कोमल भाभी को चोदकर उनका बी पी हाई किया

Komal bhabhi ko chodkar unka b p high kiya:

bhabhi sex stories, desi sex kahani

मेरा नाम विमल है। मेरी उम्र 27 वर्ष है और मैं कानपुर का रहने वाला हूं। मेरे दो भाई और हैं और मेरे पिताजी हमारे साथ रहते हैं। जब हम छोटे थे तब ही मेरी माँ का देहांत हो गया हो चुका था। उस समय हम लोग गांव में रहते थे। मेरे दादा जी ने मेरे पिताजी से कहा कि तुम दूसरी शादी कर लो लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया और कहने लगे, मैं दूसरी शादी के पक्ष में बिल्कुल नहीं हूं। क्योंकि मेरे दादा और दादी चाहते थे कि हम लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो। इस वजह से वह मेरे पिताजी से यही कह रहे थे कि तुम दूसरी शादी कर लो और अपना घर बसा लो लेकिन मेरे पिताजी ने बिल्कुल भी उनकी बात नहीं मानी और वह कानपुर में आकर बस गए। उन्होंने बहुत मेहनत की, उसके बाद शहर में एक छोटा सा घर ले लिया। उस समय मेरी उम्र 10 वर्ष थी। मैं जब भी उनके संघर्षों को देखता तो हमेशा से ही मैं उनकी तरह ही बनना चाहता था।

कानपुर में आकर उन्होंने डेयरी का व्यवसाय शुरू कर दिया और मेरे पिताजी का व्यवसाय बहुत ही अच्छे से चल पड़ा। उन्होंने हमें एक अच्छी तालीम दी और उसके बाद हम सब भाइयों ने अपनी पढ़ाई करने के बाद अब नौकरी करना शुरू कर दिया है। मेरे बड़े भैया भी नौकरी कर रहे हैं और वह एक अच्छी कंपनी में जॉब कर रहे हैं। मैंने अभी-अभी मार्केटिंग की जॉब शुरू कर दी है क्योंकि मुझे अभी फिलहाल कुछ काम नहीं मिल रहा था। तो मैंने सोचा खाली होने से अच्छा है कि कोई काम कर लिया जाए। मैंने मार्केटिंग की जॉब शुरू कर दी और मैं उस के सिलसिले में अक्सर बाहर ही रहता हूं। मैं एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव हूं। जब मुझे समय मिलता है तो मैं अपने पिताजी के साथ उनकी दुकान में ही बैठ जाता हूं और उनकी दुकान में कुछ काम कर लिया करता हूं। वह हमसे बहुत ज्यादा खुश रहते हैं और यह बात अक्सर कहते हैं कि तुम तीनो ने मुझे बहुत ही सहारा दिया है। तुम तीनों से ही मेरी जिंदगी चल रही है। नहीं तो मैं तुम्हारी मां के देहांत के बाद बहुत ज्यादा टूट चुका था। मैं अपने आप को बहुत अकेला महसूस भी करता था लेकिन फिर भी जब तुम तीनों को देखता हूं तो मुझे बहुत ही खुशी होती है। हमारे पिताजी एक अच्छे व्यक्ति हैं और वह बहुत ही समझदार भी हैं।

हमारे पड़ोस में एक शादीशुदा महिला रहती हैं। उनका नाम कोमल है। वह अक्सर हम तीनों भाइयों को देखती रहती थी और हम से पूछती थी कि तुम्हें कभी तुम्हारी मां की याद नहीं आती है। मैंने उन्हें कहा कि अब हमारी उम्र हो चुकी है और हमें कभी भी माँ की कमी महसूस नही हुई है। क्योंकि हमारे पिताजी ने हमारी माँ की कमी को पूरा किया है। उन्होंने कभी भी हमें किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दी और हमारी सारी इच्छाओं को अच्छे से पूरा किया है। उनके पति भी बहुत ही अच्छे इंसान हैं और वह भी सिर्फ काम की बात करते हैं। फालतू में वह भी किसी से बात नहीं करते हैं और जब किसी से काम होता है तभी उसके पास जाकर वह बात करते हैं। हमें इससे बहुत ही अच्छा लगता है। एक बार रात के समय कोमल भाभी के पति की तबीयत थोड़ा खराब हो गई और वह मेरे पास आई और कहने लगी तुम्हारे पास कोई दवाई है। जिससे उनकी तबीयत थोड़ा ठीक हो जाए। क्योंकि मैं अपने पास दवाइयां घर पर भी रखता था। मैंने उन्हें दवाई दे दी। जिससे कि उनके पति को बहुत आराम मिला। जब सुबह मैं अपने ऑफिस के लिए निकल रहा था तो उन्होंने मुझे शुक्रिया कहा। वह कहने लगी कि तुम्हारी दवाई से कल बहुत असर पड़ गया था। अब जब भी किसी भी प्रकार की छोटी मोटी समस्याएं होती तो वह मुझसे ही दवाई ले लिया करती थी। मैं भी उन्हें दवाइयां दे देता था।

एक बार कोमल भाभी के घर पर कोई नहीं था और उन्होंने मुझे अपने घर पर बुला लिया और कहने लगे कि आज मेरी तबीयत कुछ ज्यादा ही खराब है क्या तुम मेरा बी पी चेक कर सकते हो। मैंने कहा कि मैं एक काम करता हूं घर से मशीन ले आता हूं और आपका बीपी चेक कर देता हूं। मैंने उनसे पूछा कि आपके पति कहां हैं वह कहने लगी कि वह कहीं बाहर गए हुए हैं। अब जब मैं अपने घर से मशीन लाया तो उनका बीपी चेक करने लगा। मैंने जब उनका बीपी चेक किया तो वह कम था मैंने उन्हें कहा कि आपका बीपी अभी लो चल रहा है आप कुछ देर आराम कर लीजिए और मैंने उन्हें कुछ दवाइयां दे दी। वह कहने लगी ठीक है मैं दवाइयां खा लेती हूं लेकिन जैसे ही वह खड़ी उठी तो उन्हें चक्कर आ गया और वह जमीन पर गिर गई। मैंने उन्हें जैसे ही जमीन से उठाया तो उनके बड़े बड़े स्तन मेरे मुंह पर लग रहे थे। मैं अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पा रहा था और उनके स्तनों को अपने मुंह में ले रहा था। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मै उनके  स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था। मैंने जब उन्हें बिस्तर पर लेटाया तो उनकी स्तनों को बड़ी तेजी से दबाने लगा और उनकी गांड पर भी मैंने हाथ फेर दिए थे लेकिन वह अभी नहीं उठी थी। मैं अब उनके मुंह पर अपने लंड को लगाने लगा। मैं जब अपने लंड को उनके मुंह पर लगाता तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था।

मैंने उनके कपड़े खोल दिऐ और उनके स्तनों पर अपने लंड को रगडने लगा। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था उनके स्तनों के बीच में जब मैने अपने लंड को रगड रहा था। वह अब भी ऐसे ही बेहोश पड़ी थी लेकिन मुझे बहुत मजा आ रहा था उनके स्तनों के बीच में लंड रगडने मे  मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। उनकी चूत बहुत ही ज्यादा टाइट थी और उनकी चूत से भी पानी निकलने लगा जैसे ही उनकी चूत गिली हुई तो मैंने तुरंत ही अपने लंड को उनके चूत मे डाल दिया। मै ऐसे ही  उन्हें धक्का मारने लगा थोड़ी देर बाद वह होश में आ गई और उन्हें भी मज़ा आने लगा। उन्होंने भी मुझे कसकर पकड़ लिया और मैं बड़ी तेज गति से  उन्हें चोदता जाता। जिससे कि वह बड़ी तेज चिल्लाने लगी और मुझे कहने लगी क्या मेरी तबीयत ठीक हो गई है। मैंने उन्हें कहा कि आप बेहोश हो गई थी इसलिए मुझे आपको चोदना पड़ा और अब आप ठीक हैं। मैं उनकी टाइट चूत मे अपने मोटे लंड को डाले जा रहा था जिससे कि वह बहुत ही उत्तेजित हो जाती और बड़ी तेज आवाज में चिल्लाने लगती। लेकिन मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उन्हें ऐसे ही झटके दिए जा रहा था। मेरे धक्कों से उनका शरीर पूरा हिल जाता और उनके भी अंदर की उत्तेजना जाग जाती। मैंने उन्हें अब अपने ऊपर से लेटा दिया और वो मेरे लंड से अपने चूतडो को टकराने लगा। जैसे ही वह अपनी बड़ी-बड़ी चूतडो को मेरे लंड पर टकराती तो मेरी उत्तेजना और ज्यादा बढ़ जाती।  मै साफ-साफ उनकी चूत से अपने लंड को बाहर निकलता हुआ देख रहा था और वह उसे ऐसे ही अंदर लेती।

मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए उनके मुंह के अंदर डाल दिया। उन्होंने जैसे ही मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो उनके मुंह में बहुत ज्यादा गर्मी थी और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। जब अपने मुंह से वह मेरे लंड को चुसती तो वह इतने प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी कि मेरे लंड से पानी टपकने लगा। मेरा जोश और ज्यादा बढ़ने लगा मैंने भी तुरंत ही भाभी को दोबारा से अपने नीचे लेटा दिया। मैंने उन्हें बड़ी तीव्र गति से धक्के दे रहा था। मैं इतनी तीव्रता से भाभी को चोद रहा था कि उनके मुंह से सिसकियां निकल जाती और वो मुझे कहने लगी कि तुम तो बहुत ही अच्छे से मेरी चूत मार रहे हो। ऐसे तो मेरे पति भी नहीं करते हैं और तुमने मेरा बीपी भी ठीक कर दिया है मेरा बीपी एकदम हाई हो चुका है और मैं अपने आप को काफी राहत महसूस कर रही हू। मुझे ऐसा लग रहा है कि जैसे मैं अपने आपको बहुत ज्यादा स्वस्थ और तंदुरुस्त महसूस कर रही हू। मै अब भी उन्हें ऐसे ही चोदे जा रहा था क्योंकि मेरा वीर्य पतन नहीं हुआ था। अब मैंने अपनी स्पीड को बहुत ज्यादा तेज कर दिया और मैं चाहता था कि जल्दी से मैं अपने माल को उनके बड़े बड़े स्तनों पर डाल दू। मैंने बड़ी तेज तेज झटके मारे और वह भी अपनी मुह से मादक आवाज निकालती जाती। मेरा वीर्य गिरने वाला था और मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए उनके बड़े बड़े स्तनों पर अपने वीर्य का छिड़काव कर दिया। उसके बाद से तो मैं भाभी के यहां बहुत बार जा चुका हूं।


Comments are closed.