दोस्तों की मस्ती और मजे

Doston ki masti aur maje:

Hindi sex story, antarvasna मेरी इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम की शॉप है मुझे यह काम करते हुए 5 साल हो चुके हैं इन 5 सालों में मेरी शादी हुई और उसके बाद जैसे मैं अपने जीवन में ही बिजी हो गया मुझे अपने परिवार के अलावा अपने लिए ही समय नहीं मिल पाता था। एक दिन मैं अपनी शॉप में था तो उस दिन मेरे दोस्त अमित ने मुझे फोन किया जब अमित का मुझे फोन आया तो वह कहने लगा राहुल तुम कैसे हो मैंने उससे कहा मैं तो ठीक हूं तुम सुनाओ तुम आजकल क्या कर रहे हो। अमित कहने लगा यार मैं भी काम में बिजी रहता हूं और तुम्हें तो मालूम ही है कि जब से जॉब ज्वाइन की है तब से तो किसी से कोई बात नहीं हो नही पाती आज छुट्टी थी तो सोचा तुम से बात करुं, क्या तुम्हारी बात अजय और केशव से होती है। मैंने अमित से कहा हां मेरी बात उनसे होती है लेकिन सब लोग अपने जीवन में बिजी हैं और मैं भी उन लोगों से मिला नहीं हूं उनसे सिर्फ फोन के माध्यम से ही बात होती है।

अमित मुझे कहने लगा तुम मुझे अजय और केशव का नंबर देना मेरे पास उन लोगों के नंबर भी नहीं है। हम चारों की दोस्ती कॉलेज से ही थी हम चारों की बीच बहुत अच्छी दोस्ती है और हम चारों ही अपने कॉलेज में सबसे शैतान लड़के थे। कॉलेज में कई बार हमने झगड़े किये है और सब लोग हमसे परेशान ही रहते थे लेकिन जब हमारा कॉलेज पूरा हुआ तो उसके कुछ समय तक तो हम लोग मिलते रहे लेकिन जब हमें अपने काम को लेकर चिंता होने लगी तो हम लोगों ने कुछ काम करने की सोची। मैंने तो अपने पिताजी से कुछ पैसे ले लिए थे क्योंकि मुझे जॉब नहीं करनी थी इसलिए मैंने अपने इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम की दुकान खोलना ही ठीक समझा मेरे पास एक स्पेस काफी समय से खाली पड़ा था तो मैंने उसमें ही अपनी इलेक्ट्रॉनिक की शॉप खोल ली। अमित भी उसके बाद अपनी जॉब के सिलसिले में चेन्नई चला गया और अजय और केशव मुंबई में जॉब करते हैं, मैंने जब अजय को फोन किया तो वह कहने लगा राहुल आज तुमने कैसे फोन कर लिया मैंने अजय से कहा बस ऐसे ही सोचा की तुम्हें फोन कर लूं।

मैंने अजय का हाल-चाल पूछा और अजय से कहा तुम ठीक हो अजय कहने लगा हां यार मैं तो ठीक हूं तुम सुनाओ आज तुमने कैसे फोन कर लिया मैंने उसे बताया मुझे अमित का फोन आया था अजय मुझे कहने लगा हां मुझे भी कुछ दिनों पहले अमित ने फोन किया था और उसने मुझे बताया कि तुमने ही मेरा नंबर दिया है। मैंने अजय से कहा हां मैंने ही तुम्हारा नंबर उसे दिया था मैं जब उससे बात कर रहा था तो मैंने उसके हाल-चाल पूछे अजय ने मुझे बताया कि केशव भी मेरे साथ ही है उसने मेरी बात केशव से भी करवाई। मैंने केशव से कहा अच्छा तो तुम दोनों साथ में ही इंजॉय कर रहे हो वह दोनों कहने लगे अब हम दोनों ही साथ में है तो साथ में इंजॉय कर लेते हैं कभी कबार एक दूसरे से मिल लिया करते हैं। मैंने केशव से कहा यार कभी तुम लोग हमसे मिलने भी आ जाओ इतने साल हो चुके हैं और कॉलेज के बाद तो जैसे हम लोग एक दूसरे से अलग हो गए हैं अजय मुझे कहने लगा हम लोग मिलने का प्रोग्राम बनाते हैं और कहीं साथ में घूमने चलते हैं। उन दोनों ने फोन का स्पीकर ऑन कर दिया और मैंने उन दोनों से कहा ठीक है तुम लोग अहमदाबाद आ जाओ मैं अमित से भी बात कर लेता हूं और फिर मैंने उन दोनों को अहमदाबाद बुला लिया। मैंने अमित से भी फोन पर बात की तो अमित कहने लगा ठीक है मैं भी कुछ दिनों के लिए अहमदाबाद आ जाता हूं वह सब लोग अहमदाबाद आ गए और जब वह मुझे मेरी दुकान पर मील तो मैंने उनसे कहा आज इतने सालों बाद हम चारों मिल रहे हैं कितनी खुशी हो रही है। वह तीनों मुझे कहने लगे हां यार तुम बिल्कुल सही कह रहे हो कॉलेज के बाद तो हम लोग एक दूसरे से मिल ही नहीं पाए थे और जब से हम लोग अपना काम कर रहे हैं तब से तो इतने बिजी हो गए हैं कि अपना जीवन जीने के लिए समय ही नहीं है। मैंने उन तीनों से कहा अब यह बताओ कि हम लोग घूमने के लिए कहां का प्लान बना रहे हैं अमित कहने लगा यार तुम्हें याद है जब हम लोग अपने कॉलेज के समय में घर से छुपकर माउंट आबू चले गए थे वहां पर हमने कितनी धूम मचाई थी।

अब हम चारों का फैसला हुआ कि हम लोग माउंट आबू चलेंगे मैंने कहा कल सुबह ही हम लोग यहां से निकल पड़ेंगे वह अपने घर चले गए थे और सुबह 5:00 बजे वह लोग आ गए हम लोगों ने सुबह ही निकलने का फैसला किया था मैंने अपनी कार में सब का सामान रखा और हम लोग यहां से माउंटआबू चले गए। जब हम लोग सुबह यहां से निकल चुके थे तो करीब नौ बजे थे सब को भूख लगने लगी अमित ने मुझे कहा राहुल तुम कहीं किनारे पर गाड़ी रोकना बहुत तेज भूख लग रही है और कुछ खाने की इच्छा हो रही है। मैंने गाड़ी को एक किनारे रोका और हम चारों ने वहां पर नाश्ता किया हम लोग वहां पर करीब एक घंटे तक रुके रहे हैं और एक घंटे बाद हम लोग वहां से चल पड़े अब अमित ही गाड़ी को ड्राइव कर रहा था। हम चारों आपस में बात कर रहे थे और हमे बहुत अच्छा लग रहा था हम लोगों ने अपने कॉलेज की बात याद की और वह दिन याद करने लगे जब हम लोग घर से कुछ पैसे लेकर माउंट आबू चले गए थे और हम लोग उस वक्त वहां पर चार दिन तक रुके थे और हम सब लोगों ने वहां पर खूब इंजॉय किया था। हम लोग जब माउंट आबू पहुंचे तो हम लोगों ने वहां होटल में और मैं तो बाथरूम में फ्रेश होने के लिए चला गया क्योंकि मुझे बड़ा ही अजीब सा महसूस हो रहा था मुझे बड़ा ही अनकंफरटेबल सा महसूस हो रहा था और मैं बाथरूम में चला गया।

मैं जब फ्रेश होकर बाहर निकला तो वह तीनों सिगरेट पी रहे थे और मुझे लगा जैसे कि इतने सालों बाद आज हम लोग उसी समय में पहुंच चुके हैं जब हम लोग कॉलेज में पढ़ते थे हम लोग उस वक्त चोरी छुपे से सिगरेट पिया करते थे लेकिन अब हमारी शादी हो चुकी है और हमारे बच्चे भी हो चुके हैं। उसके बाद हम सब लोग फ्रेश हो चुके थे और हम लोग शाम के वक्त पैदल ही टहलने के लिए निकल पड़े हम लोग थोड़ा थक गए तो हम लोग वहीं झील के किनारे बैठ गए जहां पर हम लोग उस वक्त बैठे थे। हम सब एक दूसरे से बात कर रहे थे और हमें बहुत अच्छा लग रहा था फिर हम चारों ने एक रेस्टोरेंट में जाकर खाना खाया और वहां पर हम लोग काफी देर तक बैठे रहे। हम लोगों ने माउंट आबू में करीब चार दिन बिताया और खूब एंजॉय किया उसके बाद हम लोग वापस हैदराबाद चले आए। मैंने उन तीनो से कहा तुम लोग कब वापिस जाओगे तो वह कहने लगे हम लोग कुछ दिन और रुकने वाले हैं और हम सब कुछ दिनों तक और साथ में रहने वाले थे। मैंने अपनी दुकान का काम अपने दुकान में काम करने वाले एक लड़के को सौंपा था और उसे कहा था कि तुम्हें ही सारा काम संभालना है मेरा एक फ्लैट है जो कि खाली पड़ा हुआ है हम लोग वहीं पर बैठे हुए थे और आपस में बात कर रहे थे, तभी हम लोगों के बीच मोना की बात चलने लगी। अजय ने मुझसे पूछा मोना कहां है मैंने उसे बताया वह तो यहीं है और अब उसकी शादी हो चुकी है लेकिन अब भी वह पहले जैसे ही जुगाड़ है। हम चारों ने उसे बहुत चोदा था अमित कहने लगा यार उसे तुम बुला सकते हो मैंने उसे कहा उसे अभी बुला देता हूं।

मैंने मोना को फोन किया और कहा हम चारों तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं मोना भी दौड़ी चली आई क्योंकि उसकी चूत में बड़ी खुजली थी। वह जब हमारे पास आई तो हम चारों ने उसके बदन को महसूस करना शुरू किया मैं उसके स्तनों को दबाता तो अमित उसकी योनि को चाटता। मैंने उसके मुंह में अपने लंड को डाल दिया और वह उसे चूसने लगी उसे बहुत मजा आ रहा था और मुझे बहुत आनंद आता। हम लोगों ने बारी-बारी से उसे चोदना शुरू किया सबसे पहले अमित और केशव ने उसकी चूत मारी और उसके बाद अजय ने उसके हुस्न का रसपान किया। जब मेरी बारी आई तो मैं अंदर कमरे में गया मोना कहने लगी हम लोगों ने तो कुछ दिनों पहले ही मजे लिए थे। मैंने मोना से कहा यार तुम्हारी गांड जब भी मैं देखता हूं तो मेरा मन ना जाने क्यों तुम्हें देखकर मचलने लगता है।

मैंने उसके स्तनों का रसपान काफी देर तक किया और उसने भी मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर बहुत देर तक चूसा मुझे बहुत मजा आ रहा था और उसे भी बहुत आनंद आया। जब मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो वह मचलने लगी। मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के दे रहा था मैंने उसे कहा तुम अपनी चूत में क्या लगाती हो जो अब तक इतनी टाइट है तो वह कहने लगी मैं अपनी चूत का पूरा ख्याल रखती हूं इसीलिए तो मेरी चूत अब तक इतनी टाइट है। मुझे उसे धक्के मारने में बड़ा आनंद आया मैं काफी देर तक उसे चोदता रहा मैंने उसकी चूत के मजे काफी देर तक लिए और जैसे ही मेरा वीर्य गिरा तो मैंने दोबारा से अपने लंड को खड़ा करते हुए मोना की गांड के अंदर डाल दिया। उसकी गांड में मेरा लंड जाता ही मेरे अंदर दोबारा से जोश पैदा हो गया और मैं उसे धक्के देने लगा मैंने काफी देर उसकी गांड के मजे लिए। हम चारों दोस्तों ने अपने कॉलेज के दिनों को याद किया और बहुत मजे लिए, वह लोग अपने काम पर चले गए मैं अहमदाबाद में हूं। हम लोग अब भी मिलने के बारे में सोचते हैं लेकिन हम लोगों को समय नहीं मिल पाता है इसलिए हम लोग एक दूसरे से नहीं मिल पाते परंतु हम लोगों के बीच मोना को लेकर बात चलती रहती है।


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