लंबी टांगों के बीच मे लंड

Lambi taangon ke bich me lund:

kamukta, antarvasna

मै चुदाई का आनंद लेने वाला एक खुले दिल का व्यक्ति हूं, मुझे हमेशा से नई लड़कियां चाहिए होती है लेकिन मेरी पत्नी की वजह से मैं घर पर लड़कियों को नहीं बुला सकता इसलिए मैं बाहर ही उनके साथ सेक्स संबंध बनाता हूं कभी मैं उन्हें होटल में लेकर जाता हूं और कभी अपने ऑफिस में ही उनके साथ चुदाई कर लेता हूं। मेरे पास पैसे की कोई कमी नहीं है इसलिए मैं हमेशा ही नई नई फ्रेश माल लड़कियां ढूंढता रहता हूं, मेरी पत्नी का मुझ पर बहुत ही ज्यादा कंट्रोल है इसीलिए मैं उसके रहते हुए कभी भी घर पर किसी को नहीं बुलाता लेकिन जैसे ही वह अपने मायके जाती है उस समय मै घर को पूरा रंडी खाना बना देता हूं मेरे पास एक से एक लड़की आती है अभी कुछ दिनों पहले की बात मैं आपको बताता हूं जब मैंने मल्लिका को अपने घर पर बुलाया था। मल्लिका का बदन वाकई में मलिका जैसा खूबसूरत था, वह इतनी प्यारी और इतनी कोमल थी कि मुझे उसे चोदने में बड़ा मजा आया। मैंने उसे बहुत पैसे दिया और उसे कहा आज के बाद तुम मेरी जुगाड़ हो और सिर्फ तुम मुझसे ही अपनी चूत मरवाओगी। वह कहने लगी ठीक है मैं आज के बाद आपसे अपनी चूत मरवाऊंगी।

मेरा नाम विमल है मैं बड़ा ही पत्नी प्रेमी  किस्म का व्यक्ति हूं मैं अपनी पत्नी से बेहद प्यार करता हूं और वह भी मुझसे बहुत प्रेम करती है मेरी पत्नी और मेरी मुलाकात उस वक्त हुई जब हम दोनों अपने एक रिश्तेदार की पार्टी में गए हुए थे। मेरी पत्नी आकांक्षा उस पार्टी में बड़ी ही सुंदर बन कर आई हुई थी मैंने उसे देखा तो मैं उसके पीछे ही पड़ गया और मैंने उसके बारे में सारी जानकारी निकलवा ली, जब मुझे उसके बारे में सब कुछ पता चल गया तो जैसे मैं उससे शादी करने के लिए बड़ा बेताब हो गया, उससे पहले मैं शादी करना नहीं चाहता था क्योंकि मैं अपने जीवन को अकेला ही जीना पसंद करता हूं और अपने तरीके से मैं जीवन को जीना पसंद करता हूं लेकिन जब मैं आकांक्षा से मिला तो मेरा नजरिया बिल्कुल बदल गया और मेरे दिल में उसके लिए प्यार पैदा होने लगा।

आकांक्षा को भी यह बात पता चल चुकी थी और एक दिन उसने मुझसे मिलने की इच्छा जाहिर की, जब वह मुझसे मिली तो उसने बहुत ही सुंदर बन कर आई हुई थी मैं तो सिर्फ उसे देखता ही रह गया, जब मेरी नजरें आकांक्षा पर पड़ रही थी तो उसे ऐसा लग रहा था कि मैं उसे ही देखता रहूं, उसने मुझसे उस वक्त कह दिया कि तुम मुझे ऐसे घूर कर क्यों देख रहे हो? मैंने उसे कहा तुम मुझे अच्छी लगती हो और तुम से नजर हटाने का मेरा मन ही नहीं है। वह कहने लगी कि लगता है तुम भी मेरे सुंदरता के कायल हो चुके हो, मैंने उसे कहा क्यों क्या इससे पहले भी तुम्हारी सुंदरता का कोई दीवाना हो चुका हैं? वह कहने लगी कि मेरे कॉलेज में सब लोग मेरे पीछे पड़े हुए हैं और मेरे लिए घर में इतने ज्यादा रिश्ते आ रहे हैं कि मेरे पिताजी बहुत परेशान हो चुके हैं लेकिन उन्हें तुममे पता नहीं ऐसा क्या लगा कि वह मुझे कहने लगे तुम्हें एक बार विमल से मिलना चाहिए, मैंने सोचा कि चलो इसी बहाने तुमसे मुलाकात हो जाएगी लेकिन तुम्हें देखकर तो कुछ ऐसा प्रतीत नहीं होता कि तुम्हारे अंदर कुछ अलग है। मैंने उससे कहा क्या तुम्हें एक दिन में ही मेरी काबिलियत का पता चल जाएगा? वह कहने लगी नहीं ऐसी तो बात नहीं है लेकिन फिर भी आदमी के व्यक्तित्व से यह तो पता चल जाता है कि वह किस प्रकार का है लेकिन तुम्हारे चेहरे से और तुम्हारे हाथों से तो ऐसा मुझे कुछ नहीं लग रहा कि तुम औरो से अलग हो। मैंने उसे कहा कि जब तुम मेरे साथ समय बिताओगी तो ही तुम्हें पता चलेगा कि मेरे अंदर क्या क्षमता है। वह अब मेरे साथ समय बिताने लगी और धीरे धीरे उसे मेरे बारे में पता चलने लगा, जब उसे यह बात पता चली कि मैं एक अच्छा व्यक्ति हूं और मैं काफी लोगों की मदद करता हूं मेरे पास पैसों की भी कोई दिक्कत नहीं है, उसके बाद आकांक्षा को भी लगा कि उसे मुझसे शादी कर लेनी चाहिए इसीलिए उसने मुझसे शादी करने के बारे में सोचा, जब हम दोनों की शादी हो गई तो उसके बाद मैं आकांशा को घुमाने के लिए विदेश ले गया।

जब मैं उसे विदेश लेकर गया तो वह बड़ी ही खुश थी और मुझे कहने लगी तुम तो बडे ही रोमांटिक किस्म के हो, मैंने कभी इतना सोचा नहीं था कि तुम मुझे विदेश घुमाने के लिए लेकर आ सकते हो, मैंने उसे कहा आकांक्षा मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं और इसीलिए तो मैंने तुम्हारे घर रिश्ता भिजवाया था, मैं तुम्हें जब पहली बार मिला था तो तुम्हें देखते ही मैं अपना दिल दे बैठा था और मैंने उसी वक्त सोच लिया था कि मैं किसी भी हाल में तुमसे शादी कर के ही रहूंगा और जब तुमने भी हां कर दी तो जैसे मेरे सपने पूरे हो गए और तुम्हारी जैसी पत्नी को पाकर मैं बहुत ही खुश हूं। वह भी मेरे साथ बहुत खुश थी और हमेशा ही हम दोनों हंसी मजाक से रहते हैं लेकिन उस टूर के दौरान बहुत कुछ नई चीजें हुई, मुझे भी आकांक्षा को जानने का मौका मिला और आकांक्षा के कई ऐसे पहलू थे जो उसने मुझे नहीं बताए थे लेकिन उस वक्त उसने मुझे सब कुछ बता दिया और कहा तुमसे पहले भी मेरा एक लड़के के साथ रिलेशन था लेकिन ना जाने उसके साथ मेरा रिलेशन क्यों नहीं चल पाया, मैंने उसे कहा देखो यह सब पुरानी बातें हो चुकी हैं और अब इस बारे में बात करना बेकार है, तुम यदि अपने जीवन को अच्छे से जीना चाहती हो तो तुम्हें आगे के बारे में सोचना होगा और अब अपने जीवन को नई तरीके से शुरू करना होगा।

मैं आकांक्षा के साथ पहले ही सुहागरात मना चुका था और उसकी चूत मार चुका था लेकिन उस दिन मैंने उसकी गांड मारी। जब मैंने उसकी गांड मारी तो उस दिन वह बहुत ज्यादा खुश थी लेकिन उसकी गांड में तीन चार दिन तक दर्द रहा इसलिए मेरा वह टूर ज्यादा अच्छा नहीं रह पाया परंतु मुझे कई सारी चीजें उसके बारे में जानने को मिली, मुझे बहुत खुशी हुई। उसके बाद मैंने कई लड़कियों के साथ सेक्स संबंध बनाए, मुझे कॉल गर्ल को चोदने में बड़ा मजा आता है लेकिन जब एक बार आकांक्षा अपने मायके चली गई तो उस दिन मैंने एक कॉल गर्ल को बुलाया। जब वह आई तो उसकी लंबाई और उसके रंग को देखकर मेरा लंड एकदम से तन कर खड़ा हो गया। जैसे ही वह मेरे पास बैठी तो उसने मेरे लंड को पकड़ते हुए हिलाना शुरू किया उसके कोमल हाथों से जब वह मेरे लंड को हिलाती तो मेरा लंड एकदम तन कर खड़ा हो जाता। मैंने उस वक्त उसका नाम पूछा उसका नाम मल्लिका है, जब उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग किया तो मैं जैसे सातवें आसमान पर पहुंच गया था। मुझसे ज्यादा देर तक नहीं रहा गया, मैंने जब उसके कपड़े उतारने शुरू किए तो उसका बदन इतना ज्यादा गोरा था उसका गोरा रंग जैसे मेरे आंखों पर चढ गया था, मैंने भी उसके सारे कपड़े उतार दिए थे। मैंने जब उसकी गांड को देखा तो मैंने उसे घोड़ी बना दिया और उसे मैं बड़ी तेज गति से चोद रहा था लेकिन उसकी गांड देखकर मेरा मन बड़ा खुश हो रहा था और मैं ज्यादा समय तक उसकी चूत नहीं मार पाया। मैंने अपने लंड को निकालते हुए सीधा ही उसकी गांड में डाल दिया जैसे ही मल्लिका की गांड में मेरा 9 इंच मोटा लंड प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी। वह मुझे कहने लगी तुमने तो आज मुझे मजा ही दिलवा दिया। मैंने मल्लिका से कहा आज के बाद तुम सिर्फ मेरी हो और तुम्हें जितने पैसे चाहिए मैं तुम्हें दूंगा लेकिन जब भी मैं तुम्हें बुलाऊंगा तुम्हें आना पड़ेगा। वह कहने लगी यदि ऐसा हो जाए तो मैं आपकी ही बन के रहूंगी, मैंने उसके बाद उसे जैसे खरीद लिया हो, जब उसकी गांड मे मेरा वीर्य गिरा तो वह मेरी हो चुकी थी। उसके बाद जब भी मैं उसे बुलाता तो वह आ जाती। मुझे अपनी पत्नी से छुप कर यह सब काम करना पड़ता था, मैंने काफी समय तक मल्लिका के यौवन का आनंद लिया। मैं लगातार उसकी गांड मारता रहता वह भी बहुत ज्यादा खुश थी उसे भी समय पर पैसे मिल जाते थे, मेरी इच्छा भी समय पर पूरी हो जाती थी इसीलिए हम दोनों एक दूसरे का साथ अच्छे से देते।


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