कविता बेड पर नंगी

Kavita bed par nangi leti :

sex stories in hindi, desi kahani

मेरा नाम जयंत है और मेरी उम्र 30 वर्ष है। मैं जयपुर में रहता हूं और यहीं पर एक छोटी सी कंपनी में नौकरी करता हूं। हमारी कंपनी का काम डोर टू डोर सामान बेचने का था। इसलिए मैं भी अपना सामान बेचने के लिए डोर-टू-डोर ही जाता था। कई लोग हमारा सामान खरीद लेते थे और कई लोगों को हमारा सामान पसंद नहीं आता था लेकिन लोगों को समझाना बहुत ही मुश्किल होता था। फिर भी मैं यह काम कर ही रहा था। क्योंकि मुझे इसमें कई वर्ष हो चुके थे और मुझे कुछ और काम आता भी नहीं था। इसलिए मैंने यही पर काम करना उचित समझा और इसी कंपनी में शुरू से अब तक काम कर रहा हूं। मैं अपनी कंपनी को बहुत ही अच्छा बिजनेस भी देता हूं। जिसकी वजह से वह मुझे एक अच्छा इंसेंटिव भी देते हैं। मैं सबसे पुराना व्यक्ति हूं जो अपनी कंपनी में काम कर रहा हूं। मेरी कंपनी में बहुत सारे कर्मचारी हैं। जो कि डोर टू डोर सर्विस के लिए जाते हैं। हम लोगों का कॉस्मेटिक्स का सामान होता है। जिसे हमें बेचना पड़ता है लेकिन फिर भी मेरे कई कस्टमर बने हुए थे और मैं अपने मोहल्ले में भी अपने सामान को बेचा करता था। वहां पर मुझसे ही अधिकतर महिलाएं सामान लेती थी। क्योंकि वह हमारे ही मोहल्ले में रहती हैं इस वजह से उन्हें मुझ पर भरोसा था कि मैं उन्हें किसी भी प्रकार का गलत सामान नहीं दूंगा। इसलिए वह मुझसे ही खरीदा करते थे। मुझे भी ऐसा लगता था कि यह काम बहुत ही मुश्किल है लेकिन जब मैं सुबह काम पर निकलता था तो मुझे लगता था कि शायद मैं आज काम नहीं कर पाऊंगा लेकिन फिर भी मैं कुछ ना कुछ बिजनेस उठाकर ले ही आता था और कंपनी में जाता तो वह कहते कि तुम बहुत ही अच्छा काम कर रहे हो और ऐसे ही काम करते रहो। मेरी कई लोगों से मुलाकात होती रहती थी। जिनसे मैं पहली बार ही मिलता था और उन लोगों से मेरे बहुत ही अच्छे संबंध हो जाते थे।

एक बार मैं फील्ड में घूम रहा था और डोर टू डोर जा रहा था। मैंने जब एक घर की बेल बजाई तो वहां से एक महिला बाहर आई मैंने उसे जब अपना प्रोडक्ट दिखाया तो उसने मुझसे थोड़ा बहुत सामान खरीद लिया। मैंने उससे यह कह दिया था कि यदि आपको यह सामान अच्छा लगे तो आप दोबारा से मुझे संपर्क कर लीजिएगा। मैं आपके घर में सामान पहुंचा दूंगा। उस महिला का नाम आरती था और उसके बाद मैं वहां से अपने ऑफिस के लिए निकल गया। कुछ दिनों बाद आरती का फोन मेरे फोन पर आया और वह कहने लगी कि आप का प्रोडक्ट मुझे बहुत ही अच्छा लगा। तो क्या आप और सामान भिजवा सकते हैं। मैंने उसे कहा कि अभी तो फिलहाल मेरा आना संभव नहीं है क्योंकि मैं कंपनी के काम से कहीं बाहर गया हुआ हूं लेकिन जैसे ही वापस लौटता हूं तो मैं तुरंत ही आपके पास सामान भिजवा दूंगा। उसने मुझे सामान की लिस्ट बता दिया और मैं जब वापस लौटा तो मैं आरती के घर गया। आरती ने मुझे अपने घर पर बुलाया और मैं उसे घर पर बैठकर ही उसे सामान दिखा रहा था। अब हम लोगों की काफी बातें हो रही थी। वह मुझसे पूछने लगी तुम कहां रहते हो। मैंने उसे बताया है कि मैं यहीं का रहने वाला हूं और मैंने भी उससे उसके बारे में पूछ लिया तो वह कहने लगी कि मेरे पति एक डॉक्टर है और वह हरियाणा में रहते हैं। जब उनकी छुट्टी होती है तभी वह यहां आते हैं। मैंने उससे पूछा की तुम्हारी शादी को अभी कितना समय हुआ है। वह कहने लगी कि मेरी शादी को 1 वर्ष हो चुका है। उसके बाद मैंने भी ज्यादा कुछ नही बोला और अब मैंने उसे अपने प्रोडक्ट के बारे में पूछा तो वह कहने लगी कि तुम्हारा प्रोडक्ट मुझे बहुत ही पसंद आया। इसलिए मैंने तुमसे और सामान मंगवाया है। उसने मुझे उन सामान के पैसे दिए और मैं अब उसके घर से चला गया। वह बीच-बीच में हमसे सामान मंगवा लिया करती थी और मैं उसका सामान भिजवा देता था। यदि मैं कभी उस तरफ जाता तो खुद ही सामान लेकर जाता हूं।

एक दिन आरती भाभी ने मुझे फोन कर दिया और कहने लगी कि क्या तुम आज सामान भिजवा सकते हो। मैंने उन्हें कहा कि क्या सामान भिजवाना है। वह कहने लगी कि मुझे मेरी चूत टाइट करवानी है उसके लिए कोई क्रीम तुम्हारे पास है। मैंने उन्हें कहा कि हां मेरे पास एक क्रीम है जिससे कि आपकी चूत एकदम टाइट हो जाएगी और पहले जैसे ही हो जाएगी। वो कहने लगी कि ठीक है तुम उस क्रीम को लेकर मेरे पास आ जाना और कुछ सामान और भी तुमसे मंगवाना है। उन्होंने मुझे मैसेज करके वह सामान की लिस्ट भेज दी। मैं उनके घर खुद ही बहुत सामान लेकर गया। जब हम बैठे हुए थे तो वह पूछने लगी कि तुम क्या-क्या सामान लाए हो। मैंने सारा सामान दिखाया और उसके बाद वह क्रीम भी दिखाई। वह कहने लगी कि यह असरदार तो है मैंने कहा अभी इसे लगाकर देखो अगर फर्क नहीं पड़ता तो आप मुझे वापस कर देना। वह जैसे ही अंदर अपने कमरे में उसे लगाने लगी तो मैं उनके कमरे में चला गया और उनकी चूत को देखा तो उस पर हल्के भूरे रंग के बाल थे और वह उस पर बड़े ही अच्छे से क्रीम लगा रहे थी। मैंने उन्हें कहा कि मैं भी आपकी चूत पर क्रीम लगा देता हूं और मैंने उसकी चूत पर पूरी क्रीम रगड़ने शुरू कर दिया। जिससे कि वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई और उसकी चूत गीली होने लगी वह इतनी ज्यादा गीली हो गई थी कि चूत से पानी निकलने लगा। जब चूत से पानी निकल रहा था तो मैंने अंदर उंगली डाल दी मैंने अंदर उंगली डाली तो वह चिल्लाने लगी और मस्त मूड में हो गई। मैं अब अपनी उंगली को उसके अंदर बाहर कर रहा था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं अपने उंगलियों को उसके चूत के अंदर बाहर करता जाता।

थोड़ी देर में वह कुछ ज्यादा ही कंट्रोल से बाहर हो गई और उसने मेरी पैंट से मेरे लंड को बाहर निकालते हुए उसे मुंह में लेना शुरू कर दिया। वह ऐसे ही उसे बहुत देर तक चूसने लगी वह अच्छे से चूसती रहती और मेरा पानी भी उसने अपने मुंह के अंदर ले लिया। अब मैंने उनके दोनों पैरों को खोलते हुए उनके अंदर अपने लंड को घुसेड़ दिया। जैसे ही मैंने लंड डाला तो वह अब भी बहुत टाइट थी और मैं अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और वह भी बहुत ही मजे में आ गई। मैंने उन्हें कहा कि आपकी चूत तो पहले से ही टाइट है आपको क्या जरुरत पड़ गई इसकी वो कहने लगी कि मेरे पति कहते हैं कि तुम्हारी चूत अब ढिली हो चुकी है इसलिए मुझे मजा नहीं आता है इसलिए मैंने तुमसे क्रीम मंगाई थी। मैंने उन्हें कहा कि आपकी चूत तो अभी भी लड़कियों जैसी है और मैं उन्हें ऐसे ही चोद रहा था। मैंने उनके दोनों पैरों को और चौड़ा कर लिया। जिससे कि मुझे आसानी होती उन्हें धक्के मारने में मैं बड़ी तेजी से उन्हें चोद रहा था। वह अपने मुंह से आवाज निकाल रही थी उन्हें भी बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था।

मैंने उनके स्तनों को भी अपने हाथों से दबाना शुरु कर दिया। कुछ देर बाद मैंने उनके स्तन को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो वह बहुत ज्यादा खुश हो गई और उनके स्तनों से दूध भी निकलने लगा। उनके स्तन बहुत ही बड़े थे जो कि मुझे काफी पसंद आ रहे थे। मैंने उनके स्तनों पर अपने दांत भी काट दिए जिससे कि उनके स्तनों से खून निकलने लगा और मैं उन्हें ऐसे ही चोदे जा रहा था। कुछ समय बाद उन्होंने कहा कि मुझे अपने लंड के ऊपर बैठा दो मैं उसकी सवारी करना चाहती हूं। वह मेरे खड़े लंड पर बैठ गई और उन्होंने अपनी चूत को मेरे लंड के अंदर डाल दिया। जैसे ही उन्होंने अपनी चूत को मेरे लंड मे डाला तो मुझे बहुत ज्यादा टाइट प्रतीत हो रही थी और मैं उन्हें झटके मार रहा था। मैंने उन्हें बड़ी तेज तेज झटके मारे और वह भी अपनी चूतड़ों को हिलाने लगी। वह भी उसे ऊपर-नीचे करती जाती और मुझे बहुत ही मजा आने लगा। उनकी  चूत से बहुत ज्यादा गर्मी निकल रही थी जब उनका झड गया तो उन्हीं के साथ मेरा भी वीर्य उनकी योनि में जा गिरा। हम दोनों बहुत देर तक ऐसे ही लेटे रहे। उसके बाद तो मैं आरती भाभी की चूत हर हफ्ते मार लिया करता हूं और उनका सामान भी उन्हें दे आता हूं।

 


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