गर्लफ्रेंड की गांड का लुफ्त

Girlfriend ki gaand ka luft:

gaand chudai ki kahani, antarvasna

मेरा नाम अक्षत है मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूं। मेरी शादी को 10 वर्ष हो चुके हैं। मैंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई के बाद ही शादी कर ली थी और उसके बाद मैंने अपना एक कपड़ों का शोरूम भी खोला है। यह सब मैंने अपनी शादी के बाद ही किया है। शादी से पहले तो मैं नौकरी कर के ही अपना गुजारा करता था लेकिन अब मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बदल चुकी है और मेरे जीवन में अब काफी बदलाव आ चुके हैं। मेरी पत्नी बहुत ही सिंपल हो अच्छी महिला है। वह मेरी बहुत रिस्पेक्ट करती हैं और मेरा हमेशा ही साथ देती है। मेरी पत्नी के पिता ने मेरी काफी मदद की। उन्होंने ही मेरे इस काम को खोलने के लिए मुझे पैसे दिए और उसके बाद ही मैं यह काम शुरू कर पाया इसीलिए मैं उनकी भी बड़ी रिस्पेक्ट करता हूं। वह मुझे हमेशा कहते हैं कि बेटा तुम अच्छे से मेहनत किया करो और मेहनत करने से कभी भी पीछे मत हटो। मेरा भी उनसे हमेशा यही कहना होता है कि मुझसे जितना हो सकता मैं उतनी मेहनत करता हूं।

मेरे पिताजी का देहांत मेरी शादी के कुछ समय बाद ही हो गया था। उसके बाद उन्होंने ही मुझे संभाला। मेरी मां ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं है इसलिए वह घर पर ही रहती हैं। मेरी पत्नी उनका बहुत ध्यान रखती हैं। मेरा 5 साल का एक लड़का भी है। वह अभी कुछ समय पहले से ही स्कूल जाने लगा है। वह बड़ा ही शरारती है और पूरे घर में वह उत्पात मचा कर रखता है। उसकी शरारत से तो सब लोग परेशान रहते हैं लेकिन वह जब मेरी मां के पास होता है तो मेरी मां उसका पूरा ध्यान रखती हैं और उसको सिर्फ मेरी मम्मी ही कंट्रोल कर सकती हैं। मुझे एक बार मेरे जानने वाले एक व्यक्ति मिले। वह अक्सर मेरी दुकान से सामान लेकर जाते हैं। उनसे मेरा इतना अच्छा रिलेशन हो चुका है कि वह मुझसे खुलकर बात करते हैं और मैं उन्हें बिल्कुल सही दामों पर चीज भी देता हूं। उनसे मेरे बिल्कुल घरेलू संबंध बन चुके हैं। मैं उनके घर कभी भी नहीं गया था। एक दिन वह कहने लगे कि अक्षत जी मैंने घर में एक छोटी सी पार्टी रखी है और आपको मेरे घर पर जरुर आना है। मैंने उनसे पूछा कि आपने यह पार्टी किस खुशी में रखी है। वह कहने लगे कि मेरी पत्नी का जन्मदिन है। मैंने सिर्फ अपने जो करीबी परिचित और जानने वाले हैं उन्हीं को मैंने बुलाया है इसलिए आपको भी जरूर आना है।

मैंने उनसे पूछा कि सर कब आना है तो वह कहने लगे कि दो दिन बाद मेरी पत्नी का बर्थडे है। मैं भी दो दिन बाद उनके घर पर चला गया। मैं अकेला ही उनके घर पर गया मैंने सोचा उनकी पत्नी के लिए कुछ गिफ्ट ले लिया जाए इसलिए मैंने अपनी दुकान से ही उनके लिए एक बढ़िया सा गिफ्ट पैक करवा लिया और मैं जब उनके घर पहुंचा तो वह मुझे कहने लगे अक्षत जी आप हमारे घर आए हो यह हमारे लिए बहुत ही खुशी की बात है। उन्होंने मुझे अपनी पत्नी से मिलवाया। मैं जब उनकी पत्नी से मिला तो वह बड़े ही मुस्कुरा कर मुझसे बात कर रही थी और वह जिस प्रकार से मेरे साथ बात कर रही थी मुझे उनके साथ बात करना भी अच्छा लग रहा था। मैंने उन्हें उनके बर्थडे की बधाइयां दी और गिफ्ट को उन्हें देते हुए कहा कि मैं आपकी लंबी उम्र की कामना करता हूं। यह कहते हुए मैंने उन्हें गिफ्ट दिया। मैं जैसे ही पीछे पलटा तो मेरा बिल्कुल पीछे रागिनी खड़ी थी। मैंने उसे देखते ही पहचान लिया उसकी नजर मुझ पर नहीं पड़ी। मैं जैसे ही वहां से जाने लगा तो रागिनी ने मुझे आवाज देते हुए रोक लिया और वह मुझे कहने लगी की क्या तुम मेरे जीजा को जानते हो। मैं वहां पर खड़ा होकर इधर-उधर देखने लगा। मैंने उसे कहा कि क्या वह तुम्हारे जीजा हैं। वह कहने लगी हां वह मेरे जीजा हैं। मैंने अपने दिल में सोचा कि यह तो बड़ा ही अच्छा इत्तेफाक हो गया। मैं तो रागिनी से कभी जिंदगी में भी नहीं मिलना चाहता था लेकिन मेरी उससे मुलाकात हो ही गई। हम दोनों जब बात कर रहे थे तो उसकी दीदी भी आ गई और वह कहने लगी कि क्या आप लोग एक दूसरे को पहले से जानते हैं।  रागिनी कहने लगी हां हम लोग कॉलेज में साथ में ही पढ़ाई करते थे। जब हम लोग आपस में बात कर रहे थे तो मैं सोचने लगा आज मैं कहां फंस गया। मैं रागनी से बचने की कोशिश कर रहा था लेकिन वह मेरा पीछा ही नहीं छोड़ रही थी।

जब उसकी दीदी गई तो हम दोनों साथ में बैठे हुए थे और आपस में बात करने लगे। मैं जब रागिनी के साथ बात कर रहा था तो मैंने रागनी से पूछा तुम्हारे घर में सब लोग कैसे हैं। वह कहने लगी सब लोग अच्छे हैं और अब मेरी एक छोटी लड़की भी है जिसकी उम्र 7 वर्ष है। मैंने रागनी से कहा तुम अपने पति के साथ अब तो खुश हो। वह कहने लगी हां मैं अपने पति के साथ बहुत खुश हूं और वह मेरा बहुत ध्यान रखते हैं लेकिन जब मैं तुम्हारे बारे में सोचती हूं तो लगता है कि मुझे तुमसे ही शादी करनी चाहिए थी। मैंने रागिनी से कहा कि अब तुम पुरानी बात भूल जाओ तो ज्यादा अच्छा रहेगा। मेरी भी अब शादी हो चुकी है और मैं भी अब अपने जीवन में आगे बढ़ चुका हूं। मैं दोबारा से पीछे मुड़कर वह चीज नहीं देखना चाहता। रागिनी को अपनी गलती का एहसास था क्योंकि रागिनी ने ही मुझसे ब्रेकअप किया था और उसने ही शादी का फैसला लिया था। मैंने रागनी से कहा मैं अब निकलता हूं मुझे घर जाना है। उसने भी मुझे रोका नहीं और मैं घर आ गया। मैं जब घर पहुंचा तो मेरे दिमाग में सिर्फ रागिनी का चेहरा सामने आ रहा था। मैं घर जाते ही चुपचाप सो गया मैंने किसी से ज्यादा बात नहीं की।

अगले दिन रागिनी मेरी शॉप में पहुंच गई। जब वह मेरी शॉप में आई तो वह मुझे कहने लगी है क्या तुम्हारी यही शॉप है? मैंने उसे कहा हां मेरी ही शॉप है। वह मेरे साथ बैठी हुई थी और मेरा पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रही थी। उसे भी लगने लगा मैं उससे पीछा छुड़ाने की कोशिश कर रहा हूं लेकिन वह फिर भी मेरे पीछे पड़ी हुई थी। रागिनी मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे साथ अकेले में कुछ देर बात करनी है। मैंने उसे कहा ठीक है। मैं उसे अपने स्टोर रुम मे ले गया। वहां पर मैंने खाने के लिए भी आर्डर करवा लिया था। हम दोनो आपस मे बात कर रहा थे। वह मुझसे चिपक कर बैठने लगी और अपनी गांड को मुझसे टकराने लगी। मेरी समझ में नहीं आ रहा था यह ऐसा क्यों कर रही है। अब तो उसने अपनी मर्जी से शादी की है लेकिन जब उसने अपने बड़ी गांड को मुझसे टकराया तो मेरे अंदर भी सेक्स की भावना जागने लगा। मेरे अंदर जब सेक्स की भावना जगने लगी तो मेरा लंड भी उतनी तेजी से खड़ा होने लगा। रागिनी ने मेरे लंड को हाथ में लेते हुए हिलाना शुरू किया। वह जैसे कई सालों से लंड की भूखी बैठी हो। मैंने पूछा क्या तुम्हें तुम्हारा पति खुश नहीं रखता। वह कहने लगी वह तो मेरे साथ सेक्सी नहीं करते। यह बच्चा भी किसी और का है। मुझे पहले पता होता तो मैं तुम्हारे साथ ही शादी करती। कम से कम मेरी सेक्स की इच्छा तो पूरी हो जाती। यह कहते हुए उसने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया  वह काफी देर तक ऐसा ही करती रही। जब उसने अपने कपड़े उतारे तो वह पहले जैसी ही माल थी। मैंने रागिनी की गांड पर अपने हाथ को रखते हुए कहा तुम्हारी गांड तो अभी भी पहले जैसी ही बड़ी है। वह कहने लगी तो देरी मत करो तुम मेरी चूत और गांड मार कर मेरी इच्छा पूरी कर दो। मैंने उसे वही नीचे लेटा दिया। मै उसके ऊपर लेट गया। मैंने पहले कुछ देर तक उसकी चूत मारी जब मेरा मन भर गया तो मैंने अपने लंड को हिलाते हुए उसकी गांड पर लगा दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी गांड पर लगा तो वह कहने लगी तुम्हारे लंड उतना ही मोटा है जितना पहले था। जैसा ही मैने लंड को उसकी गांड मे डाला तो वह चिल्लाने लगी। वह कहने लगी जब मै तुम्हारे लंड को गांड मे ले रही हूं तो मुझे याद आ रहे हैं। कैसे तुम मुझे कॉलेज में चोदा करते थे। मैंने रागिनी को कहा अपनी गांड को थोड़ा ऊपर करो। उसने अपनी गांड को ऊपर किया तो मैंने उसके पेट के नीचे तकिया को रखते हुए उसे इतनी तेज  झटके मारे उसे दर्द होने लगा। उसकी चूतडो का रंग लाल होने लगा। वह मुझे कहने लगी आज तुमने मेरी इच्छा पूरी कर दी। मैंने उसे कहा बस कुछ देर की ही कसर बची है फिर मेरा माल गिरने वाला है। उसने मुझे कहा तुम मेरी गांड से लंड को निकालो। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और जब तक मेरा वीर्य नहीं गिरा। तब तक वह मेरे लंड को चुसती रही।


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