गांव की छोरी की वह कमसीन चूत

Gaanv ki chhori ki wah kamsin chut:

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मेरा नाम प्रेम है और मैं 30 वर्ष का युवक हूं। मैं कई वर्षों से विदेश में ही नौकरी कर रहा था। मेरे पिताजी शहर में ही रहते हैं। इसलिए उन्होंने मुझे पढ़ाई के बाद तुरंत विदेश भेज दिया और मैंने अपने कॉलेज की पढ़ाई भी विदेश से ही की है। मैं घर भी बहुत समय बाद आया। जब मैं घर आया तो मेरे पिताजी कहने लगे कि तुम तो बिल्कुल ही बदल चुके हो। मैंने उन्हें कहा कि अब इतने सालों बाद घर आऊंगा तो बदलाव तो होगा ही। जब मैंने अपने पिताजी को बताया की मेरी नौकरी एक अच्छी कंपनी में लग गई है, जो कि मुझे बहुत अच्छी तनख्वाह दे रहे हैं। तो वह कहने लगे कि यह तो बहुत ही अच्छी बात है। तुम वहीं पर काम कर लो। मैंने उन्हें बताया कि मैं 6 महीने के बाद उस कंपनी को ज्वाइन करूंगा। क्योंकि मैंने उन्हें कहा है कि 6 महीने तक मैं अपने घर पर ही रहना चाहता हूं। उसके बाद ही मैं कंपनी ज्वाइन करूंगा। मेरे पिताजी ने कहा कि ठीक है। 6 महीने तक तुम घर पर रहोगे तो हमारे साथ भी तुम समय बिता पाओगे। काफी वर्षों से हम लोग साथ में भी समय नहीं बिता पाए हैं। इस बात से मेरे पिताजी भी बहुत खुश है और मेरी मां भी बहुत ज्यादा खुश थी।

हम लोग अंबाला में रहते हैं। मेरे पिताजी ने एक दिन मुझे कहा कि बेटा गांव में हमारे रिश्तेदारी में शादी है। वहां हमें चलना है। मैंने उन्हें कहा कि गांव तो मैं बचपन में ही गया था। उसके बाद तो मैं आज तक नहीं गया। मैने सोचा कि मैं वहां पर चैट नहीं कर पाऊंगा। मैंने अपने पिताजी को कहा कि गांव आप ही चले जाइए लेकिन उन्होंने मुझसे बहुत जिद की और कहने लगे की तुम अगर रिश्तेदारी में आओगे तो सब लोगों से मुलाकात हो जाएगी और तुम्हें भी अच्छा लगेगा। कई सालों बाद अपने गांव जाकर वहां पर भी बहुत सारी चीजें बदल चुकी है। पहले जैसा बिल्कुल भी नहीं है, जैसा तुम सोच रहे हो। मैंने कहा कि ठीक है। हम लोग चल पड़ते हैं।

अब हम लोग अगले दिन सुबह अपनी कार से ही गांव के लिए निकल पड़े। जब मैं गांव पहुंचा तो वहां का माहौल वाकई में पहले जैसा नहीं था। मैं बहुत ही समय बाद अपने गांव आया था। इसलिए मैं किसी को भी नहीं पहचानता था। जब मैं गांव पहुंचा तो मेरे पिताजी ने ही मुझे सब लोगों से मिलाया। मैं सब लोगों से मिला तो वह लोग भी बहुत खुश हुए। कहने लगे कि हम तुम्हें बचपन में अपनी गोद में खिलाया करते थे। मुझे तो याद नहीं था लेकिन मैं उन लोगों की बात में हां में हां मिलाता जा रहा था। हम लोगो के गांव के ही हमारे एक ताऊजी हैं हम उनके घर पर ही रुके थे। मेरे पिताजी ने हमें हमारा पुराना घर भी दिखाया। वह कहने लगे कि हम लोग शुरुआत में इसी घर में रहते थे, जब हम गांव में रहते थे। मैंने जब वह घर देखा तो मैंने उन्हें कहा कि यह तो बहुत ही दयनीय स्थिति में हो चुका है और यह टूटने वाला है। आप इस पर काम क्यों नहीं करवाते। वह कहने लगे कि जब कोई रहेगा ही नहीं तो इसमें काम करवा कर क्या फायदा। अब तुम भी कुछ समय बाद विदेश चले जाओगे और पता नहीं तुम यहां आओगे भी या नहीं। इसलिए मैंने सोचा कि अब इसमें पैसे खर्च करने का कोई भी मतलब नहीं है। इसलिए इसमे मैंने कोई भी काम नहीं करवाया। मैंने उनसे कहा कि फिर भी इसमें काम करवा दीजिए। जितना भी खर्चा होगा मैं आप को भिजवा दूंगा। उन्होंने कहा कि ठीक है। मैं जब अगली बार गांव आऊंगा तो मैं इसमें काम करवा दूंगा।

अब हम लोग गांव घूमने के लिए चले गए। मेरे साथ मेरे गांव के चाचा का लड़का था। जो मुझे गांव के बारे में बता रहा था। मेरे लिए तो गांव बिल्कुल ही नया था। मैं बचपन में ही आया था और उसके बाद इतने वर्षों बाद मेरा आना हो रहा है। जब हम लोग गांव में जा रहे थे तो मुझे एक लड़की दिखी। वह बहुत ही खूबसूरत थी। जब मैंने उसे देखा तो वह मेरी नजरों से हट ही नहीं रही थी। मैंने तुरंत ही अपने भाई से पूछा कि वह लड़की कौन है और उसका नाम क्या है। वह कहने लगा कि इसका नाम महिमा है। मैंने उसे कहा यह तो बहुत ही ज्यादा सुंदर है। वह कहने लगा कि यह हमारे गांव की सबसे सुंदर लड़की है। मैं उसे देख कर बहुत ज्यादा आकर्षित हो गया और जब मैं रात को सो रहा था तो मुझे नींद ही नहीं आ रही थी। मेरे दिमाग में सिर्फ उसी लड़की का चेहरा घूम रहा था और मुझे ऐसा लग रहा था कि शायद वह भी मेरे सामने ही है। यह सोचते सोचते मेरी आंख पता नहीं कब लगी और मैं सो गया। अगले दिन फिर मैं अपने भाई के साथ गांव घूमने लगा। मैने देखा कि आगे से महिमा आ रही थी और महिमा ने मेरे चाचा के लड़के से पूछा कि यह लड़का कौन है। वह कहने लगा कि यह शहर में ही रहता है और कई वर्षों से विदेश में था। इनका नाम प्रेम है। अब महिमा भी मुझसे बातें करने लगी और पूछने लगी विदेश में तो सब लोग बहुत ही अच्छे से रहते होंगे। मैंने भी उसे बताया कहा कि हां वहां पर सब लोग बहुत ही अच्छे तरीके से रहते हैं। अब हम लोगों की भी अच्छी बातचीत हो गई थी और वह भी मुझे अपने गांव घुमाने लगी। हम तीनों गांव घूम रहे थे। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था, जब मैं अपने गांव घूम रहा था। क्योंकि मेरे साथ महिमा भी थी।

महिमा और मैं अब बहुत ही बातें कर रहे थे और मेरे चाचा का लड़का पता नहीं कहा चला गया। वह मुझे दिख भी नहीं रहा था और हम दोनों ऐसे ही बातें करते करते काफी आगे निकल आए थे। महिमा ने मुझे कहा कि तुम्हारा भाई तो पता नहीं कहां चला गया। हम एक काम करते हैं अब वापस चलते हैं और मेरे घर पर उस तुम बैठ जाना। मैं जब उसके घर पर गया तो उसके घर में कोई भी नहीं था हम दोनों ऐसे ही बैठे हुए बात कर रहे थे। मैं उसके स्तनों को देखता जा रहा था उसके स्तन बहुत ही बड़े और मजेदार थे। जब मैं उसके स्तनों को देखता तो मेरा मन खराब हो रहा था और मेरा लंड खड़ा हो चुका था महिमा ने भी देख लिया था। मैंने बातों-बातों में उसके पैर पर अपने हाथ को रख दिया। म उसे सहलाने लगा वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई जब मैंने उसकी चूत को दबा दिया। अब उसने भी मुझे कसकर पकड़ लिया और मैंने उसके होठों को चूसना शुरू कर दिया। मैं उसके होठों को बहुत ही अच्छे से चूस रहा था जिससे कि वह बहुत तेज चिल्ला रही थी। मैंने उसके होठों को ऐसे ही चूसना जारी रखा। थोड़ा समय बाद मैंने उसके सारे कपड़ों को उतार दिया और उसका बदन मेरे सामने एकदम से नंगा था। जब मैंने उसके बदन को देखा तो उसके स्तन एकदम गोल आकार में थे और उसकी चूतडे भी एकदम गोल थी। उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो वह उत्तेजित होने लगी और उसकी चूत से पानी का रिसाव होने लगा।

अब मैंने अपने लंड को भी उसके मुंह के अंदर डाल लिया। मैंने जब अपने लंड को उसके मुंह में डाला तो वह उसे बहुत ही अच्छे से चूसने लगी। कुछ देर तक तो मैंने उसके शरीर को चाटा और अब मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाल दिया। जब मैंने अपने लंड को उसकी योनि में डाला तो उसकी योनि बहुत ही ज्यादा टाइट थी। मुझे उसकी चूत मे अपना लंड घुसाने में बहुत ही दिक्कत हो रही थी लेकिन मैंने एक झटके मे उसकी योनि के अंदर लंड को डाल ही दिया। मै उसे ऐसे ही चोदने लगा जब मैं उसे धक्के मार रहा था तो उसकी चूत गीली होती जा रही थी और मैं उसे ऐसे ही तीव्र गति से चोदने पर लगा हुआ था। मैंने उसे इतने कसकर पकड़ा हुआ था कि वह हिल भी नहीं पा रही थी। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था क्योंकि उसका शरीर बहुत ज्यादा मुलायम और नरम था। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे इतनी टाइट चूत मारने को मिलेगी। मैंने उसे उल्टा लेटाते हुए उसके ऊपर लेट गया और उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जब मैंने अपने लंड को उसके अंदर डाला तो वह बहुत तेज चिल्लाने लगी और उसे बहुत दर्द भी हो रहा था। वह अपने चूतडो को थोड़ा सा ऊपर उठाती तो मैं उसे धक्के देकर नीचे कर देता। मैं उसे ऐसे ही चोदने पर लगा हुआ था और थोड़ी देर बाद मेरा माल उसकी योनि के अंदर ही गिर गया।


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