जीवन अधूरा है

jeewan adhoora hai

antarvasna, kamukta मैं दिल्ली का रहने वाला हूं मेरा नाम चंदन है मैं दिल्ली में एक कंपनी में मैनेजर हूं, मैंने अब तक शादी नहीं की है मुझे अपने काम से कभी फुर्सत ही नहीं मिल पाई शायद इसीलिए मैंने कभी शादी नहीं की, मैं जिंदगी भर यही सोचता रहा कि मुझे कुछ और समय चाहिए लेकिन सही मायनों में मेरी उम्र अब निकल चुकी थी और मैं शायद अब किसी के साथ शादी भी नहीं करना चाहता था। मेरी उम्र 37 वर्ष की हो चुकी है और मैं अपने काम में इतना बिजी रहता हूं कि मुझे कभी अपने लिए समय ही नहीं मिल पाया लेकिन एक दिन मैं अपने घर पर बैठा हुआ था और मैं यही सोचता रहा कि मैं शायद भागदौड़ भरी जिंदगी में कहीं खो चुका हूं मैं अपने लिए कभी समय ही नहीं निकाल पाया, मैंने उस दिन अपने एक बहुत ही करीबी मित्र को फोन किया और उनसे कहा कि मुझे लग रहा है कि शायद मैं अपने काम से परेशान हो चुका हूं मैंने अपने लिए कभी समय ही नहीं निकाला, मेरा दोस्त कहने लगा तुम बिल्कुल सही कह रहे हो हम लोग तुम्हें पहले भी समझाते रहे कि तुम शादी कर लो लेकिन तुमने शादी की ही नहीं और इसी वजह से तुम्हें अब अकेलापन महसूस हो रहा है तुम इतने वर्षों से अपने काम के प्रति ही ईमानदार रहे लेकिन तुमने कभी भी अपने बारे में नहीं सोचा।

मेरे दोस्त की बातों से मैं और भी ज्यादा हताश हो गया और मैंने सोचा कि मुझे कुछ दिनों के लिए कहीं चले जाना चाहिए मैं कुछ दिनों के लिए घूमने के लिए जयपुर चला गया मैंने अपनी नौकरी से रिजाइन दे दिया था और मैं अपने आप को थोड़ा समय देना चाहता था, उसी दौरान मेरी मुलाकात कनिका के साथ हुई कनिका और मेरी जिंदगी भी लगभग एक जैसी ही थी कनिका ने भी शादी नहीं की थी और कनिका की उम्र भी 32 वर्ष की हो चुकी थी कनिका ने जब मुझे बताया कि वह भी अपने जीवन को एंजॉय कर रही है और सिर्फ कुछ महीनों बाद ही घूमने के लिए निकल जाती है। जब यह बात कनिका ने मुझे बताई तो मैंने कहा क्या तुम्हें अपने जीवन को जीने में कभी ऐसा लगा कि शायद तुम अपने ऊपर ही कोई एहसान कर रहे हो, कनिका मुझे कहने लगी हां मुझे बीच में ऐसा लगा कि शायद मैं भीड़ में कहीं खो गई हूं और मैं अपने जीवन को अच्छे से जी ही नहीं पा रही हूं लेकिन जब से मैंने अलग अलग जगह जाने का फैसला किया तब से मैं अपने जीवन में बहुत खुश हूं और मैं कुछ समय के अंतराल पर घूमने के लिए निकल जाती हूं जिससे कि मुझे बहुत शांति मिलती है और मुझे बहुत अच्छा भी लगता है।

मैंने कनिका से कहा शायद तुम्हारी लाइफ भी बिल्कुल मेरे जैसी ही है क्योंकि मैं भी इतने वर्षों तक अपने काम के ही प्रति सीरियस रहा मुझे कभी समय ही नहीं मिल पाया। मुझे भी शादी करनी थी लेकिन मैं शायद इसी कशमकश में रहा कि थोड़ा और समय मुझे मिल जाता और इसी वजह से मेरी उम्र निकलती चली गई और मैं कभी शादी कर ही नहीं पाया। कनिका और मैं जयपुर में कुछ समय साथ में रहे, कनिका के साथ मुझे रहना बड़ा अच्छा लगा और मैंने भी कनिका के साथ सोचा कि चलो कुछ समय कनिका की तरह मैं भी जिंदगी जी कर देखता हूं मैंने कनिका से कहा कि क्या मैं भी तुम्हें ज्वाइन कर सकता हूं, कनिका ने कहा कि हम लोगों ने एक ग्रुप बनाया है और उसमें मेरे ही तरह के कई लोग हैं जो कि अपने जीवन को पूरी तरीके से एंजॉय करते हैं। मैंने कनिका से कहा कि क्या तुम मुझे उनसे मिलवा सकती हो? कनिका कहने लगी कि हां कुछ समय बाद हम लोगों ने बाइक से घूमने का प्लान बनाया है यदि तुम भी हमारे साथ चलना चाहते हो तो तुम आ सकते हो। मैंने सोचा कि चलो मुझे इस बहाने कम से कम कुछ और लोगों से मिलने का मौका मिल जाएगा और मैं भी शायद अपनी जिंदगी अच्छे से जी पाऊं क्योंकि मैं आज तक सिर्फ पैसे के पीछे ही भागता रहा मैंने कभी भी अपने बारे में नहीं सोचा पर मुझे अब एहसास होने लगा था कि मैंने जीवन में पैसा तो कमा लिया लेकिन शायद मुझे अपने लिए भी समय चाहिए था और मैं वापस दिल्ली लौट आया, जब मैं वापस दिल्ली लौट आया तो मेरी कनिका से बात होती रही कनिका और मैं लगातार संपर्क में थे कनिका का फोन आया और वह कहने लगी कि बस कुछ दिनों बाद ही हम लोग दिल्ली से घूमने के लिए निकलने वाले हैं तो तुम भी हमारे साथ आना चाहते हो तो मैं अपने ग्रुप के लोगों से बात कर लेती हूं क्योंकि कनिका भी दिल्ली की रहने वाली है इसलिए मैंने कहा कि तुम मुझे मिल लो।

कनिका उस समय मुझे मिली और उसने मुझे सब कुछ समझा दिया, हम लोग अब घूमने के लिए निकल पड़े कनिका मेरे साथ ही थी कनिका भी बाइक चला लेती है और उसे बाइक चलाने का बड़ा शौक है मैं तो ज्यादातर अपनी कार में ही ट्रैवल किया करता था लेकिन मैंने सोचा चलो कम से कम इस बहाने कुछ नया करने का मौका तो मिलेगा। मैं कनिका के साथ एक लंबी सैर पर निकल पड़ा मैं और कनिका एक साथ थे, कनिका ने मुझे अपने सारे दोस्तों से मिलवा दिया था उसके दोस्तों से मिलकर मैं बहुत खुश था और वह लोग एक दूसरे को पहले से नही जानते थे वह लोग कुछ वर्षों से ही एक दूसरे को जानते हैं और उन लोगों के बीच बहुत अच्छी दोस्ती हो चुकी है, हम लोगों ने अपने पास सारा कुछ सामान रख लिया था ताकि हमें रास्ते में कोई दिक्कत ना हो। पहले तो हम लोगों ने प्लान बना लिया कि हमें कहां से निकलना है हम लोग हिमाचल कि सैर पर निकल पड़े, दिल्ली से जब हम लोग शिमला पहुंचे तो कुछ दिन हम लोग शिमला में ही रुके क्योंकि यह टूर एक महीने का था इसलिए हम लोग ज्यादा ट्रैवल नहीं कर रहे थे।

जब हम लोग शिमला पहुंच गए तो हम लोग वहां पर आराम से रुके और कुछ दिन हम लोगों ने शिमला में ही रुकने की सोची, जब हम लोग शिमला से निकले तो हम लोग एक छोटे से कस्बे में जाकर रुके वहां पर हम लोगों ने अपने टैंट लगा लिये थे ताकि रात को हम लोग वहां पर रुक सके, हम लोगो ने अपने टेंट लगा लिए थे लेकिन वहां पर काफी ठंड थी मैंने अपने बैग से जैकेट निकाल ली कनिका भी मेरे साथ ही थी हम सब लोगों ने आग जलाई और एक साथ बैठकर बातें करने लगे तभी कनिका ने कहा कि मैं तुम लोगों को गाना सुनाती हूं, कनिका को गाने का भी बड़ा शौक है और वह गाना गाने लगी उसकी आवाज बड़ी अच्छी है और सब लोग गाने का पूरा इंजॉय करने लगे जब कनिका ने कहा कि ठंड काफी हो चुकी है कुछ एन्जॉय किया जाय, मैंने कनिका से कहा कि मैं ड्रिंक का शौक नहीं रखता मैं सिर्फ बीयर ही पीता हूं, मैं बीयर पीने लगा कुछ लोग खाने की तैयारी करने लगे, हम लोगों ने साथ में ही सारा कुछ रखा हुआ था जिससे कि हमें कोई परेशानी ना हो और हम लोगों ने साथ में ही खाना खाया और उसके बाद हम सब लोग साथ में बैठकर बातें करने लगे क्योंकि कनिका को मैं अब अच्छे से जानने लगा था इसलिए कनिका और मैं रात भर बैठ कर बात करते रहे, सब लोग भी अपना एंजॉय कर रहे थे और एक दूसरे से बात कर रहे थे कनिका से मुझे बहुत कुछ पता चला उसने मुझे अपने जीवन के बारे में बहुत कुछ चीजें बताई, मैंने भी कनिका को अपने बारे में लगभग सब कुछ बता दिया था जिससे कि हम दोनों की दोस्ती और भी गहरी हो चुकी थी। कनिका और मैं साथ में बैठे हुए थे हम दोनों साथ में बात कर रहे थे कनिका ने उस दिन कुछ ज्यादा ही पी ली थी।

वह मुझसे कुछ ज्यादा ही चिपकने लगी थी, मौसम भी बड़ा रोमांटिक सा था। मैंने भी कनिका के होठों को किस करना शुरू किया उसके गुलाबी होठों को मैं किस करने लगा। मैंने जब उस दिन कनिका के होठों को किस किया तो उसे बड़ा अच्छा लग रहा था और मुझे भी ऐसा लगा कि मैं शायद उसे किस करने में ही खो गया हूं। मैंने जब उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो उसने भी मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और मेरे लंड को वह हिलाने लगी। जब कनिका मुझे किस करने लगी तो मुझे बड़ा अच्छा लगने लगा मैंने उसे वही नीचे लेटा दिया और उसके कपड़े उतार दिए। मैंने उसकी पेंटी को उतारते हुए उसकी चूत को चाटना शुरू किया कनिका भी अपने आपको ना रोक सकी। उसने मुझे कहा मुझे तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेना है उसने जब मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मेरा शरीर पूरा तपने लगा मुझे गर्मी महसूस होने लगी मेरे लंड से पानी निकलने लगा। जैसे ही कनिका ने मेरे लंड को अपनी चूत पर लगाया तो मैंने भी धक्का देते हुए कनिका की चूत में अपने लंड को प्रवेश करवा दिया और उसकी चूत मैं जब मेरा लंड गया तो मुझे अच्छा लगा।

उसका फिगर बड़ा ही मेंटेन था मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और उसे धक्के देने लगा। वह कहने लगी मुझे डॉगी स्टाइल में चोदो मैंने उसे डॉगी स्टाइल में बना दिया और उसे चोदने लगा, उसकी चूत में लंड डालने मे मुझे मजा आ जाता। जैसे ही मैंने कनिका की गांड में अपने लंड को तेजी से डाला तो वह नशे में थी इसलिए उसे इतना ज्यादा पता नहीं  चला मैं उसे लगातार तेजी से धक्के मारता उसकी गांड से खून निकलने लगा उसे भी अच्छा लगने लगा। हम दोनों ने 5 मिनट मजे लिया मेरा वीर्य मैने कनिका की गांड में ही गिरा दिया। कनिका ने अपनी गांड को साफ किया उसकी गोरी गांड से मेरा वीर्य तब भी टपक रहा था मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था। उसके बाद हम दोनों के बीच बहुत गहरी दोस्ती हो चुकी थी, मुझे भी कनिका के साथ में सेक्स करना बड़ा अच्छा लगता। कनिका और मैं एक साथ ही घूमने निकल जाते लेकिन हम दोनों ने शादी नहीं की है परंतु एक दूसरे के बिना शायद हम दोनों अधूरे हैं। मुझे लगता है कनिका के बिना मेरा जीवन कुछ भी नहीं है।


Comments are closed.