काली काली चूत और मोटा मोटा लंड

Kali kali chut aur mota mota lund:

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मेरा नाम अशिविनी है और आज मैं आपके सामने आ गया हूँ अपनी एक कहानी ले कर | फ्रेंड्स मुझे पता है आप सब नयी नयी कहानियों की तलाश में रहते हो और मुझे ये भी पता है कि आपका लंड और चूत मचल रहे होंगे | तो फ्रेंड्स अब मैंसे हाज़िर हो गया हूँ आपके लिए अपनी कहानी ले कर और आप को आज मेरे नए कारनामे के बारे में पता चलेगा जो मैंने कुछ दिन में किये हैं | तो फ्रेंड्स सबसे पहले आपसे पहचान बना लूँ क्यूंकि काफी दिनों के बाद मैं आया हूँ | तो फ्रेंड्स मैं हूँ क्रोमंगाला से और ये बंगलौर में पास है | मुझे यहाँ रहना और काम करना बहुत पसंद है क्यूंकि यहाँ पर मेरी औकात है | अगर आपसे कोई कहे चलो बाहर चले जाओ और वहां रहके कुछ करो तो आप भी मना कर दोगे और यही मेरे साथ भी है | फ्रेंड्स आप को बताना चाहूँगा कि मैंने अपनी पढ़ाई पूरी हो चुकी है और मुझे एक अच्छी नौकरी मिल रही थी पर मैंने उसे ठुकरा दिया और अपने घर में चैन से रहके दो वक्त की रोटी खा रहा हूँ |

फ्रेंड्स जैसा मैंने आपको बताया मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ तो आपको ये भी पता होगा कि ये कितना मुश्किल काम है और इसमें कितनी मेहनत लगती है और पैसा कितना कम मिलता है | एक बार मै अपने दोस्त के घर गया जो कि एक किसान है और खेती बाड़ी करता है | उसके यहाँ सबसे बड़ी दिक्कत है पानी की और यहाँ पानी के लिए बस एक ही सहारा है और वो है नदी | नदी में ज्यादा पानी रहता नहीं है और सरकार भी यहाँ उतना ध्यान नहीं देती | मुझे नहीं पटा कि कब ये सब ठीक होगा पर इस बार चुनाव के समय ये मुद्दा उठाना ज़रूरी है | इस बार उनके गाँव से सविता दीदी खड़ी हो रही थी चुनाव में और वो मेरे दोस्त राहुल की रिश्तेदार भी है | मुझे वो पहले से ही पसंद थी पर वो काली है और पर उसका फिगर बहुत ही मस्त था और उसकी आँखे ऐसी हो गयी है जैसे उसने एक नीले जहर की सीसी मारी हो | पर मुझे इससे क्या मुझे अपना लंड उसकी काली चूत में डालना था और उसके काले बदन पे अपने सफ़ेद सफ़ेद मुट्ठ की बारिश करवानी थी |

पर मैं करता भी तो क्या क्यूंकि मुझे खेत पे काम होता था और चुनाव में साथ रहने के लिए वो मुझे हमेशा चिल्लाती रहती थी | एक दिन वो मेरे दोस्त के खेत आई और उसके  खेत वाले घर में बैठ गयी | वो अकेली थी और मैं भी अकेला था | अब उसकी आंखे तो हमेशा चढ़ी रहती थी तो मैंने सोचा शायद आज इसका चुदवाने का मन है इसलिए यहाँ अकेले में आई है | मैंने कहा दीदी आज क्या हुआ यहाँ का रास्ता कैसे भूल गयीं आप | उसने कहा यार अशिविनी मुझे ना तुझसे एक हेल्प चाहिए तो मैंने कहा क्या मदद चाहिए दीदी बस आप बताओ ? मैंने मन में सोचा दीदी बस मेरा लंड मांग लो और कुछ ना कहो | उसने कहा ठंडा पानी पिला दे यार | मेरे मूड की वहीँ ऐसी तैसी गयी और मैंने कहा दीदी मटके का पानी है चलेगा क्या ? उसने कहा अरे दौड़ेगा तू बस ले आ मेरे लिए | मैं गया और उसके लिए पानी लेकर आया | पानी पीने के बाद उसने कहा सुन मुझे ना कैसे भी करके जीतना है तो तू बस मेरे लिए कहीं न काहीं से फर्जी वोट का इंतज़ाम कर दे |

मैंने कहा ठीक है दीदी वो तो मैं कर दूंगा पर ये बताओ इसके बदले में मुझे क्या मिलेगा ? उसने कहा अरे तू सोच भी नहीं सकता पगले ऐसा इनाम दूंगी तुझे | उसके बाद हमारी बात दुसरे मोड़ पर चली गयी और धीरे धीरे नाता लोगों पे आ गयी | उसने कहा सब साले गए गुज़रे हैं उनको बाद बदन की भूख है | मैंने कहा ये आप क्या कह रहे हो दीदी क्या सच में ऐसा है ? उसने कहा नहीं तो क्या मुझे ऐसे ही टिकेट मिल गयी | मैंने कहा मतलब आपने अपनी इज्ज़त बेच दी क्या ? उसने कहा नहीं अभी इतने बुरे दिन नहीं आये हैं पर हैं कई ऐसे जो मेरी चूत के पीछे पड़े हैं | मुझे ये सब उसके मुंह से सुनके हैरानी हो रही थी क्यूंकि आज तक मैंने कभी किसी औरत के मुंह से ये सब नहीं सुना था और शायद मुझे अच्छा भी लग रहा था क्यूंकि मुझे उसकी चूत ही चाहिए थी | हमारी थोड़ी देर तक ऐसे ही बात हुयी और उसके बाद उसने कहा चल मैं जा रही हूँ बस तू अपना काम देख लेना जो मैंने तुझे बोला है नहीं मेरी गांड मार लेंगे पार्टी वाले |

मैंने भी कह दिया अरे दीदी आप बस देखते जाओ मैं क्या करता हूँ | अब बात थी बात वाली क्यूंकि मैंने  जुबान दे चुका था | इसलिए मैंने सोचा चलो कुछ तो करना ही पड़ेगा | मैं पूरे गाँव में घूमा और ऐसे लोगों की जानकारी ली जो कि मर चुके थे या फिर गाँव छोड के जा चुके थे | मैं अपने काम में सफल हो गया और मैंने सारी रूप रेखा तैयार कर ली | उसके बाद चुनाव आने वाले थे अगले महीने और मैं तैयार था और सविता मुझसे कुछ ज्यादा ही चिपकने लगी थी | मैंने भी एक मौका नहीं छोडा और उसे ये एहसास दिला दिया कि मैं ही उसका सबसे करीबी हूँ | फ्रेंड्स अगर अपने किसी को ऐसा एहसास दिला दिया तो बस समझ लो आपका आधा काम हो गया | मैंने पैंतरा काम कर गया और उसके बाद मैंने अपना चुनावी काम चालु कर दिया | चुनाव के एक दिन पहले सविता ने मुझे दो पेटी दारु दी और कहा सुन अपने घर के आस पास सबके घर में भेज दे और पैसे भी दिए और कहा साथ में पैसे बी देना ताकि वोट अपने पास ही आये |

मैंने दारु भिजवा दी और पैसे अपने पास रख लिए क्यूंकि मुझे दारु में कोई इंटरेस्ट नहीं था | अब चुनाव का दिन आ गया और उस दिन सब बूथ मेरे अंडर में थे और मुझे पता था मुझे क्या करना है | मैंने सारे फर्जी वोट डलवा दिए और चुनाव ख़त्म हो गए | उसके एक दिन बाद सविता जीत गयी | जीतने के बाद खू जश्न मनाया और उसके बाद सविता दीदी ने मुझे रात में बुलाया और कहा तुझे मस्त तोहफा मिलेगा और इतना बोलते हुए वो अपने कपडे उतारने लगी | मैंने कहा दीदी ये हुई ना बात | उसने कहा सुन नाता से अच्छा कोई अपना मेरी चूत चोद ले | उसका बदन ज्यादा भरा नहीं था पर ठीक था और सच बताऊँ तो मुझे बस उसको चोदने का मन था | उसको किस करने में मुझे शर्म आ रही थी क्यूंकि वो काली थीं | पर मैंने ना चाहते हुए भी उसको किस करना चालु किया और उसके दूध दबाना भी चालु कर दिया | उसके दूध छोटे थे और मैं उन्हें ब्रा के ऊपर से ही मसल रहा था और वो भी मुझे किस किया जा रही थी |

उसके बाद उसने एक एक करके मेरे कपडे उतार दिए और मुझे नंगा करने लगी तो मुझे भी जोश आने लगा और मैंने उसके ब्रा को खोल दिया | उसके निप्पल भी काले थे पर मुझे क्या मैंने उनको चूसना चालु कर दिया | वो मेरे लंड को मसलने लगी और उसके बाद वो कहने लगी वाह क्या मस्त कड़क लंड है मुझे इससे चुदने में मज़ा आ जायेगा | मैंने कहा बस कुछ देर और उसके बाद तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा दीदी | फिर क्या मैंने उसको बैठा दिया और कहा मेरा लंड चूसो | जी ही उसने अपना मुंह मेरे लंड पे लगाया मुझे आनंद की अनुभूति होने लगी | मेरे मुंह से आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह निकलने लगी और उसके बाद वो मेरा लंड जोर जोर से खींच के चूसने लगी | मुझे ऐसा लग रहा था जैसे आज ये मेरा मुट्ठ नहीं मेरा लंड ही निकाल लेगी | पर कुछ भी हो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मज़े ले रहा था और वो लंड चूस रही थी |

उसके बाद मैंने सोचा कि इसकी चूत चाट लेता हूँ पर जैसे ही मेरी नज़र उसपर गयी मेरा मन बदल गया | मैंने सीधे उसको घोड़ी बनाया और अपने बड़े मोटे लंड को उसकी चूत में भर दिया एक बार में | वो वो चिल्लाने लगी और उसके बाद मैंने उसको भर ताकत से चोदना शुरू कर दिया | थोड़ी देर बाद वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए चुदवाने लगी | मैंने उसको पूरी रात चोदा और उसके बदन को अपने सफ़ेद मुट्ठ से नेहला दिया |

 

 


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