फूफा के बेटे से चूत और गांड मराई

Fufa ke bete se chut aur gaand marai:

desi porn kahani
हाय गाइस, कैसे हैं आप सब ? मैं आशा करती हूँ कि सभी अच्छे होंगे पर साला गर्मी की वजह से चुदाई में थोड़ी गिरावट तो जरुर आई होगी | खैर, मेरा नाम निशा है और मैं भिंड की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 35 साल है और मैं विधवा हूँ | मैं दिखने में अच्छी खासी हूँ और मेरी हाईट पांच फुट सात इंच है | मेरा रंग दूध जेसा गोरा है | गाइस मैं इस चुदाई की कहानियों के खजाने की बहुत बड़ी फैन हूँ और मुझे यहाँ पर चुदाई की कहनियाँ पढ़ते हुए काफी समय हो चुका है | मुझे खास कर देवर भाभी वाली कहानियां ज्यादा पसंद आती हैं | गाइस आज जो मैं कहानी लिखने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आएगी और आप लोग इसे पढ़ कर इस कहानी की तारीफ भी करेंगे | तो अब मैं आप लोगो के कीमती समय को बर्बाद ना करते हुए अपनी कहानी शुरू करती हूँ |

मेरा घर काफी बड़ा है और हम जॉइंट फैमिली रहते हैं | मेरे घर में मैं, मेरे सास ससुर, चाचा चाची और उनके बच्चे, और बुआ फूफा और उनके बच्चे रहते हैं | मेरे पति की ट्रेन से गिर कर मौत हो चुकी थी जब मेरी शादी को महज दो महीने ही हुए थे | मेरी लव मैरिज थी | मैं बहुत ही सिंपल लड़की थी जब मैं यहाँ आई थी | लेकिन जब मैं विधवा हुई तब मैं पूरी बदल चुकी थी क्यूंकि मुझे चुदाई नहीं मिलती थी | मेरे पति का लंड बहुत ही बड़ा मोटा और काला था | खैर मैं वैसे तो शादी के पहले भी कई बार चुदवा चुकी हूँ और शादी के दो महीने तक भी उन्होंने मेरी चूत को बहुत चोदा | लेकिन जब उनकी मौत हुई तब से मैं सिर्फ अपनी चूत में ऊँगली डाल कर ही काम चला रही थी | मेरे फूफा का बेटा जिसका नाम अनीश है और अभी 10वी कक्षा का पेपर दिया है | वो बहुत ही सीधा सादा और चुदाई भरी जिन्दगी से बहुत अनजान था |

एक बार की बात है कमरे का पर्दा लगा हुआ था और मैं कमरे से बाहर निकल रही थी और वो अन्दर आ रहा था | लेकिन हम आपस में टकरा गए और वो मेरे ऊपर ही आ गिरा और उसके दोनों हाँथ मेरे मम्मों पर आ गए | वो जल्दी से उठा और मुझे सॉरी कहने लगा | तो मैंने कहा अरे कोई बात नहीं होता है | तो जल्दी से चला गया लेकिन मेरी हालत खराब कर गया | क्यूंकि कितने समय बाद किसी मर्द का स्पर्श मेरे मम्मों पर लगा | मेरे शरीर में सिहरन सी होने लगी तो मैं भी झट से अपने कमरे में गई और अपनी चूत में जोर जोर से ऊँगली करने लगी | जब मेरी चूत शांत हुई तब मुझे अच्छा लगा | मैंने सोचा कि ये छोटा है और इसको ये भी नहीं पता कि ये सब क्या होता है तो मैंने मन में सोच लिया कि इसको ही पटा कर मैं अपनी चूत चुदवाउंगी | मैं रोज रात में उसको अपने पास बुलाने लगी सभी की नजरे बचा कर और उसके मन में गन्दी गन्दी बात डालने लगी ताकि ये समझ जाए कि चुदाई क्या होती है | मैं उसके सामने एक दम झुक कर झाड़ू लगाती ताकि वो मेरे गोरे गोरे दूध देख कर उतीजित हो सके | कभी उसके सामने गांड मटका मटका कर चलती या जब भी बैठना होता तो मैं उसके लंड पर हाथ रख कर बैठ जाती | ये सब मैं चोरी छुपे करती थी | क्यूंकि अगर किसी को भी इस बारे में पता चलता या कोई मुझे ऐसा करते देख लेता तो बच्चलन होने का दाग तो लग ही जाता | इसलिए मैं बहुत ही शांति से ये काम करती थी | पर मुझे नहीं लगता था कि वो ये सब चीज़ इतनी जल्दी सीख पायेगा क्यूंकि वो मेरी तरफ ध्यान ही नहीं देता था | एक बार की बात है सभी लोग शादी में गए हुए थे लेकिन अनीश के पेपर चल रहे थे तो मैंने कहा कि आप लोग सभी चले जाइए मैं इसका ख्याल रखूंगी | सभी जानते थे कि मैं बहुत अच्छी बहूँ हूँ इसलिए उन्होंने मुझे जिम्मेदारी दे दी |

जब सब चले गए तब मैंने सोचा कि आज मौका है मुझे कुछ ऐसा करना होगा जिससे आज ये मुझे चोद ही दे | लेकिन सबसे पहले मुझे मेरे कमरे में पोछा करना था तो मैं वही कर रही थी कि तभी अनीश ने मेरे पीछे आ कर पकड़ लिया तो मैं डर के कारण उचक कर पलंग पर बैठ गई | उसने कहा कि आपको पता है जब मैं आपके गोरे दूध देखता हूँ तो मेरी नुन्नी खड़ी हो जाती है | अब इस को कौन समझाए कि इस उम्र में लंड होता है | मैं उससे नोर्मल बात कर रही थी कि वो धीरे से सरक कर मेरे पास आया और मेरे गालो में चुम्बन देने लगा तो मैं उसके चेहरे को पकड़ कर उसके होंठ में अपने होंठ रख कर किस करने लगी | उसके लिए शायद ये नया एहसास था इसलिए उससे बन नहीं रहा था | मैंने उसे सिखाया कि बस तू होंठ को चूसना | उसके बाद फिर से हम दोनों किस करने लगे | हमने करीब 10 मिनट तक किस किया | किस करने के बाद मैंने अपने गाउन को उतार दिया उसके सामने खड़ी हो गई तो वो मुझे ऊपर से नीचे तक निहारने लगा और मेरे बदन पर अपने हाँथ चलाने लगा जिससे मैं गरम होने लगी | फिर वो मेरे मम्मों को दबाने लगा तो मेरे मुंह से आहा ऊउंह उम्म्ह अह़ा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह उमंह की सिस्कारियां निकलने लगी | फिर मैंने अपने ब्रा को उतार दिया और उसके सामने अपने मम्मे आजाद कर दिए | उसके बाद मैंने उसे दूध चूसने का इशारा किया तो उसने मेरे दोनों दूध को लपक लिया और जोर जोर से चूसने लगा तो मेरे मुंह से आहा ऊउंह उम्म्ह अह़ा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह उमंह की कराह निकल पड़ी | मैंने उसे कहा कि आराम आराम से चूसो | तो फिर वो आराम आराम से मगर प्यार से दूध चूसने लगा तो मैं भी आहा ऊउंह उम्म्ह अह़ा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह उमंह करते हुए उसके सिर को सहलाने लगी | कुछ देर तक उसने मेरे दूध को पिया और फिर मैंने उसकी टी-शर्ट और लोअर को भी उतार दिया | उसका लंड ज्यादा बड़ा तो नहीं था लेकिन छोटा भी नहीं था |

मैंने उसके लंड को हिलाया तो उसका लंड टन्ना गया | फिर मैं उसके लंड पर अपनी जीभ फेरने लगी तो वो आहा ऊउंह उम्म्ह अह़ा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह उमंह करते हुए मदहोश होने लगा | मैं उसके पूरे लंड को अच्छे से चाट कर गीला कर रही थी | उसके बाद मैं उसके लंड के सुपाड़े को मुंह में ले कर चूसने लगी तो वो आहा ऊउंह उम्म्ह अह़ा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह उमंह करते हुए हिलने लगा जैसा करंट लग गया हो | फिर मैं उसके लंड को पूरा मुंह में ले कर चूसने लगी तो वो आहा ऊउंह उम्म्ह अह़ा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह उमंह करते हुए मेरे में ही चुदाई के शॉट चलाने लगा | 5 मिनट तक उसके लंड को चूसने के बाद मैंने अपनी पेंटी उतारी और बेड पर लेट गई अपनी टांग खोल कर | मैंने उसे मेरी चूत चाटने को कहा तो वो झट से मेरी चूत में अपना मुंह रख कर चाटने लगा तो मैं आहा ऊउंह उम्म्ह अह़ा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह उमंह करते हुए अपने मम्मों को दबाने लगी | वो मेरी चूत को चाटते हुए चूत के दाने भी चूस रहा था और मैं आहा ऊउंह उम्म्ह अह़ा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह उमंह करते हुए झड़ चुकी थी | मेरी चूत चाटने के बाद मैंने उसके लंड को अपनी चूत में सेट किया और कहा धक्का मारने को तो उसने एक ही धक्के में अपना लंड पूरा घुसेड दिया और चोदने लगा मेरी चूत को तो मैं आहा ऊउंह उम्म्ह अह़ा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह उमंह करते हुए आनंद प्राप्त कर रही थी | फिर उसने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दिया और जोर जोर से धक्के मारते हुए चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊउंह उम्म्ह अह़ा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह उमंह करते हुए अपनी गांड उचका उचका कर साथ दे रही थी | उसके बाद मैंने उसे रुकने को कहा और खुद कुतिया बन गई और उससे मेरी गांड के अन्दर लंड डालने को कहा तो वो अपना लंड मेरी गांड में डाल कर चोदने लगा कमर पकड़ कर तो मैं भी आहा ऊउंह उम्म्ह अह़ा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह उमंह करते हुए गांड चुदाई के मजे ले रही थी | कुछ देर बाद उसने अपना ढेर सारा गाढ़ा माल मेरी गांड में ही निकाल दिया |


Comments are closed.