कहा मुझे अच्छा लग रहा है। लता बहुत ज्यादा खुश थी लता की चूत के अंदर मेरा लंड आसानी से जा रहा था मुझे अच्छा लग रहा था। जब मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर होता तो मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी वह गरम होती जा रही थी।

मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जिस तरीके से मैं उसकी चूत मार रहा था और उसकी गर्मी को मैं शांत करने की कोशिश कर रहा था। वह अपने पैरों को चौड़ा करने लगी जिस से मेरा लंड उसकी चूत में जा रहा था और मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था। लता और मैं एक दूसरे की गर्मी को बिल्कुल भी झेल नहीं पा रहे थे। मैं अपने वीर्य को उसकी चूत में गिराने वाला था और मेरा वीर्य लता की चूत में चला गया जिसके बाद मैंने लता से कहा मुझे आज बहुत ही मजा आ गया है। लता कहने लगी साहब मैं चलती हूं। लता ने भी अपनी साड़ी को नीचे किया और वह चली गई। जब भी मेरा मन होता तो मै लता की चूत मार लिया करता मुझे बहुत मजा आता जिस तरीके से मैं उसे चोदता करता और उससे वह बहुत ज्यादा खुश होती।


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