कमसिन चूत मारने का अलग एहसास

Kamsin chut marne ka alag ehsas:

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हेलो दोस्तों , मेरा नाम रविंद्र है। मैं मुंबई का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 50 वर्ष है। मैंने बचपन से ही अपने जीवन में सिर्फ कठिनाइयां देखी है और हमेशा ही उन कठिनाइयों का डटकर सामना किया है। मेरे पिताजी का देहांत काफी वर्ष पहले ही हो गया था। उसके बाद मेरी मां ने ही घर की सारी जिम्मेदारी संभाली। मेरी मां को पेंशन मिल जाती थी इसलिए हमारे घर का खर्चा चल जाता था। उन्होंने मेरे और मेरे दोनों भाइयों को पढ़ाने में कोई भी कमी नहीं की। हम लोग एक अच्छे स्कूल में पढ़ते थे। मैंने जब अपनी नौकरी की शुरुआत की थी तब मेरी तनख्वाह बहुत कम थी। उसके कुछ समय बाद मेरी शादी हो गई थी। जब मेरी शादी हुई तो मुझे यह समझ नहीं आ रहा था कि मैं अपने खर्च कैसे चलाऊँगा लेकिन धीरे-धीरे सब कुछ सही होता गया और अब मेरे घर की स्थिति भी ठीक हो चुकी है। मैं जिस सरकारी दफ्तर में काम करता हूं उसमें मेरा प्रमोशन भी हो चुका है और अब मैं एक अच्छे पद पर भी पहुंच चुका हूं।

मुझे समय का बिल्कुल भी पता नहीं चला कि कब समय तेजी से बीता चला गया और मेरे बच्चे इतने बड़े हो गए की वह लोग अब मुझे समझाने लगे हैं कि पापा आप बिल्कुल ही ओल्ड फैशन है। आप क्यों अपने आप को नहीं बदलते। मैं उन्हें कहता हूं कि बेटा यदि मैं अपने आप को बदल लूंगा तो शायद तुम्हारे खर्चों को पूरा नहीं कर पाऊंगा लेकिन वह मुझे कहते हैं कि पापा आपको इतना सोचने की आवश्यकता नहीं है आपने जितना भी हमारे लिए किया है हमारे लिए बहुत है। मेरा बड़ा लड़का भी अब नौकरी करने लगा है और वह 26 वर्ष का हो चुका है। मेरी लड़की का नाम पारुल है और मेरे लड़के का नाम संजय है। वह दोनों बहुत ही जिम्मेदार है। वह दोनों ही जॉब करते हैं। पारुल ने भी अपने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी ज्वाइन कर ली और वह भी नौकरी पर जाने लगी। मेरी लड़की की उम्र 24 वर्ष है और वह बहुत ही अच्छी है। वह मेरा बहुत ध्यान रखती है। वह हमेशा मुझे कहती है कि पापा आपको बदलना चाहिए। मैंने उसे कहा कि मैं तो नहीं बदल सकता लेकिन यदि तुम लोग मुझे बदल पाओ तो तुम बदल सकते हो।

मेरी पत्नी भी मुझ पर बहुत ही ताने मारती है और कहती है कि तुम तो बिल्कुल ही ओल्ड फैशन हो। तुम्हारे साथ के लोग तो अब भी बड़े बन ठन कर जाते हैं लेकिन तुम वही पुरानी सदी के कपड़े पहनते हो। मैं उन्हें कहता हूं कि तुम्हें मेरे कपड़ों से प्रेम नही है तो क्या तुमने कभी मेरी अच्छाई भी देखी है। उसके बाद वह सब लोग चुप हो जाते हैं और उसके बाद वह कुछ भी नहीं कहते। एक दिन हम लोग घर पर ही थे उस दिन पारुल मेरे लिए रेडीमेड शर्ट और पेंट ले आई जब वह मेंरे लिए शर्ट और पेंट लाई तो मैं बहुत ही खुश हो गया। मैंने उससे कहा कि यह तुम किस खुशी में लाई हो। वह कहने लगी बस ऐसे ही मेरा मन आप को गिफ्ट देने का था तो सोचा आपको कुछ गिफ्ट दे दूं। उसने मुझे वह शर्ट और पैंट दी। मैंने जब उसे पहना तो मुझे बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा था। मैं भी उसे पहनकर जब अपने बच्चों के सामने आया तो वह लोग कहने लगे कि पापा आप तो बहुत ही अच्छे लग रहे हो और कुछ देर बाद हम लोग सब साथ में बैठकर खाना खा रहे थे। तभी मेरी पत्नी ने कहा कि हम लोगों को कहीं घूमने के लिए जाना चाहिए और हम सब लोगों की सहमति से घूमने का प्लान शिमला का बन गया। मैं भी काफी समय से कहीं घूमने नहीं गया था। पारुल मुझे कहने लगी कि पापा यदि आपको कोई दिक्कत ना हो तो मेरी सहेली रचिता भी हमारे साथ चलेगी। मैंने पारुल से कहा कि इसमें मुझे क्या दिक्कत होगी तुम उसे भी अपने साथ ले आओ। हम सब लोगों ने प्लान बना लिया और हम लोग शिमला घूमने के लिए चले गए। जब हम लोग शिमला पहुंचे तो वहां पर काफी ठंड हो रही थी। पारुल मुझे कहने लगी पापा यहां पर तो बहुत ज्यादा ठंड है। मैंने उसे कहा बेटा मुंबई में तो बिल्कुल भी ठंड नहीं होती लेकिन शिमला में ठंड होगी ही। हम लोगों के पास जो भी गर्म कपड़े थे वह सब हम लोगों ने निकाले और पहन लिए। अब हम लोग शिमला घूमने लगे और शिमला घूमकर हम सब लोग बहुत खुश थे। रचिता भी हमारे साथ अपने आप को बहुत कंफर्टेबल महसूस कर रही थी।

एक दिन हम सब लोग रेस्टोरेंट में बैठ कर खाना खा रहे थे और वहां पर बात कर रहे थे। जब पारुल ने मेरे बारे में रचिता को बताया तो रचिता मुझसे बहुत ही इंप्रेस हो गई और कहने लगी कि अंकल आपने तो अपने जीवन में बहुत ही दिक्कतें झेली है लेकिन आपके चेहरे से बिल्कुल भी नहीं लगता कि आपने इतनी परेशानियां देखी होंगी। वह मुझे कहने लगी कि मेरे पापा तो पैसे सिर्फ ऐसे ही उड़ाते रहते हैं। उन्हें कोई भी फिक्र नहीं होती और शराब के नशे में इतने डूबे रहते हैं कि उन्हें घर की बिल्कुल भी चिंता नहीं होती। वह तो कभी भी हमसे सीधे मुंह बात ही नहीं करते। मैंने रचिता से कहा कि बेटा अपने पापा के बारे में ऐसी बातें नहीं कहते। उन्होंने भी अपने जीवन में तुम्हारे लिए जरूर अपनी जिम्मेदारी को समझा होगा तभी तो तुम आज एक अच्छी जॉब पर हो। रचिता मुझसे इतनी ज्यादा प्रभावित थी और वह मेरे साथ बहुत ही अच्छे से बातें कर रही थी। मुझे उसके इरादे कुछ ठीक नहीं लग रहे थे। जब मैं होटल के रूम में बैठा हुआ था तो रचिता मेरे पास आई। मेरी पत्नी और मेरे दोनों बच्चे बाहर बैठे हुए थे वह लोग लॉन में बैठे हुए थे। वह चाय पी रहे थे।

रचिता मेरे पास आकर बैठ गई और कहने लगी अंकल मैं आपसे बहुत इंप्रेस हूं। वह जब मेरे पास बैठी तो उसने अपने कोमल हाथो को मेरे लंड पर लगाना शुरू कर दिया। मैं समझ नहीं पा रहा था कि यह क्या चाहती है लेकिन जब उसने मेरे लंड को दबाया तो मेरे अंदर से आवाज आने लगी मैं उसे चोदने के लिए उतारू हो गया। मैंने भी उसे दबोच लिया और उसके स्तनों को दबाना शुरू किया। उसके स्तन ज्यादा बडे नहीं थे। वह मेरे हाथ में आ रहे थे। उसके होंठ बड़े मुलायम और नरम थे। उसने जब मेरा लंड बाहर निकाला तो वह देखकर कहने लगी आपका लंड तो बहुत ही काला है और बहुत मोटा भी है मुझे अपने मुंह में आपका लंड लेकर बहुत खुशी होगी। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि उसकी जवानी देखकर मैं भी अपने आपको नहीं रोक पाया। उसका जवान और गरमा गरम बदन मेरे अंदर से मेरी गर्मी को और ज्यादा बढ़ा रहा था। जब वह मेरे लंड को चुसती तो मेरे अंदर से एक अलग एहसास हो जाता। उसने मेरे लंड को 3 मिनट तक सकिंग किया।

मेरा लंड पूरा चिकना हो गया। मैंने उसे नंगा कर दिया। जब मैंने उसके टाइट बदन को देखा तो मेरे अंदर की गर्मी और भी बढ़ गई। मैंने उसके बदन को इतना चाटा। मैंने अपनी जीभ से उसके पूरे बदन को गिला कर दिया। वह मुझे कहने लगी आपने तो मेरे पूरे बदन को गीला कर दिया। जब मैंने उसकी चूत पर जीभ को लगाया तो वह कहने लगी अंकल मेरी योनि को आप  अच्छे से चाटते रहिए। मैंने उसकी योनि को बहुत देर तक चाटा जब उसकी योनि से पानी का रिसाव तेजी से होने लगा तो मैंने उसकी योनि के अंदर अपनी उंगली डाल दी। वह पूरे मूड में हो गई। मैंने अपने मोटे लंड को उसकी योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी आपका लंड बहुत मोटा है मुझे अपनी योनि में आपका लंड लेने में बहुत मजा आ रहा है। उसने अपने दोनों पैरो को चौडा कर लिए उसकी नाज़ुक योनि से खून बाहर आ रहा था। वह मेरे लंड को नहीं झेल पा रही थी लेकिन उसके बावजूद वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैं भी उसे तेजी से चोद रहा था और मजे ले रहा था। मुझे वह दिन याद आ गए जब मैं अपनी पत्नी को चोदा करता था। मैंने उसके चूचो को अपने मुंह मे लेकर चूस रहा था। मैं उसे इतनी तेजी से धक्के मार रहा था। मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था। जब मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर गिरा तो वह बहुत खुश हो गई और जल्दी से हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए।


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