जीजा जी आप बड़े वो हो

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Jija ji aap bade wo ho काफी समय बाद मैं अपने भैया के घर उनसे मिलने के लिए गया मैं और मेरी पत्नी काजल हम दोनों ही भैया और भाभी से मिलने के लिए गए। मुझे भैया को मिले हुए करीब 3 महीने हो चुके थे और 3 महीने बाद जब मैं भैया से मिला तो भैया काफी खुश थे और मुझे कहने लगे कि रोहित तुम अब घर ही नहीं आते हो। मैंने भैया से हां भैया आप तो जानते ही हैं कि मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता है इसलिए मैं आपसे मिलने के लिए नहीं आ पाया। भाभी ने उस दिन हमें कहा कि भाई साहब आज आप हमारे घर से डिनर कर के ही जाना मैंने उन्हें कहा नहीं भाभी रहने दीजिए हमें घर जाना होगा लेकिन भैया और भाभी की जिद के आगे हम लोगों को उस दिन उनके घर पर डिनर करना पड़ा। भैया से मुझे पता चला कि उन्होंने कुछ समय पहले ही एक नई प्रॉपर्टी खरीदी है उन्होंने मुझे कहा कि जो प्रॉपर्टी उन्होंने खरीदी है उसे वह जल्द ही बेचने वाले हैं। मैंने भैया से कहा लेकिन भैया आपने जब उसे खरीदा है तो आप इतनी जल्दी प्रॉपर्टी बेच क्यों रहे हैं तो उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें कुछ पैसों की जरूरत है इसलिए वह उस प्रॉपर्टी को बेच रहे हैं।

मैंने भैया से कहा भैया आप यदि रविवार को फ्री हो तो मुझे आप वह प्रॉपर्टी दिखा दीजिए उन्होंने मुझे कहा कि उन्होंने एक घर खरीदा है और वहां पर अभी कुछ लोग रह रहे हैं। मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं इस रविवार को आपसे मिलने के लिए आता हूं और आप मुझे वह घर दिखा दीजिएगा उन्होंने कहा ठीक है रोहित तुम रविवार को आ जाना मैं उस दिन तुम्हें वह घर दिखा दूंगा। मेरे एक दोस्त को घर खरीदना था इसलिए मैंने सोचा कि यदि मैं उसे ही वह घर दिखा दूं तो शायद उसे वह घर पसंद आ जाए इसलिए मैंने भैया से कहा कि भैया मैं वह घर देखना चाहता हूं। उस दिन तो मैं और काजल घर लौट आए जब हम लोग घर लौटे तो काजल मुझे कहने लगी कि आज दीदी और भाई साहब से मिलकर बहुत अच्छा लगा मैंने काजल से कहा मैं भी तो भैया से काफी समय बाद मिल रहा हूं काजल कहने लगी हां मुझे पता है रोहित आप भी भैया से काफी समय बाद मिल रहे हैं। मेरे पिताजी बड़े अधिकारी के पद पर थे और उन्होंने हम दोनों भाइयों के लिए दो घर पहले से ही खरीद लिए थे भैया की शादी हो जाने के कुछ समय बाद भैया भाभी के साथ रहने के लिए अलग चले गए मैं पिताजी और मां के साथ ही रहता था लेकिन मेरी शादी के कुछ समय बाद ही पिताजी और मां की मृत्यु हो गई।

मेरी शादी को अभी 4 वर्ष ही हुए हैं और इन 4 वर्षों में मुझे कई बार महसूस होता है कि मुझे पिताजी की कमी बहुत खलती रहती है। रविवार के दिन जब मैं भैया को मिला तो भैया उस दिन मुझे वह घर दिखाने के लिए ले गए जब उन्होंने मुझे घर दिखाया तो मैंने भैया से कहा भैया आज ही मैं अपने दोस्त को यह घर दिखा दूंगा भैया कहने लगे ठीक है। हम लोग वहां से वापस लौट आए मेरा दोस्त रमेश जो कि घर खरीदना चाहता था लेकिन उस दिन वह अपने किसी जरूरी काम से कहीं गया हुआ था इसलिए मैं उससे मिल नहीं पाया था लेकिन जब शाम के वक्त मुझे रमेश मिला तो रमेश और मैं उस घर को देखने के लिए चले गए। रमेश ने मुझे कहा कि मुझे यह घर पसंद है तुम भैया से बात कर लो मैंने रमेश को कहा कि तुम भैया से मिल लेना मैं तुम्हें भैया से अभी मिलवा देता हूं वह कहने लगा ठीक है तुम मुझे भैया से भी मिलवा दो। मैं भैया के घर पर चला गया मैं और रमेश, भैया के घर पर गए तो वहां पर हम लोगों ने भैया से बात की भैया और रमेश के बीच घर को लेकर सौदा तय हो चुका था और अब रमेश ने भैया को एक चेक भी दे दिया था। सब कुछ भूल ही जल्दी में हुआ कुछ समय बाद रमेश, भैया को पूरे पैसे दे चुका था और उसने वह घर खरीद लिया था भैया की भी जरूरत पूरी हो गई थी क्योंकि उनको भी पैसे की आवश्यकता थी। एक दिन मैं और काजल साथ में बैठे हुए थे काजल मुझे कहने लगी कि रोहित मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी थी तो मैंने काजल को कहा हां काजल कहो ना तुम्हें क्या जरूरी बात करनी थी वह मुझे कहने लगी कि मेरी छोटी बहन ममता के पति का ट्रांसफर यहीं लखनऊ में हो चुका है। मैंने काजल से कहा यह तो बहुत अच्छी बात है ममता मुझे कहने लगी कि वह लोग अपने लिए घर तलाश रहे हैं तो यदि तुम उनकी मदद कर दो तो अच्छा रहता।

मैंने काजल से कहा लेकिन वह लोग अभी कहां रह रहे हैं काजल ने मुझे बताया कि वह लोग मम्मी पापा के पास ही कुछ दिनों से है मैंने काजल को कहा ठीक है मैं उन लोगों के लिए कोई घर देख लेता हूं। अब मैं उनके लिए घर देखने लगा मेरे पहचान में ही एक व्यक्ति हैं जो यह काम करते हैं इसलिए उन्होंने मेरी इसमें मदद की और उन्होंने मुझे काफी घर दिखा दिए थे। मैंने ममता और उसके पति को अपने घर पर बुला लिया था वह लोग हमारे घर पर आए और उसके बाद मैंने उन्हें उस व्यक्ति से मिला दिया। उन लोगों ने अब एक घर किराए पर ले लिया था ममता के पति स्कूल में अध्यापक हैं ममता और उनकी शादी अभी कुछ समय पहले ही हुई है उनकी शादी को अभी एक वर्ष ही हुआ है। वह लोग अब यहीं रहने के लिए आ गए थे जहां हम लोग रहा करते थे हमसे कुछ ही दूरी पर वह घर था तो वह लोग वहां पर रहने के लिए आ चुके थे। मैं और काजल भी उनसे मिलने के लिए कभी कभार चले जाया करते थे।

ममता एक दिन हमारे घर पर आई हुई थी जब वह घर पर आई तो उसने टाइट जींस पहनी हुई थी उस जींस मे उसकी बड़ी गांड दिखाई दे रही थी उसके गांड बाहर की तरफ ऊभरी हुई थी। मैंने ममता से कहा ममता तुम्हारी शादी हो जाने के बाद तुम बहुत ही ज्यादा सुंदर हो गई हो? वह मुझे कहने लगी जीजा जी क्या पहले मैं सुंदर नहीं थी। मैंने उससे कहा तुम पहले भी सुंदर थी लेकिन अब कुछ ज्यादा ही सुंदर हो चुकी हो। वह मुझे कहने लगी आपके कहने का क्या मतलब है? मैंने उसे कहा मेरे कहने से क्या होता है तुम खुद ही समझ जाओ वह मेरी तरफ देखने लगी। मैंने अपने हाथ को उसकी जांघ पर रख दिया उसकी जांघों को मैं सहलाने लगा। वह मुझे कहने लगी जीजा जी यह सब दीदी ने देख लिया तो ठीक नहीं होगा बेवजह वह मेरे बारे में क्या सोचेंगी। मैंने ममता से कहा तुम उसकी चिंता ना करो मैं तो आज तुम्हारे बदन को महसूस करना चाहता हूं। वह पहला दिन था जब मैंने ममता के साथ ऐसा किया था वह भी कहीं ना कहीं मेरी बातों से बहुत ज्यादा खुश थी क्योंकि वह अपने बदन की गर्मी को मुझसे बुझाना चाहती थी। एक दिन मुझे मौका मिला जब मैं और ममता उस दिन घर पर अकेले थे उसके पति घर पर नहीं थे मेरे लिए यह बहुत ही अच्छा मौका था। मैंने ममता की चूत मारने के बारे में सोच लिया था ममता के बड़े स्तनों को जब मैं दबा रहा था तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था वह मेरी बाहों में आने के लिए तड़प रही थी उसके नरम और गुलाबी होठों को देख मै उसके मुंह मे लंड डालना चाहता था। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो ममता ने उसे हिलाते हुए अपने हाथों में ले लिया और उसे हिलाना शुरू किया। जब वह मेरे लंड को हिलाती तो मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही थी उसने जैसे ही अपने नरम और गुलाबी होठों के अंदर मेरे मोटे लंड को लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था और वह भी बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। उसने मुझे कहा जीजा जी आपका लंड 9 इंच मोटा है मुझे अपने मुंह में लेने में बड़ा मजा आ गया। उसने करीब 2 मिनट तक मेरे लंड को चूसा उसके बाद वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी। मैंने उसके बदन से कपड़ों को उतारना शुरू किया जब उसकी ब्रा को मैंने उतार फेंका तो उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

जब मैं उसके बड़े और सुडौल स्तनों को अपने मुंह मे लेकर उनका रसपान कर रहा था तो उसके स्तनों को अपने मुंह मे लेकर उनको चूसन बड़ा ही आनंदित करने वाला था। मेरी गर्मी को उसने पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था मैंने उसके निप्पल को बहुत देर तक चूसा जिससे कि उसके अंदर की गर्मी काफी ज्यादा बढ़ने लगी थी। ममता बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी वह मेरे लंड को बार-बार अपनी चूत की तरफ खींच रही थी। वह कहने लगी जीजा जी आपका लंड तो बहुत गर्म हो चुका है मैंने उसकी चूत पर जब अपने लंड को लगाकर रगडना शुरू किया तो उसकी चूत बाहर की तरफ को पानी छोड़ने लगी थी। मैंने उसे कहा मुझे लग रहा है शायद अब मैं तुम्हारी चूत की गर्मी को नहीं झेल पाऊंगा वह मुझे कहने लगी जीजा जी अब आप अपने मोटे लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दो।

मैंने उसकी चूत के अंदर अपने मोटे लंड को डालना शुरू किया जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी और मुझे कहने लगी जीजा जी आपका लंड तो बड़ा ही मोटा है। मैंने उसे कहा ममता तुम्हारी चूत बहुत ही गोरी और मुलायम है तुम्हारी चूत के अंदर मुझे अपने लंड को डालने में बहुत मजा आ गया तुम्हारी चूत कितनी ज्यादा टाइट है। अब मैं उसे धीरे धीरे धक्के मारने लगा मेरे अंदर की गर्मी तो बढ़ ही चुकी थी अब ममता भी पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी वह अपने पैरों के बीच मे मुझे जकडने लगी। मेरे अंदर की गर्मी लगातार बढ़ती जा रही थी मेरा लंड भी पूरी तरीके से छिल चुका था। मैंने ममता को कहा तुम्हारी चूत इतनी ज्यादा टाइट है कि मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका है। वह मुस्कुराने लगी और मुझे कहने लगी जीजा जी आप जल्दी से मेरी गर्मी को बुझा दीजिए। मैंने उसके पैरों को कंधों पर रखा और उसे बड़ी तेज गति से धक्के देने लगा। मैंने उसकी चूत की गर्मी को बुझा कर रख दिया था जिससे कि वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी।


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