जवानी शादी से पहले सफल हो गई

Jawani shadi se pahle safal ho gayi:

Antarvasna, hindi sex story दादी चिल्लाते हुए कहने लगी मंजू कहां हो तुम लेकिन मैं अपने मोबाइल पर आकाश से बात कर रही थी मैं भी मन ही मन सोचने लगी दादी को भी कभी चैन नहीं रहता। मैं गुस्से में उठते हुए दादी के पास गई और दादी से कहा दादी आपको कभी चैन क्यो नहीं रहता जब देखो आवाज लगाती रहती हो। मेरी दादी कहने लगी तुम तो कभी सुनती ही नहीं हो दिन भर बस अपने कान पर फोन चिपकाए रहती हो तुम्हें कुछ काम बोलो तो तुम कुछ काम ही नहीं करती। दादी भी मुझ पर चिल्लाने लगी मैंने दादी से कहा बताओ क्या कह रही थी तो दादी कहने लगी मैं तुमसे कह रही थी कि क्या तुमने मेरी साड़ी देखी है।

मैंने दादी से कहा दादी आपकी साड़ी आप की अलमारी में ही तो होगी लेकिन दादी मुझे कहने लगी मुझे साड़ी नहीं मिल रही है कितने दिनों से मैं हरे रंग की साड़ी को ढूंढ रही थी लेकिन मुझे मिली ही नहीं। मैंने दादी से कहा मैं तुम्हारे अलमारी में देखती हूं मैं दादी की अलमारी में देखने लगी जब मैं देख रही थी तो मुझे वह साड़ी मिल गई मैंने दादी से कहा दादी आपको भी दिखाई नहीं देता है आपकी आंखें भी अब कम हो गई हैं। दादी कहने लगी तुम बिल्कुल सही कह रही हो मेरी नजरें अब वाकई में कम हो चुकी हैं तुम्हारे पिताजी से कितने दिन से कह रही हूं कि मेरे लिए दूसरा चश्मा बनवा दो इसमें कुछ दिखाई ही नहीं देता है लेकिन तुम्हारे पापा के पास तो समय ही नहीं है। दादी की उम्र 90 बर्ष हो चुकी है और वह अब ना तो अच्छे से सुन पाते हैं और ना ही उन्हें कुछ ढंग से दिखाई देता है इसीलिए तो वह चिड़चिड़ी सी हो गई हैं। मैंने दादी से कहा दादी आप आराम कर लीजिए मैं जा रही हूं, मैंने आकाश के फोन को होल्ड पर छोड़ा हुआ था। मैंने जब आकाश से बात की तो आकाश कहने लगा कहां चली गई थी मैंने आकाश को बताया कि मैं दादी के पास चली गई थी आकाश कहने लगा तुम्हारी दादी को भी लगता है चैन नहीं है। मैंने आकाश को बताया कि अब वह बूढ़ी हो चुकी है और वह बहुत ही चिड़चिड़ी हो गई है। हम लोग आपस में बात कर रहे थे तभी मेरी मां आ गई और मैंने आकाश से कहा मैं तुमसे बाद में बात करती हूं।

मेरी मां स्कूल में प्रिंसिपल हैं और मैंने अपनी मां को पानी देते हुए कहा आज आप काफी देर से आ रही है तो मेरी मां कहने लगी मंजू बेटा आज स्कूल में कुछ प्रोग्राम था इसलिए आने में देर हो गई। मैंने मां से कहा कुछ देर आराम कर लीजिए वह कहने लगी नहीं और फिर मां सोफे पर आराम से बैठी हुई थी मैंने पंखे के बटन को तेज करते हुए कहा मां मैं फैन को थोड़ा तेज कर देती हूं। मेरी मां कहने लगी हां ठीक है बेटा और वह सोफे पर ही लेट गयी उन्हें हल्की हल्की झबकियाँ आ रही थी और वह अब सो चुकी थी। मैं और आकाश फोन पर बहुत बातें किया करते थे, मेरे पिताजी अंबाला में रहते हैं वह अपनी नौकरी के सिलसिले में अम्बाला में रहते हैं और कुछ ही समय बाद वह भी रिटायर होने वाले हैं। मैंने आकाश को जब पहली बार देखा था तो आकाश मुझे पहली नजर में ही पसंद आ गया था आकाश मेरे मामा जी के लड़के का दोस्त है। जब आकाश से मेरी बातचीत होनी शुरू हुई तो आकाश भी बहुत खुश था हम दोनों ने काफी समय तक एक दूसरे से अपने दिल की बात नहीं कही थी। आकाश चाहता था कि पहले वह कुछ कर ले उसके बाद ही वह मेरा हाथ मेरे पिताजी से मांगे इसीलिए आकाश ने पढ़ाई में काफी मेहनत की और उसके बाद उसने एक सरकारी अधिकारी का एग्जाम पास कर लिया था और अब वह एक अधिकारी बन चुका था। आकाश अभी भी मुझसे उतना ही प्यार करता है जितना कि पहले किया करता था आकाश और मेरे बीच में कभी भी झगड़ा नहीं हुआ और हम दोनों जल्दी ही एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। हम दोनों की शादी की बात से मेरे माता पिता बहुत खुश थे क्योंकी उन्हें आकाश में ऐसी कोई कमी नहीं दिखी कि वह आकाश को शादी के लिए मना कर सके इसीलिए उन्होंने आकाश से शादी के लिए मना नहीं किया।

आकाश के माता-पिता से भी जब हम मिले तो उन लोगों ने सगाई तय कर दी अब मेरी सगाई आकाश के साथ हो चुकी थी और जल्द ही हम लोगों की शादी भी होने वाली थी। मैं अपनी शादी के लिए बहुत ज्यादा खुश थी हमारी शादी को अभी 4 महीने बचे थे। कुछ समय पहले ही हमारी सगाई हुई है हम दोनों अक्सर एक दूसरे से मिलते रहते थे मुझे आकाश के साथ समय बिताना बहुत अच्छा लगता था। एक बार आकाश मुझे कहने लगे कि हम लोगों को कहीं घूमने के लिए चलना चाहिए मैंने आकाश से कहा लेकिन अभी हमारी शादी कहां हुई है और इस बात को शायद मम्मी पापा नहीं मानेंगे। तुम्हें तो मालूम है ना कि मेरे परिवार वाले इसकी इजाजत नहीं दे पाएंगे। आकाश कहने लगे मैं अपने साथ अपनी बहन को भी बोल दूंगा वह भी हमारे साथ चलेगी तब तो तुम साथ में चल सकती हो ना। मैंने आकाश से कहा मैं इस बारे में कुछ कह नहीं सकती लेकिन फिर भी कोशिश करूंगी कि हम लोग साथ में चलें। हम लोग साथ में जाना तो चाहते थे परंतु मुझे डर था कि मेरी मम्मी मुझे शायद उनके साथ नहीं भेजेगी। मैंने मम्मी से इस बारे में कहा कि मैं आकाश और उसकी बहन सोनिया के साथ घूमने के बारे में सोच रही थी। मम्मी कहने लगी बेटा शादी से पहले यह सब ठीक नहीं है और यदि यह बात किसी को पता चलेगी तो सब लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे। मैंने अपनी मां से कहा हां मुझे मालूम है कि यह बिल्कुल गलत है मैंने उसके बाद मम्मी से कुछ नहीं कहा और अपने रूम में चली गई।

कुछ देर बाद मुझे आकाश का फोन आया और आकाश कहने लगे क्या तुमने मम्मी से बात की। मैने आकाश को बताया हां मैंने मम्मी से तो बात की थी लेकिन मम्मी मना कर रही हैं और वह मुझे नहीं भेज पाएंगे। आकाश कहने लगा चलो ठीक है कोई बात नहीं यदि वह नहीं भेजना चाहती तो कोई बात नही। आकाश और मैं ज्यादा समय तो साथ में नहीं बिता पाते थे लेकिन अब हमारी शादी जल्दी होने वाली थी मैं सोच रही थी कि जल्दी से समय बीते और कब हमारी शादी हो। ऐसा लग रहा था कि जैसे कितना लंबा समय हो चुका है लेकिन हमारी सगाई को कुछ ही समय हुआ था परंतु समय जैसे अपनी धीमी चाल से चल रहा था। आकाश और मेरे बीच में सिर्फ फोन ही ऐसा माध्यम था जिससे कि हमारी बात हुआ करती थी हम दोनों एक दूसरे से घंटो तक बात किया करते थे। हमे एक दूसरे से बात कर के बहुत अच्छा लगता था जिस दिन हमारी बात नहीं होती उस दिन ऐसा लगता जैसे की कुछ हुआ ही नहीं है। एक दिन मेरे और आकाश के बीच में कुछ अश्लील बातें हो रही थी आकाश ने मेरे फिगर का साइज तो पहले ही पूछ लिया था और एक दो बार हम दोनों के बीच में चुंबन भी हो चुका था। हम दोनों ही एक दूसरे के साथ अंतरंग संबंध बनाना चाहते थे लेकिन मुझे इस बात का डर रहता कि यह सब शादी से पहले ठीक नहीं है इसीलिए मैंने आकाश के साथ कोई भी संबंध बनाने के बारे में नहीं सोचा था। हम लोग एक दिन मिले जब हम लोग मिले तो उस दिन आकाश मुझसे कहने लगा कल मैं एक पोर्न मूवी देख रहा था तो मुझे तुम्हारी बड़ी याद आ रही थी। मैं आकाश से कहने लगी बस कुछ ही समय की बात है उसके बाद हमारी शादी हो ही जाएगी। आकाश कहने लगा हां मुझे मालूम है कि हमारी शादी हो जाएगी लेकिन फिर भी कुछ अरमान दिल में जागते हैं तो उस अरमान का क्या करू।

आकाश ने जब मुझसे यह बात की तो मैंने कहा चलो आज हम लोग कहीं चलते हैं। हम दोनों ने उस दिन साथ में सेक्स करने के बारे में सोच लिया था हम लोग सेक्स करने के लिए होटल में चले गए। उस दिन मेरे अंदर भी ना जाने जवानी का जोश क्यों ऊबाल मारने लगा था। मैंने और आकाश ने उस दिन अंतरंग संबंध बना लिए पहली बार मैं किसी के सामने नंगी हुई थी तो मुझे शर्म आ रही थी लेकिन आकाश ने मुझे कहा शर्माने की बात नहीं है। यह कहते हुए उसने मेरे होठों को चूमना शुरू किया तो मेरे अंदर से भी गर्मी पैदा होने लगी। मेरे अंदर कुछ ज्यादा गर्मी बढ़ने लगी थी जैसे ही आकाश मेरे स्तनों को चूसता तो मुझे एक अलग ही फीलिंग आती काफी देर तक आकाश ने मेरे स्तनों का रसपान किया और उसने मेरी इच्छा पूरी की। जब आकाश ने मेरे होठों को चूसना शुरू किया तो मुझे बड़ा मजा आने लगा उसके बाद उसने मेरी योनि को भी काफी देर तक अपनी जीभ से चाट लेकिन जब मै आकाश के लंड को अपने मुंह में लेने लगी तो मुझे बड़ा मजा आने लगा।

मैं उसके लंड को काफी देर तक अपने मुंह में लेकर चुसती रही जब आकाश ने मुझे कहा कि तुम अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लो तो मैंने अपने दोनों पैरों को खोल लिया। आकाश ने मेरी योनि के अंदर लंड को धीरे धीरे को डालना शुरू किया जब आकाश का लंड मेरी योनि के अंदर प्रवेश हो चुका था तो मेरी योनि से खून अधिक मात्रा में बाहर की तरफ को निकालने लगा। वह मुझे बड़ी तेज गति से धक्के दिए जा रहा था जिस प्रकार से आकाश मुझे धक्के मारता उससे मुझे बहुत मजा आ रहा था मेरी जवानी भी जैसे सफल होती जा रही थी। मैं अब इतने ज्यादा मजे में आ गई कि मैं अपने दोनों पैरों के बीच में आकाश को जकड लिया और आकाश को अपनी बाहों में समेटने की कोशिश करने लगी। आकाश ने भी मेरे होठों को काफी देर तक चूसा। उसने मेरे होठों से खून निकाल दिया तो वह कहने लगा अब बड़ा मजा आ गया। आकाश ने अपने वीर्य को मेरी चूत के अंदर डाल दिया मैं काफी खुश हो गई और आकाश को कहने लगी कुछ होगा तो नहीं? आकाश कहने लगा कुछ भी नहीं होगा तुम डरो मत हम दोनों उसके बाद रात को अपने घर चले गए।


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