गांड की आग को वीर्य ने बुझाया

Gaand ki aag ko virya ne bujhaya:

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मेरा नाम गरिमा है मैं गुजरात के एक गांव की रहने वाली हूं लेकिन मेरी शादी अहमदाबाद में हुई है, मेरी शादी को अभी एक वर्ष ही हुआ है। मेरे पति मुझसे बहुत प्यार करते हैं लेकिन यह शादी मेरे मन मुताबिक नहीं हुई थी क्योंकि मेरे माता-पिता ने मुझे कहा था कि लड़के वाले अच्छे हैं इसीलिए मैंने शादी के लिए हां कहा, नहीं तो मैं कभी भी शादी के लिए हां नहीं कहती। जब मेरी शादी हो चुकी थी तो उसके बाद मैंने भी सोच लिया कि अब मैं अपने जीवन को अपने पति के साथ ही अच्छे से गुजारना चाहती हूं लेकिन मेरे रिश्ते में तब मोड़ आया जब मेरी मुलाकात रजत से हुई, रजत और मेरी मुलाकात एक शादी के दौरान हुई, मैं अपने ससुराल पक्ष से ही शादी में गई हुई थी।

रजत मेरे पति के दूर के रिश्तेदार हैं, जब मैंने उसे पहली बार देखा तो मुझे ऐसा लगा शायद मुझे उसका चेहरा कहीं देखा हुआ लग रहा है, ना जाने क्यों मैं उसकी तरफ अपने आप को आकर्षित होता हुआ महसूस करने लगी, मुझे ऐसा लगने लगा शायद मैंने शादी कर के गलती कर ली लेकिन हमारी शादी हो चुकी थी इसलिए मैं भी अपनी मर्यादाओं में थी। मेरे मन में बस यही खयाल चल रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए और जब रजत मेरे साथ आकर बैठा तो मैंने रजत के साथ बात की, मैंने उस दिन रजत को सब कुछ बता दिया। मेरी पहली ही मुलाकात रजत के साथ थी और मुझे ऐसा लगने लगा कि जैसे मैं उसे पता नहीं कितने वर्षों से जानती हूं, मैंने उससे बेझिझक होकर अपने दिल की बात बता कह दी। रजत मुझसे कहने लगा मुझे भी आपको देखते हुए बिल्कुल कि ऐसा नहीं लगा कि जैसे मैं आपको नहीं पहचानता,  मुझे ऐसा लगा जैसे मैंने आपको कहीं देखा है। जब रजत ने यह बात कही तो मुझे रजत से बहुत ज्यादा जुड़ाव महसूस होने लगा लेकिन उसी वक्त मेरे पति भी हमारे साथ आकर बैठ गए और वह रजत के साथ बात करने लगे। वह रजत से पूछने लगे तुम्हारी लाइफ कैसी चल रही है, रजत कहने लगा लाइफ तो अच्छी चल रही है  लेकिन जीवन में कुछ नयापन नहीं है।

जब मेरे रजत ने मेरे पति से यह बात कही तो मेरे पति ने राजत से कहा तुम्हारे जीवन में कुछ नयापन क्यो नहीं है,  रजत कहने लगा जीवन में सब कुछ भी नया नहीं घटित हो रहा है, मैं जिस लड़की से प्रेम करता था उसने किसी और के साथ शादी कर ली और अब मैं अकेला ही हूं। रजत ने यह बात मुझसे और मेरे पति से कहीं तो मुझे भी यह सुनकर थोड़ा अटपटा सा लगा और मैं भी रजत से आगे की बात सुनने को बड़ी ही बेताब थी,  मैं बहुत ही ध्यान से उसकी बात सुन रही थी। मेरे पति ने रजत से पूछा कि क्यों तुम्हारी गर्लफ्रेंड ने किसी और के साथ शादी कर ली, रजत कहने लगा मुझे यह बात नहीं पता लेकिन हम दोनों के बीच में रिश्ते तो अच्छे से चल रहे थे और मैंने उसे घर में सब लोगों से मिलवा दिया था लेकिन उसके बावजूद भी ना जाने उसके दिल में क्या चल रहा था जो उसने इस प्रकार का फैसला लिया। मैंने भी उससे पूछ लिया ना जाने मेरे अंदर भी कहां से इतनी हिम्मत आ गयी, मैंने अपने पति के सामने उसको पूछ लिया कि क्यों तुम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में खुश नहीं थे जो उसने तुम्हे धोखा दिया। रजत ने मुझे बताया कि हम दोनों के बीच में बहुत प्रेम था और मैंने अपने घर में भी सब को बता दिया था लेकिन उसे ऐसा लगा कि शायद मेरे घरवाले उसे पसंद नहीं करते और उसके बाद उसने मुझसे एक बार भी बात नहीं की, उसके घर वालों ने उसके लिए कोई रिश्ता देख लिया तो उसने वहीं शादी कर ली। मैंने उसे कहा क्या तुमने उससे बात करने की कोशिश नहीं की, रजत कहने लगा मैंने तो कोशिश की थी परंतु वह बात करने को तैयार ही नहीं थी, ना जाने उसके दिल में ऐसी क्या बात थी जो कि उसने मुझसे आगे रिलेशन रखने से ही मना कर दिया। हम तीनो ही साथ में बैठे हुए थे और उसके बाद मेरे पति चले गए, मैं रजत के साथ बैठी हुई थी, मुझे रसद की कंपनी पसंद आ रही थी, मैं रजत से और भी चीजें पूछना चाह रही थी। जब मैंने उससे पूछा कि तुम दोनों की मुलाकात कैसे हुई तो वह कहने लगा मेरी मुलाकात उससे मेरे कॉलेज में ही हुई थी और हम दोनों कॉलेज में एक दूसरे के इतने ज्यादा करीब आ गए कि मैं उसके लिए अपने दिल में बहुत सारे सपने बुनने लगा और मैंने शादी के बारे में सोच लिया था लेकिन मुझे नहीं पता था कि वह मेरे साथ इतना बड़ा धोखा करेगी जिससे कि मुझे इतना दुख पहुंचेगा।

मैंने रजत से पूछा कि क्या तुम्हें वह उस दिन के बाद नहीं मिली, वह मुझे कहने लगा नहीं उस दिन के बाद मेरी कभी भी उससे मुलाकात नहीं हुई और मैं अब अकेला ही हूं। मैंने रजत से कहा कि तुम अकेले कैसे रह लेते हो तो वह कहने लगा मुझे अकेले आदत हो चुकी है इसलिए मैं अब अकेला ही रहना पसंद करता हूं, मैं अपने माता पिता के साथ खुश हूं। और अब जैसा वह कहेंगे मैं उनके तरीके से ही चलूंगा। मैंने रजत से पूछा कि क्या तुम अब अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं करोगे, वह कहने लगा नहीं ऐसी कोई भी बात नहीं है मैं अपने निर्णय स्वयं लेता हूं। रजत मुझसे कहने लगा भाभी आप तो बहुत ही खूबसूरत हैं क्या आप भी भैया से इतना ही ज्यादा प्रेम करती हैं। मैंने उससे कहा हां मैं उनसे प्रेम करती हूं। रजत मेरी तरफ बड़े ध्यान से देख रहा था और मुझे ऐसा लगने लगा जैसे वह मुझसे यह सवाल पूछना चाह रहा है कि क्या आप मेरी तरफ भी आकर्षित हैं। मैंने रजत से अपने आप ही कह दिया मुझे तुम भी बहुत अच्छे लगते हो। जब मैंने यह बात रजत से कहीं तो उसने तुरंत ही मेरी जांघो पर हाथ रखा और सहलाना शुरु कर दिया उसने मेरी योनि को दबा दिया। जब उसने मेरी चूत को दबाया तो मुझे बहुत दर्द महसूस हुआ। मैने रजत से कहा हम लोग कहीं एकांत में चलते हैं, हम दोनो वहां से उठकर थोड़ी दूर गए तो वहां पर बहुत ही सुनसान जगह थी, रजत ने मुझे किस कर लिया तो मुझे उसने नंगा कर दिया।

जब उसने मेरे स्तनों को चूसना शुरू किया तो मेरे स्तनों को वह बड़ी तेजी दबा रहा था और मेरे स्तनों से दूध निकलने लगा। मैंने रजत से कहा तुम अपने मोटे लंड को मेरी योनि में डाल दो और जल्दी से मेरी प्यास बुझा दो। मैंने साड़ी पहनी हुई थी मैंने अपनी साड़ी को ऊपर किया तो मैंने उससे कहा तुम मेरी पैंटी भी उतार दो और तुम्हें जो करना है तुम कर लो। उसने मेरी पैंटी उतारी तो उसने मेरी योनि को काफी देर चाटा। मेरी चूत पहले ही गर्म हो चुकी थी उसे पानी निकलने लगा था मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई। रजत ने धीरे धीरे अपने लंड को मेरी योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया जैसे ही उसका मोटा और कठोर लंड मेरी योनि में घुसा तो मैं आगे की तरफ उछलने लगी लेकिन उसने मुझे कसकर पकड़ लिया। वह मुझे कहने लगा भाभी आप ऐसे ही खड़े रहना, मैं आपको बड़ी तेज गति से धक्के मारने वाला हूं पहले तो कुछ देर तक वह धीरे धीरे से अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था लेकिन जब उसके अंदर थोड़ा गर्मी पैदा होने लगी तो उसने मेरी चूतडो को कसकर पकड़ लिया और बड़ी तेज गति से धक्के देने लगा। उसने मुझे इतनी तेज गति से झडके दिए की मेरी चूत छिल चुकी थी और मेरी योनि से खून निकलने लगा था। मैं बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी, जब उसका तरल पदार्थ मेरी योनि में गया तो मुझे अलग ही अनुभूति हुई। रजत ने अपने लंड को हिलाना शुरू किया अपन लंड को हिलाते हुए उसने मेरी बड़ी बड़ी गांड के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही रजत का मोटा और कठोर लंड मेरी बडी बडी गांड के अंदर घुसा तो मैं दर्द से करहाने लगी और मुझे बहुत दर्द होने लगा लेकिन उसने मुझे छोड़ा नहीं और बड़ी तेज गति से धक्के मारता रहा, मेरी गांड के छेद के अंदर उसका बडी तेजी से अंदर बाहर होने लगा जब उसका लंड अंदर बाहर होता तो मुझे बड़ा दर्द हो रहा था, मेरी गांड से खून भी निकल रहा था। जब उसने मुझे तेज तेज धक्के मारे तो वह भी ज्यादा समय तक मेरे गांड की गर्मी को नहीं झेल पाया और मेरी गांड की आग मे जैसे ही उसका वीर्य घुसा तो मेरी आग बुझ गई।


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