गांड मरवाने का शौक

Gaand marwane ka shauk:

Antarvasna, hindi chudai ki kahani मेरा नाम मोहन है मैं चंडीगढ़ का रहने वाला हूं चंडीगढ़ में मेरी हार्डवेयर की दुकान है मुझे अपनी दुकान चलाते हुए करीब 12 वर्ष हो चुके हैं। एक दिन मेरे दोस्त का फोन मुझे आया और वह कहने लगा यार तुम तो अपने काम में इतने बिजी हो गए हो की अब फोन ही नहीं करते हो। मैंने उसे कहा नहीं ऐसी कोई बात नहीं है वह कहने लगा कि तुम वाकई में बिजी हो चुके हो तुम्हारे पास बिल्कुल भी समय नहीं होता मैंने उसे कहा तुम बताओ तुम आजकल क्या कर रहे हो। वह कहने लगा मैं तो अब शिमला में ही सेटल हो चुका हूं और यहीं पर मैंने अपने दो होटल खोल लिये है जिनसे कि मुझे अच्छी कमाई हो जाती है, वह कहने लगा कभी तुम मुझसे मिलने तो आओ। वह मेरे बचपन का दोस्त है और उसका नाम महेश है मैंने उससे कहा ठीक है मैं देखता हूं तुमसे मिलने के लिए कभी अपना प्लान बनाता हूं। कुछ समय बाद मैंने सोचा कि शिमला घूम आता हूं तो एक दिन मैंने महेश को फोन किया और कहा मैं शिमला आ रहा हूं वह कहने लगा क्या तुम अकेले आओगे।

मैंने उसे कहा हां मैं अकेला ही आना चाहता हूं क्योंकि काफी समय से मैं काम में बिजी था तो सोच रहा हूं कि तुम से मिल लेता हूं। मैं महेश से मिलने के लिए शिमला चला गया जब मैं उससे मिला तो मैं उसके घर पर ही रुका मैं उसके साथ घूम भी था सब कुछ बड़ा ही अच्छा रहा। जब मैं शिमला से वापस लौट रहा था तो उस वक्त मैं बस से ही वापस आने वाला था महेश ने मुझे कहा कि तुम जब भी शिमला आओ तो मुझे जरूर फोन करना। मैंने उसे कहा ठीक है उसके बाद मैंने अपने बैंक को अपनी सीट के नीचे रखा लेकिन ना जाने मेरा पर्स कहां चोरी हो गया उसी में मेरे पैसे थे और मैंने अपने मोबाइल को भी उसी में रख दिया था मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैंने सोचा मैं महेश के पास ही वापस चलता हूं लेकिन उसी दौरान मुझे एक सज्जन व्यक्ति मिले और उन्होंने कहा भाई साहब आप बहुत परेशान लग रहे हैं मैंने उन्हें सारी बात बताई और कहा दरअसल मैंने अपना बैग अपनी सीट के नीचे रखा हुआ था लेकिन ना जाने वह कहां चोरी हो गया अब मेरे पास पैसे भी नहीं है और मैं किसी को फोन भी नहीं कर सकता। उन्होंने मुझे कहा आप को कहां जाना है मैंने उन्हें कहा मुझे चंडीगढ़ जाना है तो वह कहने लगे कि चलिए कोई बात नहीं आप मेरे साथ चलिए मैंने उन्हें कहा लेकिन मेरे पास पैसे नहीं है।

वह कहने लगे कोई बात नहीं आप मेरे साथ ही चलिए मैं आपके पैसे दे दूंगा हम दोनों बस में साथ आए मैंने उन्हें कहा आपने मेरी बहुत बड़ी मदद की है वह कहने लगे कोई बात नहीं ऐसा कभी खबर हो जाता है इसमें आपकी भी कोई गलती नहीं थी। वह भी मुझसे अपने एक दो एक्सपीरियंस साझा करने लगे और कहने लगे कि मेरे साथ भी एक दो बार ऐसा ही हुआ था मैंने उनसे पूछा आप क्या करते हैं तो वह कहने लगे मैं स्कूल में टीचर हूं और मेरी पत्नी भी स्कूल में ही पढ़ाती हैं। उन्होंने मुझसे पूछा कि आपका क्या काम है मैंने उन्हें बताया मेरा हार्डवेयर का काम है और मैं पिछले 12 वर्षों से वही काम कर रहा हूं वह कहने लगे चले फिर तो आप से मदद की जरूरत मुझे पड़ेगी क्योंकि कुछ ही समय बाद मुझे अपने घर में काम करवाना है तो उसके लिए मुझे सामान चाहिए होगा आपके पास से ही मैं सामान लेकर जाऊंगा। मैंने अमित जी से कहा क्यों नहीं बिल्कुल आप आइए आपका दुकान में स्वागत है आप जब मर्जी मुझे फोन कर दीजिएगा क्योंकि अमित जी ने मेरी इतनी मदद की तो भला मैं कैसे उनकी मदद नहीं करता। हम दोनों चंडीगढ़ पहुंच गए जब हम लोग चंडीगढ़ पहुंचे तो वह मुझसे कहने लगे आप यह पैसे रख लीजिए और जब आप घर पहुंच जाएं तो आप मेरे फोन पर फोन कर दीजिएगा। उन्होंने मुझे एक पेपर में अपना नंबर लिख कर दिया और मैं वहां से अपने घर चला आया लेकिन मैंने यह बात अपनी पत्नी को नहीं बताई और अगले ही दिन सबसे पहले मैंने एक नया फोन खरीदा। मैंने उसके बाद तुरंत अमित जी को फोन किया मैंने उन्हें बताया कि मैंने अपना नया फोन खरीद लिया है और आप जब भी दुकान में आए तो मुझे फोन कर लीजिएगा।

अमित जी कहने लगे ठीक है मैं आपके पास कुछ दिनों बाद आता हूं और उसके बाद मैं अपने दुकान का काम संभालने लगा उसी बीच मुझे मेरे दोस्त महेश का फोन आया और वह कहने लगा मैं तुम्हें फोन कर रहा था लेकिन तुम्हारा नंबर ही नहीं लगा। मैंने महेश को सारी बात बताई और कहा यार मैं सीट में बैठा हुआ था और वहां से किसी ने मेरा बैग चोरी कर लिया उसमें मैंने अपना मोबाइल और पर्स भी रखा हुआ था वह तो शुक्र है कि मुझे एक सज्जन व्यक्ति मिले और उन्होंने ही चंडीगढ़ तक मेरा किराया दिया। महेश कहने लगा तो फिर घर पर आ जाते मैंने महेश नहीं मैं तुम्हें बेवजह टेंशन नही देना चाहता था इसलिए मैंने सोचा घर ही चला जाता हूं और वैसे भी मुझे अमित जी मिल गए तो उन्होंने मेरी बहुत मदद की। महेश कहने लगा चलो कोई बात नहीं, कुछ ही दिनों बाद अमित जी अपनी पत्नी आशा को लेकर मेरे पास आये और जब मैं अमित जी से मिला तो मैंने कहा अरे अमित जी बैठिये। वह मेरी दुकान में बैठे मैने दुकान में काम करने वाले लड़के से कहा की अमित जी के लिए पानी ले आओ वह लड़का जल्दी से पानी ले आया। उन्होंने मुझे अपनी पत्नी आशा से मिलवाया और कहने लगे यह मेंरी पत्नी है मैंने उन्हें कहा की आपको क्या सामान चाहिए था अमित जी कहने लगे मैं कुछ सामान की लिस्ट लाया हूं आप देख लीजिए। उन्होंने मुझे वह लिस्ट दी मैंने उन्हें सारा हिसाब जोड़ कर बता दिया वह मुझे कहने लगे कि मैं कुछ दीनू बाद आपके यहां से सामान लेकर चला जाऊंगा मैंने उन्हें कहा ठीक है सर आप जब भी आए तो मुझसे यह सामान ले लीजिएगा।

कुछ देर तक हम साथ बैठे रहे उनकी पत्नी मुझे कहने लगे कि उन्होंने बताया कि आपका शिमला में बैठ चोरी हो गया था तो मैंने उन्हें कहा हां शिमला में मेरा बैग चोरी हो गया वह तो शुक्र है कि मुझे अमित जी मिल गए और उन्होंने मुझे घर तक छोड़ दिया नहीं तो मुझे कुछ दिन और शिमला में ही रुकना पड़ जाता। वह लोग उसके बाद चले गए और कुछ दिन बाद वह मेरी दुकान से सामान लेने के लिए आए उसके बाद तो वह मुझसे अक्सर मिलने आ ही जाते थे या फिर कभी उनकी पत्नी का इधर आना जाना होता तो वह मुझसे मिल लिया करती थी। अमित जी से मेरी काफी अच्छी बातचीत हो गई थी तो वह मुझसे मिलने के लिए आ ही जाते थे उसी दौरान मेरे चाचा की लड़की की भी शादी थी और मैं कुछ दिनों तक शादी में ही बिजी हो गया क्योंकि सारा काम मुझे ही देखना था और हम लोगों ने मेरे चाचा की लड़की की शादी बड़े ही धूमधाम से की। सब कुछ बड़े ही अच्छे से हो हुआ चाचा भी बहुत खुश थे चाचा ने मुझे कहा बेटा तुमने हमारी बहुत मदद की है मैंने चाचा से कहा इसमे मदद की कैसी बात है क्या आप हमारे नहीं हैं। चाचा कहने लगे हां बेटा तुम्हारे पिताजी की मृत्यु के बाद तुमने ही सारे घर को अच्छे से संभाला है तुम ऐसे ही घर की जिम्मेदारियों को संभालते रहो मैं यही चाहता हूं। चाचा चाची घर मे अकेले हो गए थे क्योंकि उनकी इकलौती बेटी की शादी हो चुकी थी और अब वह घर में सिर्फ पति-पत्नी ही थे। एक दिन हम लोगों को अमित जी ने अपने घर पर डिनर के लिए इनवाइट किया, मैं और मेरी पत्नी उनके घर पर गए सब लोग आपस में बात कर रहे थे और उस दिन बड़ा ही अच्छा रहा।

मुझे क्या मालूम था आशा भाभी सेक्स की भूखी है एक दिन मुझे वह एक पुरुष के साथ दिखी मैं इस बात से हैरान रह गया लेकिन मैं उन्हें कुछ कह भी नहीं सकता था। जब मैंने उनसे इस बारे मे बात की तो वह मुझे कहने लगी आप यह बात किसी को मत बताना होगा अमित को तो कभी मत बोलना। कुछ ही दिनों बाद उनका मुझे फोन आया और वह कहने लगी आप घर पर आइए ना मैं उनके घर पर चला गया। जब मै आशा जी से मिलने के लिए घर पर गया तो वह उस दिन नाइटी में थी और उनका बदन बड़ा ही सेक्सी लग रहा था। मैं उनको देखे जा रहा था मुझे उन्हें देखने में बड़ा मजा आता मैंने उनकी गांड को देखा तो मैंने उनकी गांड को दबाना शुरू किया। कुछ देर तक तो वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर अच्छे से सकिंग करती रही और मुझे भी बहुत मजा आया। काफी देर तक उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसा मेरे लंड का पानी भी बाहर की तरफ को निकाला आया मुझे बड़ा मजा आ रहा था उन्हें भी बहुत अच्छा लग रहा था।

जैसे ही मैंने अपने लंड को उनकी गांड के अंदर प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी आज तो मजा आ गया, जैसे उनको गांड मरवाने का शौक था वह अपनी गांड को मुझसे टकराए जा रही थी। मैं बड़ी तेजी से उनको धक्के दिए जा रहा था मुझे उनको धक्के देने में बहुत ही ज्यादा मजा आता। मैं काफी तेजी से उनकी गांड के मजे लेता रहा मैंने करीब उनके साथ 3 मिनट तक मजे लिए लेकिन 3 मिनट के बाद जैसे ही मेरा वीर्य उनकी गांड के अंदर गिरा तो वह कहने लगी आपसे गांड मरवाने में मजा आ गया आपका लंड बड़ा ही मोटा है और मुझे उसे अपनी गांड में लेने में बहुत आनंद आया। मैंने आशा भाभी से कहा अब तो मुझे आपके पास आना ही पड़ेगा वह कहने लगी क्यों नहीं आपका जब भी मन हो तो आप मुझे फोन कर लीजिएगा मैं हमेशा आपके इंतजार में रहूंगी। उस दिन वाकई में मुझे उनकी गांड मारने में बड़ा मजा आया क्योंकि पहली बार मैंने किसी की गांड के मजे लिए थे उसके बाद तो मुझे उनकी गांड मारने का शौक हो चुका था।


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