हरामी मामी की गांड के घोड़े खोले

Harami mami ki gaand ke ghode khole:

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मेरा नाम गौरव है मेरी उम्र 23 वर्ष है, मेरे पिताजी का देहांत काफी समय पहले ही हो चुका था और उसके बाद से हम लोग अपनी नानी के पास रहते हैं लेकिन मेरे नाना नानी का देहांत भी अभी पिछले वर्ष ही हो हुआ है इसीलिए अब मेरे मामा ही हम लोगों का खर्चा उठाते हैं और उन्होंने हमें एक कमरा अपने घर पर दिया हुआ है। मेरे पिताजी की आर्थिक स्थिति बिल्कुल ठीक नहीं थी इसी वजह से हम लोग अपने नाना नानी के पास आ गए। जब तक वह लोग थे तब तक तो हम लोग बहुत ही अच्छे से अपना जीवन बिता रहे थे परंतु जब से मेरे नाना और नानी का देहांत हुआ है उसके बाद से मेरी मामी का व्यव्हार हमारे प्रति बिल्कुल भी अच्छा नहीं है और वह हमेशा ही हमें ताने मारती रहती है कि बेकार में आप लोग हमारे सिर पर बोझ बने हुए हैं। मेरी मां के पास भी कोई रास्ता नहीं था क्योंकि हम लोग कहीं भी नहीं जा सकते ना तो हमारे सर पर छत है और ना ही हम लोग कहीं पर जा सकते हैं इसी वजह से हम लोग उनकी बातें सुनते हैं। मैंने भी अपनी पढ़ाई आधे में ही छोड़ दी और उसके बाद से मैं घर पर ही हूं।

मेरे मामा फिर भी हम लोगों का बहुत सपोर्ट करते हैं और कहते हैं कि तुम लोग बिल्कुल भी चिंता मत करो मेरे होते हुए तुम्हें बिल्कुल भी किसी चीज की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मेरे मामा ने हमें बहुत ही सपोर्ट किया है। मेरे मामा और मेरी मामी का कई बार हम लोगों की वजह से झगड़ा भी हो जाता है। मेरी मां हमेशा ही मेरे मामा को समझाती है कि तुम हमारी वजह से अपनी पत्नी से बिल्कुल भी झगड़ा मत किया करो। मेरी मामी हमेशा ही मेरे मामा से झगड़ती रहती है और कहती है कि तुम्हारी वजह से ही यह लोग घर पर रह रहे हैं। मेरे मामा के दो बच्चे हैं,  वह दोनों ही नौकरी करते हैं और अब वह लोग मुंबई में रहते हैं। वह लोग बहुत कम ही घर आ पाते हैं क्योंकि उन्हें छुट्टी नहीं मिलती। उन्हें भी जब मैं फोन करता हूं तो वह लोग हमेशा ही मुझे पूछते रहते हैं कि तुम अब क्या कर रहे हो लेकिन मैं कहीं पर भी नौकरी नहीं कर पा रहा था क्योंकि मेरे पास कोई अच्छी डिग्री नहीं है इसलिए मैंने सोचा कि क्यों ना अब मैं कहीं छोटी जगह पर ही नौकरी कर लू।

मैं एक दुकान पर लग गया और वहीं पर मैं काम करने लगा। कुछ दिनों तक तो मैंने वहां पर अच्छे से काम किया और वह मालिक भी मुझे देख कर बहुत खुश रहते थे लेकिन वह मुझे समय पर तनख्वाह नहीं देते थे इस वजह से मैंने वहां से काम छोड़ दिया और अब मेरी दोस्ती भी काफी लोगों से हो चुकी थी। मैंने अपने दोस्त से बात की तो उसने मुझे एक गेराज में लगवा दिया और वहां पर ही मैं मोटर मैकेनिक का काम सीखने लगा। अब मैं काफी हद तक काम भी सीख चुका था और अब अच्छे से काम करने लगा था। मुझे समय पर ही पगार मिल जाया करती थी और मैं अब काफी अच्छा काम सीख चुका था इसीलिए मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं अपना ही छोटा सा काम खोल दूं। मैंने इस बारे में अपने मामा से बात की तो उन्होंने कहा कि मैं तुम्हारी मदद कर देता हूं। उन्होंने थोड़े बहुत पैसे मुझे दिये लेकिन वह पैसे कम पड़ रहे थे इसीलिए मैंने अपने मामा के लड़को को फोन किया और उन्होंने मुझे कुछ पैसे भिजवा दिए। मैंने अपनी एक छोटी सी दुकान खोल ली, उस पर मैं काम करने लगा। मैं बहुत अच्छे से काम कर रहा था और मेरा काम भी अच्छे से चलने लगा था इसीलिए मैं कुछ पैसे अपने घर पर भी दे देता था। मेरी मां को जब भी जरूरत होती तो मैं उनके लिए वह सामान ले आता और अब मैं अपनी मामी को भी पैसे देने लगा था इसलिए वह हम लोगों को कुछ नहीं कहती थी। जब तक मैं उन्हें पैसे दे रहा था तब तक तो वह कुछ नहीं कहती लेकिन जब मैं उन्हें पैसे नहीं देता तो उस वक्त वह फिर हमें कुछ न कुछ कहने लगती। मैंने अपने मामा के भी पैसे लौटा दिए थे और अपने भाइयों के भी आधे पैसे मैं दे चुका था। मेरी मां भी बहुत खुश थी और कहती थी कि तुम इसी प्रकार से काम करते रहो। मैं अपनी मां से कहता था कि यदि मैं अच्छे से काम कर पाया तो हम लोग अपने लिए एक छोटा सा घर ले लेंगे, जिसमें कि हम लोग रह सके क्योंकि मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था जब मेरी मामी हमें ताने मारती थी।

अब मेरी दुकान पर कई लोग आते थे और मेरी अब काफी लोगों से दोस्ती भी होने लगी थी। कुछ लोग तो मेरे परमानेंट कस्टमर बन चुके थे इसलिए वह हमेशा ही मेरे पास आते थे और मुझसे ही काम करवाते थे। मैं उनकी गाड़ी का काम बहुत अच्छे से करता था, इस वजह से वह लोग हमेशा ही मेरे पास अपनी गाड़ियां लेकर आते थे और अब हमारे आस पड़ोस के लोग भी मेरे पास ही आने लगे थे। उन्हें जब भी जरूरत होती तो वह लोग मुझे फोन कर देते और मैं उनके पास चला जाता था। मेरे मामा भी बहुत खुश थे और मेरे मामा मुझे कहते कि तुम इसी प्रकार से काम करते रहो और अच्छा पैसा कमाओ। मेरे मामा बहुत ही अच्छे इंसान हैं और उन्होंने हमेशा ही हमारी मदद की है। मेरी मामी भी अब हमें कुछ नहीं कह रही थी क्योंकि मैं उन्हें समय पर पैसे दे दिया करता था इसलिए वह अब हमें बिल्कुल भी कुछ नहीं कहती थी। एक दिन मैं शराब पी कर घर पर आया उस दिन मैंने कुछ ज्यादा ही शराब पी ली थी और मेरे मामा भी घर पर नहीं थे। मेरी मां अपने कमरे में ही लेटी हुई थी और मैं गलती से अपने मामी के कमरे में चला गया। जब मैं उनके कमरे में गया तो उनकी साड़ी ऊपर की तरफ उठी हुई थी और उनकी गोरी गोरी टांगें मुझे दिखाई दे रही थी। मैं उनके बगल में जाकर लेट गया और उन्हें कसकर पकड़ लिया उन्हें लगा शायद मेरे मामा है इसलिए उन्होंने कुछ भी नहीं कहा।

मैंने उनकी साड़ी को ऊपर उठाया और उनकी गांड मारने लगा। मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था जब मैं उनकी गांड में चाट रहा था। उसके बाद वहीं पास में एक सरसों की तेल की शीशी थी वह मैंने अपने लंड लगा लिया मेरा लंड पूरी तरीके से चिकना हो चुका था। मैंने जैसे ही अपनी मामी की गांड पर अपने लंड को लगाया तो उन्हें अच्छा लगने लगा और मैंने धीरे-धीरे उनकी गांड के अंदर अपने लंड को उतार दिया। जैसे ही मेरा लंड उनकी गांड के अंदर घुसा तो बहुत चिल्लाने लगी और मैं भी उन्हें बड़ी तेज गति से झटके देने पर लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उन्हें बड़ी तेज तेज धक्के मार रहा था। वह मुझे कहने लगी कि तुम मेरी गांड बड़े अच्छे से मार रहे हो वह समझ रही थी कि उनके पति उनकी गांड मार रहे हैं। मैंने उन्हें घोड़ी बना दिया और मैंने उनकी गांड में अपने लंड को डाल दिया और बड़ी तेजी से में धक्के मारने लगा। वह भी अपनी चूतड़ों को मुझसे मिला रही थी और उन्हें भी बहुत मजा आ रहा था। उनकी बड़ी बड़ी चूतडे जब मेरे लंड से टकराती तो मेरे अंदर की उत्तेजना और भी जाग जाती। मैं भी उनकी बड़ी-बड़ी चूतडो को अच्छे से झटके मार रहा था और उन्हें बड़ी तेजी से मैं धक्के दिया जा रहा था। वह बहुत ही खुश हो रही थी और कह रही थी तुम बड़े अच्छे से आज मेरी गांड मार रहे हो मुझे बड़ा मजा आ रहा है। लेकिन मैं ज्यादा समय तक झेल नहीं पाया और जैसे ही मेरा माल उनक गांड मे गिरा तो मैने अपने लंड को बाहर निकाल लिया। उन्होंने मुझे देखा तो वह कहने लगी क्या तुम मेरी गांड मार रहे थे। मैंने कहा कि हां मैं ही आपकी गांड मार रहा था उन्हें बहुत मजा आया इसलिए उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं कहा। उसके बाद उन्होंने अपने हाथ से मेरे लंड को हिलाना शुरू कर दिया और अपने मुंह में ले लिया वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को सकिंग कर रही थी। मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में ले कर सकिंग कर रही थी मैं भी उनके गले तक अपने लंड को डाल रहा था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर तक ले रही थी। मैंने उन्हें कहा कि आप मेरे लंड को बहुत ही अच्छे से अपने मुंह के अंदर ले रही है मुझे बहुत मजा आ रहा है। जब मेरा माल मामी के मुह मे गया तो उन्होंने वह सब अपने मुह मे ले लिया।


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