एक बिस्तर में मैं और मेरी सास

Ek bistar me mai aur meri saas:

antarvasna, rishton me chudai मेरा नाम प्रभात है मेरी पैदाइश दरभंगा की है लेकिन मेरे पिताजी काफी वर्षों पहले लखनऊ आकर बस गए, लखनऊ में भी हमें 15 वर्ष हो चुके हैं, मैंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई लखनऊ से ही की और उसके बाद मैंने अपने पिताजी का बिजनेस जॉइन कर लिया। उनका कैटरिंग का काम है मैंने भी कैटरिंग का काम शुरू कर दिया और मैं जब उनके साथ पूरी तरीके से काम सीख गया तो उन्होंने मुझे कहा बेटा अब तुम ही इस काम को संभाल लो मुझसे तो अब यह काम संभाला नहीं जाता, मैंने उन्हें कहा हां पिताजी मैं अब काम संभाल लूंगा।

मैं अब उनका काम संभालने लगा था उन्होंने मुझे कहा तुम्हारी शादी की उम्र भी हो चुकी है और हमारे सारे रिश्तेदार तुम्हारी शादी के लिए कह रहे हैं क्योंकि तुम्हारी उम्र भी काफी हो चुकी है इसलिए तुम्हें शादी कर लेनी चाहिए, मैंने पिताजी से कहा हां पिताजी मैं अब शादी कर लूंगा आप मुझे थोड़ा समय दीजिए, मैंने चार पांच महीने का टाइम सोचा लेकिन मुझे भी लगा कि अब मुझे शादी कर लेनी चाहिए क्योंकि मेरे जितने भी दोस्त हैं उन सब की शादी हो चुकी है और अब मैंने भी शादी करने का पूरा निर्णय कर लिया, मेरे लिए कई रिश्ते आये लेकिन मुझे कोई भी लड़की पसंद नहीं आ रही थी मुझे ऐसी लड़की चाहिए थी जिसे मैं पहली नजर में देखते ही उससे शादी करने का फैसला कर लूँ। एक दिन मुझे मेरी मम्मी ने आकांक्षा की फोटो दिखाई, जब मैंने उसकी फोटो देखी तो मैं बहुत खुश हो गया क्योंकि मैं जैसी लड़की चाहता था वह बिल्कुल वैसे ही थी, हमारी शादी की बात अब आगे बढ़ने लगी और आकांशा से मेरी भी बातें होने लगी थी, आकांक्षा को भी मैंने अपने जीवन के सारे चीजों के बारे में बता दिया था और उसने भी मुझसे अपने जीवन के बारे में सब कुछ बता दिया था की उसे क्या चीज अच्छी लगती है और क्या उसे पसंद नहीं है, वह चीज उसने मुझे पहले ही बता दी थी।

हम दोनों एक दूसरे के लिए तड़पने लगे थे और आकांक्षा मुझे कहने लगी मुझे तो तुमसे जल्दी ही शादी करनी है, मैंने उसे कहा तुम्हें इतनी जल्दी भी क्यों हो रही है, शादी के समय पर ही शादी होगी, हम दोनों की शादी हो गई और जब हम दोनों की शादी हो गई तो हम दोनों का जीवन बड़े अच्छे से चलने लगा, मेरी शादी को लगभग एक महीना ही हुआ था और एक महीने बाद मेरी सास का फोन मुझे आ गया वह कहने लगी बेटा तुम हमारे घर पर तो आ जाओ, मैंने उन्हें कहा मम्मी जी आपके घर तो मैं कुछ दिनों बाद ही आ पाऊंगा क्योंकि अभी शादी का सीजन चल रहा है मुझे काम भी देखना है कुछ समय बाद मैं यह सब काम निपटा कर आपके पास आ जाऊंगा, वह कहने लगी ठीक है तुम आकांक्षा को भी बता देना कि मेरा फोन आया था लेकिन आकांक्षा को तो यह बात पहले से ही पता थी, मैं जब घर गया तो आकांक्षा मुझे कहने लगी क्या तुम्हें आज मम्मी ने फोन किया था? मैंने आकांक्षा से कहा  हां मुझे आज मम्मी का फोन आया था और वह कह रही थी कि तुम कुछ दिनों के लिए हमारे घर पर आ जाओ लेकिन मैंने उन्हें कहा कि अभी मेरा काम है और जैसे ही मेरा काम हो जाएगा तो मैं आप लोगों से मिलने के लिए आ जाऊंगा। मैंने आकांक्षा से कहा कि लगता है तुमने ही मम्मी से अपने घर जाने की बात कही थी इसीलिए तो उन्होंने मुझे कहा कि तुम लोग कब आ रहे हो, आकांक्षा मुझे देख कर मुस्कुराने लगी और कहने लगी नहीं मैंने तो यह सब नहीं कहा लेकिन मैं समझ चुका था कि यह सब आकांक्षा ने ही अपनी मम्मी से कहा है, मैंने उसे कहा कि तुम मुझसे प्रेम करती हो तो तुम सच बताओ कि क्या तुमने अपनी मम्मी से इस बारे में बात की थी, वह मुझे कहने लगी हां मैंने अपनी मम्मी से कहा था क्योंकि मेरा मन घर जाने का हो रहा था और मैंने सोचा यदि मैं आपसे इस बारे में बात करूंगी तो शायद आप मुझे मना कर दे लेकिन मेरी मम्मी को आप मना नहीं कर पाएंगे इसलिए मैंने मम्मी को फोन कर के कहा था कि आप ही प्रभात से बात कर लीजिए, मैंने आकांक्षा से कहा देखो अभी तो मेरे पास समय नहीं है लेकिन कुछ समय बाद मैं फ्री हो जाऊंगा तो उसके बाद हम लोग तुम्हारे घर चल पड़ेंगे तुम्हें थोड़ा समय मुझे देना होगा, वह कहने लगी ठीक है आप अपने काम को कर लीजिए उसके बाद हम लोग मेरे घर फिर कभी चल पड़ेंगे।

उसका चेहरा देखकर मुझे भी लगने लगा कि मुझे उसके घर जाना चाहिए लेकिन उस वक्त मेरा काफी काम बचा हुआ था और मैं नहीं चाहता था कि मेरे काम में किसी भी प्रकार की शिकायत हो इसलिए मैंने पहले अपने काम को पूरा करने की सोची, जब मैंने सारी बुकिंग निपटा दी तो उसके बाद आकांक्षा को मैंने फोन किया और उसे कहा हम लोग तुम्हारे मम्मी के घर जा रहे हैं, वह बहुत ही खुश हो गई और कहने लगी मैं जल्दी से अपना सामान रख लेती हूं, मैंने उसे कहा हां तुम अपना सामान रख लो हम लोग आज रात को ही उनके घर निकल पड़ेंगे। मैं जब घर पहुंचा तो आकांक्षा ने पूरी पैकिंग कर ली थी और हम लोग कार से आकांशा की मां के घर चले गए, जब हम लोग उनके घर पहुंचे तो मेरे ससुर जी भी दरवाजे पर खड़े हमारा इंतजार कर रहे थे मेरे ससुर जी मेरी सास से बहुत डरते हैं और इसीलिए वह दरवाजे पर हमारा इंतजार कर रहे थे जैसे ही हम लोग पहुंचे तो उन लोगों ने हमें गले लगाते हुए कहा, हम लोग तो तुम्हारा कितना बेसब्री से इंतजार कर रहे थे और दामाद जी तो हमारे घर आना बिल्कुल पसंद ही नहीं करते, मैंने अपने ससुर जी से कहा ऐसी कोई बात नहीं है मैं काम में व्यस्त था इसलिए आना संभव नहीं हो पाया। उन लोगों ने हमारे लिए डिनर तैयार किया हुआ था, हम लोगों ने साथ में बैठकर डिनर किया और उसके बाद काफी देर तक हम लोग बात करते रहे।

मेरे ससुर जी तो कहने लगे मुझे बहुत नींद आ रही है मैं सोने जा रहा हूं वह सोने के लिए चले गए उनका एक अलग ही कमरा है वह अलग से सोते हैं। मैं बहुत थक चुका था मेरा सेक्स करने का भी बड़ा मन था म और मेरी पत्नी रूम में चले गए। जब मैं आकांक्षा को चोद रहा था तो मेरी सासू यह सब देख रही थी मुझे ऐसा आभास हुआ कि वह हमे देख रही हैं। जब मैंने आकांक्षा की योनि में अपने वीर्य को गिरा दिया तो मैं बाहर आ गया मेरी सासू मां यह सब देख रही थी मैंने उन्हें कहा लगता है आपकी चूत में बहुत खुजली है। वह मुझे कहने लगी हां मेरी खुजली तो बहुत है क्योंकि मेरे पति तो मेरी चूत की खुजली मिटाते ही नहीं है। मैं उन्हें उनके बिस्तर पर ले गया जब मैंने उनके कपड़े उतारे तो उनका बदन बड़ा ही गदराया हुआ था उनके बड़े बड़े स्तनों को जब मैं अपने हाथ में ले रहा था तो मुझे बहुत मजा आता। मैं उनके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसता मैंने जब अपने लंड को उनके स्तनों के बीच में लगाना शुरू किया तो वह गर्म होने लगी वह कहने लगी तुम जल्दी से मेरी चूत में लंड डाल दो। मैंने अपने लंड को उनकी  चूत मे डाल दिया जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि में गया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा मैंने लगातार तेज गति से उन्हे धक्के मारे। उन्हें भी बहुत आनंद आने लगा वह कहने लगी दामाद जी आपका लंड तो बड़ा मोटा है आपने तो आकांक्षा की चूत फाड़ कर रख दी होगी। मैंने उन्हें कहा आकांक्षा को तो मैंने कई दिनों तक पैंटी भी नहीं पहनने दी। मैंने उन्हे कहा आपका बदन तो अंकाक्षा से भी ज्यादा मजेदार है मुझे आपको चोदने में बहुत आनंद आ रहा है। वह कहने लगी आप ऐसे ही मुझे धक्के मारते रहिए मेरी चूत की खुजली मिट रही है। जब वह झड़ने वाली थी तो उन्होंने मुझे अपने पैरों के बीच में जकड लिया लेकिन मैंने भी उन्हें बड़ी तेजी से चोदना जारी रखा। जब मेरा वीर्य उनकी चूत में गय तो हम दोनो को मजा आ गया। हम दोनों ने एक साथ 10 मिनट तक सेक्स के मजे लिए। वह मुझे कहने लगी दामाद जी आज तो आपने मेरी रात को रंगीन कर दिया मुझे आपने अपना बना लिया। मैं उसके बाद आकांक्षा के साथ सोने चला गया, जब आकांक्षा की आंख लग गई तो मैं दोबारा से अपनी सासू मां के पास गया और उनकी चूत मैंने उस दिन 3 बार मारी लेकिन मेरा मन ही नहीं भर रहा था। मैं दो दिनो तक उनके घर पर रुका था मैने दो दिन उन्हें चोदने का आनंद लिया।


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