घर में सबको सुलाकर बॉयफ्रेंड के साथ पूरी रात मज़े लिए

Ghar me sabko sulakar boyfriend ke sath puri raat maje liye:

boyfriend sex हेल्लो दोस्तों मैं आज एक अपनी कहानी को लेकर आई हूँ | दोस्तों मैं सेक्सी कहानी पढने की शौक़ीन  हूँ | मैं जब भी सेक्सी कहानी पढ़ती हूँ तो मेरी चूत गीली हो जाती है | दोस्तों मैं आज आप लोगो के सामने अपनी एक कहानी को प्रस्तुत करने जा रही हूँ | ये मेरे जीवन की सच्ची कहानी है | मैं अपनी कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे मे बता देती हूँ | मेरा नाम सीमा है और मैं एक छोटे गाँव की रहने वाली हूँ | ये कहानी तक की है जब मेरी उम्र 18 साल थी | अब मेरी उम्र 19 साल है | मैं अभी अपने गाँव के ही एक स्कूल में पढ़ती हूँ | मैं दिखने में ज्यदा गोरी नही हूँ पर दिखने में ठीक ठाक हूँ की किसी भी लड़के को अपने बस में कर सकती हूँ | मैं आप लोगो को सीधे ही बता देती हूँ की मेरा फिगर सेक्सी है और मेरे बूब्स शहर की लडकियों की तरह बड़े और गोल है | दोस्तों ये मेरी पहली कहानी है तो मैं आप सभी से आशा करती हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयेगी | मैं अब आप लोगो के सामने अपनी कहानी प्रस्तुत करती हूँ |

 

ये कहानी तब की है जब मैं 11वीं में पढ़ती थी | मेरे गाँव में ही एक स्कूल है जो 12 तक है | मैं उसी स्कूल में पढ़ती थी | उस दिन मेरी क्लास में एक दुसरे गाँव का लड़का पढने आने लगा था | वो लड़का दिखने में सुन्दर था और स्टालिश रहता था जिससे वो स्मार्ट भी ज्यादा लगता था | मेरी क्लास में कुल 7 लड़कियां है और लड़के काफी है | मेरी क्लास में मुझसे भी ज्यादा सुन्दर एक लड़की है जिसका नाम ममता है | वो मेरे गाँव के प्रधान जी की लड़की है इसलिए उसे लाइन मारने की किसी की हिम्मत नही होती थी | प्रधान जी लड़की जो है वो मेरी सहली है और इसलिए मैं स्कूल में हमेशा उसके साथ ही रहती थी | मैं उसके साथ रहती थी इसलिए मुझे भी कोई लड़का नही छेड़ता था | लेकिन वो जो लड़का था वो मुझे देखा करता था | वो लड़का मुझे भी अच्छा लगता था इसलिए मैंने उसकी शिकायत नही की |

उसके 3 – 4 दिन की बात है जब उसने मुझसे मेरा नाम पूछा | मैंने उसे अपना नाम सीमा बताया और उससे उसका नाम पूछा उसने अपना नाम दीपक बताया | फिर मैं उससे बाते करने लगी | वो भी जब क्लास में होता था तो मुझसे बाते करता था | वो जब किसी किसी दिन स्कूल नही आता तो उसका काम पीछे हो जाता इसलिए वो दुसरे दिन अपना काम पूरा करने के लिए मेरी कॉपी मांग कर ले जाता | अगर मुझे किसी चीज की जरूरत होती तो मैं उससे मांग लेती थी | इस तरह से मैं और दीपक अब ज्यादा ही पास आ गए थे | अब अगर मैं उसको एक दिन न देखूं तो मेरा मन किसी काम में नही लगता था | ये बात मैंने अपनी सहली ममता से बात दिया की यार मुझे पता नही क्या हो गया है अगर मुझे दीपक एक दिन भी न दिखे तो मेरा मन किसी काम में नही लगता है | ममता हँसती हुई बोली यार तुझे प्यार हो गया है | तू तो गयी काम से ये बीमारी बहुत ख़राब होती है | ये बीमारी जिसको लग गयी उसका तो काम हो गया | मैं और ममता ये बाते कर रही थी | तभी ममता की चाची आई और हम दोनों से खाना खाने को बोली | मैं और ममता उठी और हाथ धुल कर खाना खाने बैठ गई | खाना खाने के बाद में उसके साथ उसके कमरे में बैठ कर उससे दीपक के बारे में बात करने लगी |

फिर मैंने ममता से कहा की ममता तुझे दीपक कैसा लड़का लगता है | ममता ने बतया की लड़का सुन्दर है पर तूने उसे बता तो दिया है की तू उसे प्यार करती है | तब मैंने ममता से कहा की जब दीपक मेरे सामने होता है तो मैं उससे कुछ बोल ही नही पाती हूँ बस उसके बारे में पूछती रहती हूँ | ममता ने मुझसे कहा की वो तेरी कॉपी अक्सर मांग कर ले जाता है | इस बार जब वो तेरी कॉपी मांग कर ले जाये तो तू उसमें अपने दिल की बात लिख कर रख देना | वो दिखेगा तो जरुर उसका जवाब लिख देग | मैं फिर उसके अगले दिन एक लैटर लिख कर अपने पास रख लिया | उसके कुछ दिन बाद की बात है जब वो 2 दिन स्कूल पढने नही आया था | उस दिन दीपक मेरी कॉपी मांग कर ले गया | मैने उस दिन अपनी कॉपी में वो लैटर रख दिया | उसके दुसरे दिन जब उसने मुझे कॉपी वापस की तो मुझे देख कर हँस रहा था | मैं समझ गई की उसने देख लिया है | मैं उस टाइम अपनी कॉपी का एक एक पेज खोल कर देखा पर उसमे वो लैटर नही था |

मैं सोचने लगी की इसने देखा भी है या कहीं गीरा दिया | फिर जब सब लोग मेरी क्लास से चले गए तो उसने मुझे बताया की वो भी मुझसे प्यार करता है | मैं उस दिन से उससे कभी कभी मम्मी के फ़ोन से चुपके से बात कर लिया करती थी | इस तरह से मुझे धीरे धीरे काफी दिन हो गए | अब जब वो मुझे मिलता तो मुझे अपनी बाँहों में भी भरता था और कभी कभी तो मेरी होठो पर किस भी करता था | इस तरह से हममें किस आम हो गया था | वो तो अब मेरे बूब्स को भी दबा देता था | उसके 4 महीने के बाद की बात है जब उसने मुझसे सेक्स करने के लिए कहा तो मैं मान गई पर मैंने उससे कहा करोगे कहा मेरे घर पर सब लोग रहते हैं | तब उसने मुझे बताया जिस दिन मैं तुम्हे बताऊँ उस दिन सबके खाने में नीद की दवा मिला देना |

कुछ दिन बाद वो मेरे घर आने के लिए मुझसे बोला | उस रात मैंने सबको सुला दिया | जब वो मेरे घर में आया तो मैंने उसे अन्दर कर लिया | फिर वो मेरे कमरे में आ गया और मेरे साथ लेट कर मेरी होठो को अपनी ऊँगली से सहलाने लगा | वो मेरी होठो को सहलाते हुए मेंरी होठो पर अपनी होठो को रख कर मेरी होठो को चूसने लगा | मैं भी उसकी होठो को चूसने लगी | मैं उसकी होठो को चूसने के साथ में उसके लंड को पैंट के ऊपर से सहलाने लगी | वो मेरी होठो को कुछ देर तक चूसने के बाद में उसने मेरे एक दूध को कपड़े के ऊपर से मुंह में रख लिया | वो कुछ देर तक मेरे स्तन को कपडे के ऊपर से दबता रहा | फिर उसने अपने कपडे निकाल दिए और साथ में मेरे भी निकाल दिये | अब हम दोनों ही बिना कपडे के थे | वो मेरे बड़े और चिकने स्तन को हाथ में पकड कर दबाते हुए अपने मुंह में रख कर चूसने लगा | वो मेरे दूध के निप्पल को मुंह में रख कर जोर जोर से चूस रहा था | वो मेरे दोनों दूधो को कुछ देर तक एक एक करके चूसता रहा |

फिर वो मेरी टांगो को फैला कर मेरी चूत में अपनी ऊँगली को घुसा कर अन्दर बाहर करने लगा साथ में मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा | वो मेरी चूत में ऊँगली को घुसाने के साथ में मेरी चूत को अपनी जीभ से चाट रहा था | वो मेरी चूत को ऐसे ही कुछ देर तक चटाने के बाद में उसने अपने लंड को मुंह में लेकर चूसने को कहा | मैंने पहले तो उसे माना कर दिया | फिर उसके मोटे लंड को मुंह में रख कर चूसने लगी | मैं उसके लंड को मुंह में लेकर ऐसे ही कुछ देर तक चुसती रही | वो मेरे सर को पकड कर लंड को चूसता रहा | फिर उसने अपने लंड को मेरे मुंह से निकाल कर मेरी टांगो को फैला कर मेरी चूत में अपने लंड को घुसने लगा | वो मेरी पहली चुदाई थी इसलिए मेरी चूत बहुत टाईट थी | वो मेरी चूत में थूक लगा कर अपने लंड को मेरी चूत में घुसाने लगा | वो मेरी चूत में लंड को दूसरी बार में घुसा दिया | मेरी चूत बहुत टाईट थी जिससें मेरी चूत से खून निकलने लगा और मैं जोर से खीच पड़ी उई उई माईईईई मर गयी | दर्द की वजह से मैं और कुछ नही बोल पाई और मेरी आँखों से पानी निकल आया | दीपक मेरी आँखों में पानी देखकर रुक गया और मेरी होठो पर किस करने लगा | कुछ ही देर में दर्द कम हो गया और मैं अपनी चूत को सहलाने लगी | फिर दीपक मेरी टांगो को अपने कंधे पर रख कर जोर जोर से चोदने लगा | मैं ऊ ऊ ऊ.. आ आ आ… हु हु हु हु… अ अ अ अ… की सिसकियाँ लेने लगी | वो मेरी चूत में जोर जोर के धक्को के साथ मेरी चूत में अन्दर बाहर करते हुए मुझे चोदने लगा | मैं मस्त होकर अपनी चूत को सहलाती हुई चुदने लगी | वो मुझे ऐसे ही कुछ देर तक चोदता रहा | फिर उसने मुझे एक कुतिया की तरह खड़े होने को कहा और मैं खड़ी हो गयी | फिर दीपक मेरी चूत में पीछे से लंड को डाल कर मुझे जोरदर धक्को के साथ चोदने लगा | मैं अपनी चूत को आगे पीछे करती हुई चुदने लगी | वो मुझे ऐसे ही जोरदार धक्को के साथ 15 -16 मिनट तक चोदने के बाद झड़ गया |

फिर हम दोनों लोग लेट गए | वो मेरे बूब्स को अपने मुंह में रख कर एक छोटे बच्चे की तरह दबाते हुए पिने लगा | मैं लेट कर उसके सर को सहलाने लगी |  कुछ ही देर में फिर उसका लंड खड़ा हो गया | उसने मेरी फिर से मस्त चुदाई की और इस बार मेरी चूत से दो बार पानी निकला | हम दोनों ने उस पूरी रात चुदाई की और फिर वो सुबह होते ही चला गया |

ये थी मेरी कहानी धन्यवाद…….


Comments are closed.