हो गयी चुदाई

Ho gayi chudai :

desi sex kahani

हाय दोस्तों आशा करता हूँ आप सभी की ज़िंदगी मौज में कट रही होगी वरना अपनी प्यास बुझाने के लिए तो लोग यहाँ कहानियाँ पढने आ ही रहे है और जो मज़े ले रहे है वो कहानियाँ लिख रहे है | तो दोस्तों मैं मेरठ का रहने वाला हूँ और मेरा नाम है कुनाल कपूर लेकिन मेरा किसी भी बॉलीवुड के कपूर से कोई रिश्ता नहीं है | दिखने में बस इतना समझ लो कि जितनी भी लड़कियाँ मेरी दोस्त है सब मुझे हीरो बुलाती है और हूँ भी मैं कुछ रोमांटिक मिजाज़ का, तो एक वर्ड में कहें तो मैं प्लेबॉय हूँ और मेरा शौक भी है लड़कियों से खेलना | तो आप तो समझ ही गए होंगे मेरे पास एक कहानी नहीं होगी लेकिन मैं आपको कुछ कहानियाँ बताता हूँ जो कुछ खास थीं |

तो एक बार की बात है मैं और मेरी गर्लफ्रेंड ने एक एग्जाम फॉर्म भरा था और सेंटर शिमला का डाला था | मेरे पापा ने पूछा था कि शिमला ही सेंटर कैसे ? तो मैंने कहा अरे पाँच सेंटर ही थे जिसमें से शिमला ही सबसे पास था, पापा को शक हुआ था लेकिन उन्होंने मुझे जाने दिया और मैं और मेरी गर्लफ्रेंड शिमला के लिए निकल गए | दोस्तों एक बात क्या आपने कभी ट्रेन में सैक्स किया है ? अगर नहीं तो करके देखना बड़ा मज़ा आता है, आप बस खड़े रहो और ट्रेन चलती है तो आप अपने आप आगे पीछे होते हो और चुदाई कब हो जाती है पता ही नहीं चलता | मैं और मेरी गर्लफ्रेंड ने ए.सी. की टिकेट बुक करवाई थी और वो मिली भी हमको किनारे वाली जहाँ पे अगर परदे लगा लो, तो कुछ नहीं दिखता | वैसे मेरी गर्लफ्रेंड का नाम अनूषा है और वो भी मेरठ की ही है, दिखने में बहुत प्यारी है आखें थोड़ी ब्राउन सी है और चेहरा गोल दूध भी मस्त मस्त और गांड का छोटा होल, पूरा पैकेज है एक नंबर का | तो रात का वक़्त था लगभग 12 बज रहे होंगे, हम अपने फोन चला रहे थे तो हमने एक दुसरे की तरफ देखा और मैंने उसको आँख मारी, तो उसने भी प्रिया वार्रिएर की तरह मुझे किस वाली गोली मारी और फिर हमारा मूड बनना शुरू हो गया | हम दोनों पास आ गए और थोड़ी देर तक हॉट हॉट बातें करते रहे क्यूंकि इतने बजे तक भी आसपास के लोग जग रहे थे | जैसे ही हमारे आसपास के लोग सोये हमने की लाइट बंद और लगाये परदे और शुरू हो गए |

हम थोड़ी देर तक किस करते रहे और फिर ऊपर वाली सीट पर पहुँच गए और मैंने अपनी पैंट से लंड बाहर निकाला और उसकी जीन्स खोलके थोड़ी सी नीचे की और उसकी चूत में लंड डालके आगे पीछे करने लगा | मैं ज्यादा जोर के झटके नहीं मार रहा था लेकिन मुझे समझ में आ रहा था कि झटके जोर के पड़ रहे है और वो डर के मारे सिस्कारियां भी नहीं ले पा रही थी फिर भी धीरे धीरे आह्ह्ह्हह्ह्ह हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह आआआआ आआआआ कर ही रही थी | थोड़ी तक मैं ऐसे ही लगा रहा और मेरा मुट्ठ निकला और उसकी चूत पर ही गिरा और उसके बाद हमने कपड़े पहने और मैं नीचे वाली सीट पे सोने चला गया | उसके बाद कुछ खास नहीं है बताने के लिए वही हम शिमला पहुंचे और जिस होटल में रुके वहां भी चुदाई की और जब वापस आये तब भी ट्रेन में चुदाई की बस इतना ही |

मैं आपको अपने बचपन की बात बताता हूँ जब मैं शायद चौथी क्लास में था तब हमारे यहाँ एक लड़का और एक लड़की को बैठाया करते थे ताकि बातें ज्यादा ना हो लेकिन जहाँ लड़कियाँ हो वहाँ बातें ना हो ऐसा हो सकता है और अगर लड़के लड़कियों की बात हो और लड़कियाँ ना पटे ऐसा भी हो सकता है | तब मुझे इन सब की ज्यादा समझ नहीं थी लेकिन फिर भी हम दोनों कुछ न कुछ करते रहते थे | वैसे मेरी किस्मत उस वक़्त भी अच्छी थी तब भी मुझे क्लास की सबसे किनारे और पीछे वाली सीट मिली थी जिसमें लड़की कोने में बैठती थी और मैं तो तब भी कमीना था | बैठे बैठे मैं कभी चड्डी में हाँथ डाल देता था और उसकी चूत सहलाता रहता था बहुत सॉफ्ट होती है न जिसने सहलाई है उसे पता होगा वो भी बचपन में | तो एक बार में बैठ के उसकी चूत सहला रहा था तभी पता नहीं मुझे क्या सूझी मैं उसकी चूत में ऊँगली डाल दी वो एक नहीं दो और उसकी चीख निकल पड़ी | उस वक़्त टीचर पढ़ा रही थी तो टीचर ने पूछा क्या हुआ और उसने टीचर को सब बता दिया और टीचर ने मुझे थोडा बहुत मारा और फिर आगे एक लड़के के साथ बैठा दिया, फिर भी कभी लंच में मैं उसकी सहलाया करता था और एक बार तो मैंने उसकी चूत भी चाटी थी लेकिन तब पता ही नहीं था की ये सब क्या होता है ? जो जैसा समझ में आता था करते थे | यही सब करता था मैं स्कूल में और 12वीं में मैंने पहली बार चूत मारी थी उसी लड़की की दोस्त की जिसकी मैं चूत सहलाया करता था | उसको मैंने स्कूल की बाथरूम में बजाया था वो भी सुबह जल्दी स्कूल आके |

वैसे एक मस्त किस्सा भी है जब मैंने दो लड़कियों को एक साथ बजाया था वो भी होटल में | बरसात का मौसम था और मैं कॉलेज से लौट रहा था तभी मुझे दो लड़कियाँ खड़ी मिली बस स्टैंड पे, मेरा घर पास में ही था और मैं पैदल ही जा रहा था लेकिन उनको देखके लग रहा था ये दोनों जुगाड़ ढूँढ रही है | अब मैं इन सब चीज़ में रहता हूँ तो मुझे समझ में आ जाता है किसके शरीर में ठंडी है और लौंडिया रंडी है सब | बस मैं बस स्टैंड पे जाके खड़ा हुआ और थोड़ी देर तक उनको गौर से देखता रहा दोनों भीगी हुई थी और दोनों ने ही ब्रा नहीं पहना हुआ था, मैंने थोड़ी देर उनको देखा और वो भी देखने लगी, तो मैंने सीधे उनसे कहा कितना ? तो एक नु कुछ नहीं कहा और दूसरी ने पूछा हमसे पूछा क्या ? तो मैंने कहा यहाँ और कौन है ? तो उसने कहा 500 | तो मैंने कहा नहीं इतना नहीं 700 में दोनों चलती हो तो बोलो ? तो उसने कहा और कौन है ? तो मैंने कहा मैं ही हूँ अकेला लेकिन मज़ा पूरा आएगा और वो दोनों मान गई |

मेरा एक दोस्त है जो उस वक़्त किराये के रूम में रहता था तो मैं उन दोनों को उसके रूम ले गया और उसको बाहर भेज दिया बेचारा सीधा साधा था | उसके बाद दोनों ने मिलके मेरे कपड़े उतारे और मुझे पूरा मूड में लाने के लिए बहुत सहलाया मेरे पेट और लंड के बीच में बड़े प्यार से हाँथ से सहलाया और मेरा लंड धीरे धीरे हिलाती रही और मुझे पूरे बदन पर चूमती रही जिसमें मुझे बहुत मज़ा आ रहा था लेकिन मैंने भी सैक्स वाली गोली खा रखी थी मैं कहाँ इतनी जल्दी झड़ने वाला था | फिर मैंने एक के कपडे उतारना शुरू किये और दूसरी ने भी अपने कपड़े खुद ही उतार दिए और दोनों अब मेरे सामने नंगी थी और मेरे पूरे बदन को सहला रही थी | फिर मैंने दोनों के एक एक करके दूध चूसना शुरू किये और उनके दबा दबा के दूध चूसता रहा | मैं जिसके दूध चूसता तो दूसरी वाली नीचे बैठ के मेरा लंड चूसने लगती, फिर दूसरी के चूसता तो पहली वाली चूसने लग जाती | ऐसे करते हुए थोड़ी देर हो गई और फिर मैंने दोनों को बिस्तर पर लेटाया उनकी चूत में ऊँगली करने लग गया, वैसे ये तो मैं बचपन से करता आ रहा था |

उसकी बाद मैं अपना तना हुआ लंड लेके उठा और उनमें से एक की चूत में डाल के चोदने लगा और वो आह्ह्हह्ह्ह्हह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह आआआआअ ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह करने लगी | वैसे वो दोनों लेस्बियन थी लेकिन लंड का शौक बहुत था दोनों को इसलिए यहाँ वहां चुद्वाती फिरती थी | जब मैं एक को चोद रहा था तब दूसरी उसके दूध चूस रही थी और उसके बाद दोनों ने किस करना शुरू कर दिया | फिर मैंने लंड निकाल के दूसरी की चूत में डाला और अब वो आह्ह्हह्ह्ह्हह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह आआआआअ ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह करने लग गई | मैंने थोड़ी देर तक उसकी भी चूत मारी फिर फिर मैंने दोनों को घोड़ी बना के एक दूसरे के ऊपर बैठा दिया और एक एक करके दोनों की चूत मारने लगा | ऊपर वाली नीचे वाली के दूध दबा रही थी और मैं उसकी चूत मार रहा था, फिर मैंने नीचे वाली की चूत मारना शुरू कर दी और वो आह्ह्हह्ह्ह्हह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह आआआआअ ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह करती रही | थोड़ी देर बाद मेरा झड़ गया और मैंने उनके मुँह पे गिरा दिया |


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