काश तुम मेरे पति होते

Kash tum mere pati hote:

Kamukta, antarvasna मैं जिस कॉलेज में पढ़ता था वहां पर मेरी मुलाकात रोशनी से हुई मैं बहुत ज्यादा शर्माता था जिस वजह से मैं रोशनी से कभी बात ही नहीं कर पाया हम लोग एक साथ ही पढ़ते थे और करीब एक साल तक मैंने रोशनी से कोई बात नहीं की लेकिन उसके बाद मेरी रोशनी से बात होने लगी। मैं जब भी रोशनी से बात करता तो मुझे बहुत अच्छा लगता और धीरे-धीरे हम दोनों की दोस्ती होने लगी अब हम दोनों की अच्छी दोस्ती हो चुकी थी और एक दिन मैंने रोशनी को अपने दिल की बात कह दी। मैंने जब उससे अपने दिल की बात की तो वह शायद मना ना कर सकी और उसने मेरे प्यार को स्वीकार कर लिया। हम दोनों के बीच प्यार हो चुका था और सब कुछ बहुत अच्छे से चल रहा था मैं और रोशनी एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताया करते और हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार भी करते थे।

मुझे लगता था कि मैं दुनिया का सबसे खुशनसीब व्यक्ति हूं क्योंकि मैंने जो सोचा था वही मुझे मिला लेकिन यह मेरी गलत धारणा थी और शायद इसी का खामियाजा मुझे उस वक्त भुगतना पड़ा जब रोशनी ने मेरा साथ छोड़ दिया। रोशनी के पापा ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी मैं इस बात से बहुत ही ज्यादा तड़प उठा था और मैं बिल्कुल भी इस बात को मानने को तैयार नहीं था कि वह किसी और से शादी कर रही है लेकिन वह भी अपने परिवार के आगे बेबस थी और वह बिल्कुल भी अपने परिवार के खिलाफ जाकर मुझसे शादी नहीं कर सकती थी। मेरा कॉलेज भी खत्म हो चुका था और मैं इसी सदमे में था कि रोशनी ने मेरे साथ ऐसा क्यों किया मैं उससे जवाब चाहता था लेकिन उसने मुझसे पूरी तरीके से संपर्क खत्म कर लिया था उसने अपना नंबर भी चेंज कर लिया था और मेरा भी उससे कोई संपर्क नहीं था। मैंने उससे मिलने की कोशिश भी की लेकिन वह मुझसे मिलना ही नहीं चाहती थी अब उसकी शादी हो चुकी थी। मैं अपने इस सदमे को कभी भूल ही नहीं सकता था मैं सिर्फ इसी बात को हमेशा सोचता रहता की उसने मेरे साथ बहुत गलत किया। समय बीतता गया और करीब एक साल बाद मैंने एक कंपनी में जॉब के लिए अप्लाई किया जब मैंने वहां पर जॉब के लिए अप्लाई किया तो मेरी जॉब लग चुकी थी सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा था और मैं अपने काम पर भी पूरा ध्यान देता।

जिस ऑफिस में मैं काम करता था उस ऑफिस में हमारे बॉस की लड़की अक्सर आया करती थी उसका नाम राधिका है। राधिका जब भी ऑफिस में आती तो वह मुझसे बहुत बात किया करती थी लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिरकार वह मुझसे इतना ज्यादा क्यों बात किया करती है लेकिन जब राधिका ने अपने दिल की बात मुझसे कहीं तो मुझे लगा शायद राधिका से बेहतर अब कोई नहीं हो सकता और मैंने राधिका के साथ शादी करने का फैसला कर लिया। राधिका के पिताजी जो कि मेरे बॉस थे उन्हें भी हमारे रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी क्योंकि राधिका घर में एकलौती है उसकी खुशी के लिए उसके पिताजी कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। मेरी शादी भी राधिका से तय हो गई मेरी किस्मत एकदम से बदल चुकी थी क्योंकि जिस कंपनी को राधिका के पिताजी सम्भालते थे उसे अब मैं संभालने लगा था सारी जिम्मेदारी मेरी थी मैं बहुत ही अच्छे से कंपनी संभाल रहा। राधिका के पिताजी मेरी तारीफ किया करते थे और हमेशा मुझे कहते बेटा तुमने जो जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली वह शायद मेरा खुद का लड़का भी नहीं ले पाता, मुझे कई बार इस चीज का अफसोस होता था कि काश मेरा कोई लड़का होता लेकिन जब भी मैं तुम्हें देखता हूं तो मुझे ऐसा लगता है जैसे कि तुम ही मेरे लड़के हो तुमने काम को भी बहुत अच्छे से संभाला है। उन्हें मुझ पर पूरा भरोसा था और राधिका के साथ मेरा रिश्ता बहुत अच्छा चल रहा था राधिका भी नेचर की बहुत अच्छी है और वह हमेशा मेरे साथ खड़ी रहती। मुझे भी नहीं पता चला कि कब मेरी किस्मत बदल गई मैं तो सिर्फ नौकरी करने के लिए कंपनी में आया था लेकिन मुझे राधिका मिली तो मेरा जीवन ही पूरा बदल गया। मेरे पास अब पैसे की कोई कमी नहीं थी मैं एक अच्छी जिंदगी जी रहा था और सब कुछ अब मेरे ही कंधों पर था लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था।

एक दिन मैं ऑफिस में ही था तो उस दिन मैंने देखा रोशनी इंटरव्यू देने के लिए आई हुई है मैं रोशनी को पहचान नहीं पाया क्योंकि उसके चेहरे पर वह रौनक नहीं थी जो कि पहले थी लेकिन मैंने जब ध्यान से देखा तो वह रोशनी थी। मैं रोशनी के पास गया और उसे कहा तुम यहां क्या कर रही हो तो उसने कहा मैं यहां इंटरव्यू देने आई हूँ। वह मेरे सूट बूट और मेरे पहनावे कि देखकर समझ गई कि मैं किसी अच्छे पद पर हूं लेकिन उसे नहीं पता था कि मैं ही कंपनी को संभालता हूं और सारी जिम्मेदारियां अब मुझ पर ही थी। मैंने रोशनी से कहा तुम मुझे मेरे कैबिन में मिलो रोशनी मेरे कैबिन में आई तो उसने अपनी सारी दुख भरी कहानी मुझसे बयां की। वह मुझे कहने लगी शोभित मैं तुम्हें क्या बताऊं मैंने शादी कर के बहुत गलती की है मुझे पता होता कि मेरे पति एक नंबर का शराबी है तो शायद मैं कभी भी उससे शादी नहीं करती लेकिन मेरे परिवार वालो के कहने पर मैंने उससे शादी की और अब मेरी पूरी जिंदगी बर्बाद हो चुकी है। मैं रोशनी के चेहरे पर देख रहा था और मुझे इस बात का पता चल चुका था कि उसके चेहरे की उदासी सिर्फ उसके पति से है मैंने रोशनी से कहा तो क्या तुम्हारे पति काम नहीं करते।

वह कहने लगी वह काम तो करते हैं और उनकी अच्छी नौकरी भी है लेकिन वह सारा पैसा शराब में उड़ा दिया करते हैं और घर में कुछ भी नहीं देते। मुझे भी अपनी जिंदगी जीनी है और मुझे भी अपने लिए कुछ करना था इसलिए मैंने सोचा कि मैं जॉब कर लेती हूं तभी मैंने तुम्हारी कंपनी का इस्तेहार देखा उसमें कुछ वैकेंसी आई तो सोचा मैं जॉब कर लेती हूं और मैं इंटरव्यू देने चली आई। रोशनी को यह पता चल चुका था कि मैं ही सारी कंपनी को संभालता हूं मैंने रोशनी से कहा तुम्हारे जाने के बाद मैं बहुत अकेला था और फिर मैंने यह कंपनी ज्वाइन की। उसी बीच मेरी मुलाकात राधिका से हुई राधिका ने मेरा बहुत साथ दिया और उसने मुझसे शादी कर ली। रोशनी कहने लगी तुम तो बहुत ही खुशनसीब हो जो तुम्हें राधिका जैसी पत्नी मिली उसने तुम्हारा कितना साथ दिया। मैंने रोशनी से कहा अब इन सब बातों का कोई मतलब नहीं है मैंने तुम्हारा भी काफी इंतजार किया था और मैं बहुत दुखी था लेकिन राधिका ने मेरे जीवन में खुशियां भर दी थी मैंने कभी सोचा भी नहीं था। रोशनी का हमारी कंपनी में सलेक्शन हो गया और वह काम भी करने लगी थी। मैंने रोशनी के बारे में राधिका को नहीं बताया था क्योंकि मैं नहीं चाहता था की उससे मेरे जीवन पर कोई असर पड़े। मेरा शादीशुदा जीवन बहुत अच्छे से चल रहा था और वह सिर्फ राधिका की वजह से ही चल रहा था क्योंकि राधिका बहुत ही अच्छी है और हमेशा वह मुझे खुश रखने की कोशिश करती है। रोशनी भी अपने काम पर पूरा ध्यान दे रही थी और वह बड़े अच्छे से ऑफिस में काम किया करती उसकी जिंदगी भी अब पहले से बेहतर होने लगी थी। रोशनी के चेहरे पर हमेशा वही दुख होता एक दिन मैंने उसे अपने पास बुलाया और उसे समझने की कोशिश की तो मुझे पता चला वह बहुत ज्यादा दुखी है उसका पति उसे किसी भी प्रकार से सुख नहीं दे पा रहा है। रोशनी ने मुझे कहा जब मैं तुमसे बात करती हूं तो मुझे वह समय याद आता जब हम दोनों साथ में रहते थे मैंने रोशनी को गले लगा लिया वह मेरे केबिन में ही थी।

मैंने उसको सोफे पर बैठा कर पानी का गिलास दिया उसने पानी पिया और मुझे कहने लगी मैंने बहुत गलत किया मैंने उसे कहा तुमने कुछ भी गलत नहीं किया। मैं उसके स्तनों को देख रहा था मैंने जब उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे ऐसा लगा जैसे कि वह मेरे आगोश में आ गई है वह पूरी तरीके से मचलने लगी उसने मेरी पेंट की चैन को खोलते हुए मेरे मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और उसे अपने गले तक लेकर चूसने लगी रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था जब मैंने अपने लंड को उसकी योनि पर सटाते हुए अंदर की तरफ डाला। वह मुझे कहने लगी काश तुम मेरे पति होते मैंने उसे कहा मैं तुम्हारा पति तो नहीं बन सकता लेकिन उसकी कमी को पूरा कर सकता हूं। मैंने उसकी चूतडो को पकड़ते हुए अंदर की तरफ तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए थे वह मेरा पूरा साथ दे रही थी और उसे बहुत मजा आ रहा था। मैंने उसके साथ काफी देर तक संभोग किया जब हम दोनों पूरी तरीके से संतुष्ट हो गए तो उसके बाद उसने मुझे गले लगाते हुए मेरे होठों पर किस किया।

यह सिलसिला आम हो गया मेरा जब भी मन होता तो मैं रोशनी को कैबिन में बुला लिया करता और जब भी वह मुझसे मिलती तो उसके बदन की गर्मी को मैं महसूस किया करता। वह मेरे लंड को अपनी चूत में लेने के लिए बेताब रहती। राधिका के साथ मेरा रिलेशन बहुत अच्छा है और मैंने जब रोशनी को राधिका से मिलाया तो वह मुझे हमेशा कहती कि काश कि मैं तुम्हारी पत्नी होती। मैं रोशनी को कहता मैं तुम्हारी हर जरूरतों को पूरा तो कर रहा हूं और तुम्हें इतने में ही खुश रहना चाहिए ।उसने भी अब अपने आपको इतने में ही खुश रख लिया है लेकिन मैं उसे चोदने के लिए हमेशा बेताब रहता हूं वह अब पहले जैसे ही सुंदर दिखने लगी हैं और अपने आप को पूरा मेंटेन करके रखती है। वह काफी हॉट हो चुका है उसे चोदने में मुझे बड़ा मजा आता है एक दिन तो उसने अपनी गांड मरवाने की इच्छा जाहिर की। उसकी इच्छा भी मैंने पूरी कर दी और मै रोशनी को उस वक्त तो ना पा सका लेकिन अब वह मेरे साथ है।


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