हमेशा दूसरे का माल अच्छा लगता है

Humesha dusre ka maal achchha lagta hai:

Kamukta, hindi sex story मेरा नाम सुरजीत है मैं लखनऊ का रहने वाला हूं कुछ समय पहले मेरा कॉलेज पूरा हो गया था लेकिन आज भी मुझे अपने कॉलेज की बहुत याद आती है। कॉलेज में हमारे ग्रुप से सब लोग चिड़ते थे हम लोग बहुत ज्यादा शैतानियां किया करते थे हमारी शैतानियां इतनी ज्यादा होती थी कि हमारे कॉलेज के प्रोफेसर भी हमसे परेशान रहते थे। मैं जब अपने कॉलेज में पहली बार गया था तो मैं उस वक्त बहुत ज्यादा सीधा था मैं ज्यादा किसी के साथ बात नहीं किया करता था लेकिन सबसे पहले मेरी दोस्ती कपिल के साथ हुई। कपिल और मेरी दोस्ती बहुत अच्छी हो चुकी थी कपिल हर चीज में बहुत एक्टिव था इसीलिए उसके साथ मेरी दोस्ती और उसे भी गहरी होने लगी और जो कपिल का दोस्त बनता वह मेरा भी दोस्त बन जाता। धीरे-धीरे कॉलेज का समय बीता जा रहा था और सब कुछ पहले जैसा ही था कुछ भी बदला नहीं था हमारे कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी होने वाली थी हमारा आखिरी वर्ष था और जब हमारे आखरी वर्ष में हमारे जूनियर ने हमें पार्टी दी तो हमें बहुत अच्छा लगा।

उस दिन हम लोगों ने खूब मस्ती की थी और अब हमारा कॉलेज पूरा हो चुका था कॉलेज पूरा होने के कुछ समय बाद ही मेरी जॉब मुंबई में लग गई मैं मुंबई की एक अच्छी कंपनी में जॉब करता था और सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा था मुझे कंपनी की तरफ से एक फ्लैट भी मिला था। मुझे कई बार अपने कॉलेज के दोस्तों की याद आती है क्योंकि मैं उनसे इतने वर्षों से संपर्क में नहीं था कपिल लखनऊ में रहता है लखनऊ में वह अपने पिताजी का काम संभालता है। मेरे कॉलेज को पूरे हुए 5 वर्ष हो चुके थे मैं अपने जीवन में सेटल हो चुका था और मेरे परिवार वाले मेरे लिए लड़की भी देखने लगे थे मेरे कुछ दोस्तों की तो शादी हो चुकी थी और कुछ लोगों से मेरी बात होती तो वह लोग कहते कि हम शादी नहीं करना चाहते लेकिन मेरे परिवार वालों ने मेरे ऊपर शादी के लिए बहुत दबाव बनाया। जब मैं पहली बार लड़की देखने गया तो मुझे बहुत ही अजीब सा महसूस हुआ मैं बहुत शर्मा रहा था लेकिन फिर भी मुझे उससे बात तो करनी ही थी फिर मैंने हिम्मत करते हुए उससे बात कर ली उसका नाम मेघा है मेघा से मेरी बात अच्छी रही और मेरी सगाई मेघा से हो गई।

एक दिन मुझे कपिल का फोन आया मैंने उसे बताया की मैं लखनऊ में ही हूं और मेरी सगाई हो चुकी है वह मुझसे कहने लगा तुमने तो मुझे बताया तक नहीं। मैंने उसे कहा यार तुम्हें तो मालूम ही है कि मैं लखनऊ में बहुत कम आता हूं और यहां पर अपने दोस्तों से मिलने का समय भी नहीं हो पाता लेकिन तुमने मुझे फोन करके बहुत अच्छा किया मैं आज शाम को ही तुमसे मिलता हूं वैसे भी मैं कल जाने वाला हूं। कपिल कहने लगा ठीक है तुम शाम को मुझे मिलना और जब शाम को मैं कपिल से मिलने के लिए उसकी शॉप पर गया तो वह अपनी शॉप पर ही बैठा हुआ था। मैंने कपिल से कहा यार तुम्हारा सही है तुम तो बहुत अच्छे से काम कर रहे हो वह कहने लगा मेरा कहां सही है सुबह से शाम तक यहीं बैठे रहो और अपना जीवन तो ऐसे ही पूरा बर्बाद हो चुका है अपने लिए बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता। कपिल ने मुझसे पूछा तुमने तो सगाई कर ली और मुझे पता तक नहीं मैंने कपिल से कहा यार तुम्हें क्या बताऊं बस सब जल्दी बाजी में हो गया पिताजी का मुझ पर बहुत दवाव था वह कहने लगे तुम्हें अब शादी कर लेनी चाहिए तुम्हारी उम्र भी हो चुकी है। घर में मैं बड़ा हूं इसलिए मैं उन्हें मना ना कर सका मैंने शादी के लिए हामी भर दी कपिल मुझे कहने लगा अपनी पत्नी की तस्वीर तो मुझे दिखाओ मैंने मेघा की तस्वीर कपिल को दिखाई वह कहने लगा तुम्हारी होने वाली पत्नी तो बहुत सुंदर है और चलो कम से कम तुमसे मुलाकात तो हो गयी। मुझे बहुत अच्छा लगा इतने वर्षों बाद मैं कपिल से मिला था तो उससे मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा कपिल और मैं अपने कॉलेज के दिनों की बात याद करने लगे हम दोनों अपने कॉलेज के दिनों की बात याद करते तो हमें बहुत अच्छा लगता।

कपिल मुझे कहने लगा यार क्यों ना हम लोग एक छोटी सी पार्टी रखे जिसमें कि हम अपने कॉलेज के ग्रुप को बुलाएं मैंने कपिल से कहा हां तुम सही कह रहे हो लेकिन तुम शादी के समय ही रखना क्योंकि मैं उस वक्त घर आ जाऊंगा। वह कहने लगा ठीक है मैं सारा अरेंजमेंट कर दूंगा तुम उसकी चिंता मत करो तुम सिर्फ मुझे बताना कि तुम्हारी शादी कब होने वाली है वैसे भी मैं सबसे टच में हूं और सब से मेरी बात होती रहती है मैंने कपिल से कहा मैं तुम्हें बता दूंगा जब मेरी शादी का दिन तय हो जाएगा। मैं कपिल के साथ काफी देर तक बैठा रहा और जब मैं घर गया तो मेरे पापा कहने लगे तुम बहुत लेट आ रहे हो मैंने पापा से कहा मैं कपिल से मिलने के लिए चला गया था। मेरे पापा कहने लगे हां कपिल से तो मैं मिलता रहता हूं और उसकी दुकान से मैं कई बार सामान ले आता हूं कपिल तुम्हारे बारे में हमेशा पूछता रहता है मैंने पापा से कहा कपिल के पापा का तो बहुत पुराना बिजनेस था इसलिए उसने अपने पिताजी का बिजनेस संभाल लिया। मै अगले दिन मुंबई लौट के गया और जब मैं मुंबई लौटा तो मैं अपने काम में बिजी हो गया मुझे समय ही नहीं मिल पा रहा था समय भी धीरे धीरे बिता जा रहा था। एक दिन मुझे कपिल का फोन आया कपिल मुझे कहने लगा क्या तुम्हारी शादी का दिन तय हो चुका है मैंने उसे कहा नहीं यार अभी कहां मैं तुम्हें बता दूंगा।

उस दिन भी मेरी कपिल से ज्यादा देर तक बात नहीं हो पाई और जब कपिल को मैंने कुछ महीनों बाद फोन किया तो मैंने उसे कहा मैं घर आ रहा हूं तुम सब लोगों को मिलने के लिए बुला लेना वह कहने लगा ठीक है मैं सारी पार्टी का अरेंजमेंट करवा दूंगा तुम बिल्कुल भी चिंता ना करो। मैं कुछ दिनों बाद लखनऊ चला गया मैं जब लखनऊ गया तो मैं कुछ दिनों तक तो घर में अपनी शादी के लिए अरेंजमेंट करता रहा और जब एक दिन मुझे कपिल ने कहा कल तुम पार्टी के लिए तैयार रहना तो मैंने उसे कहा ठीक है मैं कल पार्टी के लिए तैयार हूं। इतने समय बाद अपने सारे पुराने दोस्तों से मिलना मेरे लिए बहुत अच्छा था उनमें से कुछ दोस्त आ नहीं पाए थे लेकिन जो भी आए थे उन से मेरी मुलाकात बहुत अच्छी रही और कुछ लोगों की शादी हो चुकी थी। मैंने अपने दोस्तों को अपनी शादी के लिए इनवाइट किया और कहा कुछ दिनों बाद मेरी शादी होने वाली है तो वह लोग कहने लगे तुमने किसी को भी अपनी सगाई के बारे में नहीं बताया मैंने सब से कहा सगाई तो जल्दी में हो गई लेकिन शादी के लिए मैं सबको इनवाइट कर रहा हूं। उस दिन हम लोगों ने पार्टी का खूब इंजॉय किया और बहुत अच्छा भी लगा, सब कुछ अच्छे से हो चुका था मैं और कपिल वहां से रात को साथ में घर लौटे। मुझे बहुत खुशी थी क्योंकि इतने समय बाद अपने पुराने दोस्तों से मिलना बहुत अच्छा लगा और कुछ दिनों बाद मेरी शादी भी होने वाली थी मैंने अपने सारे दोस्तों को फोन कर के याद दिलाया कि सब को मेरी शादी में जरूर आना है। जो लोग उस समय पार्टी में आये थे उन्होंने तो मुझे कह दिया कि हम लोग शादी में जरूर आएंगे और अपने परिवार को भी लेकर आएंगे। हमारी शादी के दिन मेरे लगभग सारे दोस्त आए हुए थे और उनके साथ में उस दिन मुझे बहुत अच्छा लगा मेरी शादी हो चुकी थी लेकिन मेरी शादी के दौरान मुझे मेरे दोस्त रौनक की पत्नी बहुत पसंद आई उसका नाम ललिता है।

मैंने मेघा के साथ हनीमून मना लिया था, मैंने मेघा की चूत का भरपूर मजा लिया था और उस दिन मैंने मेघा की गांड भी मारी थी मेघा मेरी पत्नी बन चुकी है इसलिए हम दोनों एक दूसरे को सेक्स को लेकर कोई कमी नहीं होने देते हैं। जब मैं अपने दोस्त की पत्नी ललिता से मिला तो उसकी नजरें भी मुझे कुछ ठीक नहीं लगी मैं एक दिन ललिता से मिलने के लिए उसके घर पर चला गया वह उस दिन घर पर ही थी और उसे मौके मिल गया था ललिता ने मेरे साथ किस किया तो उसे बहुत अच्छा लगा। वह मेरे साथ किस करती रही हम दोनों के अंदर गर्मी पैदा हो चुकी थी उसने मुझसे कहा तुम्हारी तो नई शादी हुई है तुम्हारे अंदर तो बड़ा जोश होगा। मैंने ललिता से कहा मैं तुम्हें अभी अपना जोश दिखा देता हूं मैं अपने लंड को बाहर निकाला जब मैने अपने कठोर और कड़क लंड को बाहर निकाला तो वह उसे अपने मुंह में लेने लगी और जब वह अपने मुंह में लेकर मेरे लंड को सकिंग करती तो मुझे बहुत मजा आता उसने काफी देर तक मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग किया और बड़ी तेजी से उसने अपने गले के अंदर लिया।

जब मेरा वीर्य उसके मुंह में गिर गया तो वह कहने लगी तुम्हारा वीर्य तो बड़ा ही स्वादिष्ट है। उसके बाद मैंने जब अपने मोटे लंड को उसकी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो वह अपने मुंह से सिसकिया ले रही थी उसकी सिसकियां मुझे अपनी तरफ खिचती मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था वह ज्याद देर तक बर्दाश्त नही कर पाती हम दोनों ने करीब 5 मिनट तक एक दूसरे के साथ सेक्स का आनंद लिया। जब उसने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और कहने लगी मैंने तो पूरे मजे ले लिया तुम अपने वीर्य को मेरी योनि में गिरा दो। मैंने भी उसे तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए मैं बड़ी तेज गति से उसे धक्के देता तो मेर धक्के इतने तेज होते कि उसके स्तन बहुत तेजी से ऊपर नीचे हो रहे थे। मैंने उन्हें अपने मुंह में लेकर चूसा मेरे अंदर जब गर्मी की मात्रा बढ़ने लगी तो मेरा वीर्य पतन हो गया, जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो मैंने अपने लंड को ललिता की योनि मे गिरा दिया। वह कहने लगी मैं तुम्हे अब हमेशा बुलाते रहूंगी और उसके बाद उसने मुझे कई बार अपने पास बुलाया। मेरे पास मेरी पत्नी मेघा भी है और जब मेरा मन करता तो मे उसके साथ सेक्स करता।


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