हुस्न की मलिका ने मुझे खुद हुस्न का जाम पिलाया

Husn ki malika ne mujhe khud husn ka jaam pilaya:

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मेरा नाम गोविंद है मैं जयपुर का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 28 वर्ष है। मेरे पिताजी मॉल में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं, मैंने भी अपनी पढ़ाई ज्यादा नहीं की, मैंने 11 वीं के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी क्योंकि मैं पढ़ने में बिल्कुल भी अच्छा नहीं था इसलिए मुझे लगा कि मुझे कुछ काम कर लेना चाहिए, उसके बाद मैंने पढ़ाई छोड़ दी। मैं छोटे-मोटे काम कर के ही अपना गुजारा चला लिया करता था, उसके कुछ समय बाद मुझे डिलीवरी बॉय की नौकरी मिल गई। मैं कोरियर कंपनी में काम करने लगा और वहां पर मुझे डिलीवरी ब्वॉय की जॉब मिली। मेरे दोस्त अजय ने हीं मुझे उस नौकरी के बारे में बताया था। उसने बताया कि मैं भी कोरियर कंपनी में काम कर रहा हूं और मैं डिलीवरी का काम करता हूं यदि तुम्हें काम करना है तो तुम भी मेरे साथ काम कर सकते हो इसीलिए मैंने उसके साथ ही काम करने की सोची।

जब मैं कुरियर कंपनी में गया तो उन्होंने मुझे कहा कि कुछ दिन आपको काम सीखना पड़ेगा, उन्होंने मुझे कुछ दिनों तक एक लड़के के साथ भेजा। जब मैं दो हफ्ते बाद पूरी तरीके से कोरियर डिलीवरी का काम सीख गया तो उसके बाद मैं अकेले ही डिलीवरी का काम करता हूं। मैं घर से सुबह नाश्ता करके निकलता हूं और शाम तक ही मैं घर लौट पाता हूं, कुछ दिनों पहले मैं कोरिअर डिलीवरी पर जा रहा था और उसी दौरान मेरे मामा का लड़का भी मुझे मिल गया। जब वह मुझे मिला तो मैंने अपनी बाइक को सड़क के किनारे पर खड़ा कर लिया और उससे बात करने लगा, वह मुझे कहने लगा आजकल तुम कोरियर में काम कर रहे हो, मैंने उसे बताया हां मैं कोरियर में ही काम कर रहा हूं।  वह मुझे कहने लगा मैं भी आज कल खाली हूं, मेरे पास भी कोई काम नहीं है, तुम मेरे लिए भी अपनी कंपनी में बात करो तो मैं भी काम करना चाहता हूं। मैंने उसे कहा ठीक है तुम मुझे शाम को मिलना मैं शाम को काम से फ्री हो जाऊंगा, उसके बाद हम लोग बैठ कर बात करते हैं। मैंने उससे कहा अभी मैं थोड़ा जल्दी में हूं, मैं तुम्हें शाम को मिलता हूं, मैं वहां से चला गया और जब शाम को अपना काम खत्म करके लौटा दो मेरे मामा के लड़के ने मुझे फोन कर दिया, मैंने उसे कहा तुम एक काम करो घर पर ही आ जाओ, वह जब मेरे घर पर आया तो हम दोनों साथ में ही बैठे हुए थे।

वह मुझे कहने लगा आजकल मैं काफी समय से घर पर ही खाली बैठा हूं, मैंने उसे पूछा तुम जिस कंपनी में काम कर रहे थे वहां पर क्या हुआ, वह कहने लगा वहां से मैंने काम छोड़ दिया क्योंकि उन लोगों ने मुझे दो-तीन महीने की तनख्वाह नहीं दी थी और मैं कब तक ऐसे काम ही करता। वह मुझसे पूछने लगा तुम्हारा काम तो अच्छा चल रहा है, मैंने उसे कहा हां मुझे तो समय पर तनख्वा मिल जाती है, शुरुआत में एक-दो हफ्ते दिक्कत हुई थी लेकिन उसके बाद अब मुझे काम करने में कोई भी दिक्कत नहीं है और उसके बदले मुझे अच्छा पैसा मिल जाता है। वह कहने लगा मैं भी तुम्हारे साथ काम करना चाहता हूं, मैंने उसे कहा तुम एक काम करना, तुम कल आ जाना और मैं तुम्हारी अपने मैनेजर से बात करवा दूंगा। वह कहने लगा मैं काफी समय से खाली बैठा हूं और अब मुझे घर से पैसे लेने में भी अच्छा नहीं लगता, मैंने उसे कहा कोई बात नहीं तुम कल आ जाना तुम्हारा जरूर हो जाएगा। मेरे मामा का लड़का हमारे घर से चला गया, मेरे पिताजी उसी वक्त घर आ रहे थे, उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या बात है आज संतोष तुम्हारे पास आया था, मैंने अपने पिताजी से कहा कि वह आज कल खाली बैठा है उसके पास कोई भी काम नहीं है वह इसी सिलसिले में मुझसे मिलने के लिए आया था। मैंने अपने पिताजी को बताया कि मैं उसे अपने साथ ही काम पर लगवा दूंगा, वह कहने लगे हां चलो वह तुम्हारे साथ काम करेगा तो कुछ पैसे कमा लेगा। मेरे पिताजी मेरे साथ ही बैठ गए और कहने लगे बेटा आजकल तुम्हारी मां की तबीयत भी ठीक नहीं रहती, मैंने उन्हें कहा हां मैं उनके लिए दवाई ले आया था उन्होंने मुझे सुबह ही कह दिया था मेरे लिए आते वक्त दवाई ले आना, मैंने उन्हें दवाई दे दी थी। मेरे पिताजी मेरी मां की तबीयत की बहुत चिंता करते हैं और वह कहते कि वह बिल्कुल ही काम नहीं कर सकती, मैं अगले दिन अपने ऑफिस में गया तो संतोष भी वहां पर पहुंच चुका था।

संतोष को मैंने अपने मैनेजर से मिलवाया तो मैनेजर ने उसे सारा कुछ काम समझा दिया और कहा कि तुम कल से आ जाना, मैं तुम्हें किसी लड़के के साथ भेज दूंगा, तुम पहले उसके साथ कुछ दिनों तक काम देख लेना उसके बाद तुम्हें हम काम पर रख लेंगे। संतोष कहने लगा ठीक है सर मैं कल से आ जाता हूं,  वह मुझसे मिला और उसके बाद घर चला गया। मैंने भी अपने कोरियर का सारा सामान रखवा लिया और उसके बाद मैं भी अपने काम पर निकल पड़ा। मेरे पिताजी का मुझे फोन आया और कहने लगे कि जब तुम थोड़ा फ्री हो जाओ तो एक बार घर में अपनी मां की तबीयत देख लेना, मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं जब घर की तरफ जाऊंगा तो मैं उन्हें देख लूंगा। मैं अपने काम पर था, मैं अपने कोरियर डिलीवरी का काम कर रहा था और एक एक करके मैं सब घरों में हो आया, मेरे पास अब कम ही कोरियर बचे थे इसलिए मैंने सोचा कि मैं घर हो आता हूं। मैं वहां से घर चला गया और जब मैंने अपनी मां को देखा तो वह कहने लगी अब मेरी तबीयत ठीक है, मैंने उन्हें कहा पिताजी का फोन आया था इसलिए मैं घर पर आया। मैं ज्यादा देर घर पर नहीं रुका और उसके बाद ही वहां से मैं निकल पड़ा जब मैं वहां से एक महिला के पास कोरियर लेकर गया।

मैंने जैसे ही उनकी डोरबेल बजाई तो उन्होंने अपना दरवाजा खोला तो वह महिला नाइटी में खडी थी, उनके स्तन उनकी नाइटी से बाहर की तरफ दिखाई दे रहे थे। वह मुझे बड़े ही अश्लील नजरों से देख रही थी। मैंने भी अपनी नजरें झुका ली और उनसे कहा मैडम आपका कोरियर आया है। उन्होंने मुझे अंदर बुला लिया और कहने लगा तुम कुछ खा पी लो। मैं उनके घर के अंदर चला गया वह मेरे पास आकर बैठ गई और मेरी छाती पर अपना हाथ रख दिया, जब उन्होंने मेरी छाती पर हाथ रखा तो मैंने भी उनके नरम और मुलायम होठों को अपने होठों में लेकर चूसना शुरू कर दिया। हम दोनों इतने ज्यादा गरम हो चुके थे। मैंने उन महिला को अपने हाथों से उठाकर उनके बिस्तर पर पटक दिया। जब मैंने उनकी योनि को देखा तो मेरा लंड और भी ज्यादा कठोर हो चुका था मैंने कुछ देर उनकी योनि को चाटा। उन्होंने भी मुझसे कहा कि मुझे भी तुम्हारे लंड को चूसना है उन्होंने जैसे ही मेरे लंड को अपने मुंह में लिया तो मेरा पानी बाहर की तरफ निकल रहा था उन्होंने वह सब एक ही झटके में अपने मुंह के अंदर ले लिया। मैं उनके गले तक अपने लंड को धक्का मार रहा था और वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को सकिंग कर रही थी, काफी देर ऐसा करने के बाद जब मेरा लंड कठोर हो चुका था तो मैंने भी उनकी नरम और मुलायम योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया। जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि में घुसा तो वह बड़ी तेजी से चिल्लाने लगी और कहने लगी तुम्हारा लंड लेकर तो मैं बहुत ही खुश हो रही हूं, मैं सुबह से किसी का इंतजार कर रही थी कब कौन आए और मैं उसे अपने हुस्न का रसपान करवा दूं। मैंने उसे कहा यह तो मेरे लिए बहुत ही खुशकिस्मती की बात है कि आप जैसे यौवन की मलिका के यौवन का मै रसपान कर रहा हूं और आप अपने यौवनन से मुझे तृप्त कर रही हैं। मैं उन्हें इतनी तेज गति से धक्के मार रहा था जब वह अपनी मादक आवाज अपने मुंह से निकालती तो मेरा लंड और भी ज्यादा कठोर हो जाता। वह मेरा पूरा साथ दे रही थी उन्होंने अपने पैर इतने ज्यादा चौडे कर लिए कि मेरा पूरा लंड उनकी योनि के अंदर तक जाने लगा जिससे कि उनकी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकलने लगा। वह कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो पा रहा है उन्होंने अपने पैरों से मुझे जकड़ लिया, मैंने उन्हें बड़ी तेज धक्के मारे लेकिन कुछ ही क्षणों बाद मेरा वीर्य उनकी योनि के अंदर प्रवेश कर गया। जब मेरा वीर्य उनकी योनि के अंदर गया तो मैं उनके हुस्न का रसपान कर के बहुत ही खुश हो गया। उन्होंने मुझे उसके बाद अपना नंबर भी दिया, मेरा जब भी मन होता है तो मैं उस हुस्न की मलिका के पास चले जाता हूं।


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