हौले हौले से चूत चुदती है

Haule haule se chut chudti hai:

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मेरा नाम सरिता है। मैं मुंबई में रहती  हूं। मुझे मुंबई में रहते हुए 5 साल हो चुके हैं लेकिन वैसे मैं रहने वाली अहमदाबाद की हूं। मैं यहां जॉब के सिलसिले में आई थी लेकिन मुझे जॉब मिली नहीं। उसके बाद मेरे एक फ्रेंड का यहीं पर बिजनेस था। तो मैंने उसके साथ वही ज्वाइन कर लिया और अब उसी के साथ मैं यहां पर बिजनेस पार्टनर बन कर काम कर रही हूं। मेरी सहेली का नाम रूपा है। वह अपने पति की सहायता से इस बिजनेस को करती है और उसे इस बिज़नेस में उसके पति ने ही पैसे दिए थे। उसके बाद उसका काम थोड़ा अच्छा चल पड़ा तो उसने मुझे भी अपने साथ ही रख लिया और अब हम दोनों बिजनेस पार्टनर बन कर वह काम अच्छे से कर रहे हैं। मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में मैं अपने आप को टाइम ही नहीं दे पा रही थी। मुझे अपने लिए भी बिल्कुल टाइम नहीं था और सिर्फ मैं अपने काम में ही बिजी हो गई थी। सुबह अपने काम पर जाती और शाम को अपने फ्लैट में वापस लौट कर अपने लिए खाना बनाती। कभी कबार अपने घर पर फोन कर लेती थी। उसके बाद सो जाती। यही मेरी दिनचर्या बनी हुई थी। इसलिए मैं अब अपने लिए बिल्कुल भी टाइम नहीं निकाल पा रही थी। मैंने इस बारे में अपनी सहेली से भी बात की। वह मुझे कहने लगी तुम कुछ दिनों के लिए घर हो आओ। मैंने भी सोचा मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर चली जाती हूं। उसके बाद वापस लौटकर दोबारा काम शुरू कर लूंगी। हमारी सोसाइटी में मुझे सब लोग पहचानते थे।

हमारे कॉलोनी के लोग भी मुझे अच्छे से पहचानते थे। इसलिए वह बिना बोले ही मेरा काम कर दिया करते थे। जैसे मेरा कभी भी कोई सामान कहीं से भी आता था तो वह अपने पास ही रख लेते थे और जब मैं काम से लौटती तो वह मुझे वह सामान दे दिया करते थे। मैंने उन लोगों से बहुत ही अच्छे संबंध बनाए हुए थे और जितने भी मेरे आसपास के सोसायटी के लोग थे अधिकांश लोग मुझे पहचानने लगे थे। क्योंकि मुझे 5 साल उसी सोसाइटी में रहते हुए हो चुके थे। मैंने भी सोचा मैं घर चली जाती हूं। उसके बाद मैंने अपनी मम्मी को फोन किया और उन्हें कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए घर आ रही हूं। उन्होंने भी कहा कि ठीक है तुम घर आ जाओ। जब मैं घर पहुंची तो उन्होंने मुझे दो-तीन दिन तो बहुत ही अच्छे से और प्यार से रखा। वह मुझे पूछने लगे की तुम्हारा काम कैसा चल रहा है। मैंने उन्हें सब जानकारी दी कि मेरा काम बहुत ही अच्छे से चल रहा है और अब हमारी बहुत ही अच्छी तरक्की हो चुकी है। मैं कुछ समय बाद अपना ही खुद का फ्लैट मुंबई में लेने वाली हूं। यह सुनकर मेरे घर वाले बहुत खुश हो गए और वह मुझे कहने लगे कि अब तुम शादी कर लो।

मेरी उम्र 35 वर्ष की हो चुकी है लेकिन मैंने अभी तक शादी नहीं की। शुरुआत में तो मुंबई में ही स्ट्रगल करते हुए मैंने अपना समय निकाल दिया और अब मुझे शादी की आवश्यकता नहीं थी। क्योंकि मैं अब सिर्फ अपने काम से ही प्यार करती हूं। इसलिए मैंने उन्हें साफ मना कर दिया, कि मेरे लिए कोई भी लड़का देखने की आपको आवश्यकता नहीं है। वह मुझे समझाने लगे और बहुत कहते कि तुम्हारी पूरी जिंदगी अभी तुम्हारे सामने पड़ी है और तुम्हें बाद में बहुत ही समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इस वजह से तुम जल्दी से शादी कर लो लेकिन मैंने उन्हें बिल्कुल ही साफ शब्दों में मना कर दिया था और कह दिया था कि मुझे बिल्कुल भी शादी नहीं करनी है। मैंने उन्हें कहा कि आप आशा की शादी कर दीजिए। आशा मेरी छोटी बहन है और वह अभी कॉलेज में पढ़ रही है। अब उन्होंने मुझे यह सब कहना बंद कर दिया और मैं कुछ दिनों तक घर में ही आराम से रह रही थी लेकिन मुझे भी थोड़ा बेचैनी सी होने लगी थी। क्योंकि मुंबई में तो मैं सुबह अपने काम पर जाती हो और शाम को वापस घर लौट आती। मेरे घर पर कुछ भी ऐसा काम नहीं था जो मुझे करना पड़ रहा था। सारा कुछ काम मेरी मम्मी ही कर देती।  और मैं वापस मुंबई लौट आई। जब मैं मुंबई आई तो मैंने देखा वहां पर गार्ड चेंज हो चुके हैं। उन्होंने मुझे पहचाना नहीं और मुझसे पूछने लगे आपको कहां जाना है। तब मैंने उन्हें बताया कि मैं यहीं फ्लेट में रहती हूं। उन्होंने उसके बाद मुझे वहां जाने दिया। मैंने उन गार्ड से उनका नाम पूछा। उनका नाम संतोष और सूरज था। मैंने अब उनसे यह भी पूछा कि जो यहां पर पुराने सिक्योरिटी गार्ड थे। वह कहां चले गए। उन्होंने बताया कि यहां कुछ दिनों पहले चोरी हो गई थी। इसलिए यहां के सेक्रेटरी ने उन्हें यहां से निकाल दिया है और उनकी जगह पर हम दोनों को रखा है।

मैंने संतोष से पूछा तुम्हारी उम्र कितनी है। वह कहने लगा मेरी उम्र अभी 21 वर्ष है। मैंने उससे पूछा क्या तुमने पढ़ाई नहीं की। वह कहने लगा, घर की माली स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए मुझे नौकरी करनी पड़ी और अब मैं सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा हूं। यही बात मैंने सूरज से भी पूछ उसकी उम्र भी ज्यादा नहीं थी। वह भी 27 वर्ष का था। वह शादीशुदा था। इस वजह से उसे सिक्योरिटी की नौकरी करनी पड़ रही थी। अब मैं अपने फ्लैट में चली गई। मैंने जब अपने फ्लैट का दरवाजा खोला तो वहां पर बहुत ही गंदगी हो रखी थी। क्योंकि 10  15 दिनों से मैं अपने घर पर ही थी। इस वजह से वहां पर बहुत ज्यादा गंदगी थी। मैंने पहले तो थोड़ी देर आराम किया। उसके बाद मैंने सफाई करना शुरू कर दिया। मैंने आज पूरी सफाई की और मैं घर पर ही थी। अब मैं अगले दिन अपने काम पर चली गई। जब मैं गई तो रूपा ने मुझे पूछा कि तुम्हारा घर का टूर कैसा था। मैंने उसे बताया कि बहुत ही अच्छा था और वह मेरी शादी की बात कर रहे थे। मैंने उन्हें साफ मना कर दिया है कि मुझे अब शादी नहीं करनी है। मैं अब अकेले ही रहना चाहती हूं। यह बात रूपा को अच्छे से मालूम थी। मैं अकेले ही अपना जीवन यापन करना चाहती हूं। क्योंकि बहुत पहले मेरा एक प्रेम प्रसंग था। जिससे कि मुझे धोखा मिला। उसके बाद से मैंने शादी का विचार ही छोड़ दिया और अब मैं शादी में बिल्कुल भी विश्वास नहीं करती और ना ही शादी करना चाहती हूं। मैं अब वापस अपने घर से  अपने काम के लिए आ गई। अब वह दोनों मुझे पहचानने लगे थे। जब भी मेरा कोई सामान आता तो वह अपने पास रख लेते हैं और कभी कबार संतोष मुझे मेरे घर पर ही सामान देने आ जाया करता था। मैं भी उन्हें थोड़े बहुत पैसे दे दिया करती थी।

एक दिन मैं घर पर थी तो संतोष मेरे पास आ गया। मेरा दरवाजा ऐसे ही खुला था और मैं नंगी लेटी हुई थी। संतोष ने मुझे नंगा देख लिया और उसका लंड खड़ा हो गया। मैंने उसे अपने पास बुलाया और उसे अपनी चूत चाटने के लिए कहा। उसने मेरी चूत को बहुत अच्छे से चाटा। मैंने भी उसके लंड को बहुत ही अच्छे से चूसना शुरू किया और ऐसे ही चूसती रही। अब मैंने उसे अपने स्तन चूसने को कहा उसने मेरे स्तनों का रसपान बहुत ही अच्छे से किया। मैंने उसे कहा मुझे घोड़ी बनाकर चोदना उसने मुझे घोड़ी बना दिया और अपने लंड को मेरी चूत मे डाल दिया। मेरी बड़ी-बड़ी चूतडो को उसने अपने हाथों से पकड़ कर रखा था और वह वैसे ही धक्के दिए जा रहा था। अभी वह एक नौजवान युवक था तो उसके अंदर जोश ज्यादा ही था। उसने मुझे इतनी तेजी से चोदना शुरु किया कि मेरा पूरा शरीर गरम हो गया और वह ऐसे ही धक्के मारे जा रहा था। मेरे अंदर की इच्छा भी जागने लगी है और मैं भी उसकी और अपने चूतडो को करने लगी। जैसे ही मैं अपने चूतड़ों को उसके लंड पर ले जाती तो वह मेरी चूतड़ों पर बहुत तेज प्रहार करता जाता। जिससे कि मेरे चूतड़ों से बहुत ही तेज आवाज निकलती और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। जब वह मुझे इस तरीके से चोदता जा रहा था। उसने मेरे अंदर से सोए हुए सेक्स को जगा दिया। उसने मेरे पूरे कमर पर अपने नाखूनों के निशान भी लगा दिए थे और मेरे स्तनों पर भी अपने दांतो से काट दिया था। अब उसका वीर्य पतन होने वाला था तो उसने मेरी चूतड़ों पर अपना वीर्य गिरा दिया। जैसे ही उसने अपना वीर्य मेरे चूतड़ों पर गिराया तो मुझे बहुत ज्यादा गर्म महसूस हुआ। अब वह मेरा परमानेंट आदमी बन चुका है जिससे मैं अपनी चूत हमेशा मरवाती रहती हूं। वह मुझे बहुत ही अच्छे से चोदता है।

 


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