दुकान मालिक की बीवी की चुदाई

Dukan malik ki biwi ki chudai:

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नमस्कार दोस्तों मैं पुनीत पाठक आज आप लोगो के लिए बहुत ही हसींन और रोमांचक कहानी लेकर आया हूँ | ये कहानी मेरी जिन्दगी के उस हसींन पल की है जिसे मैं जीवन में कभी भी नहीं भुला सकता हूँ | मुझे सेक्स कहानिया बहुत पसंद है इसीलिए मैंने सोंचा की क्यूँ ना मैं भी अपना अनुभव आप सब तक पहुँचाऊ | आज जो कहानी मैं लेकर आया हूँ वो मेरी सच्ची कहानी है | मैं उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 25 साल है और मेरी लम्बाई 5 फुट 6 इंच है | अब मैं आप लोगो को सीधे कहानी पर ले चलता हूँ |

जब मैंने इंटर की परीक्षा पास की उसके बाद मैंने प्राइवेट बी.ए में एडमिशन लिया | मैंने सोंचा की क्यूँ ना पढाई के साथ कोई बिजनेस किया जाये मैंने अपने पिताजी से कह की मुझे मोबाइल की दुकान करनी है | मैं आपको बता दूं की मैं काफी बड़ी फैमिली से हूँ मेरे पिताजी सरकारी टीचर है और वो मुझे बहुत ही मानते हैं क्यूंकि मैं उनकी एकलौती औलाद हूँ | उन्होंने कहा ठीक है तू दुकान ढूंढ मैं पैसे दे दूंगा | मैंने अपने दोस्त से कहा की मुझे एक में रोड पर दुकान चाहिए उसने कह ठीक है मैं ढूंढ के बताता हूँ | अगले दिन उसने मुझे फोन किया और दुकान का एड्रेस बताया और कहा की आकर देख ले | मैं दुकान देखने गया दुकान में रोड पर थी और दुकान का मालिक दुकान की छत पर घर बनाकर रहता था | मुझे दुकान पसंद आ गयी मैंने अपने दोस्त से कह ठीक है मुझे दुकान पसंद है | मैंने कह की दुकान मालिक को बुलाओ मैं उसको एडवांस दे दूं | तो मेरे दोस्त ने दुकान मालिक के पास फोन मिलाया तो उसने कहा की अभी तो मैं कहीं बाहर हूँ तुम चाहो तो मेरी बीवी घर पर है तुम जाकर उसे एडवांस दे दो | मेरे दोस्त ने कहा की उसने अपनी बीवी को एडवांस देने के लिए कहा है मैंने कहा चलो कहाँ है उसकी बीवी |

मेरा दोस्त मुझे छत पर ले गया उसने बेल बजाई तो एक महिला ने आकर दरवाजा खोला | मैं तो उसको देखता ही रह गया क्या खूबसूरत महिला थी | उसकी उम्र लगभग 28 साल होगी | उसका फिगर 34-30-36 होगा मेरी नजर तो उसपर से हट ही नहीं रही थी | उसने मुझसे कहा की हाँ क्या बात है मैंने कहा जी मैं आपकी दुकान का नया किरायेदार हूँ और आपके पति से बात हुई थी तो मैं आपको एडवांस देने आया हूँ तो उन्होंने हमें अन्दर आने को कहा | फिर उन्होंने हम दोनों को चाय बनाकर पिलाई उन्होंने मुझसे पूछा की आपका नाम क्या है | मैंने बताया की मेरा नाम पुनीत है | मैंने कह और आपका क्या नाम है तो उन्होंने अपना नाम स्वीटी बताया | मैंने कहा आपका नाम बहुत प्यारा है तो उन्होंने मुझे देखकर एक प्यारी सी स्माइल दी | फिर हम दोनों ने उनको रुपये दिए और हम चले आये | अगले दो दिन के बाद हमने अपनी दुकान का उदघाटन किया | उदघाटन में मैंने अपने दुकान मालिक को भी बुलाया था | वो और उनकी पत्नी दोनों लोग मेरी दुकान के उदघाटन में आये | स्वीटी भाभी क्या कमाल लग रही थी रेड कलर की साडी में | उन्होंने आकर मुझसे कहा की पुनीत मुझे एक मोबाइल चाहिए कोई अच्छा सा मोबाइल दिखाओ | मैंने उनको एक बहुत ही अच्छा स्मार्टफोन दिखाया तो वो कहने लगी की ये देखने में तो बहुत ही अच्छा लग रहा है पर मैंने कभी स्मार्टफोन चलाया नहीं है मैंने कहा अरे भाभी आप ले तो जाइये अगर कोई समस्या आये तो मैं बैठा ही हूँ | उन्होंने कहा ठीक है और उन्होंने वो मोबाइल ले लिया |

उन्होंने मुझसे कहा की पुनीत तुम अपना नंबर इसमें सेव कर दो अगर कुछ इसमें नहीं समझ आएगा तो मैं तुमसे पूँछ लूंगी | मैंने उनके मोबाइल में अपना नंबर सेव कर दिया | फिर उन्होंने अपने पति से पैसे लेकर मुझे दिए और एक प्यारी सी स्माइल देते हुए वो चली गयी | मैं समझ रहा था की उनके मन में कुछ और ही चल रहा था | अगले दिन उनका फोन आया उन्होंने कहा की पुनीत तुम जरा मेरे घर आ सकते हो मैंने कहा क्या बात है | उन्होंने कहा की मुझे मोबाइल में कुछ पूछना है | मैंने अपने नौकर से कहा की तुम दुकान सम्हालो मैं अभी आया और मैं उनके यहाँ पहुंचा | मैंने जैसे ही बेल बजाई भाभी ने आकर तुरंत दरवाजा खोला | उन्होंने गाउन पहना था और मुझे लग रहा था जैसे उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी जिसके कारण उनकी चूचियां गाउन में से साफ़ चमक रही थी | भाभी ने मुझे अन्दर आने को कहा | मेरी नजर उनकी चूचियों से नहीं हट रही थी | उन्होंने मुझसे कहा की पुनीत देखो इसमें मूवी कैसे डाउनलोड करते है | वो मेरे पास आकर बैठ गयी और उन्होंने मुझको मोबाइल दे दिया मैं उनको बताने लगा की मूवी कैसे डाउनलोड होती है | वो बिलकुल मेरे चिपककर बैठी हुई थी उनके जिस्म की गर्मी मुझे महसूस हो रही थी और उनकी चूचियां मेरी बाहन में रगड़ रही थी | उन्होंने कह की पुनीत अगर वो वाली वाली मूवी देखनी हो तो कैसे डाउनलोड होंगी | मैं उनकी बात समझ गया पर मैंने अनजान बनते हुए कहा कौन सी मूवी | उन्होंने कहा अरे वही जिनको ब्लू फिल्म बोलते है | मैंने कहा सॉरी भाभी मुझे नहीं मालूम | उन्होंने कहा मैं जानती हूँ तुम मुझे बताना नहीं चाहते | मैंने कहा नहीं भाभी वो आप मत देखिये वो सब ठीक नहीं है |

तो वो मुझसे कहने लगी की तो फिर बताओ की मैं अपनी प्यास कैसे बुझाऊ | मैंने कहा क्या मतलब आपका | उन्होंने कहा की तुम मतलब सब समझते हो | फिर उन्होंने मुझसे कहा की पुनीत तुम मेरा एक काम करो तुम ही मेरी प्यास बुझा दो फिर उन्होंने अपना हाँथ मेरे लंड पर रख दिया और उसको सहलाने लगी | मैंने कह की भाभी आप क्या कर रही है आपके पति आ जायेंगे तो गड़बड़ हो जाएगा | उन्होंने कहा वो साला क्या करेगा अगर उसमे ही दम होता तो मैं तुमसे क्यूँ कहती और फी वो उदास सी हो गयी | मन तो मेरा भी बहुत हो रहा था की मैं उनकी चुदाई कर दूं | मैंने कहा भाभी मैं आपकी मदद करने को तैयार तो हूँ पर अगर कुछ गड़बड़ हो गयी तो | उन्होंने कहा उसकी टेंशन तुम मत लो मैं सम्हाल लूंगी | फिर क्या था मैंने उनको बाहों में भर लिया और उनको किस करने लगा | वो भी मुझे किस किये जा रही थी फिर उन्होंने मेरी पैंट खोलकर मेरे लंड को बाहर निकाल लिया | वो मेरा मोटा लंड देखकर बहुत खुश हुई | उन्होंने कह की पुनीत तेरा लंड तो बहुत मस्त है मेरे पति का लंड तो इसके सामने लुल्ली है | फिर उन्होंने मेरा लंड अपने मुहँ में ले लिया और उसको चूसने लगी | मुझे जन्नत का मजा मिल रहा था | वो मेरे लंड को मजे लेकर ऐसे चूस रही थी जैसे की वो लोलीपॉप चूस रही हो | उन्हने मेरे लंड को चूसकर खड़ा कर दिया | अब मैंने उनसे गाउन उतरने को कहा उन्होंने अपना गाउन उतार दिया | मेरा अंदाजा एकदम सही निकला उन्होंने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी |

अब वो मेरे सामने सिर्फ पैंटी में थी मैंने उनके बूब्स को मुहँ में ले लिया और चूसने लगा | वो मदहोश होने लगी थी मैंने अपना एक हाँथ उनकी पैंटी के भीतर डाल दिया और उनकी चूत को सहलाने लगा | वो मादक सिसकियाँ निकाल रही थी | फिर मैंने उनकी पैंटी निकाल दी और उनकी नाभि को चुमते हुए उनकी चूत को अपने हाँथ से सहलाने लगा वो गरम हो रही थी | मैंने उनकी चूत में अपनी एक ऊँगली डाल दी और अन्दर-बहार करने लगा | वो मचल उठी | उन्होंने मुझसे कहा की कब तक तडपाओगे मुझे अब प्लीज मेरी चुदाई करो | मैंने कहा अभी नहीं अभी तो मुझे आपकी चूत चाटनी है फिर मैंने अपना मुहँ उनकी गुलाबी चूत पर रख दिया और उनके चूत के दानो को अपनी जीभ से सहलाने लगा | वो मदहोश होने लगी थी और वो मेरे सर को अपनी चूत पर दबा रही थी | मैंने उनकी चूत में अपनी जीभ डाल दी और उनकी चूत अपनी जीभ से चोदने लगा मुझे बहुत मजा आ रहा था | थोड़ी देर बाद उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया और वो झड गयी | मैं उनकी चूत का सारा पानी पी गयाऔर उनकी चूत को चाटकर साफ़ कर दिया | फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और रगड़ने लगा | वो मुझसे कहने लगी भोसड़ी के अब डाल भी दे कितना तडपायेगा | मैंने कहा साली रंडी बहुत जल्दी है तुझे लंड लेने की | फिर मैंने एक झटके में अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया | वो चीख पड़ी उन्होंने कहा अरे धीरे कर वरना मेरी चूत फट जाएगी | पर मैं मैंने उनकी एक भी नहीं सुनी और जोर से धक्के लगाने लगा | मैंने उनकी मस्त चुदाई की वो भी अपनी कमर चला कर मेरा पूरा साथ दे रही थी | थोड़ी देर बाद वो झड गयी पर मैं अभी कहाँ झड़ने वाला था | मैंने उनसे कहा स्वीटी डार्लिंग मुझे तुम्हारी गांड मारनी है | पर उन्होंने कहा नहीं मैं लंड गांड में नहीं लूंगी तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है | फिर उन्होंने मेरा लंड चूसकर शांत किया और मैं उनके मुहँ में ही झड गया | वो मेरा सारा माल गटक गयी वो बहुत संतुष्ट थी | अब उनको जब भी चुदना होता है वो मुझे बुला लेती है और मैं उनकी चुदाई करता हूँ | फिर मैंने उनकी एक दिन गांड भी मारी |


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