कर ले यार कर ले चुदाई

Kar le yaar kar le chudai:

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मेरा नाम शेफाली है मैं सूरत की रहने वाली हूं मैंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई सूरत में ही हुई थी। मैं यहां अपने मम्मी पापा के साथ रहती थी। 12वीं की पढ़ाई के बाद मुझे ग्रेजुएशन करना था इसलिए मेरे मम्मी पापा ने मेरा एडमिशन किसी अच्छी कॉलेज में कराने की सोची। उसके बाद मेरे मम्मी पापा ने मेरा एडमिशन कोलकाता के एक कॉलेज में करवा दिया। उन्होंने मेरा एडमिशन इसलिए वहां कराया क्योंकि वहां हमारे रिश्तेदार भी रहते थे। उन्हीं के होने के कारण मेरे घर वालों ने मुझे वहां भेजने की सोची अब मेरा एडमिशन कोलकाता में हो गया था। मैं वहीं रहने लगी वहां मैं अपने रिश्तेदारों के साथ नहीं रहती थी। मेरे मम्मी पापा ने मेरे लिए वहां अलग से किराए पर घर ले रखा था।

कुछ दिन तो मेरी मम्मी लोग मेरे साथ रहे लेकिन मेरे पापा को सूरत में काम होने की वजह से वह लोग थोड़े दिन बाद वापस चले गए थे। इसलिए अब मैं यहां अकेली रहती थी। मुझे यहां रहते हुए काफी टाइम हो गया था। मेरे मम्मी पापा लोग बीच-बीच में मुझसे मिलने आया करते थे। जब मेरी कॉलेज की छुट्टियां पड़ती तो मैं भी अपने मम्मी लोगों से मिलने अपने घर चली जाती थी। यहां कोलकाता में अपने रिश्तेदारों से मिलने चले जाया करती थी। मेरी मम्मी ने कहती थी कि कभी-कभी उनसे मिलने भी चले जाया करो तो जब मैं उनसे मिलने गई। मै दो-तीन दिन वही उन्हीं के साथ रही। वहां मेरे मामा जी मेरी मामी और उनका एक बेटा था वह अभी स्कूल में पढ़ रहा था। उनकी बेटे का नाम अमन था मैं अमन के साथ में कभी कभार घूमने जाया करती थी। जब मैं कॉलेज से जल्दी आ जाती थी तो अमन के साथ मार्केट चली जाती थी। वह भी कभी-कभी मेरे घर आया करता था। जब उसकी स्कूल की छुट्टियां होती तो वह मुझसे मिलने मेरे घर आ जाया करता था। हम दोनों साथ में खूब मस्ती करते अमन अभी दसवीं में पढ़ रहा था। उसके अब बोर्ड के एग्जाम थे इसलिए वह पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे रहा था। घर पर भी उसकी मम्मी उसी रोज पढ़ाने के लिए बैठाती थी और कभी-कभी मैं भी उनके घर अमन की पढ़ाई में हेल्प करने चली जाती थी और खुद भी उसे पढाया करती थी।

कुछ दिनों बाद मेरे भी एग्जाम होने वाले थे इसलिए हम दोनों साथ में बैठकर पढ़ाई करते थे। मुझे अच्छे नंबरों से पास होना था इसलिए मैं अपनी पढ़ाई में ज्यादा मेहनत कर रही थी।

मेरी पढ़ाई बहुत ही अच्छे से चल रही थी और मैं ज्यादातर अब अपने मामा जी के घर पर ही रहती थी क्योंकि मुझे खाने बनाने की तकलीफ होती थी। इस वजह से मैं अपने मामा के यहां पर रहकर एग्जाम देने वाली थी। मेरा ध्यान अब सिर्फ पढ़ाई पर ही था। उसी बीच मैंने अपने मोबाइल पर एक पोर्न मूवी देख ली और मेरा मन पूरा खराब हो गया। मैं सिर्फ यही सोच रही थी कि मेरी चूत की खुजली कैसे मिटेगी। मैं पहले सोचने लगी कि बाथरुम में जाकर अपनी चूत मे उंगली करती हूं लेकिन मुझे डर लग रहा था। कहीं किसी ने पकड़ लिया तो इस वजह से मैंने यह सब करने की नहीं सोची लेकिन मैं अपने आप को भी नहीं रोक पा रही थी। मै जल्दी से बाथरूम में चली गई मैं जैसे ही बाथरूम में गई तो मैंने तुरंत ही अपने चूत को रगड़ना शुरू किया। कुछ देर में मेरा पानी निकलने वाला था। यह सब मेरे मामा ने देख लिया क्योंकि वह बगल वाले बाथरूम में नहा रहे थे। वहां पर एक छोटा शीशा लगा हुआ था। जिसके आर पार से दिखाई दे जाता था। मै अपनी पढ़ाई पर लग गई मेरे मामा जी तब नहा कर आए तो उन्होंने मुझे अपने कमरे में बुलाया। वह पूछने लगे कि तुम बाथरुम में क्या कर रही थी। मैं इस बात से बहुत डर गई और यह सोचने लगी कि इन्हें कहां से पता चला कि मैं वहां पर जा कर रखी थी। मैंने उन्हें कहा कुछ भी तो नहीं कर रही थी। अब वह कहने लगी कि तुम ही बता दो या फिर मैं तुम्हें बताऊं कि तुम वहां क्या कर रही थी। मुझे यह तो समझ आ गया था कि उन्होंने सब कुछ देख लिया है। भलाई इसी में ही है कि मैं सब बता ही देती हूं तो मैंने उन्हें कहा कि मैं अपनी चूत कि गर्मी को बाहर निकाल रही थी क्योंकि बहुत दिनों से वह बाहर नहीं निकली थी। अब वह मुझसे पूछने लगे कि क्या तुम हमेशा ही ऐसे करती हो। मैंने जवाब दिया हां बीच-बीच में दो-तीन दिन छोड़कर मैं अपने चूत मे उंगली से रगड़ती हूं।

वह मुझे समझाने लगे और कहने लगे तुम अभी जवान हो चुकी हो और तुम्हें एक लंड की जरूरत है। उन्होंने मुझे कहा कि क्या तुम्हें एक लंड चाहिए जो तुम्हारी इच्छाओं को पूरी कर सकता है और तुम्हें खुश कर सकता है। मैंने कहा हां ठीक है अगर कोई इस तरीके से मुझे मिल जाता है तो मैं बहुत खुश हो जाऊंगी। उन्होंने अब मुझे अपने पास बुला लिया और वह मेरी जांघों को सहलाने लगे। वह बहुत ही प्यार से मेरी जांघो को सहला रहे थे। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब वह मेरे स्तनों पर अपने हाथों से दबातें। उन्होंने ऐसे ही मेरी चूत को बड़ी जोर से दबा दिया। जिससे मेरी थोड़ी आवाज निकल पड़ी लेकिन उन्होंने मुझे छोड़ा नहीं और अपने पास ही बैठा कर रखा। अब उन्होंने मेरे हाथों को पकड़ते हुए अपनी पैंट के अंदर डाल दिया। मैंने जैसे उनकी पैंट में हाथ डाला तो मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि कोई मोटी सी चीज वहां अंदर है। मैं समझ गई कि यह उनका लंड है। मैंने भी उनकी पैंट से उनके लंड को बाहर निकाल लिया। जैसे ही मैंने उनके लंड को बाहर निकाला तो वह बहुत ज्यादा मोटा और सख्त था। मैंने ऐसे में ही अपने लंड को मुंह में लेना शुरू किया और काफी देर तक अपने मुंह में उसे लेती रही। मुझे बहुत अच्छा प्रतीत हो रहा था जब मैं उनके लंड को अपने मुंह में लेकर चुसती। वह मेरे गले के अंदर तक जाता और एक अलग ही स्वाद मेरे मुंह में आ रहा था।

अब मेरे मामा से भी नहीं रहा जा रहा था और उन्हें तुरंत ही मेरे स्तनों को बहुत तेज दबाना शुरु कर दिया। उन्होंने मेरे कपड़ों को उतार दिया जैसे ही उन्होंने मुझे नंगा किया तो वह मुझे कहने लगे तुम्हारी जवानी दहलीज पर है। तुम्हें मेरे बड़े और सख्त लंड की जरूरत है जो तुम्हें आगे बढ़ने में बहुत ही काम आएगा। उन्होंने मुझे ऐसे ही कसकर पकड़ लिया और वही बिस्तर पर लेटा दिया। वह मेरे पूरे शरीर को अच्छे से चाटने लगे। उन्होंने बहुत देर तक मेरे शरीर को चाटा। उन्होंने मेरे शरीर का कोई भी अंग ऐसा नहीं छोड़ा जिसको  उन्होंने अपने मुंह में ना डाल लिया हो। मुझे भी महसूस हो रहा था कि मेरी जवानी चरम सीमा पर है और मेरी चूत गीली होती चली गई। मैंने जैसे ही अपने चूत पर हाथ लगाया तो वह गीली हो गई थी। मेरे मामा ने भी मेरी चूत मे अपने लंड को डालना शुरू किया। यह मेरा पहला मौका था। जब मेरे ऊपर कोई चढ़ा था और मुझे असली में ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मेरे साथ कोई सेक्स कर रहा है नहीं तो मैं सिर्फ पोर्न मूवी देख कर ही काम चलाती थी। मेरे लिए यह एक अच्छा अनुभव था। मेरे मामा बहुत एक्सपीरियंस वाले थे तो उन्होंने मेरी चूत की झिल्ली को एक ही झटके में तोड़ दिया और मेरी वर्जिन चूत का उद्घाटन कर दिया। जैसे ही उनका लंड अंदर गया तो वैसे ही मेरे चूत से पिचकारी बाहर निकलने लगी और मेरा सारा खून निकलता जा रहा था।

मुझे बहुत तेज ब्लीडिंग हो रही थी। मेरे मामा ने मुझे कसकर अपनी बाहों में ले लिया और झटके मारने शुरू किए। उन्होंने इतनी तेज तेज झटके मारे कि मेरे चूतडे धराशाई हो जाती और मेरे शरीर से एक अलग ही तरीके से गर्मी बाहर निकलती। मुझे यह सब बहुत अच्छा लग रहा था। वह इतनी तीव्र गति से मुझे चोद रहे थे कि मुझे ऐसा लग रहा था। जैसे कोई गाड़ी छूटने वाली हो वह मुझे ऐसे ही काफी देर तक रगड़ते रहे। मेरा तो झड़ ही चुका था लेकिन वह बहुत ही पुराने खिलाड़ी थे तो उन्होंने अपना कार्यक्रम जारी रखा। वह मुझे ऐसे ही झटके देते रहे और मुझे ऐसा लगता कि जैसे वह मुझे अपने नीचे दबा रहे हो फिर एकदम से ऊपर की तरफ उठ जाते। उन्हें ऐसा करते हुए काफी समय बीत गया था। अब उनका भी वीर्य पतन हो गया और उन्होंने मेरी के अंदर ही अपने माल को डाल दिया। उन्होंने मेरी ब्लीडिंग को रोकने के लिए एक कपड़ा मुझे दिया। जो कि मैंने अपनी पैंटी के अंदर से लगाकर रखा था।

 


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