जानेमन गांड मरवा के मानेगी

Janeman gaand marwa ke manegi:

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मेरा नाम सोनू है और मैं नांदेड का रहने वाला हूं। मेरे पिताजी हमारे यहां के एक नामचीन व्यक्ति हैं और सब लोग मेरे पिताजी की बहुत इज्जत और सम्मान करते हैं। मेरे पिताजी एक नेता भी हैं और वह सब लोगों की बहुत ही मदद किया करते हैं। हमारे पड़ोस में जितने भी लोग रहते हैं वह सब हमारे घर में अक्सर आते रहते हैं। हमारे घर में बहुत ही भीड़ लगी रहती है। वह सब मेरे पिताजी से मिलने के लिए आए हुए रहते हैं। मेरे पड़ोस में मेरी एक दोस्त रहती है उसका नाम सविता है। हम दोनों बचपन से साथ में ही पढ़ा करते थे और वह बचपन से ही मेरा बहुत ध्यान रखती है और मेरी हर चीजों को वह झट से पूरा कर देती है। वह बचपन में मेरा होमवर्क भी किया करती थी और मेरी पढ़ाई में बहुत मदद किया करती थी। उसके बाद हम दोनों जब कॉलेज में चले गए तो तब भी वह मेरी बहुत ही मदद करती थी लेकिन मुझे यह बात नहीं पता थी कि वह मुझसे प्रेम करती है। जब मुझे इस बारे में एहसास हुआ कि सविता मुझसे प्रेम करती है। तब तक बहुत देर हो चुकी थी। क्योंकि वह मुंबई काम करने के लिए जा चुकी थी और उसकी वहीं एक बड़ी कंपनी में जॉब लग गई थी। अभी भी मुझे एहसास नहीं हुआ कि वह मुझसे प्रेम करती है लेकिन अब मैंने सोच लिया था कि मैं सविता से इस बारे में बात कर लूंगा लेकिन वह अब मुंबई में थी तो मैंने सोचा कि मुझे भी मुंबई ही चला जाना चाहिए और सविता से इस बारे में बात करनी चाहिए।

मैंने उसकी मम्मी से उसके मुंबई का एड्रेस लिया और मैं मुंबई चला गया। जब मैं मुंबई पहुंचा तो मैंने पहुंचते ही सविता को फोन किया और वह मुझसे मिलने के लिए आई। जब वह मुझे मिलने आई तो मैंने उसे बताया कि मैं तुमसे प्रेम करता हूं और मैं तुम्हारे प्यार को समझ ही नहीं पाया लेकिन वह कहने लगी अब तो बहुत देर हो चुकी है। अब मैं ऑफिस में एक लड़के को बहुत पसंद करती हूं। इसलिए अब मैं तुमसे रिलेशन नहीं रख सकती। मैं यह बात सुनकर बहुत ज्यादा दुखी हुआ और मुझे लगा कि अब मैन बहुत देर कर दी है लेकिन फिर भी मैंने हिम्मत नहीं हारी है और मैं किसी भी तरीके से सविता को दोबारा से अपना बनाना चाहता था। इसलिए मैंने सोचा कि मैं कुछ समय के लिए मुंबई में ही रहता हूं। अब मैं मुंबई में अपने दोस्त के पास ही रुक गया। जब मैंने यह बात अपने दोस्त को बताई तो वह कहने लगा कि तुम जब तक मुंबई में रहना चाहते हो तब तक मेरे साथ में रह सकते हो। मेरे दोस्त ने मुझे बहुत ही मदद की और मैं अपने दोस्त के साथ ही मुंबई में रह रहा था। तभी एक दिन मेरे पिताजी ने मुझे फोन किया और कहने लगे कि तुमने यह बात मुझे क्यों नहीं बताई। मैंने उन्हें कहा कि आप बहुत बिजी थे इस वजह से मैं आपको यह बात नहीं बता पाया।

मैं आपको बताना चाहता था लेकिन जल्द बाजी में मैं नहीं बता पाया कि मैं मुंबई कुछ काम से आया हुआ हूं। अब वह मुझे पूछने लगे कि अभी तुम्हें पैसों की जरूरत हो तो तुम मुझे बता देना। मैं तुम्हारे अकाउंट में ट्रांसफर करवा दूंगा। मैंने उन्हें कहा कि ठीक है आप मेरे अकाउंट में कुछ पैसे ट्रांसफर करवा दीजिए और मैं कुछ दिनों बाद घर वापस आ जाता हूं अपना काम कर के। अब मैं सविता के ऑफिस भी जाने लगा और जब भी वह मिलती तो मुझसे बहुत ही अच्छे से बात करती लेकिन वह मुझे कहने लगी कि अब कोई फायदा नहीं है। मैंने अब दूसरा लड़का पसंद कर लिया है इसलिए मैं तुमसे अब आगे रिलेशन नहीं रख सकती। पहले की बात कुछ और थी। अब मैं मुंबई में आ चुकी हूं। अब यहां मैंने एक लड़का पसंद कर लिया है और हम दोनों शादी भी करने वाले हैं। यह बात सुनकर मैं बहुत टेंशन में हो गया और मुझे लगा कि मुझे पहले ही सविता को समझ लेना चाहिए था। ताकि यह दिन नहीं आता। मैंने फिर भी बहुत कोशिश की, कि वह मान जाए लेकिन वह मानने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थी और मैंने सोचा कि अब कोई भी फायदा नहीं है। इस वजह से मैं वापस अपने घर लौट गया। जब मैं अपने घर लौटा तो मैं सविता के बारे में ही सोचता रहता था और मुझे लगता था कि काश मैंने उसे पहले अपने दिल की बात कह दी होती लेकिन अब बहुत समय हो चुका था इसलिए कोई फायदा नहीं था। इन सब के बारे में सोच कर। फिर मैं भी अपने काम में लगा रहा।

ऐसे ही समय बीतता चला गया। एक दिन सविता अपने घर आई। वह हमारे पड़ोस में ही रहती थी तो इसलिए मैंने उसे छत पर देख लिया था। जब मैंने उसे देखा तो मैंने सोचा मैं उससे बात करूं लेकिन फिर मेरी हिम्मत नहीं हुई और मैंने उससे बात नहीं की। उसने भी मुझसे कई दिनों तक बात नहीं की और वह घर पर ही थी। एक दिन वह मुझे मेरे घर के बाहर मिल गई और कहने लगी कि तुम मुझसे बात क्यों नहीं कर रहे हो। मैंने उसे कहा कि बात करके फायदा भी कुछ नहीं है। क्योंकि तुमने तो अपने लिए कोई और लड़का पसंद कर लिया है। इस वजह से मैं तुमसे बात नहीं कर सकता। तो वह कहने लगी कि मैंने लड़का ही तो पसंद किया है लेकिन हम लोग एक अच्छे दोस्त तो हैं ही। हम लोग बात तो कर ही सकते हैं। अब मैंने सोचा कि मुझे उससे बात कर लेनी चाहिए तो मैं उससे बात करने लगा।

हम लोगों की बात होने लगी सविता मेरे घर पर आई और मैं अपने घर पर ही था। मैं अपने अपने कमरे में बैठकर एक मैगजीन पढ़ रहा था और वह मेरे पास आकर बैठ गई। मैं जब मैगजीन पढ़ रहा था तो वह कहने लगी। तुम यह क्या पढ रहे हो उसने जैसे ही वह मैगजीन देखी तो उसमें एक सेक्सी फोटो थी। जिसे देखकर वह कहने लगी तुम यह सब क्या देख रहे हो। मैंने उसे कहा इसी में तो मजा है। जैसे ही मैंने उससे यह बात कही तो उसने तुरंत ही अपने कपड़े खोल दिया और कहने लगी मेरा बदन देखो यह क्या कम सुंदर है। जैसे ही मैंने उसका बदन देखा तो  मेरे अंदर की उत्तेजना जाग गई और मैंने तुरंत ही उसके स्तनों को पकड़कर अपने मुंह में ले लिया। मैंने उसके स्तनों को इतना अच्छे से चूसना शुरु किया कि उसकी योनि से पानी निकलने लगा और वह पूरी गीली हो गई। मैंने उसकी योनि को चाटना शुरू कर दिया मैने उसे अपने बिस्तर पर पटक दिया। जब मैंने उसे अपने बिस्तर पर पटका तो उसके दोनों पैरों को मैंने चौड़ा कर दिया और उसे बड़े अच्छे से चाटने लगा।

मैंने उसके शरीर को पूरा चाट लिया उसका शरीर बहुत ज्यादा नरम और मुलायम था। मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था जब मैं उसके पूरे शरीर को चाटता जा रहा था। वह पूरी गरम हो गई है अब उसने अपने पैर खोल लिया। मैंने तुरंत ही उसकी चूत मे अपने मोटे लंड को डाल दिया। जैसे ही मैंने अपना लंड  उसकी चूत मे अंदर प्रवेश करवाया तो उसके मुंह से आवाज निकल गई और वह सिसकियां लेने लगी। मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब वह सिसकिया ले रही थी। मैं अब उसे बड़ी तेज तेज धक्के मारने लगा और मैंने उसके दोनों पैरों को खोल लिया। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने शुरू किया और उस पर मैंने लव बाइट भी दे दी तो वह बहुत ज्यादा खुश हो गई। वह मेरा भरपूर साथ देने लगी और मुझे बड़ा ही मज़ा आने लगा। मैं उसे ऐसे ही अब तक चोदे जा रहा था मैंने जब अपने लंड को देखा तो उस पर खून लगा हुआ था। मैं सोचने लगा कि इसकी सील टूट चुकी है मैं उसे अब बड़ी तेज तेज चोदने लगा। उसका पूरा शरीर गर्म हो गया मैं उसके गर्मी को बर्दाश्त ना कर सका। मेरा  वीर्य पतन हो गया और जब मेरा वीर्य उसके योनि के अंदर गिरा तो उसे बहुत ही मजा आया। जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसका खून उसकी योनि से गिरने लगा। सविता ने मुझे कस कर पकड़ लिया और कहने लगी कि मैं किसी लड़के के साथ प्यार नहीं करती हूं। मैं तुमसे ही प्यार करती हूं और इसीलिए मैं कुछ दिनों के लिए घर आई थी। अब तुमने मेरी चूत मार ली है इसलिए अब तुम्हें भी यकीन हो चुका होगा कि मैं तुमसे ही प्यार करती हूं। यह बात सुनकर मैं बहुत ही खुश हुआ और मैंने उसे गले लगा कर किस करना शुरू कर दिया।

 


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