गोरे बदन से नहला देती

Antarvasna, sex stories in hindi:

Gore badan se nahla deti कपिल और मैं दिल्ली में नौकरी करते थे कपिल मेरा बचपन का दोस्त है और हम दोनों साथ में ही दिल्ली नौकरी की तलाश में आए थे और हम दोनों दिल्ली में साथ में रहते थे लेकिन कुछ समय पहले ही कपिल ने नौकरी छोड़ कर पानीपत जाने का फैसला कर लिया था। मैंने कपिल से कहा कि तुम पानीपत में क्या करने वाले हो तो उसने मुझे बताया कि वह वहां पर अपनी दुकान खोलना चाहता है और कपिल ने अपनी दुकान का काम पानीपत में शुरू कर दिया था। मैं अभी भी दिल्ली में ही नौकरी कर रहा था दिल्ली में मुझे नौकरी करते हुए करीब 5 वर्ष हो चुके थे जिस घर में मैं रहता था वहां पर मैं पिछले 5 वर्षों से रह रहा था। मैं कुछ दिनों के लिए पानीपत आया उस दौरान मेरी कपिल से भी मुलाकात हुई तो मैंने कपिल से पूछा कि तुम्हारा काम कैसा चल रहा है कपिल ने बताया कि मेरा काम काफी अच्छा चल रहा है। कपिल ने मोबाइल की शॉप खोली थी उसका काम काफी अच्छे से चल रहा था कपिल ने मुझे कहा कि सोहन तुम भी मेरे साथ ही काम कर लेते। मैंने कपिल से कहा कपिल मैं अपनी नौकरी से ही खुश हूं लेकिन कपिल चाहता था कि मैं उसके साथ ही काम करूं।

कुछ दिनों बाद मैं दिल्ली लौट गया ऑफिस में एक दिन मेरा मेरे मैनेजर के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया जिससे कि मैंने ऑफिस रिजाइन दे दिया। ऑफिस से रिजाइन देने के बाद मैं कुछ दिनों तक घर पर ही था मुझे कुछ समझ नहीं आया कि मुझे क्या करना चाहिए इतने वर्षों से मैं नौकरी कर रहा था लेकिन उसके बावजूद भी मैं अपनी नौकरी से बिल्कुल संतुष्ट नहीं था। मैंने कपिल को फोन किया तो कपिल ने मुझे कहा कि सोहन तुम पानीपत ही वापस आ जाओ मैंने भी कपिल से कहा हां कपिल तुम ठीक कह रहे हो। मैं पानीपत वापस चला आया लेकिन मेरे मां और पापा दोनों ही इस बात से खुश नहीं थे पापा एक सरकारी विभाग में नौकरी करते हैं तो उन्होंने मुझसे कहा कि सोहन बेटा तुम क्या करोगे तो मैंने उन्हें कहा कि मैं कपिल के साथ काम कर लूंगा। वह कहने लगे कि बेटा उसके लिए पैसे भी तो चाहिए मैंने उन्हें कहा कि वह मैं देख लूंगा मैंने अब कपिल के साथ ही काम शुरू कर दिया था हम दोनों ने मिलकर एक दुकान खोली।

कपिल का काम पहले से ही चल रहा था लेकिन मेरे लिए यह बड़ी मुसीबत का सबब बनने वाला था क्योंकि काफी समय तक तो काम चला ही नहीं मुझे लगा था कि काम शुरू होने के कुछ समय बाद ही हमारा काम अच्छे से चलने लगेगा लेकिन मैं अपनी जगह गलत था ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। मुझे भी लगने लगा कि मुझे अपनी नौकरी पर दोबारा वापस चले जाना चाहिए मैंने एक दिन कपिल से इस बारे में बात की तो कपिल ने मुझे कहा कि तुम इतनी जल्दी हिम्मत नहीं हार सकते थोड़ा सब्र रखो सब ठीक हो जाएगा। शायद कपिल अपनी जगह बिल्कुल ठीक था थोड़े समय बाद हम दोनों का काम अच्छे से चलने लगा और धीरे-धीरे हम लोगों ने एक बड़ी इलेक्ट्रॉनिक शॉप की दुकान खोल ली ज्यादातर समय मैं दुकान पर ही रहता था और कपिल भी वहां पर आ जाया करता। काम अच्छे से चलने लगा था तो पापा भी इस बात से खुश थे और मां भी बहुत खुश थी वह लोग चाहते थे कि मैं अब शादी कर लूं लेकिन मैं चाहता था कि पहले मेरी बहन की शादी हो। मेरी बहन की उम्र 26 वर्ष है और वह मुझसे दो वर्ष छोटी है इसलिए मैंने पापा से कह कर उसके लिए लड़का देखना शुरू कर दिया था हम लोग लड़के की तलाश में थे लेकिन कपिल से बढ़कर कोई और हो ही नहीं सकता था। मैंने जब कपिल से अपनी बहन के रिश्ते की बात की तो वह मुझे कहने लगा कि सोहन मैंने कभी तुम्हारी बहन के बारे में ऐसा नहीं सोचा। मुझे पता था कि कपिल बहुत ही अच्छा लड़का है इसलिए मैं उसके साथ अपनी बहन की शादी करवाना चाहता था मेरे परिवार वालों को भी कपिल से कोई आपत्ति नहीं थी क्योंकि मैं कपिल को काफी समय से जानता हूं और कपिल भी इस बात करने मान चुका था। अब कपिल और मेरी बहन की शादी तय हो गई उन दोनों की सगाई बड़े ही धूमधाम से हुई और अब उन दोनों की शादी भी नजदीक आने वाली थी मैं चाहता था कि मेरी बहन की शादी बहुत ही धूमधाम से हो उसमें किसी भी प्रकार की कमी ना रह जाए इसलिए मैंने पूरी कोशिश की और जितना मुझसे हो सकता था उससे ज्यादा ही मैंने अपनी बहन की शादी में खर्चा किया। उसकी शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं थी वह बहुत ही ज्यादा खुश थी और मैं भी इस बात से काफी खुश था कि मेरी बहन के चेहरे पर कम से कम इस बात की तो खुशी है कि उसे एक अच्छा जीवन साथी मिला।

कपिल को मैं पहले से ही जानता था और मुझे यह बात पहले से ही पता थी कि कपिल एक अच्छा लड़का है इसलिए मैंने अपने परिवार वालों से कहकर कपिल को इस बात के लिए मनाया था। अब कपिल से मेरी बहन की शादी हो चुकी थी कुछ समय बाद मेरी बहन घर पर आई तो वह काफी खुश थी और मुझे कहने लगी कि कपिल मेरा बहुत ध्यान रखता है। मेरे लिए यह काफी खुशी की बात थी हालांकि कपिल और मैं हर रोज एक दूसरे से मिलते थे लेकिन मेरी बहन की खुशी मे ही मेरी खुशी थी अब सब कुछ सामान्य होने लगा था और मेरे लिए भी मेरे पापा लड़की देखने लगे थे। पापा ने मेरे लिए कई लड़कियां देखी लेकिन मुझे कोई लड़की पसंद ही नहीं आ रही थी। अभी तक मेरी शादी की बात आगे नहीं बढ़ पाई थी लेकिन इसी बीच एक दिन हमारे पड़ोस में रहने वाली भाभी के घर पर एक लड़की आई हुई थी उसे मै अक्सर देखा करता था। मुझे जब उसके बारे में जानकारी पता चली, वह लडकी भाभी की बहन थी मै उसे आते-जाते देखा करता था उसका नाम काजल है।

एक दिन मै अपनी दुकान से वापस लौट रहा था तो मैंने उस दिन काजल से बात की। पहली बार मेरी काजल से बात हुई थी यह पहला मौका था जब मैंने उससे बात की थी अब हम लोगों की बातें होने लगी थी लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि काजल इस से पहले भी ना जाने कितनो से प्यार कर चुकी थी। काजल सिर्फ मेरे साथ पैसे के लिए ही थी वह हर रोज मुझसे गिफ्ट की डिमांड करने लगी थी। मैं इस बात को अच्छे से समझ चुका था मुझे इस बात का पता चल चुका था कि काजल मेरे साथ सिर्फ टाइम पास कर रही है। एक दिन मैंने काजल को अपने घर पर बुला लिया उस दिन मैं घर पर अकेला ही था काजल घर पर आ गई। मैंने काजल को कहा आज मैं तुम्हें कुछ खास देना चाहता हूं। काजल कहने लगी लेकिन तुन आज मुझे ऐसा क्या देना चाहते हो। मैंने काजल को नैकलेस दिया तो वह खुश हो गई मैंने उसके बाद काजल के होठों को चूम लिया। काजल कहीं ना कहीं इस बात से खुश थी कि मैंने उसे गिफ्ट दिया है। जब मैंने उसके होंठों को चूमा तो वह बहुत ही उत्तेजित हो गई थी उसकी उत्तेजना इस कदर बढ़ गई थी कि उसने अपने पैरों को खोला जब उसने अपने पैरों को खोला तो मैंने उसकी सलवार के नाडे को तोड़ दिया और उसकी पैंटी को नीचे उतारते हुए उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैंने उसकी चूत को बहुत ही अच्छे से चाटा जब मैंने उसकी चूत को चाटा तो मैंने उसकी गर्मी को पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था। मैंने उसकी गर्मी को इस कदर बढ़ा दिया था कि वह अपने आपको बिल्कुल रोक नहीं पाई मैंने जब उसके स्तनों के बीच में अपने लंड को लगाया तो वह और भी ज्यादा गरम होने लगी।

उसने मुझसे कहा मुझे तुम्हारे लंड को मुंह में लेना है उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर अंदर तक चूसना शुरू किया तो उसके बदन की गर्मी बढ़ती जा रही थी और मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था। वह काफी ज्यादा गरम हो चुकी थी और मुझे कहने लगी मैं अब अपने आपको नहीं रोक पाऊंगी मैंने उसकी योनि मे लंड घुसाते हुए अंदर की तरफ से धकेलना शुरू किया। मैंने जब उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो उसकी चूत के अंदर मेरा लंड चला गया वह जोर से चिल्लाई। जब ऐसा हुआ तो मैंने उसे कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है वह इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई थी कि वह मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे मोटे लंड को अपनी योनि में लेकर बहुत ही अच्छा लग रहा है। वह अपने पैरों को खोलती तो मुझे और भी अच्छा लगता और उसने मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था।

मैंने उसे घोड़ी बना दिया जब मैंने उसे घोड़ी बनाकर उसकी नंगी चूत पर अपने लंड को लगाया तो उसकी चूत के अंदर मेरा लंड चला गया वह बहुत जोर से चिल्लाई मैंने उसे बड़ी तेज गति से धक्के देना शुरू कर दिया। मैं चाहता था उसकी चूत की चिकनाई मे और भी ज्यादा बढ़ोतरी हो इसलिए मैंने उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को डालना शुरू कर दिया था जिससे कि वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी। मैंने उसकी चूत से लंड को बाहर निकालते हुए अपने लंड पर तल लगा लिया और उसकी चूत के अंदर मैंने अपने लंड को करना शुरू किया तो वह बड़ी जोर से सिसकियां लेती और मुझसे अपनी चूतडो को मिलाती। जब वह ऐसा करती तो मुझे और भी ज्यादा अच्छा लगता और मैं उसे पूरी ताकत के साथ धक्के मारने लगा। मैं उसकी चूत पर बड़ी तेजी से प्रहार कर रहा था जिसके बाद वह मुझे कहती मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है। उसको इतना ज्यादा अच्छा लग रहा था कि वह मुझसे अपनी चूत मरवाकर बहुत खुश थी अब मेरा वीर्य उसकी चूत के अंदर गिरने वाला था। उसने मुझे कहा कि तुम अपने वीर्य को मेरी चूत के अंदर ही गिरा दो मैंने उसकी चिकनी चूत के अंदर वीर्य को गिरा दिया। वह काफी खुश हो गई उसके बाद मै उसे गिफ्ट दिया करता और वह उसके बदले मुझे अपने बदन की गर्मी से नहला दिया करती।


Comments are closed.