कमसिन लडकी की चुदने की लालसा

Kamsin ladki ki chudne ki lalsa:

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दोस्तों, कैसे हैं आप लोग? मेरा नाम कमल है और मैं मेरठ का रहने वाला हूं। मैं कंपनी में मैनेजर के पद पर हूं। मेरी उम्र 32 वर्ष है। मैंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई दिल्ली से की है और उसके बाद मैं अब मेरठ में ही नौकरी कर रहा हूं। मैंने कुछ वर्ष दिल्ली में भी नौकरी की लेकिन जब मुझे मेरठ में अच्छी नौकरी मिली तो मैंने सोचा मैं अब मेरठ में ही काम कर लेता हूं क्योंकि मेरा घर भी मेरठ में ही है और मुझे आने जाने में भी आसानी होगी इसीलिए मैंने मेरठ में जॉब कर ली। मेरी छोटी बहन बड़ी ही शरारती है। वह हमेशा ही मुझसे पैसे लेती रहती है और पता नहीं वह पैसे कहां खर्च कर देती है। मैं जब भी उसे पैसों का हिसाब मांगता हूं तो वह कहती है कि भैया पैसे तो खर्च हो चुके हैं। मैंने उससे कहा कि आज के बाद मैं तुम्हें पैसे नहीं दूंगा लेकिन जब भी वह मुझसे पैसे मांगती है तो मेरा दिल पिघल जाता है और मैं उसे पैसे दे ही देता हूं। उसे भी मेरी जेब से पैसे निकालना भली-भांति आता है।

एक दिन मैं अपनी बहन के साथ शॉपिंग करने के लिए चला गया। उस दिन उसने मुझसे बहुत जिद की और कहा कि भैया आप मेरे साथ शॉपिंग करने चलेंगे। मैंने पहले तो उसे मना कर दिया था लेकिन मेरे पापा ने कहा कि जब वह तुम्हें इतना प्यार से कह रही है तो तुम क्या उसके साथ नहीं जा सकते। तुम अपने भाई होने का फर्ज भी नहीं निभा सकते। जब मेरे पापा ने मुझसे यह बात कही तो मुझे लगा कि मुझे अब जाना ही चाहिए। वैसे मुझे शॉपिंग करने का ज्यादा शौक नहीं है और ना ही मैं इन चक्करो में कभी पढ़ता हूं लेकिन मुझे अपनी बहन के साथ उस दिन जाना पड़ा। जब मैं अपनी बहन के साथ गया तो मेरी मम्मी ने कहा कि मैं भी तुम्हारे साथ आ जाती हूं। मैंने भी काफी वक्त से अपने लिए कुछ खरीदा नहीं है। मेरे साथ अब मेरी मम्मी और मेरी बहन आ गई। मैंने उन्हें कहा कि आप लोग शॉपिंग कर लीजिए। मैं तब तक गाड़ी को कहीं किनारे लगा लेता हूं। वह लोग अब मार्केट में चले गए और मैंने गाड़ी को किनारे पर लगा कर सोचा कि मैं अपने एक दोस्त को फोन कर लेता हूं। मैंने काफी समय से उसे फोन भी नहीं किया था।

मैं वहीं दुकान के बाहर खड़ा होकर उससे फोन पर बात करने लगा। मैं जब उससे बात कर रहा था तो हम दोनों की बड़ी देर तक बात हुई। तभी एक लड़की मुझे कहने लगी यह ड्रेस कितने की है? मैं बार-बार उसके चेहरे पर देखने लगा। मुझे समझ नहीं आया कि वह मुझे ऐसे क्यों पूछ रही है। मैंने उसके बाद भी उसे कुछ देर तक जवाब नहीं दिया लेकिन वह दोबारा से मुझसे पूछने लगी कि मैं आपसे पूछ रही हूं की यह ड्रेस कितने की है? आप मुझे बता ही नहीं रहे हैं। क्या आपको अपना सामान नहीं बेचना? फिर मैंने जब पीछे पलट कर देखा तो उस दुकान में कोई भी नहीं था। तब मुझे समझ में आया कि वह मुझे दुकानदार समझ रही है। मैंने भी उसे कहा कि यह 2000 का है। वह कहने लगी यह तो काफी महंगा है। मेरा तो इतना बजट नहीं है। वह मुझसे बारगेनिंग करने की कोशिश कर रही थी। मैं भी उससे मजे ले रहा था और तभी कुछ देर बाद दुकानदार आ गए और वह उस लड़की को पूछने लगे कि आपको क्या लेना है? जब उसने मेरे चेहरे पर देखा तो उसका मुंह भी शर्म से लाल हो गया। उसके बाद उसके मुंह से कुछ भी आवाज नहीं निकली। वह सिर्फ मुझे देखती ही रही। उसने उसके बाद वह ड्रेस खरीद ली थी। मैं वही बाहर खड़ा था वह मेरे पास आई और मुझे कहने लगी कि सॉरी मैंने आपको दुकानदार समझ लिया इसीलिए शायद आप मुझे कोई रिस्पांस नहीं दे रहे थे लेकिन फिर भी मैं आपसे बार-बार पूछ रही थी। मैंने उसे कहा कोई बात नहीं कभी कबार ऐसा हो जाता है। मैंने उससे हाथ मिलाया और अपना इंट्रोडक्शन दिया। मैंने उसका नाम पूछा तो उसका नाम आरोही है। मैंने उससे पूछा आरोही तुम क्या करती हो? वह कहने लगी कि अभी तो फिलहाल मैं घर पर ही हूं। मेरा कॉलेज कंप्लीट हो चुका है लेकिन मैंने कहीं जॉब के लिए नहीं ट्राई किया। मैंने उसे कहा तो तुम आगे क्या करने वाली हो? वह कहने लगी अभी तो मैंने इस बारे में नहीं सोचा लेकिन फिलहाल मैं अभी घर पर ही हूं।

आरोही से मैंने 5 मिनट बात की और उसके बाद वह चली गई। उसके जाने के कुछ देर बाद मेरी मम्मी भी आ गई। मेरी बहन मुझे कहने लगी भैया आप यहां इतनी देर से खड़े हो आप यहां क्या कर रहे हो? आप हमारे साथ क्यों नहीं आए? मैंने उन्हें कहा चलो अब मैं तुम्हारे साथ चलता हूं। मैंने जब उन्हें सारी बात बताई तो वह दोनों बड़े जोर से हंसने लगे और कहने लगे लगता है अब आपको भी कोई दुकान खोल लेनी चाहिए। वैसे भी आप अब दुकानदार लगते हो। मैं जब उनके साथ आगे मार्केट गया तो वह लोग सामान खरीदने लगे। तभी सामने से मुझे आरोही आती हुई दिखाई दी। वह मुझे कहने लगी क्या आप अभी तक घर नहीं गए? मैंने अपनी मम्मी और बहन को आरोही से मिलाया और कहा मम्मी यही है जो मुझे दुकानदार समझ बैठी थी। यह मुझसे काफी देर तक बात करती रही और मुझसे बारगेनिंग भी करवा रही थी। यह बात सुनकर आरोही के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। मेरी मम्मी और मेरी बहन भी बड़ी जोर से हंसने लगे। आरोही भी हमारे साथ शॉपिंग करने लगी। मुझे तो ऐसा लगा ही नहीं जैसे कि हम लोग एक दूसरे को पहचानते ही ना हो। जब हम दोनों की बातें हो रही थी तो मैंने उसका घर का पता भी पूछ लिया। जहां उसका घर था वही मेरा एक पुराना दोस्त रहता है। मैंने आरोही से कहा चलो कभी उस तरफ आना हुआ तो तुमसे जरूर मुलाकात करूंगा।

आरोही हम लोगों के साथ काफी देर तक थी। जब हम लोगों की शॉपिंग भी हो गई तो उसके बाद मैंने सोचा आरोही को उसके घर छोड़ दूँ लेकिन आरोही कहने लगी नहीं मैं खुद ही घर निकल जाऊंगी। वह अपने घर चली गई और हम लोग भी अपने घर आ गए। उसके कुछ ही दिनों बाद में अपने उसी दोस्त के घर चला गया जिसका घर आरोही के घर के पास था। यह भी बड़ा इत्तेफाकन था कि उसके कुछ दिनों बाद ही मेरा उसके घर पर जाना हो गया। मैं जब उसके घर गया तो उस दिन मैं अपने दोस्त से मिला और उसके साथ काफी देर तक बैठा रहा। मैं जब अपनी कार से लौट रहा था तो मुझे आरोही दिखाई दी। मैंने आरोही को देखते ही अपनी कार को रोक लिया। जब मैंने अपनी कार रोकी तो आरोही मुझे देख कर खुश हो गई। मैंने उसे कार में बैठा लिया और हम दोनों कार में बैठकर बात करने लगे। उस दिन जो ड्रेस उसने पहनी थी उससे उसके स्तनों की लकीर मुझे दिखाई दे रही थी और मैं उसके स्तनों की लकीर को बार-बार देख रहा था। उसे भी समझ आ गया था तो उसने भी अपने हाथो से अपने स्तन ढकने की कोशिश की लेकिन मैंने उसके हाथ को हटाते हुए उसके बड़े स्तनों पर अपने हाथ को रख दिया। जब मैंने उसके स्तनों पर हाथ रखा तो वह पूरे मूड में आ गई और मुझे किस करने की कोशिश करने लगी लेकिन वहां पर लोग आ रहे थे और सब लोग कार के अंदर झाक रहे थे इसलिए मैंने उसे कहा हम लोग कहीं अकेली जगह चलते हैं। वह कहने लगी कि मेरे मम्मी पापा शाम के वक्त घर आएंगे अभी हम लोग कुछ देर तक मेरे घर पर बैठ सकते हैं। हम लोग जल्दी से उसके घर चले गए और जैसे ही मै आरोही के रूम में गया तो मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया। मैंने जब आरोही को कसकर पकड़ा तो मेरा लंड हिलोरे मारने लगा था और मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए हिलाना शुरू किया। कुछ देर तक उसने मेरे लंड का रसपान किया मेरा लंड एकदम से तन गया जैसे कि वह उसकी योनि में जाने के लिए बेताब हो। मैंने भी उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी चिकनी योनि के अंदर घुसा तो उसकी योनि से खून बाहर निकालने लगा और वह बड़ी जोर से चिल्लाने लगी। जब वह चिल्ला रही थी तो मैने उसके दोनों पैरो को चौडा कर लिया था ताकि मेरा लंड आसानी से उसकी योनि में अंदर बाहर हो सके। मैंने भी अपने लंड को बड़ी तेजी से अंदर बाहर करने की कोशिश की और मुझसे जितना ज्यादा हो सकता था मैंने उतनी तेज गति से उसे धक्के मारे लेकिन मेरा वीर्य गिर नहीं रहा था। मुझे उसे चोदते हुए 5 मिनट से ऊपर हो चुका था लेकिन मेरा वीर्य बाहर नहीं निकल रहा था। परंतु काफी देर बाद जब मेरे वीर्य की धार बाहर निकलने वाली थी तो मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए उसके स्तनों पर अपने वीर्य को गिरा दिया। उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत सेक्स करने लगे।


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