लड़की अच्छी उसकी चूत अच्छी

Ladki achchhi uski chut achchhi:

मेरा नाम सुरभि है और मैं एक हाउसवाइफ हूं। मैं घर पर ही रहती हूं और घर का ही काम देखती हूं। इस वजह से मुझे ज्यादा समय अपने लिए मिल नहीं पाता है। मेरे पति का नाम मनोज है और वह अपना ही बिजनेस करते हैं। वह काफी अच्छे हैं और हम दोनों में प्यार भी बहुत है। लेकिन हम दोनों का प्यार अब सिर्फ प्यार ही रह गया था। हमारा कोई बच्चा हो नहीं पा रहा था। जिस वजह से मुझे सब लोग ताने मारने लगे थे और सब लोग कहते रहते थे कि तुम्हारा बच्चा कब होगा।

पहले तो हम लोगों ने इसे बात पर ध्यान नहीं दिया लेकिन अब यह समस्या काफी बढ़ती जा रही है और सब लोग हमें यही कहते हैं कि तुम लोग बच्चा कब कर रहे हो। जिस वजह से मुझे सब के ताने सुनने पड़ते हैं और मनोज को भी अब लगने लगा है कि हमे एक बच्चा कर लेना चाहिए। हम लोगों ने बहुत ट्राई किया लेकिन बच्चा हो ही नहीं रहा। मनोज इस चक्कर में जब भी घर आते हैं तो हमेशा मुझे चोदते है। लेकिन हमारा बच्चा हो ही नहीं पा रहा है। हमने पता नहीं कितने डॉक्टरों को दिखा दिया और उन्होंने क्या-क्या कर लिया। लेकिन अब भी  बहुत समस्या की बात हो गई है कि मुझे कोई बच्चा नहीं हो रहा है और मेरी सासू तो मुझे इतने ताने मारती है। जब भी देखो सुबह शाम बस ताने ही मारने लगी।

हम लोगों ने डॉक्टर से बहुत इलाज करवाया लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ मनोज ने डॉक्टर से कहा डॉक्टर कोई ऐसा इलाज बताएंगे जिसे हम बच्चा कर पाए। डॉक्टर ने मना कर दिया कि आप को बच्चा नहीं हो सकता है।

एक दिन मनोज ऑफिस से घर आए तो वह मुझे कहने लगे सुरभि मैं बहुत परेशान हो गया हूं। अब सब लोग मुझे सिर्फ यही पूछते रहते हैं कि खुशखबरी कब दे रहे हो और शादी को 6 साल हो चुके हैं। जिससे हमें लगे कि हां हमें बच्चा हो सकता है। डॉक्टर ने भी अब हाथ खड़े कर दिए हैं।

कुछ दिनों बाद मनोज के एक दोस्त हमारे घर पर आए। उनको कुछ काम था तो वह हमारे घर पर ही रुक गए। उनका नाम मोहन था वह काफी हंसमुख और खुशदिल आदमी हैं और वह हमारे घर पर आए तो हमारे घर पर जो भी टेंशन थी। मानो वह सब दूर हो गई हो और वह हमें काफी हंसाने लगे। जिससे हम कुछ पल के लिए यह भूल गए कि हमें यह समस्या भी है। वह हमारे साथ काफी हंसी हंसी मजाक कर रहे थे। मुझे सब काफी अच्छा लग रहा था। घर में सब लोग बहुत खुश थे और हम लोग भी बहुत खुश हो रहे थे। मोहन से मिलकर ऐसे ही मनोज ने मोहन से बात की थी यार हमे बच्चा नहीं हो रहा है। कैसे किया जा सकता है। मनोज ने उसे कहा मैंने सारे डॉक्टरों को दिखा दिया है। लेकिन अभी तक कुछ हल नहीं हुआ है। जहां भी जाते हैं वहां पर सिर्फ यही सुनने को मिलता है कि आप यह दवाई लीजिए या यह ट्रीटमेंट करवा लीजिए सब अच्छा हो जाएगा। लेकिन अभी तक हमें बच्चा नहीं हो पा रहा है। मैं चाहता हूं कि हमारा ही बच्चा हो फिर मोहन ने कहा तू टेंशन मत ले तुम्हारी मुराद जरुर पूरी हो जाएगी। तुम चिंता मत करो।

उस दिन सब लोग एंजॉय करकर सो गए और उस दिन सब लोगों ने काफी समय बाद अच्छे से बात की थी इसलिए मैं भी काफी खुश हो रही थी। कुछ समय बाद मेरी सास ने मेरे से अच्छे से बात तो की, नहीं तो वह हमेशा मुझे ताने ही मारती रहती है। मनोज और मैं बिस्तर में लेटे हुए बात कर रहे थे, हम दोनों बेडरुम में थे। वहां हम दोनों बात करें कि हमें बच्चा किस तरीके से होगा और बात करते-करते मनोज की आंख लग गई।

उसके बाद मैं अपने बेड रूम से बाहर चली आई और मैंने बाहर देखा मोहन वहां बैठकर सिगरेट पी रहा था। मैं अपने गार्डन में गई। मैंने मोहन से कहा क्या तुम अभी तक सोए नहीं हो। वह कहने लगा नहीं मैं अभी नहीं सो रहा हूं क्योंकि मुझे अभी नींद नहीं आएगी जब मुझे नींद आएगी तो मैं सो जाऊंगा। यह कहते हुए मुझे उसने बोला भाभी जी क्या आप टेंशन लेती हैं कि आपको बच्चा नहीं है। मैंने मोहन से अपनी सारी बात रखी हां मुझे बहुत टेंशन होती है कि मेरा बच्चा नहीं हो रहा है। घर में सिर्फ यही माहौल बना रहता है इस वजह से यहां पर कोई अच्छे से बात भी नहीं करता है। लेकिन आज आपके आने से थोड़ा बहुत हंसी से सब लोगों ने बात की तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मुझे आपका नेचर भी बहुत अच्छा लगा आप काफी अच्छे व्यक्ति हैं। मोहन ने मुझे कहा कि आप एक काम कीजिए यदि आपको बच्चा चाहिए तो आप मेरे साथ सेक्स कर लीजिए। आप किसी को भी मत बताना कि यह बच्चा किसका है। पहले मैं यह सोचती रही कि यह सब कुछ ठीक नहीं है। लेकिन बाद में मुझे यह लगा कि मुझे यह कर ही लेना चाहिए।

उसके बाद मोहन मुझे अपने दूसरे कमरे में ले गया। जो कि हमारा गेस्ट रूम है मोहन और मैं वहां थोड़ी देर बैठे रहे और आपस में बातें करने लगे। मैंने पिंक कलर की नाइटी पहनी हुई थी। मोहन ने मेरी जांघों पर हाथ रख दिया और वह बड़े ही प्यार से मेरे होठों को किस कर रहा था और मुझे यह सब बहुत अच्छा लग रहा था। जैसे ही वह मेरे होठों को चूस रहा था। तो मेरे बदन में मानो आग सी लग जाती। जैसे-जैसे वह यह करता गया। तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा अब मोहन ने मेरी ब्रा को उतारते हुए मेरे बूब्स को अपने मुंह में लेना शुरू किया। जैसे ही वह मेरे बूब्स को अपने मुंह में लेता तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा। मेरे बड़े बड़े बूब्स को मोहन अपने मुंह में ऐसे ले रहा था मानो जैसे वह हो कोई फल खा रहा हो। अब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मोहन भी बहुत खुश था। मैंने भी मोहन के लंड़ को हाथ में लेते हुए उसे हिलाना शुरु कर दिया।

जैसे ही मैं उसके लंड़ को हिलाती तो उसका लंड़ बहुत बड़ा हो गया। मोहन ने मेरे पैंटी को उतार दिया जैसे ही उसने मेरी पैंटी उतारी तो उसने मुझे पूछा आपकी योनि तो बहुत ही अच्छी है। यह तो बहुत गोरी है और मुझे बहुत टाइट भी लग रही है। मैंने उसे कहा  मैं अपने आप को बहुत मेंटेन रखती हूं। मैंने ज्यादा देर ना करते हुए मोहन को कहा कि तुम मेरे ऊपर चढ़ जाओ और मुझे चोदना शुरु कर दिया। जैसे ही मोहन मेरे ऊपर लेटा। मुझे एक अलग ही एहसास हुआ मुझे बहुत अच्छा भी लग रहा था कि मैं किसी गैर मर्द के साथ सो रही हूं। उन्होंने मेरे योनि में अपने लंड़ को लगाते हुए  अंदर डालना शुरू किया। जैसे ही उसका लाल टोपा मेरी योनि में गया। मुझे एहसास हो गया कि मोहन का लंड़ मेरे अंदर जा रहा है। उन्होंने मेरी योनि में अंदर तक अपने लंड़ को डाल दिया था और मुझे काफी अच्छा महसूस हो रहा था। उसका बहुत ही मोटा और बड़ा था। मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था। मानो मेरे छाती तक उसका लंड़ आ रहा हो। उसने बड़ी ही तेजी से झटका मारना शुरू कर दिया। जैसे जैसे वह धक्का मारता जाता तो मेरे स्तन हिलते जाते। अब उसने मेरी चूतडो को कस के पकड़ लिया था। जिससे कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और वह ऐसे ही धक्के मारे जा रहा था। वह बड़ी तेज तेज धक्के मार रहा था। जिससे कि मेरी योनि से उसके अंडकोष टकरा रहे थे। वह पूरे अंदर तक अपने लंड़ को डाल रहा था और काफी देर तक वह ऐसा करता रहा। उसका स्टैमिना भी बहुत अच्छा था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसके साथ सेक्स करने में और वह भी यही कह रहा था कि आपके साथ मुझे सेक्स करने में बहुत ही अच्छा लग रहा है। उसने मुझे ऐसे ही 15 मिनट तक चोदा। अब जैसे ही 15 मिनट हो चुके थे तो मेरा तो झड़ चुका था। मोहन का भी झड़ने वाला था। जैसी ही उसका वीर्य मेरे अंदर गया तो मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि जैसे उसने बड़ी तेजी से पिचकारी मारी हो। वह मेरे अंदर तक जा चुका था।

हम दोनों ने कपड़े पहने और काफी देर तक ऐसे ही बात करते रहे। उसके बाद मैं सोने चली गई 2 महीने बाद मुझे पता चला कि मैं प्रेग्नेंट हो गई हूं। मैंने मनोज से नहीं बताया कि यह मोहन का कमाल है। मनोज यही समझ रहा था कि यह मेरा ही बच्चा है और थोड़े ही समय बाद मुझे एक लड़का हुआ। मोहन भी हमारे घर पर हमें बधाई देने के लिए आया और मैंने मोहन से धन्यवाद कहा और यह बात सिर्फ हम दोनों को ही पता था कि हमारे बीच में क्या हुआ था। लेकिन मुझे अब मोहन से भी लगाव हो गया था और वह मुझे जब उसका मन होता तो हम दोनों सेक्स कर लेते।

 


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