जवानी का ज्वालामुखी मेरी योनि में फटा

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Jawani ka jwalamukhi meri yoni me phata पड़ोस में रहने वाली ललिता से मेरी बहुत अच्छी बातचीत है ललिता मेरे पास आई और कहने लगी दीदी क्या आप मेरे साथ आज शॉपिंग करने के लिए चलेंगे मैंने ललिता से कहा लेकिन तुम्हें थोड़ी देर रुकना पड़ेगा। वह कहने लगी कितनी देर तो मैंने ललिता से कहा कि कम से कम एक घंटा तुम्हें इंतजार करना पड़ेगा वह मुझे कहने लगी कि कोई बात नहीं मैं एक घंटा इंतजार कर लूंगी मैंने ललिता से कहा ठीक है मैं तुम्हें आधे घंटे में फोन करती हूं। ललिता अपने घर चली गई और तैयार होने लगी मेरा काम भी पूरा हो चुका था और मैं अब तैयार होने लगी मैंने ललिता को फोन कर दिया था और ललिता को मैंने कह दिया था कि मैं  घर से निकल रही हूं ललिता ने कहा ठीक है दीदी आप आ जाइए।

मैं अपने घर से बाहर निकली तो पड़ोस की ही एक भाभी मुझे कहने लगी अरे कविता आज तुम कहां जा रही हो भाभी को देखते ही मुझे किसी अनहोनी की आशंका हो जाती थी जब भी मुझे वह भाभी मिलती तो जरूर कुछ ना कुछ गलत मेरे साथ होता ही था। मैं भाभी को टालने की कोशिश करने लगी लेकिन ऐसा हो ना सका भाभी मेरे पास आ गई और कहने लगी कविता तुमने मुझे बताया नहीं कि तुम कहां जा रही हो। मैंने भाभी से कहा बस भाभी ऐसे ही कुछ काम से जा रही थी वह कहने लगी कि ठीक है तो फिर तुम जाओ। मैं इस बात से बहुत खुश थी कि कम से कम भाभी ने मेरा समय नहीं लिया नहीं तो वह मेरा समय बहुत लेती है और जब एक बार वह बात करना शुरू करती है तो उनकी बातें कभी खत्म ही नहीं होती। मैं भी ललिता के घर पर चली गई और ललिता मुझे कहने लगी दीदी चलें क्या तो मैंने ललिता से कहा हां ललिता चलो। हम दोनो वहां से सुपर मार्केट में चले गए मुझे भी घर का कुछ सामान लेना था तो मैंने भी कुछ पैसे अपने पास रख लिए थे। हम लोग खरीदारी करने लगे तो एक सख्स काफी देर से हम दोनों का पीछा कर रहा था मुझे तो उसे देखकर कुछ ठीक नहीं लग रहा था लेकिन मुझे इस बात का अंदेशा नहीं था कि वह व्यक्ति मेरा पर्स चोरी कर लेगा। कुछ ही देर में वह व्यक्ति मेरा पर्स चोरी करते हुए इतनी तेजी से दौड़ा की मैं थोड़ी दूर तक उसके पीछे दौडी लेकिन वह तब तक जा चुका था मैंने काफी शोर मचाया लेकिन वह पकड़ में नहीं आया और वह वहां से जा चुका था।

ललिता मुझे कहने लगी दीदी अब जाने भी दो मैंने ललिता से कहा उसमें ज्यादा पैसे तो नहीं थे लेकिन मैंने सोचा था थोड़ा मैं भी खरीदारी कर लूंगी ललिता मुझे कहने लगी कि आप मुझसे पैसे ले लीजिए। हम दोनों सुपर मार्केट में शॉपिंग करने लगे और मैंने थोड़ा बहुत सामान भी ले लिया था हम लोगों को शॉपिंग करते हुए करीब दो घंटे हो चुके थे। दो घंटे बाद हम लोगों ने सुपर मार्केट के बाहर से एक ऑटो रिक्शा ले लिया और उसमें हम लोग घर के लिए निकले जब हम लोग घर के लिए निकले तो मैंने ललिता से कहा आज मुझे विनीता भाभी दिखी थी जब भी मैं उन्हें देखती हूं तो हमेशा ही कुछ ना कुछ गलत हो ही जाता है। ललिता मुझे कहने लगी विनीता भाभी को मैं भी जब भी देखती हूं तो मेरे साथ हमेशा कुछ गलत हो जाता है। हम लोग अपने घर पहुंच चुके थे और जब मैं घर पहुंची तो मेरी सासू मां कहने लगी कि बेटा तुमने आने में बहुत देर लगा दी मैंने उन्हें सारी बात बताई तो वह घबरा गई और कहने लगी कहीं तुम्हें कुछ चोट तो नहीं आई। मैंने उन्हें कहा नहीं मांजी मुझे कोई चोट नहीं आई है लेकिन वह व्यक्ति मेरा पर्स लेकर वहां से चला गया था मुझे इस बात का बहुत ही दुख है मेरी सासू मां कहने लगी छोड़ो कोई बात नहीं उसने तुम्हें तो कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। मैं और मेरी सासू मां आपस में बात कर रहे थे हम दोनों आपस में बात कर रहे थे तभी मेरे फोन पर अक्षय का फोन आया अक्षय मुझे कहने लगे कि कविता मुझे आज आने में देर हो जाएगी। मैंने उनसे कहा लेकिन आपको आने में क्यों देर होगी वह कहने लगे हमारे ऑफिस में कोई जरूरी मीटिंग है इसलिए मुझे आने में थोड़ा देर हो जाएगी तुम और मां खाना खा लेना। मैंने अक्षय से कहा ठीक है हम लोग खाना खा लेंगे और हम दोनों ने रात का भोजन बना लिया और उसके बाद हम लोग खाना खाने की तैयारी करने लगे अक्षय अभी तक घर नहीं लौटे थे और ना ही अक्षय का फोन लग रहा था।

मुझे लगा कि वह आ जाएंगे लेकिन अक्षय उस दिन आए नहीं और पूरी रात भर मेरी आंखों से नींद गायब थी सुबह के 5:00 बजे के बाद अक्षय आये तो मैंने अक्षय से कहा आप बड़े ही गैर जिम्मेदाराना है आप ने मुझे कहा था कि मैं आ जाऊंगा लेकिन आपने मुझसे झूठ कहा था। अक्षय मुझे कहने लगे देखो कविता मैंने तुमसे कोई झूठ नहीं कहा कल मेरे ऑफिस में देर तक मीटिंग थी और मीटिंग के बाद दोस्तो ने साथ में बैठने का प्लान बना लिया और मुझे बहुत नशा हो गया था इसलिए मैं अपने दोस्त के घर पर ही रुक गया था। मैंने अक्षय से कहा लेकिन यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है आप मुझे एक बात बताइए आप यदि इस प्रकार की गैर जिम्मेदाराना हरकत करेंगे तो क्या यह ठीक रहेगा। अक्षय को भी अपनी गलती का एहसास था और वह मुझे कहने लगे कि ठीक है बाबा मुझे माफ कर दो आगे से ऐसा कभी नहीं होगा और यह कहते हुए उन्होंने मुझसे माफी मांग ली। अक्षय को मुझे मनाना बहुत ही अच्छे तरीके से आता है और उन्होंने मुझे बड़ी जल्दी मना लिया मैं अक्षय की बातों में आ गई और सारी बातें मैं भूल चुकी थी।

अक्षय की बातों में जादू है और वह हर चीज को जैसे पल भर में ठीक कर देते हैं। कुछ दिनों के लिए अक्षय अपने काम के सिलसिले में बाहर गए हुए थे मैं घर पर अकेली बहुत तड़प रही थी और उस दिन ना जाने मेरे अंदर सेक्स को लेकर ऐसे क्या भावना जागृत हो उठी की मैं किसी से भी अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार हो गई थी। मैं घर में इंतजार करती रही कोई तो मुझे मिल जाए जिससे मैं अपनी चूत की प्यास बुझा सकू लेकिन ऐसा कोई भी मुझे नहीं मिला। मैंने अक्षय को फोन किया और कहा कि मैं बहुत तड़प रही हूं अक्षय भी कहने लगे अभी तो मैं बिजी हूं मैं तुमसे बाद में बात करूंगा। अक्षय की व्यस्तता मेरे आड़े बिल्कुल ना आ सकी मैंने अपना रास्ता खुद ही निकाल लिया मैंने अपने पड़ोस में रहने वाले एक नौजवान युवक को बुला लिया उसकी उम्र महज 22 वर्ष थी। जब वह मेरे पास आया तो मैंने उसे अपने पास बैठाया और अपने स्तनों को मैं उसे दिखाने लगी वह भी मेरी तरफ बड़े ध्यान से देख रहा था। मैंने उसे कहा तुम मुझे अक्सर छत से देखा करते थे? वह कहने लगा हां जैसे ही उसने यह बात कही तो मैंने उसे कहा तुम अपनी इच्छा को पूरी कर लो। उसके अंदर जवानी पूरी तरीके से भरी हुई थी वह उस जवानी को मेरी योनि में उड़लेना चाहता था मैंने भी अपनी चाहत को उसके सामने बयां कर दिया और उसने मुझे कहा कि मुझे आपके स्तनों को अपने मुंह में लेना है। उसे मेरे स्तनों से बड़ा ही प्यार था जब मैंने अपने कपड़े उतारकर उसे अपने स्तनों को दिखाया तो वह कहने लगा आपके स्तन तो बड़े ही लाजवाब है। यह कहते ही उसने मेरे स्तनों पर अपने मुंह से चूसना शुरू कर दिया वह मेरे स्तनों को ऐसे चूस रहा था जैसे कि मेरे स्तनों को खा ही जाएगा। उसने ऐसा ही किया उसने मेरे स्तनों से दूध बाहर निकाल कर रख दिया मेरे स्तनों के उसने बुरे हाल कर दिए जगह जगह मेरे स्तनों पर दांतों के निशान लगा दिए थे। मेरा शरीर अब लाल होने लगा मैंने उसे कहा तुम मेरी चूत की गर्मी को थोड़ा सा और बढ़ा दो। उसने अपनी जीभ को मेरी चूत पर लगाया और मेरी चूत को वह बडे मासूमियत से चाटने लगा।

वह मेरी चूत को बड़े अच्छे से चाट रहा था उसने भी जवानी की दहलीज पर नया नया कदम रखा था इसलिए उसके अंदर पूरी ताकत थी। वह इस ताकत को मेरी योनि में घुसाना चाहता था। मैंने उसे कहा तुम अपने लंड को घुसा दो। वह मुझे कहने लगा क्या आप मेरे लंड को सकिंग कर सकती हैं? मैंने उसे कहा क्यों नहीं मैंने उसकी बेल्ट को खोलकर उसकी पैंट को नीचे उतारा तो उसने अपने लंड को मेरे मुंह मे डाला उसके लंड की नसे साफ दिखाई दे रही थी। मैंने उसके मोटे लंड को काफी देर तक चूसा उसके मोटे लंड को मैने अपने मुंह में लिया तो मुझे बड़ा आनंद भी आया और उसे भी बड़ा मजा आ रहा था। मैंने उसके लंड से चूसकर पानी पूरी तरीके से बाहर निकाल दिया था अब वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था और उसकी उत्तेजना बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी।

मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था मैंने उसके लंड को अपनी चूत पर लगाया तो मेरी योनि पूरी तरीके से गीली हो चुकी थी। उसने अपने लंड को मेरी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो मैं चिल्लाने लगी। उसका मोटा लंड मेरी योनि के अंदर जा चुका था जैसे ही उसका लंड मेरी योनि के अंदर बाहर होता तो मुझे बड़ा मजा आता और उसे भी बहुत आनंद आ रहा था। काफी देर तक वह मेरी योनि के मजे लेता रहा मैंने उसे कहा क्या आज तक तुमने कभी किसी की चूत मारी है? वह कहने लगा नहीं यह मेरा पहला ही मौका है और आप जैसी माल आइटम मुझे मिल गई इसे बढ़ाकर भला मेरे लिए क्या हो सकता है मैंने उसे कहा अच्छा तो आज के बाद जब भी मेरी चूत में खुजली होगी तो मैं तुम्हें ही बुलाऊंगी। वह कहने लगा क्यों नहीं और उसने अपनी जवानी को मेरी योनि में झोक दिया। उसके धक्के अब तेज होने लगे थे मैं बिल्कुल भी नहीं रह पा रही थी। जैसे ही उसकी जवानी का वीर्य गिरा तो मैं खुशी से झूम उठी और मेरी इच्छा भी पूरी हो गई।


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