कोमल की चूत का स्पर्श

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Komal ki chut ka sparsh मैं अपने ऑफिस के लिए घर से निकला उस वक्त सुबह के 9:00 बज रहे थे मुझे ऑफिस जाने के लिए देर हो रही थी और मैं बस का इंतजार कर रहा था मुझे कुछ देर तक बस नहीं मिल पाई थी। मेरी नौकरी लगे हुए एक महीना ही हुआ है और मैं अपनी नौकरी से बहुत ज्यादा खुश हूं। मेरी पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद मेरी नौकरी दिल्ली की एक बड़ी कंपनी में लग गई तो मैं बड़ा खुश था और मेरे माता पिता भी मेरी नौकरी से बहुत ज्यादा खुश है। बस अभी तक आई नहीं थी लेकिन जैसे ही बस आई तो सब लोग बस में चढ़ने लगे। जब मैं बस में चढ़ा तो मुझे सीट मिल चुकी थी और मैं जिस सीट में बैठा था उसी सीट के बगल में एक लड़की बैठी हुई थी। वह लड़की मेरी तरफ एक बार भी नहीं देख रही थी लेकिन मैं उसे बार-बार देखे जा रहा था। मैं अब अपने ऑफिस के नजदीक पहुंच चुका था और जब मैं बस से उतरा तो उसके बाद भी मैं उस लड़की को बार बार देखता रहा लेकिन फिर वह वहां से जा चुकी थी।

मैं अपने ऑफिस में पहुंचा तो उस दिन मुझे अपने ऑफिस में बहुत ज्यादा काम था इसलिए मैं उस दिन घर देर से पहुंचा। मेरे दिल से उस लड़की का ख्याल अभी तक उतर नहीं पाया था मैं उसी के बारे में सोचता रहता और मेरे दिमाग से उसका चेहरा भी निकल नहीं पाया था। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि उससे मेरी मुलाकात कुछ ही दिनों बाद हो जाएगी। मेरे ऑफिस में रोहन जॉब करता है मेरी और रोहन की बहुत ही अच्छी बनती है रोहन ने मुझे उस दिन अपने घर पर अपने साथ चलने के लिए कहा और मैं उस दिन रोहन के घर पर चला गया। रोहन ने अपने घर पर ही एक छोटी सी पार्टी रखी थी रोहन का जन्मदिन था लेकिन मुझे उसने यह बात नहीं बताई थी। मेरे दिमाग से भी रोहन के जन्मदिन की बात निकल चुकी थी लेकिन जब मैं उसके घर पर गया तो मैंने उसी लड़की को रोहन के घर पर देखा। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे वह लड़की रोहन के घर पर दिखेगी।

मैंने रोहन से जब उस लड़की के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे कोमल से मिलवाया। जब रोहन ने मुझे कोमल से मिलवाया तो मुझे उससे मिलकर बहुत अच्छा लगा और कोमल को भी मुझसे मिलकर बड़ा अच्छा लगा। यह हम दोनों की पहली मुलाकात थी उस दिन के बाद हम दोनों एक दूसरे को हर रोज मिलने लगे थे। मैं जब भी कोमल को मिलता तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगता और कोमल को भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता था जब भी हम दोनों एक दूसरे से बात किया करते। अब हम दोनों की दोस्ती दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही थी इसलिए हम दोनों एक दूसरे के करीब भी आते जा रहे थे। मैं कोमल को बहुत ही अच्छे से समझने लगा था और वह भी मुझे बड़े अच्छे से समझने लगी थी। कोमल की फैमिली में उसके एक बड़े भैया हैं जिन्होंने कोमल की परवरिश की है कोमल के पापा का देहांत काफी वर्ष पहले ही हो गया था उसके बाद कोमल के भैया ने ही कोमल की देखभाल की। कोमल के भैया कोमल से उम्र में काफी बड़े हैं और वह कोमल को बहुत प्यार भी करते हैं।

कोमल ने मुझे जब अपने भैया से मिलवाया तो मुझे उनसे मिलकर अच्छा लगा और कोमल को भी इस बात की बड़ी खुशी थी कि उसने मुझे अपने भैया से मिलवाया। अब हम दोनों का रिलेशन दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा था और हम दोनों की नजदीकियां भी बढ़ती ही जा रही थी लेकिन अभी तक हम दोनों ने एक दूसरे को अपने दिल की बात कही नहीं थी। मैं चाहता था कि कोमल से मैं अपने दिल की बात कह डालूं और फिर मैंने कोमल को अपने दिल की बात कहने का फैसला कर लिया था। मैंने जब कोमल को अपने दिल की बात कही तो कोमल भी मना ना कर सकी क्योंकि कोमल और मैं एक दूसरे को बहुत ही ज्यादा प्यार करने लगे थे और हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा चाहने लगे थे। मैं कोमल के बिना एक पल भी नहीं रह सकता था और ना ही कोमल मेरे बिना एक पल भी रह पाती थी। कोमल और मेरे बीच की नजदीकियां दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही थी और हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में रहने लगे थे।

मैं कोमल के साथ रिलेशन में बहुत ही ज्यादा खुश हूं और कोमल भी मेरे साथ रिलेशन में बहुत खुश है लेकिन अभी तक यह बात कोमल की फैमिली को नहीं मालूम थी। कोमल अपने भैया को इस बारे में बताना चाहती थी परंतु कोमल को थोड़ा समय चाहिए था। मैं भी कोमल को बहुत ज्यादा प्यार करता हूं इसलिए मैंने कोमल से कहा कि हम लोगों को एक दूसरे को थोड़ा और टाइम देना चाहिए। कोमल और मैं एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करने लगे थे। एक दिन कोमल और मैं कॉफी शॉप में बैठे हुए थे उस दिन कोमल ने मुझे कहा रोहित मैं तुम्हें अपनी मां से मिलवाना चाहती हूँ। मैंने कोमल को कहा लेकिन तुम अपनी मम्मी से मुझे कब मिलवाओगी क्या उन्हें हम दोनों के रिलेशन के बारे में कुछ पता नहीं है, कोमल ने मुझे कहा कि नहीं। कोमल चाहती थी कि वह मुझे अपनी मम्मी से मिलवाये इसलिए कोमल ने मुझे अपने घर पर बुलाया था। जब मैं कोमल के घर पर गया तो मैं कोमल की मम्मी से मिला मुझे उनसे मिलकर बड़ा अच्छा लगा और वह भी मुझसे मिलकर बहुत ज्यादा खुश थी।

उस दिन कोमल के घर पर समय बिता कर मुझे बहुत ही अच्छा लगा और कोमल भी बड़ी खुश थी जिस तरीके से उस दिन हम दोनों ने साथ में समय बिताया था। एक दिन कोमल और मैं अपने ऑफिस के बाद एक दूसरे को मिले ऑफिस खत्म हो जाने के बाद मैं जब कोमल को मिला तो कोमल और मैंने उस दिन मूवी देखने का प्लान बनाया और हम दोनों उस दिन मूवी देखने के लिए चले गए। जब हम दोनों मूवी देखने गए तो हम दोनों को साथ में बड़ा ही अच्छा लग रहा था और मूवी खत्म हो जाने के बाद मैंने कोमल को उसके घर छोड़ने का फैसला किया। हम दोनों टैक्सी से गए और मैंने उसे उसके घर छोड़ दिया था उसके बाद मैं अपने घर लौट आया था।

मैं जब अपने घर लौटा तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा उस दिन हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया और हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगा था जिस तरीके से मैंने और कोमल ने उस दिन साथ में समय बिताया। कुछ दिनों के लिए मुझे अपने ऑफिस के काम के सिलसिले में मुंबई जाना था और कोमल को भी यह बात मैंने बता दी थी। कोमल से मेरी मुलाकात कुछ दिनों तक हो नहीं पाई क्योंकि मैं मुंबई में था और जब मैं मुंबई से वापस लौटा तो उसके बाद मैं कोमल को मिला। मुझे बड़ा अच्छा लगा जब मेरी मुलाकात कोमल से हुई। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही चाहने लगे और हम दोनों एक दूसरे के साथ में बहुत ज्यादा खुश थे जिस तरीके से हम दोनों का रिलेशन चल रहा है।

एक दिन हम दोनो मिले उस दिन मैंने और कोमल ने फैसला किया की हम दोनो साथ मे रूके हमने साथ मे रहने का फैसला किया। मैंने कोमल को कहा मैं तुम्हारे साथ बहुत खुश हूं। हम दोनो उस दिन साथ मे थे हम दोनो साथ मे बैठे हुए थे। मेरे दिल में कोमल के लिए बहुत ज्यादा प्यार उमड़ आया था इसलिए मैंने भी कोमल के होंठों को चूमना शुरू कर दिया था। जब मैं कोमल के होठों को चूमने लगा था तो मुझे बहुत मजा आने लगा था और कोमल को भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ में सेक्स संबंध बनाने के बारे में सोच रहे थे। मैं कोमल के होंठों को चूमने लगा था और उसके होठों को चूमकर मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के होठों को चूम रहे थे उससे हम दोनो की आग जल रही थी और हम दोनो अब रह नहीं पा रहे थे।

हम दोनो एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाए जा रहे थे। जब मैंने कोमल के स्तनों को दबाना शुरू किया तो कोमल अब खुश हो गई थी वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैं कोमल के स्तनों का दबा रहा था मेरा लंड तन कर खडा हो रहा था। मैंने कोमल के कपडो को उतार दिया था। जब मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू किया वह गर्म हो गई थी। मैंने कोमल को बिस्तर पर लेटा दिया था उसके स्तनों को चूसने मे मुझे मजा आ रहा था। वह बहुत ही ज्यादा गर्म होने लगी थी वह मुझे कहने लगी मेरी गर्मी को तुमने पूरी तरीके से बढ़ा कर रख दिया है। कोमल अपने पैरो को आपस मे मिला रही थी। हम दोनों बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे मैंने कोमल की पैंटी को उतारा और उसकी चूत पर अपनी जीभ का स्पर्श किया वह तड़पने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मुझसे अब रहा नहीं जाएगा।

मैंने कोमल की योनि में अपने लंड घुसाने का फैसला कर लिया था जब मैंने कोमल की चूत के अंदर लंड को डाला तो वह खुश हो गई थी। वह जोर से चिल्ला रही थी और मुझे कहने लगी मुझे तेजी से धक्के मारो। कोमल की चूत से खून निकल रहा था वह तडप रही थी। मैं कोमल की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था जिससे कि उसकी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। मेरे अंदर की गर्मी अब बढ़ने लगी थी। मैं कोमल को तेजी से चोदे जा रहा था। वह खुश हो गई थी हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे जिस तरीके से मैंने और कोमल ने एक दूसरे की गर्मी को बढा दिया था। मैंने कोमल की चूत मे अपने माल को गिरा दिया था और वह बहुत खुश थी जिस तरह हमने सेक्स के मजे लिए थे।


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