घर में आ जाया करो

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Ghar me aa jaya karo कॉलेज की पढ़ाई खत्म हो जाने के बाद कॉलेज में कैंपस प्लेसमेंट के लिए कई कंपनी आ रही थी और उसी दौरान मैंने भी इंटरव्यू दिया और मेरा एक कंपनी में सलेक्शन हो गया। अब मैं जॉब करने के लिए बेंगलुरु जाने वाला था पापा मम्मी को जब मैंने इस बारे में बताया तो वह लोग कहने लगे कि बेटा तुम बेंगलुरु में ही रहोगे लेकिन हमें तुम्हारी चिंता सता रही है। मैं आज तक घर से बाहर कभी अकेले नहीं रहा था मैंने पापा और मम्मी को समझाया और कहा कि देखिए कभी ना कभी तो मुझे जॉब के लिए जाना ही था और इतनी अच्छी कंपनी में मेरी जॉब लगी है भला मैं कैसे जॉब छोड़ सकता हूं। पापा मम्मी मुझे छोड़ने के लिए उस दिन एयरपोर्ट तक आए थे और बेंगलुरु में पापा के दोस्त रहते हैं पापा ने उन्हें कह दिया था कि कुछ दिनों तक मैं उनके साथ रहूंगा इसलिए मैं जब बेंगलुरु पहुंचा तो मैं कुछ दिनों तक उनके पास ही रहा लेकिन अब मुझे रहने के लिए एक फ्लैट मिल चुका था और मैं अब अपने फ्लैट में शिफ्ट हो चुका था। मैं जब फ्लैट में शिफ्ट हुआ तो मैं अकेले ही उस फ्लैट में रह रहा था मेरे सामने एक परिवार रहता था और उनके साथ मेरी अच्छी बातचीत थी लेकिन कुछ समय बाद वह लोग वहां से चले गए और मैं अब हर रोज की तरह अपने ऑफिस जाता और शाम को ऑफिस से लौटता था।

एक दिन मैं अपने ऑफिस से घर लौट रहा था उस दिन मैंने देखा कि कोई मेरे सामने वाले फ्लैट में सामान शिफ्ट कर रहा है लेकिन मैंने उनसे बात नहीं की। मैंने अपने फ्लैट का दरवाजा खोला और मैं अपने फ्लैट के अंदर चला गया मैंने टीवी ऑन की और मैं टीवी देखने लगा काफ़ी देर तक मैं टीवी देखता रहा मुझे बहुत तेज भूख लग रही थी इसलिए मैंने फोन कर के खाने का ऑर्डर दे दिया और थोड़ी देर बाद खाना जब आया तो मैंने खाना खाया। मैं टीवी देख रहा था तभी मेरी मम्मी का फोन आया और मम्मी मुझसे कहने लगी कि रजत बेटा तुम कैसे हो तो मैंने मम्मी को बताया मैं ठीक हूं।

मैं उनसे बहुत देर तक फोन पर बात करता रहा काफी दिन हो गए थे जब मम्मी पापा से मेरी बात नहीं हो पाई थी मम्मी पापा ने मुझे बताया कि कल मेरी बहन को देखने के लिए लड़के वाले आ रहे हैं मैंने अपनी बहन से बात की तो वह कहने लगी कि मैं तो अभी शादी नहीं करना चाहती थी लेकिन पापा मम्मी के आगे मैं कुछ कह ना सकी। अगले दिन मेरी मम्मी का मुझे फोन आया और कहने लगी कि तुम्हारी बहन को उन्होंने पसंद कर लिया है और अब दो हफ्ते बाद हम लोगों ने सगाई करने का फैसला किया है। मैंने जब यह बात सुनी तो मैंने पापा से कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए घर आ रहा हूं मैंने अपने ऑफिस से कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले ली थी मैं अपनी बहन की सगाई में जाना चाहता था। मैं जब घर पहुंचा तो पापा और मम्मी दोनों ही मुझे देख कर खुश हुए और मेरी बहन भी बहुत खुश थी उसकी सगाई कि सारी जिम्मेदारी मेरे ऊपर ही थी इसलिए मैंने अपने दोस्त को फोन किया और उसे कहा कि हम लोग उनके होटल में ही अपनी बहन की सगाई करवाना चाहते हैं। वह कहने लगा कि मैं अपने पिताजी से इस बारे में बात कर लेता हूं उसके पिताजी ही उस होटल को संभालते हैं और जब उसने अपने पिताजी से बात की तो उसने मुझे अपने घर पर मिलने के लिए बुलाया। मैं उसके घर पर उससे मिलने के लिए गया और हम लोगों के बीच पैसों को लेकर बातें हुई अब हम लोगों ने लगभग सारी अरेंजमेंट कर ली थी। मैं नहीं चाहता था कि किसी भी प्रकार की कोई कमी रह जाए और जब मेरी बहन की सगाई हुई तो मैं बहुत खुश था उस दिन वह बहुत सुंदर लग रही थी। पापा मम्मी भी इस बात से खुश थे कि उसे एक अच्छा लड़का मिला और उसने शादी के लिए हां कह दी अब उसकी सगाई हो चुकी थी और सब कुछ बड़े अच्छे से हुआ। मैंने अपने दोस्तों को भी बुलाया था और मेरे दोस्त भी आए थे मैं कुछ दिनों तक घर पर ही रहने वाला था इसलिए मैं चाहता था कि मैं अपने दोस्तों से मिलूं। मेरी बहन की सगाई हो चुकी थी और अब मैं चाहता था कि मैं अपने दोस्तों से मिलू इसलिए मैं अपने दोस्तों से मिला और अपने दोस्तों से कुछ महीनों बाद मिलकर मुझे अच्छा लगा। मुझे घर पर पता ही नहीं चला कि कब मेरी छुट्टियां खत्म होने वाली हैं और मुझे अब वापस बेंगलुरु जाना था मैं वापस बेंगलुरु लौट आया। जब मैं बेंगलुरु लौटा तो ऑफिस में मैंने ऑफिस के पीएम से कहकर मिठाई बटवा दी थी और सब लोगों ने मुझे बधाई दी मैं अपने काम में पूरी तरीके से ध्यान दे रहा था और सब कुछ अच्छे से चल रहा था।

पापा मम्मी से भी मैं हर रोज फोन पर बातें करता था और घर के बारे में भी मुझे खबर मिलती रहती थी। एक दिन मैं घर पर ही था उस दिन रविवार था और मैं घर पर आराम कर रहा था उस दिन मेरे ऑफिस में काम करने वाला मेरा दोस्त घर पर आया हुआ था और हम लोग साथ में बैठे हुए थे उसने मुझे बताया नहीं था वह अचानक से ही मेरे पास चला आया। मैं और वह एक दूसरे से बात कर रहे थे तो उसने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों के लिए अपने घर जा रहा है उसका घर चंडीगढ़ में है और वह कुछ दिनों के लिए चंडीगढ़ जाने वाला था। मैं और वह काफी देर तक एक साथ रहे और फिर वह मुझे कहने लगा कि मैं अब चलता हूं मैंने उसे कहा ठीक है मैं भी तुम्हें छोड़ने आता हूं और मैं उसे छोड़ने के लिए जब अपने सोसायटी के गेट तक गया तो वह मुझे कहने लगा कि रजत मैं अब चला जाऊंगा।

वह ऑटो लेकर वहां से अपने फ्लैट में चला गया मैं वापस लौट रहा था कि मैंने सोचा कि थोड़ा सामान ले लेता हूं हमारी सोसाइटी के बाहर ही एक दुकान है वहां से मैंने सामान खरीद लिया क्योंकि मेरे घर पर काफी दिनों से सामान खत्म था। मैं जब घर लौट रहा था तो मेरा फोन आ रहा था लेकिन मैंने उस वक्त फोन नहीं उठाया और मैं जब लिफ्ट से चढ़कर ऊपर आया तो मैं जल्दी से अपने फ्लैट की तरफ गया। मैंने अपने हाथ के सामान को नीचे रखा और फ्लैट का दरवाजा खोला मैं अब अपने फ्लैट के अंदर चला गया मैंने जैसे ही वह सामान अपने सोफे पर रखा तो मैंने देखा मेरी मम्मी मुझे फोन कर रही थी मैंने उन्हें फोन किया और उनसे मैं बात करने लगा। मैं उनसे काफी देर तक बात करता रहा मैंने जब फोन रखा तो मैंने सोचा कुछ बना लेता हूं मैं अपने लिए मैग्गी बनाने लगा और मैं मैग्गी खा रहा था। तभी डोर बेल बजी मैंने जब दरवाजा खोला तो पड़ोस में रहने वाली भाभी दरवाजे पर थी उन्हें में ऊपर से लेकर नीचे तक देखने लगा। मैंने उनको उससे पहले भी कई बार देखा था लेकिन वह जब मेरे सामने खड़ी थी तो मैं उन्हें देखकर मुस्कुराने लगा। उन्होंने मुझे कहा कि क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं मैंने उन्हें कहा हां कहिए ना उन्होंने मुझे अपने घर पर बुलाया और कहा कि उनके घर का नल खराब हो चुका है। मैंने उनके घर के नल को देखा तो वह टूट चुका था मैंने किसी प्रकार से नल से निकलते हुए पानी को बंद किया। मैं भाभी के साथ बैठा हुआ था भाभी का नाम लता है लता भाभी बड़ी हसीन है उन्हें देखकर तो लंड तन कर खड़ा हो चुका था वह मुझसे कहने लगी आप क्या करते हैं? मैंने उन्हें अपने बारे में परिचय दिया पहली मुलाकात में हम दोनों बड़े हंसकर एक दूसरे से बात करने लगे। उन्होंने साड़ी पहनी हुई थी मैंने उन्हें कहा आप साड़ी बड़ी अच्छी लगती है वह अपनी तारीफ सुनकर बड़ी खुश हो गई मैंने उनकी इतनी तारीफ की वह मेरी बाहों में आ गई। जब मैंने उन्हें अपनी गोद में बैठाया तो मै उनके स्तनों को दबाने लगा अब मैं इतना बेचैन हो चुका था कि उन्हें मैं चोदना चाहता था वह मुझे अपने बेडरूम में ले गई और जब हम लोग उनके बिस्तर पर लेटे हुए थे तो मैंने उनकी साड़ी को उतारा और उनके ब्लाउज को उतारकर वह मेरे सामने पैटी ब्रा में थी।

उन्होंने लाल रंग की चटक पैंटी ब्रा पहनी हुई थी उसमें वह बड़ी ही सेक्सी लग रही थी। मैंने उनकी ब्रा खोलते हुए उनके स्तनों को दबाना शुरू किया मै अब उनके स्तनों का रसपान करने लगा मुझे बड़ा ही आनंद आ रहा था और बहुत देर तक मैं ऐसा ही करता रहा। वह इतनी उत्तेजित हो गई वह अपनी चूत के अंदर उंगली घुसाने लगी। वह अपनी चूत के अंदर उंगली घुसा रही थी मुझे मज़ा आ रहा था मैंने उनकी चूत के अंदर जब अपनी उंगली को डाला तो वह कहने लगी अपने लंड को मेरी चूत में घुसा दो। मैंने भी अपने लंड को उनकी चूत में घुसाने का फैसला किया जब मैंने अपने लंड को उनकी चूत में डाला तो वह कहने लगी तुम्हारा लंड तो बड़ा ही मोटा है। मैं उन्हें बडी ही तेज गति से धक्के मार रहा था और उन्हें चोदने में मुझे एक अलग ही आनंद आ रहा था मुझे एक अलग ही आनंद की अनुभूति हो रही थी। वह जिस प्रकार से अपने पैरों को खोल रही थी उससे मेरे अंदर की उत्तेजना पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था।

मैंने भाभी को डॉगी स्टाइल में बनाया और अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी तुम अपने लंड को मेरी चूतड़ों से टकराते रहो। मै उन्हें बड़ी तेजी से चोद रहा था और उनके चूतड़ों का रंग मैंने लाल कर कर रख दिया था लेकिन मेरी नजरे उनकी गांड पर पड़ रही तो उनकी गांड के छेद में मैं अपने लंड को डालना चाहता था मेरा वीर्य गिरा नहीं था। अभी हम दोनों की चुदाई को सिर्फ 3 मिनट ही हुए थे और जब मैंने अपने लंड पर थूक लगाते हुए उनकी टाइट गांड के छेद मे लंड को डाला तो वह चिल्ला उठी और कहने लगी तुमने तो मेरी गांड में लंड घुसा दिया है। मैंने उन्हें कहा भाभी जी आपकी गांड देखकर मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था अब मैं उनको इतनी तेज गति से धक्के मार रहा था कि वह भी पूरे मजे में आ गई थी उनकी गांड से निकलती हुई गर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी थी। करीब 5 मिनट हो चुके थे अब मैं उनकी गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था मैंने अपने वीर्य के उनकी गांड के अंदर ही गिरा दिया वह बडी खुश हुई और कहने लगी आज के बाद कभी भी मैं घर पर अकेली रहूं तो तुम घर पर आ जाया करना।


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